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अवैध कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने खोला मोर्चा!! सुन पूरे मामले में क्या बोले चित्रांशु!! जालौन में चल रहे अवैध कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने खोला मोर्चा, शहर के शहीद भगतसिंह चौराहा पर बीच सड़क पर बैठकर किया जोरदार प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन रोड और शहर में चल रहे अवैध कोचिंग सेंटरों को बंद करने की उठाई मांग, अवैध कोचिंग सेंटरों पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ और मोटी रकम वसूलने का लगाया आरोप, कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर अवैध कोचिंग संस्थानों पर कार्यवाही की मांग की, प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी, अधिकारियों के आश्वासन के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने खत्म किया प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार को सौंपा ज्ञापन, जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के शहीद भगतसिंह चौराहा का मामला।

2 hrs ago
user_Harsh Samvad
Harsh Samvad
Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

अवैध कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने खोला मोर्चा!! सुन पूरे मामले में क्या बोले चित्रांशु!! जालौन में चल रहे अवैध कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने खोला मोर्चा, शहर के शहीद भगतसिंह चौराहा पर बीच सड़क पर बैठकर किया जोरदार प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन रोड और शहर में चल रहे अवैध कोचिंग सेंटरों को बंद करने की उठाई मांग, अवैध कोचिंग सेंटरों पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ और मोटी रकम वसूलने का लगाया आरोप, कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर अवैध कोचिंग संस्थानों पर कार्यवाही की मांग की, प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी, अधिकारियों के आश्वासन के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने खत्म किया प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार को सौंपा ज्ञापन, जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के शहीद भगतसिंह चौराहा का मामला।

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  • जालौन में चल रहे अवैध कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने खोला मोर्चा, शहर के शहीद भगतसिंह चौराहा पर बीच सड़क पर बैठकर किया जोरदार प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन रोड और शहर में चल रहे अवैध कोचिंग सेंटरों को बंद करने की उठाई मांग, अवैध कोचिंग सेंटरों पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ और मोटी रकम वसूलने का लगाया आरोप, कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर अवैध कोचिंग संस्थानों पर कार्यवाही की मांग की, प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी, अधिकारियों के आश्वासन के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने खत्म किया प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार को सौंपा ज्ञापन, जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के शहीद भगतसिंह चौराहा का मामला।
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    जालौन में चल रहे अवैध कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने खोला मोर्चा, शहर के शहीद भगतसिंह चौराहा पर बीच सड़क पर बैठकर किया जोरदार प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन रोड और शहर में चल रहे अवैध कोचिंग सेंटरों को बंद करने की उठाई मांग, अवैध कोचिंग सेंटरों पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ और मोटी रकम वसूलने का लगाया आरोप, कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर अवैध कोचिंग संस्थानों पर कार्यवाही की मांग की, प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी, अधिकारियों के आश्वासन के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने खत्म किया प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार को सौंपा ज्ञापन, जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के शहीद भगतसिंह चौराहा का मामला।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Sugirv Kushwha
    1
    Post by Sugirv Kushwha
    user_Sugirv Kushwha
    Sugirv Kushwha
    Financial Analyst उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • भारत में आरक्षण, भूमि स्वामित्व और सामाजिक समानता जैसे विषय लंबे समय से सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा रहे हैं। ये मुद्दे केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं। आरक्षण का मूल उद्देश्य भारत में आरक्षण व्यवस्था भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर प्रदान करने के लिए बनाई गई। