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भस्त्रिका प्राणायाम को मानसिक स्वास्थ्य और मन की शांति के लिए सबसे शक्तिशाली प्राणायामों में से एक माना जाता है।
Jagdish Chandra Sharma
भस्त्रिका प्राणायाम को मानसिक स्वास्थ्य और मन की शांति के लिए सबसे शक्तिशाली प्राणायामों में से एक माना जाता है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- भस्त्रिका प्राणायाम को मानसिक स्वास्थ्य और मन की शांति के लिए सबसे शक्तिशाली प्राणायामों में से एक माना जाता है।1
- छीपाबड़ौद न्यूज़ के माध्यम से छीपाबड़ौद की हरनावदा जागीर लहसुन मंडी और हरनावदा शाहजी लहसुन मंडी के ताजा भावों की जानकारी साझा की गई है। इस अपडेट में विभिन्न प्रकार के लहसुन के लिए भावों की श्रेणियां बताई गई हैं, जिनमें बेस्ट क्वालिटी और गोला माल, एवरेज माल, छोटा माल तथा देसी लहसुन शामिल हैं।1
- सरकार की जनकल्याणकारी एवं फ्लैगशिप योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाने के उद्देश्य से बुधवार को ग्राम पंचायत खेड़ला जागीर और मानपुरा में ग्रामीण सेवा शिविर 2026 का आयोजन किया गया। बारां जिले के छीपाबड़ौद क्षेत्र में आयोजित इस शिविर में अधिकारियों ने नागरिकों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, मौके पर ही प्राप्त शिकायतों का निपटारा किया और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया। खेड़ला जागीर में, 59 वर्षीय बृजमोहन पुत्र धन्नालाल ने शिविर प्रभारी तहसीलदार सुरेंद्र सिंह गुर्जर को बताया कि उनकी उम्र 59 साल होने और चलने-फिरने में असमर्थ होने के बावजूद उन्हें वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा था। इस पर तहसीलदार ने तुरंत समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों को पेंशन बनाने के निर्देश दिए। प्रार्थी आवश्यक दस्तावेज घर से लाए, जिसके बाद कर्मचारियों ने तत्काल आवेदन तैयार कर ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन करवाया। तहसीलदार ने ऑनलाइन आवेदन को तहसील कार्यालय एवं विकास अधिकारी कार्यालय से पास करवाकर शिविर में ही पेंशन स्वीकृत कर दी, और बृजमोहन को पीपीओ नंबर 16553501 उपलब्ध कराया गया। पेंशन स्वीकृत होने पर बृजमोहन ने अत्यधिक खुशी व्यक्त की। इसी शिविर में, ग्राम खेड़ी के किसानों ने शिविर प्रभारी सुरेंद्र सिंह गुर्जर को अवगत कराया कि खसरा नंबर 462 रकबा 0.0567 हैक्टेयर और 467 रकबा 0.0486 हैक्टेयर पर स्थित एक पुराना रास्ता पिछले 8-10 सालों से किनारे वाले काश्तकारों द्वारा अतिक्रमण कर संकरा कर दिया गया था। इस कारण उन्हें खेतों में आने-जाने और उपज लाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत मिलते ही, शिविर प्रभारी ने तत्काल पुलिस बल बुलवाया और ग्राम विकास अधिकारी के माध्यम से जेसीबी तथा अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए। तहसीलदार स्वयं, पुलिस बल, भू-अभिलेख निरीक्षक कैलाश नामदेव, दीपक कुशवाह एवं पटवारी दशरथ सिंह शेखावत मौके पर पहुँचे। उन्होंने जेसीबी की सहायता से रास्ते पर बनी झोपड़ियाँ, झाड़ियाँ और कोट आदि को हटवाकर पुराने रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करवाया। भविष्य में रास्ता अवरुद्ध न करने के लिए अवरोध करने वालों को पाबंद भी किया गया। 8-10 वर्षों से बंद पड़े इस रास्ते के खुलने से ग्रामीणों का आवागमन सुगम हो गया और त्वरित कार्रवाई देखकर ग्रामीणों के चेहरे खुशी से खिल उठे। ग्राम पंचायत मानपुरा में आयोजित शिविर में, 26 वर्षीय महेंद्र सिंह पुत्र घांसीलाल निवासी मानपुरा ने शिविर प्रभारी नायब तहसीलदार राधेश्याम लववंशी को बताया कि जमाबंदी संवत 2079 के खाता संख्या 28 में उनका एवं उनके परिवार के सदस्यों का नाम नाबालिग दर्ज था, जिसके कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। नायब तहसीलदार ने तत्काल पटवारी को दस्तावेजों की जाँच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पटवारी ने जाँच के उपरांत मौके पर ही उम्र के अनुसार नामों को नाबालिग से बालिग दर्ज कर आवश्यक संशोधन किया।3
