logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

होली पर सामाजिक संदेश। *ओशो आशीष ध्यान केंद्र पर धुलेंडी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।* छबड़ा:कस्बे के निकट ग्राम भुवाखेड़ी में नहर किनारे सादली की डूंगरी की तलहटी में,खाटूश्याम गोशाला के पास स्थित ओशो आशीष ध्यान ओर (अमीरपुर खेड़ी) योग केंद्र पर होली का धुलेंडी उत्सव आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उमंग के साथ मनाया गया।मंगलवार को बालकों और युवाओं ने होली गीतों के साथ रंग, गुलाल और फूलों की वर्षा कर वातावरण को आनंदमय बना दिया। उत्सव में उल्लास के साथ-साथ साधना का सुंदर समन्वय भी देखने को मिला। पूर्णिमा तिथि पर चन्द्रग्रहण का विशेष संयोग होने से कार्यक्रम का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया।योग केंद्र संचालक स्वामी ध्यान गगन के सानिध्य में ग्रहण काल के दौरान मौन ध्यान का विशेष अभ्यास किया गया।कई साधकों ने अपने गुरुमंत्र का जप कर आंतरिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।रात्रि में ओशो के कुंडलिनी ध्यान का अभ्यास भी आयोजित किया गया।ग्रहण काल समाप्त होने के पश्चात उपस्थित साधकों ने सामूहिक रूप से भोजन तैयार कर प्रसाद ग्रहण किया।इस अवसर पर स्वामी ध्यान गगन ने होली का आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं,बल्कि ईमानदारी,पवित्रता और सत्यता का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि जैसे भक्त प्रह्लाद ने सत्य और श्रद्धा के बल पर विपरीत परिस्थितियों में भी परमात्मा की कृपा प्राप्त की,वैसे ही जो व्यक्ति प्रेम,सद्भाव और सत्य को अपनाता है,उसके जीवन में परमात्मा का वास होता है।होली हमें बैर-भाव त्यागकर प्रेमपूर्वक एक-दूसरे को गले लगाने और आत्मिक बसंत का स्वागत करने की प्रेरणा देती है।कार्यक्रम में ग्राम भुवाखेड़ी ओर छबड़ा कस्बे के उपस्थित साधकों ने संकल्प लिया कि वे जीवन में सकारात्मक संगति अपनाकर आत्मिक उन्नति के मार्ग पर अग्रसर रहेंगे।उत्सव आध्यात्मिक ऊर्जा,प्रेम और सौहार्द के संदेश के साथ संपन्न हुआ।

22 hrs ago
user_Alakh Jyoti Yog Present
Alakh Jyoti Yog Present
Yoga instructor Chhabra, Baran•
22 hrs ago

होली पर सामाजिक संदेश। *ओशो आशीष ध्यान केंद्र पर धुलेंडी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।* छबड़ा:कस्बे के निकट ग्राम भुवाखेड़ी में नहर किनारे सादली की डूंगरी की तलहटी में,खाटूश्याम गोशाला के पास स्थित ओशो आशीष ध्यान ओर (अमीरपुर खेड़ी) योग केंद्र पर होली का धुलेंडी उत्सव आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उमंग के साथ मनाया गया।मंगलवार को बालकों और युवाओं ने होली गीतों के साथ रंग, गुलाल और फूलों की वर्षा कर वातावरण को आनंदमय

c71cf790-ad40-4123-bf99-a95d3b373d9c

बना दिया। उत्सव में उल्लास के साथ-साथ साधना का सुंदर समन्वय भी देखने को मिला। पूर्णिमा तिथि पर चन्द्रग्रहण का विशेष संयोग होने से कार्यक्रम का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया।योग केंद्र संचालक स्वामी ध्यान गगन के सानिध्य में ग्रहण काल के दौरान मौन ध्यान का विशेष अभ्यास किया गया।कई साधकों ने अपने गुरुमंत्र का जप कर आंतरिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।रात्रि में ओशो के कुंडलिनी ध्यान का

a10adfee-9c63-479f-b6ae-d8384701ed41