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को शिक्षा, सरकारी सेवाओं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित भागीदारी देना है। आरक्षण किसी वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि समान अवसर सुनिश्चित करने का एक संवैधानिक साधन है। भूमि और संपत्ति का प्रश्न स्वतंत्रता के बाद भूमि सुधार के लिए कई कदम उठाए गए। जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में जमींदारी उन्मूलन जैसे कानून लागू किए गए, जिनका उद्देश्य भूमि के असमान वितरण को कम करना था। इसके बावजूद, आज भी भूमि स्वामित्व में असमानता एक वास्तविक सामाजिक-आर्थिक चुनौती है। यह समस्या केवल जातिगत आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति, क्षेत्रीय नीतियों और ऐतिहासिक परिस्थितियों से भी जुड़ी है। इतिहास और युद्ध की वास्तविकता भारतीय इतिहास बहुस्तरीय और जटिल है। यह कहना कि किसी एक जाति या वर्ग ने कभी युद्ध नहीं लड़ा, ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप नहीं है। उदाहरण के लिए, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे शासकों ने स्वयं युद्ध का नेतृत्व किया और संघर्षों में सक्रिय भूमिका निभाई। इतिहास को समग्र दृष्टि से समझना आवश्यक है, न कि आंशिक कथनों के आधार पर। आगे का रास्ता सामाजिक समानता का प्रश्न केवल आरक्षण या भूमि स्वामित्व तक सीमित नहीं है। इसके लिए व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक है: शिक्षा तक समान पहुँच आर्थिक अवसरों का विस्तार कानून का निष्पक्ष और प्रभावी पालन सामाजिक संवाद और आपसी सम्मान समाज में स्थायी बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संवाद और संवैधानिक मूल्यों के पालन से आता है — टकराव से नहीं। भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और समानता की दिशा में आगे बढ़ना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय पत्रकार संगठन, दिल्ली शिवपाल सिंह एडिटर इन चीफ, उत्तर प्रदेश
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    भारत में आरक्षण, भूमि स्वामित्व और सामाजिक समानता जैसे विषय लंबे समय से सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा रहे हैं। ये मुद्दे केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं।
आरक्षण का मूल उद्देश्य
भारत में आरक्षण व्यवस्था भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर प्रदान करने के लिए बनाई गई। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को शिक्षा, सरकारी सेवाओं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित भागीदारी देना है।
आरक्षण किसी वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि समान अवसर सुनिश्चित करने का एक संवैधानिक साधन है।
भूमि और संपत्ति का प्रश्न
स्वतंत्रता के बाद भूमि सुधार के लिए कई कदम उठाए गए। जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में जमींदारी उन्मूलन जैसे कानून लागू किए गए, जिनका उद्देश्य भूमि के असमान वितरण को कम करना था।
इसके बावजूद, आज भी भूमि स्वामित्व में असमानता एक वास्तविक सामाजिक-आर्थिक चुनौती है। यह समस्या केवल जातिगत आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति, क्षेत्रीय नीतियों और ऐतिहासिक परिस्थितियों से भी जुड़ी है।
इतिहास और युद्ध की वास्तविकता
भारतीय इतिहास बहुस्तरीय और जटिल है। यह कहना कि किसी एक जाति या वर्ग ने कभी युद्ध नहीं लड़ा, ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप नहीं है।
उदाहरण के लिए, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे शासकों ने स्वयं युद्ध का नेतृत्व किया और संघर्षों में सक्रिय भूमिका निभाई। इतिहास को समग्र दृष्टि से समझना आवश्यक है, न कि आंशिक कथनों के आधार पर।
आगे का रास्ता
सामाजिक समानता का प्रश्न केवल आरक्षण या भूमि स्वामित्व तक सीमित नहीं है। इसके लिए व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक है:
शिक्षा तक समान पहुँच
आर्थिक अवसरों का विस्तार
कानून का निष्पक्ष और प्रभावी पालन
सामाजिक संवाद और आपसी सम्मान
समाज में स्थायी बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संवाद और संवैधानिक मूल्यों के पालन से आता है — टकराव से नहीं। भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और समानता की दिशा में आगे बढ़ना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
राष्ट्रीय पत्रकार संगठन, दिल्ली
शिवपाल सिंह
एडिटर इन चीफ, उत्तर प्रदेश
    user_SHIVPAL SINGH
    SHIVPAL SINGH
    Publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • जालौन के भदेख़ दिवरा गांव की बदहाल तस्वीर, विकास कार्यों को तरस रहे ग्रामीण जालौन जनपद के कुठौंद ब्लॉक अंतर्गत आने वाला ग्राम भदेख़ दिवरा इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। गांव में मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव देखने को मिल रहा है। न तो यहां पक्की सड़कों की समुचित व्यवस्था है और न ही पेयजल की पर्याप्त सुविधा। चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की मुख्य सड़कें कच्ची और जर्जर हालत में हैं। बरसात या हल्की नमी के समय हालात और भी खराब हो जाते हैं। आए दिन कोई न कोई ट्रैक्टर या अन्य वाहन कीचड़ में फंस जाता है, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है और कृषि कार्य प्रभावित होता है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। पेयजल व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। गांव में स्वच्छ पानी की उपलब्धता सीमित है, जिससे लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। वहीं नालियों की समुचित सफाई न होने के कारण जगह-जगह गंदा पानी जमा रहता है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। न ही ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्यों को लेकर कोई गंभीर पहल की गई और न ही नए ब्लॉक प्रमुख द्वारा गांव में कोई विशेष योजना लागू कराई गई है। परिणामस्वरूप गांव आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में पक्की सड़क, समुचित जल निकासी व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और नियमित सफाई की व्यवस्था तत्काल कराई जाए, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। अब देखने वाली बात यह होगी कि आखिर कब भदेख़ दिवरा गांव की यह दुर्दशा सुधरेगी और कब यहां के लोगों को विकास का वास्तविक लाभ मिल पाएगा। फिलहाल ग्रामीण उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान देंगे और जल्द ही ठोस कार्रवाई की जाएगी।