- पुलिस पर विश्वास नहीं रहने के कारण, ग्रामीणों ने अब खुद ही अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है। गांव के लोग अपने स्तर पर गश्त कर रहे हैं।1
- झालावाड़ जिले के अकलेरा ब्लॉक के घाटोली में एक भव्य महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष 'महिला सम्मान' कार्यक्रम में नारी शक्ति का सम्मान गूंजा।1
- एक राज्य स्तरीय टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खानपुर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) हरिगढ़ का औचक निरीक्षण किया। इस टीम में डॉ. राकेश गोचर (डिप्टी डायरेक्टर), जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश नागर, डॉ. आदिल और गिरीश कुमार (एनओ) जैसे सदस्य शामिल थे, जिन्होंने दोनों स्वास्थ्य संस्थाओं की व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने लेबर रूम, वार्ड, ऑपरेशन थियेटर (ओटी), स्टोर, डिलीवरी डाटा सेंटर (डीडीसी), प्रयोगशाला (लैब) और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (एमसीएचएन) गतिविधियों की जांच की। उन्होंने संस्थानों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, रिकॉर्ड संधारण, दवा उपलब्धता और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। टीम ने स्वास्थ्य संस्थाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, रिकॉर्ड संधारण को अद्यतन रखने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य कार्मिकों को आमजन को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया गया। राज्य स्तरीय टीम ने संचालित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए और सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार करने पर बल दिया।4
- साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों के मद्देनज़र, गुना पुलिस ने ज़िलेभर में एक व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों पर, 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक चलने वाले विशेष "सेफ क्लिक-2026" अभियान के तहत, पुलिस अधिकारी विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों, कोचिंग संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के निर्देशन में संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और युवाओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, निवेश धोखाधड़ी और सोशल मीडिया अपराधों से बचाव की विस्तृत जानकारी प्रदान करना है। अभियान के दूसरे दिन, 25 जून को, ज़िले के अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों द्वारा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में सीएसपी आनंद राय, एसडीओपी दीपा डोडवे, एसडीओपी विवेक अस्थाना सहित कई थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने स्कूलों, छात्रावासों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों एवं नागरिकों को साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया। उपस्थित लोगों को विशेष रूप से आगाह किया गया कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी ओटीपी, पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी या आधार संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साथ ही, सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने और अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखने की सलाह भी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन निवेश ठगी, पॉलिसी फ्रॉड, गेमिंग फ्रॉड, फर्जी कॉल और अन्य साइबर अपराधों के तरीकों की जानकारी देते हुए उनसे बचाव के उपाय भी विस्तार से समझाए। अभियान के दौरान जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर और पंपलेट वितरित किए गए, और लोगों से यह अपील भी की गई कि वे अपने परिवार और परिचितों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें। गुना पुलिस का मानना है कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि आमजन की व्यापक जागरूकता से ही संभव है। इसी उद्देश्य के साथ, ज़िलेभर में आगामी दिनों में भी विभिन्न स्थानों पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।2
- राजस्थान के छिपाबड़ौद में समुद्र मंथन प्राणायाम का आयोजन किया गया।1