जालौन से बड़ी खबर 🚩 महाराज छत्रपति शिवाजी जयंती पर विशेष संदेश 🚩 जालौन के अनुज शाक्य द्वारा हिंदवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज भारतीय इतिहास के ऐसे महान योद्धा और आदर्श शासक थे, जिन्होंने अपने साहस, बुद्धिमत्ता और अद्भुत रणनीति से एक सशक्त राज्य की स्थापना की। उनका जन्म 19 फरवरी 1630 को हुआ था। बचपन से ही उनमें स्वाभिमान, धर्मनिष्ठा और मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम था। महाराज शिवाजी ने गुरिल्ला युद्ध नीति अपनाकर शक्तिशाली मुगल साम्राज्य का डटकर सामना किया। वे प्रजा के हितों का विशेष ध्यान रखते थे और महिलाओं के सम्मान की रक्षा को सर्वोपरि मानते थे। उनके शासन में न्याय, सुरक्षा और सुशासन की स्पष्ट व्यवस्था थी। शिवाजी महाराज ने हमें सिखाया कि कठिन परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से सफलता प्राप्त की जा सकती है। उनका जीवन साहस, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान की अमर गाथा है, जो सदैव हमें प्रेरणा देती रहेगी। 🚩 जय शिवाजी! जय भवानी! 🚩
जालौन से बड़ी खबर 🚩 महाराज छत्रपति शिवाजी जयंती पर विशेष संदेश 🚩 जालौन के अनुज शाक्य द्वारा हिंदवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज भारतीय इतिहास के ऐसे महान योद्धा और आदर्श शासक थे, जिन्होंने अपने साहस, बुद्धिमत्ता और अद्भुत रणनीति से एक सशक्त राज्य की स्थापना की। उनका जन्म 19 फरवरी 1630 को हुआ था। बचपन से ही उनमें स्वाभिमान, धर्मनिष्ठा और मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम था। महाराज शिवाजी ने गुरिल्ला युद्ध नीति अपनाकर शक्तिशाली मुगल साम्राज्य का डटकर सामना किया। वे प्रजा के हितों का विशेष ध्यान रखते थे और महिलाओं के सम्मान की रक्षा को सर्वोपरि मानते थे। उनके शासन में न्याय, सुरक्षा और सुशासन की स्पष्ट व्यवस्था थी। शिवाजी महाराज ने हमें सिखाया कि कठिन परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से सफलता प्राप्त की जा सकती है। उनका जीवन साहस, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान की अमर गाथा है, जो सदैव हमें प्रेरणा देती रहेगी। 🚩 जय शिवाजी! जय भवानी! 🚩
- जालौन के भदेख़ दिवरा गांव की बदहाल तस्वीर, विकास कार्यों को तरस रहे ग्रामीण जालौन जनपद के कुठौंद ब्लॉक अंतर्गत आने वाला ग्राम भदेख़ दिवरा इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। गांव में मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव देखने को मिल रहा है। न तो यहां पक्की सड़कों की समुचित व्यवस्था है और न ही पेयजल की पर्याप्त सुविधा। चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की मुख्य सड़कें कच्ची और जर्जर हालत में हैं। बरसात या हल्की नमी के समय हालात और भी खराब हो जाते हैं। आए दिन कोई न कोई ट्रैक्टर या अन्य वाहन कीचड़ में फंस जाता है, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है और कृषि कार्य प्रभावित होता है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। पेयजल व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। गांव में स्वच्छ पानी की उपलब्धता सीमित है, जिससे लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। वहीं नालियों की समुचित सफाई न होने के कारण जगह-जगह गंदा पानी जमा रहता है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। न ही ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्यों को लेकर कोई गंभीर पहल की गई और न ही नए ब्लॉक प्रमुख द्वारा गांव में कोई विशेष योजना लागू कराई गई है। परिणामस्वरूप गांव आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में पक्की सड़क, समुचित जल निकासी व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और नियमित सफाई की व्यवस्था तत्काल कराई जाए, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। अब देखने वाली बात यह होगी कि आखिर कब भदेख़ दिवरा गांव की यह दुर्दशा सुधरेगी और कब यहां के लोगों को विकास का वास्तविक लाभ मिल पाएगा। फिलहाल ग्रामीण उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान देंगे और जल्द ही ठोस कार्रवाई की जाएगी।1
- जालौन जालौन में आसाराम बापू के पोस्टरों पर विवाद, हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन, स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक स्थलों से पोस्टर हटाने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन, लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर रखी मांग, प्रदर्शन में तमाम सामाजिक संगठनों के साथ स्थानीय लोग भी रहे शामिल, नारी सम्मान के खिलाफ बताया जा रहा मामला, प्रशासन ने जांच कर कार्रवाई का दिया आश्वासन, जालौन के उरई कलेक्ट्रेट परिसर का मामला।2
