उमरिया की कोतवाली पुलिस ने एक ही जमीन का सौदा अलग-अलग लोगों से करके ₹4 लाख की धोखाधड़ी करने वाले और दो साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री विजय भागवानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आलोक शर्मा और एसडीओपी श्री पी एस परस्ते के मार्गदर्शन में पुलिस ने यह कार्रवाई की है। यह पूरा मामला शहडोल निवासी शिकायतकर्ता नीरज अंकेश की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिन्होंने आरोपी के खिलाफ कोतवाली उमरिया में अपराध क्रमांक 263/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 316(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कराया था। जांच में सामने आया कि आरोपी कमलेश कुमार साहू (उम्र 33 वर्ष), निवासी ग्राम बेलमना (हाल निवासी दूरसंचार कॉलोनी, मकरोनिया, सागर) ने विकटगंज, उमरिया में स्थित अपनी भूमि को बेचने के लिए शिकायतकर्ता के साथ 07 जून 2024 को एक पंजीकृत अनुबंध किया था। कुल ₹10,00,000 में सौदा तय कर आरोपी ने ₹4,00,000 अग्रिम राशि ऑनलाइन ले ली थी। हालांकि, आरोपी ने यह बात छिपाई कि वह पहले ही इस जमीन के लिए किसी अन्य व्यक्ति से भी पैसे ले चुका था। इसके बाद उसने अनुबंध की अवधि के दौरान ही उस जमीन को अन्य व्यक्तियों के पक्ष में बेच दिया और शिकायतकर्ता के पैसे भी वापस नहीं किए। पुलिस ने आरोपी की तलाश करते हुए 20 जुलाई 2026 को उसे मकरोनिया, जिला सागर से गिरफ्तार कर लिया है। इस सफल कार्रवाई में उप निरीक्षक शिवनाथ प्रजापति और प्रधान आरक्षक शरद सैनी की सराहनीय भूमिका रही। इस घटना के बाद उमरिया पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अचल संपत्ति को खरीदने या बेचने से पहले उसके मालिकाना हक और पूर्व में हुए समझौतों व लेन-देन का अच्छी तरह सत्यापन जरूर कर लें।
उमरिया की कोतवाली पुलिस ने एक ही जमीन का सौदा अलग-अलग लोगों से करके ₹4 लाख की धोखाधड़ी करने वाले और दो साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री विजय भागवानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आलोक शर्मा और एसडीओपी श्री पी एस परस्ते के मार्गदर्शन में पुलिस ने यह कार्रवाई की है। यह पूरा मामला शहडोल निवासी शिकायतकर्ता नीरज अंकेश की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिन्होंने आरोपी के खिलाफ कोतवाली उमरिया में अपराध क्रमांक 263/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 316(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कराया था। जांच में सामने आया कि आरोपी कमलेश कुमार साहू (उम्र 33 वर्ष), निवासी ग्राम बेलमना (हाल निवासी दूरसंचार कॉलोनी, मकरोनिया, सागर) ने विकटगंज, उमरिया में स्थित अपनी भूमि को बेचने के लिए शिकायतकर्ता के साथ 07 जून 2024 को एक पंजीकृत अनुबंध किया था। कुल ₹10,00,000 में सौदा तय कर आरोपी ने ₹4,00,000 अग्रिम राशि ऑनलाइन ले ली थी। हालांकि, आरोपी ने यह बात छिपाई कि वह पहले ही इस जमीन के लिए किसी अन्य व्यक्ति से भी पैसे ले चुका था। इसके बाद उसने अनुबंध की अवधि के दौरान ही उस जमीन को अन्य व्यक्तियों के पक्ष में बेच दिया और शिकायतकर्ता के पैसे भी वापस नहीं किए। पुलिस ने आरोपी की तलाश करते हुए 20 जुलाई 2026 को उसे मकरोनिया, जिला सागर से गिरफ्तार कर लिया है। इस सफल कार्रवाई में उप निरीक्षक शिवनाथ प्रजापति और प्रधान आरक्षक शरद सैनी की सराहनीय भूमिका रही। इस घटना के बाद उमरिया पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अचल संपत्ति को खरीदने या बेचने से पहले उसके मालिकाना हक और पूर्व में हुए समझौतों व लेन-देन का अच्छी तरह सत्यापन जरूर कर लें।
- उमरिया की कोतवाली पुलिस ने एक ही जमीन का सौदा अलग-अलग लोगों से करके ₹4 लाख की धोखाधड़ी करने वाले और दो साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री विजय भागवानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आलोक शर्मा और एसडीओपी श्री पी एस परस्ते के मार्गदर्शन में पुलिस ने यह कार्रवाई की है। यह पूरा मामला शहडोल निवासी शिकायतकर्ता नीरज अंकेश की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिन्होंने आरोपी के खिलाफ कोतवाली उमरिया में अपराध क्रमांक 263/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 316(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कराया था। जांच में सामने आया कि आरोपी कमलेश कुमार साहू (उम्र 33 वर्ष), निवासी ग्राम बेलमना (हाल निवासी दूरसंचार कॉलोनी, मकरोनिया, सागर) ने विकटगंज, उमरिया में स्थित अपनी भूमि को बेचने के लिए शिकायतकर्ता के साथ 07 जून 2024 को एक पंजीकृत अनुबंध किया था। कुल ₹10,00,000 में सौदा तय कर आरोपी ने ₹4,00,000 अग्रिम राशि ऑनलाइन ले ली थी। हालांकि, आरोपी ने यह बात छिपाई कि वह पहले ही इस जमीन के लिए किसी अन्य व्यक्ति से भी पैसे ले चुका था। इसके बाद उसने अनुबंध की अवधि के दौरान ही उस जमीन को अन्य व्यक्तियों के पक्ष में बेच दिया और शिकायतकर्ता के पैसे भी वापस नहीं किए। पुलिस ने आरोपी की तलाश करते हुए 20 जुलाई 2026 को उसे मकरोनिया, जिला सागर से गिरफ्तार कर लिया है। इस सफल कार्रवाई में उप निरीक्षक शिवनाथ प्रजापति और प्रधान आरक्षक शरद सैनी की सराहनीय भूमिका रही। इस घटना के बाद उमरिया पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अचल संपत्ति को खरीदने या बेचने से पहले उसके मालिकाना हक और पूर्व में हुए समझौतों व लेन-देन का अच्छी तरह सत्यापन जरूर कर लें।1