अभ्यास भी आयोजित किया गया।ग्रहण काल समाप्त होने के पश्चात उपस्थित साधकों ने सामूहिक रूप से भोजन तैयार कर प्रसाद ग्रहण किया।इस अवसर पर स्वामी ध्यान गगन ने होली का आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं,बल्कि ईमानदारी,पवित्रता और सत्यता का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि जैसे भक्त प्रह्लाद ने सत्य और श्रद्धा के बल पर विपरीत परिस्थितियों में भी परमात्मा की कृपा प्राप्त की,वैसे ही जो

d5add71c-f947-4c5d-9145-3430dc2964e0

व्यक्ति प्रेम,सद्भाव और सत्य को अपनाता है,उसके जीवन में परमात्मा का वास होता है।होली हमें बैर-भाव त्यागकर प्रेमपूर्वक एक-दूसरे को गले लगाने और आत्मिक बसंत का स्वागत करने की प्रेरणा देती है।कार्यक्रम में ग्राम भुवाखेड़ी ओर छबड़ा कस्बे के उपस्थित साधकों ने संकल्प लिया कि वे जीवन में सकारात्मक संगति अपनाकर आत्मिक उन्नति के मार्ग पर अग्रसर रहेंगे।उत्सव आध्यात्मिक ऊर्जा,प्रेम और सौहार्द के संदेश के साथ संपन्न हुआ।

  • user_User7400
    User7400
    Baran, Rajasthan
    😡
    20 hrs ago
More news from Baran and nearby areas
  • होली पर सामाजिक संदेश। *ओशो आशीष ध्यान केंद्र पर धुलेंडी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।* छबड़ा:कस्बे के निकट ग्राम भुवाखेड़ी में नहर किनारे सादली की डूंगरी की तलहटी में,खाटूश्याम गोशाला के पास स्थित ओशो आशीष ध्यान ओर (अमीरपुर खेड़ी) योग केंद्र पर होली का धुलेंडी उत्सव आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उमंग के साथ मनाया गया।मंगलवार को बालकों और युवाओं ने होली गीतों के साथ रंग, गुलाल और फूलों की वर्षा कर वातावरण को आनंदमय बना दिया। उत्सव में उल्लास के साथ-साथ साधना का सुंदर समन्वय भी देखने को मिला। पूर्णिमा तिथि पर चन्द्रग्रहण का विशेष संयोग होने से कार्यक्रम का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया।योग केंद्र संचालक स्वामी ध्यान गगन के सानिध्य में ग्रहण काल के दौरान मौन ध्यान का विशेष अभ्यास किया गया।कई साधकों ने अपने गुरुमंत्र का जप कर आंतरिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।रात्रि में ओशो के कुंडलिनी ध्यान का अभ्यास भी आयोजित किया गया।ग्रहण काल समाप्त होने के पश्चात उपस्थित साधकों ने सामूहिक रूप से भोजन तैयार कर प्रसाद ग्रहण किया।इस अवसर पर स्वामी ध्यान गगन ने होली का आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं,बल्कि ईमानदारी,पवित्रता और सत्यता का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि जैसे भक्त प्रह्लाद ने सत्य और श्रद्धा के बल पर विपरीत परिस्थितियों में भी परमात्मा की कृपा प्राप्त की,वैसे ही जो व्यक्ति प्रेम,सद्भाव और सत्य को अपनाता है,उसके जीवन में परमात्मा का वास होता है।होली हमें बैर-भाव त्यागकर प्रेमपूर्वक एक-दूसरे को गले लगाने और आत्मिक बसंत का स्वागत करने की प्रेरणा देती है।कार्यक्रम में ग्राम भुवाखेड़ी ओर छबड़ा कस्बे के उपस्थित साधकों ने संकल्प लिया कि वे जीवन में सकारात्मक संगति अपनाकर आत्मिक उन्नति के मार्ग पर अग्रसर रहेंगे।उत्सव आध्यात्मिक ऊर्जा,प्रेम और सौहार्द के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
    4
    होली पर सामाजिक संदेश।
*ओशो आशीष ध्यान केंद्र पर धुलेंडी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।*