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    जालौन के भदेख़ दिवरा गांव की बदहाल तस्वीर, विकास कार्यों को तरस रहे ग्रामीण
जालौन जनपद के कुठौंद ब्लॉक अंतर्गत आने वाला ग्राम भदेख़ दिवरा इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। गांव में मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव देखने को मिल रहा है। न तो यहां पक्की सड़कों की समुचित व्यवस्था है और न ही पेयजल की पर्याप्त सुविधा। चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की मुख्य सड़कें कच्ची और जर्जर हालत में हैं। बरसात या हल्की नमी के समय हालात और भी खराब हो जाते हैं। आए दिन कोई न कोई ट्रैक्टर या अन्य वाहन कीचड़ में फंस जाता है, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है और कृषि कार्य प्रभावित होता है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
पेयजल व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। गांव में स्वच्छ पानी की उपलब्धता सीमित है, जिससे लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। वहीं नालियों की समुचित सफाई न होने के कारण जगह-जगह गंदा पानी जमा रहता है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। न ही ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्यों को लेकर कोई गंभीर पहल की गई और न ही नए ब्लॉक प्रमुख द्वारा गांव में कोई विशेष योजना लागू कराई गई है। परिणामस्वरूप गांव आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में पक्की सड़क, समुचित जल निकासी व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और नियमित सफाई की व्यवस्था तत्काल कराई जाए, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
अब देखने वाली बात यह होगी कि आखिर कब भदेख़ दिवरा गांव की यह दुर्दशा सुधरेगी और कब यहां के लोगों को विकास का वास्तविक लाभ मिल पाएगा। फिलहाल ग्रामीण उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान देंगे और जल्द ही ठोस कार्रवाई की जाएगी।
    user_Dhruv Nishad
    Dhruv Nishad
    जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ | जालौन जालौन जनपद के विकासखंड कुठौंद की ग्राम पंचायत कुठौंद में थाना के सामने हुई कथित दबंगई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना शुक्रवार शाम की है। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि विवाद के बाद कुछ लोग मौके से भागते नजर आ रहे हैं। एक चार पहिया वाहन से भी कुछ कथित दबंगों के भागने की बात सामने आ रही है। वीडियो में लाठी-डंडों के साथ अफरा-तफरी का माहौल दिखाई देता है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि हमारा चैनल नहीं करता है। मामले की सत्यता अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रशासन की ओर से जो भी आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा, उसका इंतजार किया जा रहा है।
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    ब्रेकिंग न्यूज़ | जालौन
जालौन जनपद के विकासखंड कुठौंद की ग्राम पंचायत कुठौंद में थाना के सामने हुई कथित दबंगई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना शुक्रवार शाम की है।
वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि विवाद के बाद कुछ लोग मौके से भागते नजर आ रहे हैं। एक चार पहिया वाहन से भी कुछ कथित दबंगों के भागने की बात सामने आ रही है। वीडियो में लाठी-डंडों के साथ अफरा-तफरी का माहौल दिखाई देता है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि हमारा चैनल नहीं करता है। मामले की सत्यता अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रशासन की ओर से जो भी आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा, उसका इंतजार किया जा रहा है।
    user_अखिलेश सोनी
    अखिलेश सोनी
    Court reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • जालौन के भदेख़ दिवरा गांव की बदहाल तस्वीर, विकास कार्यों को तरस रहे ग्रामीण जालौन जनपद के कुठौंद ब्लॉक अंतर्गत आने वाला ग्राम भदेख़ दिवरा इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। गांव में मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव देखने को मिल रहा है। न तो यहां पक्की सड़कों की समुचित व्यवस्था है और न ही पेयजल की पर्याप्त सुविधा। चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की मुख्य सड़कें कच्ची और जर्जर हालत में हैं। बरसात या हल्की नमी के समय हालात और भी खराब हो जाते हैं। आए दिन कोई न कोई ट्रैक्टर या अन्य वाहन कीचड़ में फंस जाता है, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है और कृषि कार्य प्रभावित होता है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। पेयजल