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- उमरिया के पाली क्षेत्र में कोयला परियोजनाओं के विरोध में भारतीय किसान संघ ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। सोमवार को बड़ी संख्या में किसान हाथों में डंडी पर बंधी कोयले की पोटली लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां किसानों ने मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को अपनी मांगों का 24 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा और सरकार को 30 दिनों का अल्टीमेटम दिया। किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में खेती और किसानों की जगह कोयला कंपनियों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में किसानों ने पाली क्षेत्र की प्रस्तावित कोयला परियोजनाओं, भूमि अधिग्रहण, मुआवजे, पर्यावरण और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने मांग की है कि अधिग्रहित होने वाली जमीन को पहले औद्योगिक भूमि घोषित किया जाए और किसानों को ₹30 लाख प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा मकान, बोरवेल और पेड़ों का अलग से मुआवजा देने, स्थानीय युवाओं को रोजगार देने, किसानों की पुश्तैनी जमीनों की जांच करने तथा पर्यावरण व वन्यजीवों पर पड़ने वाले प्रभाव की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन में किसानों ने पाली एसडीएम और क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। साथ ही कोयला कंपनियों द्वारा किसानों से कराए गए दस्तावेजों और जनसुनवाई की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी गई है। किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 30 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ, तो "घेरा डालो-डेरा डालो" आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान शहडोल-धुनधुटी राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर जिले के प्रमुख मार्ग भी बंद किए जाएंगे।4
- उमरिया कलेक्टर सभागार कक्ष में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभय सिंह ने जिलेभर से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। इस जनसुनवाई में लोगों की शिकायतों को सुनने के बाद, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।1
- नशा मुक्ति अभियान 2.0 ग्राम अमरहा जिला शहडोल नुक्कड़ जनजागरूकता कार्यक्रम 🙏1
- शहडोल जिले के जैतपुर में पुलिस और खनिज विभाग ने मिलकर एक संयुक्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत इलाके में अवैध रूप से भंडारित कर रखी गई रेत को जब्त कर लिया गया है।1
- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत डिण्डौरी जिले के विभिन्न विद्यालयों, ग्रामों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके तहत जिला मुख्यालय डिण्डौरी में उत्कृष्ट विद्यालय ग्राउंड एवं अवंती बाई चौक से कलेक्ट्रेट तिराहा तक छात्र-छात्राओं द्वारा एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर "नशामुक्त भारत" का संदेश दिया गया। इस दौरान मानव श्रृंखला बनाने के साथ ही नशामुक्ति की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई, वहीं वाहन रैली, जागरूकता पोस्टर और पम्पलेट वितरण के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। इस विशेष अभियान के अंतर्गत जिलेभर में आयोजित कुल 19 जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 15,000 नागरिकों तक नशामुक्ति का संदेश पहुँचाया गया। इन कार्यक्रमों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, डीएसपी, थाना प्रभारियों समेत पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों, शिक्षा विभाग, माई भारत (NGO), नशा मुक्ति केंद्र, सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। अंत में, जिला पुलिस डिण्डौरी ने सभी नागरिकों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की।3
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों की गिरफ्तारी और उन पर हुए कथित अत्याचारों को लेकर तीखा आक्रोश व्यक्त किया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छात्रों को गिरफ्तार किया जाए या जेल में डाला जाए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि मोदी सरकार की सत्ता की ताकत से कहीं अधिक बड़ी सत्याग्रह की शक्ति है। छात्रों के साथ हुई ज्यादतियों और उनके खून के एक-एक कतरे का हिसाब सरकार से लिया जाएगा।1