छबड़ा:कस्बे के निकट ग्राम भुवाखेड़ी में नहर किनारे सादली की डूंगरी की तलहटी में,खाटूश्याम गोशाला के पास स्थित ओशो आशीष ध्यान ओर (अमीरपुर खेड़ी) योग केंद्र पर होली का धुलेंडी उत्सव आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उमंग के साथ मनाया गया।मंगलवार को बालकों और युवाओं ने होली गीतों के साथ रंग, गुलाल और फूलों की वर्षा कर वातावरण को आनंदमय बना दिया। उत्सव में उल्लास के साथ-साथ साधना का सुंदर समन्वय भी देखने को मिला। पूर्णिमा तिथि पर चन्द्रग्रहण का विशेष संयोग होने से कार्यक्रम का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया।योग केंद्र संचालक स्वामी ध्यान गगन के सानिध्य में ग्रहण काल के दौरान मौन ध्यान का विशेष अभ्यास किया गया।कई साधकों ने अपने गुरुमंत्र का जप कर आंतरिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।रात्रि में ओशो के कुंडलिनी ध्यान का अभ्यास भी आयोजित किया गया।ग्रहण काल समाप्त होने के पश्चात उपस्थित साधकों ने सामूहिक रूप से भोजन तैयार कर प्रसाद ग्रहण किया।इस अवसर पर स्वामी ध्यान गगन ने होली का आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं,बल्कि ईमानदारी,पवित्रता और सत्यता का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि जैसे भक्त प्रह्लाद ने सत्य और श्रद्धा के बल पर विपरीत परिस्थितियों में भी परमात्मा की कृपा प्राप्त की,वैसे ही जो व्यक्ति प्रेम,सद्भाव और सत्य को अपनाता है,उसके जीवन में परमात्मा का वास होता है।होली हमें बैर-भाव त्यागकर प्रेमपूर्वक एक-दूसरे को गले लगाने और आत्मिक बसंत का स्वागत करने की प्रेरणा देती है।कार्यक्रम में ग्राम भुवाखेड़ी ओर छबड़ा कस्बे के उपस्थित साधकों ने संकल्प लिया कि वे जीवन में सकारात्मक संगति अपनाकर आत्मिक उन्नति के मार्ग पर अग्रसर रहेंगे।उत्सव आध्यात्मिक ऊर्जा,प्रेम और सौहार्द के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
    user_Alakh Jyoti Yog Present
    Alakh Jyoti Yog Present
    Yoga instructor Chhabra, Baran•
    22 hrs ago
  • हरनावदाशाहजी. कस्बे में अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महिला मंडल इकाई द्वारा फागोत्सव धूमधाम से मनाया। इस मौके पर राधा कृष्ण की झांकी के साथ महिलाओं ने होली के गीतों पर नाच-गान किया। वहीं रंग गुलाल से होली खेली।
    2
    हरनावदाशाहजी. कस्बे में अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महिला मंडल इकाई द्वारा फागोत्सव धूमधाम से मनाया।
इस मौके पर राधा कृष्ण की झांकी के साथ महिलाओं ने होली के गीतों पर नाच-गान किया। वहीं रंग गुलाल से होली खेली।
    user_Pramod jain
    Pramod jain
    पत्रकार छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • अटरू में 4 मार्च 2026 को धुलेंडी का पर्व पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। सबसे पहले फागुन्या भेरू जी मंदिर में फाग के गीत गाए गए और गुलाल होली खेली गई। कस्बे में रंग-गुलाल से होली खेली गई, युवा डीजे की धुन पर थिरके और बड़ों ने एक-दूसरे से रामाश्यामी की। धुलेंडी के कारण अटरू मंडी में कृषि उपज की नीलामी बंद रही। बतादें कि फागुन्या भेरू मंदिर में ढोल और चंग के साथ पारंपरिक होली की शुरुआत की गई।अटरू के धूणी क्लब, खेडलीगंज चौराहा, नांगली मोहल्ला, समेत सभी लोगों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली मनाई।युवकों की टोलियों ने डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए होली मनाई। महिलाओं ने भी राधा-कृष्ण की झांकी सजाकर गुलाल होली खेली।