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- 🚩 महाराज छत्रपति शिवाजी जयंती पर विशेष संदेश 🚩 जालौन के अनुज शाक्य द्वारा हिंदवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज भारतीय इतिहास के ऐसे महान योद्धा और आदर्श शासक थे, जिन्होंने अपने साहस, बुद्धिमत्ता और अद्भुत रणनीति से एक सशक्त राज्य की स्थापना की। उनका जन्म 19 फरवरी 1630 को हुआ था। बचपन से ही उनमें स्वाभिमान, धर्मनिष्ठा और मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम था। महाराज शिवाजी ने गुरिल्ला युद्ध नीति अपनाकर शक्तिशाली मुगल साम्राज्य का डटकर सामना किया। वे प्रजा के हितों का विशेष ध्यान रखते थे और महिलाओं के सम्मान की रक्षा को सर्वोपरि मानते थे। उनके शासन में न्याय, सुरक्षा और सुशासन की स्पष्ट व्यवस्था थी। शिवाजी महाराज ने हमें सिखाया कि कठिन परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से सफलता प्राप्त की जा सकती है। उनका जीवन साहस, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान की अमर गाथा है, जो सदैव हमें प्रेरणा देती रहेगी। 🚩 जय शिवाजी! जय भवानी! 🚩1
- द्वारकाधीश मंदिर प्रांगण जालौन में महाराज छत्रपति शिवाजी की 396वीं जयंती भव्य रूप से मनाई गई जालौन। नगर जालौन के द्वारकाधीश मंदिर प्रांगण में वीर शिरोमणि छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवा ध्वज लगाकर एवं विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया गया। पूरे परिसर में देशभक्ति और गौरव का भाव दिखाई दिया। जयंती के अवसर पर महाराज छत्रपति शिवाजी की भव्य प्रतिमा रंगोली के माध्यम से तैयार की गई। नगर जालौन की निवासी आशा प्रजापति, विशाल कुशवाहा, सोनिया वेद एवं उनके सहयोगियों द्वारा आकर्षक और जीवंत रंगोली बनाई गई, जिसमें महाराज के शौर्य, पराक्रम और तेजस्वी व्यक्तित्व को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। उपस्थित लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में पूर्व मंडल अध्यक्ष अभय प्रताप राजावत, प्रदीप सक्सेना, कुंवर सिंह यादव, डॉ. बृजेंद्र द्विवेदी, डॉ. रंजना द्विवेदी, सतीश सिंह सेंगर, मधु पांडे, कंचन अग्रवाल, पवन अग्रवाल, अंशुल प्रजापति, रूपेश साहू,धीरज साहू , शिशुपाल कुशवाहा, अरविंद श्रीवास्तव, अरविंद गुप्ता, सोनू परिहार, देव प्रताप सिंह , स्वयं गोस्वामी सूर्यांश गुर्जर, डॉ. भूपेंद्र पटेल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष अभय राजावत ने अपने संबोधन में कहा कि महाराज छत्रपति शिवाजी साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे। उनके आदर्श आज भी समाज को एकता, संगठन और राष्ट्र सेवा का संदेश देते हैं। कार्यक्रम का समापन महाराज छत्रपति शिवाजी के आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ किया गया।1
- जालौन में चल रहे अवैध कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने खोला मोर्चा, शहर के शहीद भगतसिंह चौराहा पर बीच सड़क पर बैठकर किया जोरदार प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन रोड और शहर में चल रहे अवैध कोचिंग सेंटरों को बंद करने की उठाई मांग, अवैध कोचिंग सेंटरों पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ और मोटी रकम वसूलने का लगाया आरोप, कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर अवैध कोचिंग संस्थानों पर कार्यवाही की मांग की, प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी, अधिकारियों के आश्वासन के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने खत्म किया प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार को सौंपा ज्ञापन, जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के शहीद भगतसिंह चौराहा का मामला।1
- Post by Sugirv Kushwha1
- जालौन के उरई स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर के गेट नंबर-3 के बाहर युवकों के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना से इलाके में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया। दोनों पक्षों के युवक एक-दूसरे के बाल खींचते हुए लात-घूंसे चलाते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद की शुरुआत कथित तौर पर एक लड़की पर टिप्पणी करने को लेकर हुई थी। इसके बाद दोनों गुटों के बीच बहस बढ़ गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई। न्यायालय जैसे संवेदनशील क्षेत्र के बाहर खुलेआम मारपीट होने से लोग हैरान थे।1