व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। गांव में स्वच्छ पानी की उपलब्धता सीमित है, जिससे लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। वहीं नालियों की समुचित सफाई न होने के कारण जगह-जगह गंदा पानी जमा रहता है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। न ही ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्यों को लेकर कोई गंभीर पहल की गई और न ही नए ब्लॉक प्रमुख द्वारा गांव में कोई विशेष योजना लागू कराई गई है। परिणामस्वरूप गांव आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में पक्की सड़क, समुचित जल निकासी व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और नियमित सफाई की व्यवस्था तत्काल कराई जाए, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। अब देखने वाली बात यह होगी कि आखिर कब भदेख़ दिवरा गांव की यह दुर्दशा सुधरेगी और कब यहां के लोगों को विकास का वास्तविक लाभ मिल पाएगा। फिलहाल ग्रामीण उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान देंगे और जल्द ही ठोस कार्रवाई की जाएगी।
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    जालौन के भदेख़ दिवरा गांव की बदहाल तस्वीर, विकास कार्यों को तरस रहे ग्रामीण
जालौन जनपद के कुठौंद ब्लॉक अंतर्गत आने वाला ग्राम भदेख़ दिवरा इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। गांव में मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव देखने को मिल रहा है। न तो यहां पक्की सड़कों की समुचित व्यवस्था है और न ही पेयजल की पर्याप्त सुविधा। चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की मुख्य सड़कें कच्ची और जर्जर हालत में हैं। बरसात या हल्की नमी के समय हालात और भी खराब हो जाते हैं। आए दिन कोई न कोई ट्रैक्टर या अन्य वाहन कीचड़ में फंस जाता है, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है और कृषि कार्य प्रभावित होता है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
पेयजल व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। गांव में स्वच्छ पानी की उपलब्धता सीमित है, जिससे लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। वहीं नालियों की समुचित सफाई न होने के कारण जगह-जगह गंदा पानी जमा रहता है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। न ही ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्यों को लेकर कोई गंभीर पहल की गई और न ही नए ब्लॉक प्रमुख द्वारा गांव में कोई विशेष योजना लागू कराई गई है। परिणामस्वरूप गांव आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में पक्की सड़क, समुचित जल निकासी व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और नियमित सफाई की व्यवस्था तत्काल कराई जाए, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
अब देखने वाली बात यह होगी कि आखिर कब भदेख़ दिवरा गांव की यह दुर्दशा सुधरेगी और कब यहां के लोगों को विकास का वास्तविक लाभ मिल पाएगा। फिलहाल ग्रामीण उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान देंगे और जल्द ही ठोस कार्रवाई की जाएगी।
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जालौन जालौन में आसाराम बापू के पोस्टरों पर विवाद, हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन, स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक स्थलों से पोस्टर हटाने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन, लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर रखी मांग, प्रदर्शन में तमाम सामाजिक संगठनों के साथ स्थानीय लोग भी रहे शामिल, नारी सम्मान के खिलाफ बताया जा रहा मामला, प्रशासन ने जांच कर कार्रवाई का दिया आश्वासन, जालौन के उरई कलेक्ट्रेट परिसर का मामला।
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    जालौन
जालौन में आसाराम बापू के पोस्टरों पर विवाद, हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन,
स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक स्थलों से पोस्टर हटाने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन,
लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर रखी मांग,
प्रदर्शन में तमाम सामाजिक संगठनों के साथ स्थानीय लोग भी रहे शामिल,
नारी सम्मान के खिलाफ बताया जा रहा मामला, प्रशासन ने जांच कर कार्रवाई का दिया आश्वासन,
जालौन के उरई कलेक्ट्रेट परिसर का मामला।
    user_Deves Swarnkar  द न्यूज जालौन
    Deves Swarnkar द न्यूज जालौन
    जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • डीएम ने कोंच नगर पालिका व ब्लॉक कार्यालय का किया वार्षिक निरीक्षण, कमियां मिलने पर अधिकारियों को लगाई फटकार, ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई!! जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने गुरुवार को कोंच नगर पालिका परिषद एवं ब्लॉक कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक कार्यों, निर्माण गतिविधियों और जनसुविधाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के समय कई कमियां सामने आने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और सुधार के स्पष्ट निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नगर पालिका में हाउस टैक्स वसूली अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रही है। करीब 500 से 700 मकान अब तक कर निर्धारण से बाहर पाए गए। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव को निर्देश दिया कि तत्काल सर्वे कर सभी छूटे हुए मकानों को कर दायरे में लाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित मोहल्लों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।। डीएम पांडेय ने टेंडर मिलने के बाद भी निर्माण कार्यों में देरी करने वाले ठेकेदारों और जिम्मेदार अभियंताओं पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिशासी अधिकारी के शिथिल पर्यवेक्षण पर भी स्पष्टीकरण तलब किया गया। उन्होंने कहा कि सभी अधूरे कार्यों को समयबद्ध योजना के तहत प्राथमिकता से पूरा कराया जाए।।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन निर्माण कार्यों में निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं हुआ है, उन पर अनुबंध के अनुसार 10 प्रतिशत लेट डैमेज (एलडी) क्लॉज लागू किया जाएगा और बिल भुगतान में कटौती की जाएगी। उन्होंने भविष्य में हर अनुबंध में डिले क्लॉज को अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए, ताकि देरी पर स्वतः कार्रवाई की जा सके। बार-बार लापरवाही करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए डीएम ने कहा कि मानकों में कमी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। आवश्यक होने पर वेतन से कटौती कर सुधार सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने नगर विकास विभाग के आदेशों के अनुरूप 10 लाख रुपये तक की सड़कों का सत्यापन कराने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जलभराव वाले इलाकों में पक्की सड़क व दोनों ओर नालियां बनाकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ब्लॉक परिसर में सुलभ शौचालय, स्वच्छ वातावरण और जनता दर्शन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। डीएम ने खरीदी गई मशीनरी व सामग्री का पूर्ण उपयोग कर नगर को स्वच्छ व व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए।। अधिकारियों की मौजूदगी इस मौके पर उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता, सहायक अभियंता नंदकिशोर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।।।।
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    डीएम ने कोंच नगर पालिका व ब्लॉक कार्यालय का किया वार्षिक निरीक्षण, कमियां मिलने पर अधिकारियों को लगाई फटकार, ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई!!
जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने गुरुवार को कोंच नगर पालिका परिषद एवं ब्लॉक कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक कार्यों, निर्माण गतिविधियों और जनसुविधाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के समय कई कमियां सामने आने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और सुधार के स्पष्ट निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नगर पालिका में हाउस टैक्स वसूली अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रही है। करीब 500 से 700 मकान अब तक कर निर्धारण से बाहर पाए गए। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव को निर्देश दिया कि तत्काल सर्वे कर सभी छूटे हुए मकानों को कर दायरे में लाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित मोहल्लों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।। डीएम पांडेय ने टेंडर मिलने के बाद भी निर्माण कार्यों में देरी करने वाले ठेकेदारों और जिम्मेदार अभियंताओं पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिशासी अधिकारी के शिथिल पर्यवेक्षण पर भी स्पष्टीकरण तलब किया गया। उन्होंने कहा कि सभी अधूरे कार्यों को समयबद्ध योजना के तहत प्राथमिकता से पूरा कराया जाए।।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन निर्माण कार्यों में निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं हुआ है, उन पर अनुबंध के अनुसार 10 प्रतिशत लेट डैमेज (एलडी) क्लॉज लागू किया जाएगा और बिल भुगतान में कटौती की जाएगी। उन्होंने भविष्य में हर अनुबंध में डिले क्लॉज को अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए, ताकि देरी पर स्वतः कार्रवाई की जा सके। बार-बार लापरवाही करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए डीएम ने कहा कि मानकों में कमी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। आवश्यक होने पर वेतन से कटौती कर सुधार सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने नगर विकास विभाग के आदेशों के अनुरूप 10 लाख रुपये तक की सड़कों का सत्यापन कराने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जलभराव वाले इलाकों में पक्की सड़क व दोनों ओर नालियां बनाकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ब्लॉक परिसर में सुलभ शौचालय, स्वच्छ वातावरण और जनता दर्शन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। डीएम ने खरीदी गई मशीनरी व सामग्री का पूर्ण उपयोग कर नगर को स्वच्छ व व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए।। अधिकारियों की मौजूदगी
इस मौके पर उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता, सहायक अभियंता नंदकिशोर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।।।।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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