धुलेंडी के अवसर पर अटरू मंडी में 4 मार्च को अवकाश रहा, अब 5 मार्च से काम शुरू होगा। यह त्यौहार भाईचारे और उल्लास के साथ मनाया गया। राजस्थान में धुलेंडी (धुलंडी) सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि अनूठी परंपराओं का संगम है। यहाँ कहीं पत्थरों से 'खूनी होली' तो कहीं डोलची से पानी की बौछार की होली खेली गई है। कुछ स्थान पर महिलाएं पुरुषों पर लाठियां बरसाती हैं। ये परंपराएं सामाजिक एकता और जीवंत संस्कृति का प्रतीक हैं। मगर ऐसे में पुलिस व समाज भी असहाय हो जाता है जब होली खेलने वाले भिड़ जाते हैं यही हकीकत अटरू के चौथमाता मन्दिर के पीछे नजर आई जहाँ पुलिस ने धमाचौकड़ी कर रहे युवकों को पकड़कर थाने पहुंचाया।वहीँ कुंजेड क्षेत्र के सहरोद, जिरोद, रिछन्दा, किरपुरिया, चौथ्या में 4 मार्च 2026 को धुलेंडी का पर्व पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। सबसे पहले मायथा भेरू जी मंदिर में फाग के गीत गाए गए और गुलाल होली खेली गई। कस्बे में रंग-गुलाल से होली खेली गई, युवा डीजे की धुन पर थिरके और बड़ों ने एक-दूसरे से रामाश्यामी की। धुलेंडी के कारण चहल पहल बनी रही भेरू मंदिर में ढोल और चंग के साथ पारंपरिक होली की शुरुआत की।लोगों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली मनाई। युवकों की टोलियों ने डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए होली मनाई। यह त्यौहार भाईचारे और उल्लास के साथ मनाया गया। इस प्रकार ही मोठपुर कस्बे में बुधवार को रंगों का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया गया। सुबह से ही लोगों ने टोलियां बनाकर एक दूसरे को रंग लगाया।
    1
    अटरू  में 4 मार्च 2026 को धुलेंडी का पर्व पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। सबसे पहले फागुन्या भेरू जी मंदिर में फाग के गीत गाए गए और गुलाल होली खेली गई। कस्बे में रंग-गुलाल से होली खेली गई, युवा डीजे की धुन पर थिरके और बड़ों ने एक-दूसरे से रामाश्यामी की। धुलेंडी के कारण अटरू मंडी में कृषि उपज की नीलामी बंद रही। बतादें कि फागुन्या भेरू मंदिर में ढोल और चंग के साथ पारंपरिक होली की शुरुआत की गई।अटरू के धूणी क्लब, खेडलीगंज चौराहा, नांगली मोहल्ला, समेत सभी
लोगों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली मनाई।युवकों की टोलियों ने डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए होली मनाई। महिलाओं ने भी राधा-कृष्ण की झांकी सजाकर गुलाल होली खेली।धुलेंडी के अवसर पर अटरू मंडी में 4 मार्च को अवकाश रहा, अब 5 मार्च से काम शुरू होगा। 
यह त्यौहार भाईचारे और उल्लास के साथ मनाया गया। राजस्थान में धुलेंडी (धुलंडी) सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि अनूठी परंपराओं का संगम है। यहाँ कहीं पत्थरों से 'खूनी होली' तो कहीं डोलची से पानी की बौछार की होली खेली गई है। कुछ स्थान पर
महिलाएं पुरुषों पर लाठियां बरसाती हैं। ये परंपराएं सामाजिक एकता और जीवंत संस्कृति का प्रतीक हैं। मगर ऐसे में पुलिस व समाज भी असहाय हो
जाता है जब होली खेलने वाले भिड़ जाते हैं यही हकीकत अटरू के चौथमाता मन्दिर के पीछे नजर आई जहाँ पुलिस ने धमाचौकड़ी कर रहे युवकों को पकड़कर थाने पहुंचाया।वहीँ कुंजेड क्षेत्र के सहरोद, जिरोद, रिछन्दा, किरपुरिया, चौथ्या में 4 मार्च 2026 को धुलेंडी का पर्व पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। सबसे पहले मायथा भेरू जी मंदिर में फाग के गीत गाए गए और गुलाल होली खेली गई। कस्बे में रंग-गुलाल से होली खेली गई, युवा डीजे की धुन पर थिरके और बड़ों ने एक-दूसरे से रामाश्यामी की। धुलेंडी के कारण चहल पहल बनी रही  भेरू मंदिर में ढोल और चंग के साथ पारंपरिक होली की शुरुआत की।लोगों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली मनाई।
युवकों की टोलियों ने डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए होली मनाई।
यह त्यौहार भाईचारे और उल्लास के साथ मनाया गया। इस प्रकार ही मोठपुर कस्बे में बुधवार को रंगों का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया गया। सुबह से ही लोगों ने टोलियां बनाकर एक दूसरे को रंग लगाया।
    user_Pradeep Sharma
    Pradeep Sharma
    पत्रकारिता अटरू, बारां, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • गुना जिले में शिवराज सिंह चोहान पूर्व मुख्यमंत्री के जन्म दिन पर प्रेम सेवा संकल्प दिवस के रूप में मामा के घर भोपाल पर मनाया गया इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा दिव्यांग जनों के पेर धोकर माला पहनाकर ट्राइसाइकिल वितरण की एक पोधा लगाया गया और निःशुल्क कोचिंग सेंटरो का प्रारंभ किया गया इस अवसर पर गुना के पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह सलूजा ,पूर्व जिला अध्यक्ष राधेश्याम पारीक अनिल भार्गव ,गोपाल साहू पार्षद ने शिवराज सिंह पर पुष्प वर्षा कर शाल श्रीफल तथा स्मृति चिह्न के रूप में सोटा भेट किया गया
    1
    गुना जिले में शिवराज सिंह चोहान पूर्व मुख्यमंत्री के जन्म दिन पर प्रेम सेवा संकल्प दिवस के रूप में मामा के घर भोपाल पर मनाया गया इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा दिव्यांग जनों के पेर धोकर माला पहनाकर ट्राइसाइकिल वितरण की एक पोधा लगाया गया और निःशुल्क कोचिंग सेंटरो का प्रारंभ किया गया इस अवसर पर गुना के पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह सलूजा ,पूर्व जिला अध्यक्ष राधेश्याम पारीक अनिल भार्गव ,गोपाल साहू पार्षद ने शिवराज सिंह  पर पुष्प वर्षा कर शाल श्रीफल तथा स्मृति चिह्न के रूप में सोटा भेट किया गया
    user_रणधीर चदेल
    रणधीर चदेल
    पत्रकार (फोटोग्राफर) गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    22 min ago
  • 🛑 शहर गुना के वार्ड नंबर 12 की समस्या ले रही है विकराल रूप बेजुबान डोग की समस्या बनी प्रशासन की बनी चुनौती आए दिन आ रही है डॉग बाइट की घटना सामने. वहीं दूसरे और बेजुबान की संख्या इतना ज्यादा हो गई है कि कहीं भी उनका आपस में लड़ते देखा जा सकता है जिससे आने वाले राहगीरों को निकालने में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है साथी लोगों की वस्तुओं को यह नुकसान पहुंचा रहे हैं
    1
    🛑 शहर गुना के वार्ड नंबर 12 की समस्या ले रही है विकराल रूप बेजुबान डोग की समस्या बनी प्रशासन की बनी चुनौती आए दिन आ रही है डॉग बाइट की  घटना सामने. वहीं दूसरे और बेजुबान की संख्या इतना ज्यादा हो गई है कि कहीं भी उनका आपस में लड़ते देखा जा सकता है जिससे आने वाले राहगीरों को निकालने में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है साथी लोगों की वस्तुओं को यह  नुकसान पहुंचा रहे हैं
    user_Shivkumar Jogi
    Shivkumar Jogi
    गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • ग्राम कवंल्दा में श्री राम उधान में भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ भव्य रामलीला का समापन, 'जय श्री राम' के नारों से गूंजा पंडाल ग्राम कवंल्दा दिनांक 4मार्च 2026को क्षेत्र में पिछले कई दिनों से चल रही भव्य रामलीला का कल देर रात भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक और भरत मिलाप के भावपूर्ण मंचन के साथ विधि-विधान से समापन हो गया। आयोजन के अंतिम दिन पंडाल दर्शकों की भारी भीड़ से खचाखच भरा रहा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। राजतिलक और उत्सव: रामलीला के अंतिम दिन कलाकारों द्वारा भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या आगमन का सुंदर दृश्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम का राज्याभिषेक किया गया। भरत मिलाप के मंचन के दौरान दर्शकों की आंखें नम हो गईं। भाई के प्रति प्रेम और त्याग के इस दृश्य ने सभी का मन मोह लिया। ग्राम कवंल्दा में भव्य श्री राम लीला महोत्सव हिन्दू संस्कृति एवं गौ रक्षा हेतु भारत का प्रसिद्ध श्री धर्म प्रचारक रामलीला मण्डल प्रयाग क्षेत्र के काशी बनारस के प्रसिद्ध कलाकारों कि प्रस्तुति श्री रामायण प्रचारक मण्डल वाराणसी द्वारा 10दिवसिय रामलीला का कार्यक्रम पूर्ण हुआ ग्राम पंचायत कवल्दां के सभी गांव कवंल्दा देदिया लाखा खेड़ी सेवनी का तन-मन-धन से सहयोग रहा है रामलीला मण्डल ने ग्राम कवल्दां क्षेत्र निवासियों का आभार व्यक्त किया जयश्री राम
    4
    ग्राम कवंल्दा में श्री राम उधान में भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ भव्य रामलीला का समापन, 'जय श्री राम' के नारों से गूंजा पंडाल 
ग्राम कवंल्दा दिनांक 4मार्च 2026को
क्षेत्र में पिछले कई दिनों से चल रही भव्य रामलीला का कल देर रात भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक और भरत मिलाप के भावपूर्ण मंचन के साथ विधि-विधान से समापन हो गया। आयोजन के अंतिम दिन पंडाल दर्शकों की भारी भीड़ से खचाखच भरा रहा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। 
राजतिलक और उत्सव: रामलीला के अंतिम दिन कलाकारों द्वारा भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या आगमन का सुंदर दृश्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम का राज्याभिषेक किया गया।
भरत मिलाप के मंचन के दौरान दर्शकों की आंखें नम हो गईं। भाई के प्रति प्रेम और त्याग के इस दृश्य ने सभी का मन मोह लिया।
ग्राम कवंल्दा में भव्य श्री राम लीला महोत्सव हिन्दू संस्कृति एवं गौ रक्षा हेतु भारत का प्रसिद्ध श्री धर्म प्रचारक रामलीला मण्डल प्रयाग क्षेत्र के काशी बनारस के प्रसिद्ध कलाकारों कि प्रस्तुति श्री रामायण प्रचारक मण्डल वाराणसी द्वारा  10दिवसिय  रामलीला का कार्यक्रम पूर्ण हुआ   
ग्राम पंचायत कवल्दां के सभी गांव  कवंल्दा देदिया लाखा खेड़ी सेवनी का तन-मन-धन से सहयोग रहा है  रामलीला मण्डल ने   ग्राम कवल्दां क्षेत्र निवासियों का आभार व्यक्त किया   
जयश्री राम
    user_अमृत गौड
    अमृत गौड
    Aluminium Window खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • Post by महेश मालवीय
    1
    Post by महेश मालवीय
    user_महेश मालवीय
    महेश मालवीय
    Fruit & Vegetable Trader मनोहर थाना, झालावाड़, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • *श्री खाटूश्याम निर्माणाधीन मन्दिर परिसर में 2 मार्च,2025 को मनाई गई पहली धुलेंडी।* छबड़ा:खाटूश्याम गो शाला समिति एवं श्री खाटूश्याम मन्दिर निर्माण समिति,भुवाखेड़ी के साधकों नें हर्षोल्लास के साथ होली के बाद आने वाला गरीब,मध्यम,अमीर लोगों के त्यौहार को हिलमिल कर मनाया गया।मन्दिर परिसर की साफ-सफाई कर मन्दिर समिति के अध्यक्ष की ओर से सबको गर्मागर्म पकौड़ों का प्रसाद और छाछ का प्रसाद वितरण किया गया।सभी होली खेलने वालों ने नृत्य और संगीत के साथ ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र,अमीरपुर खेड़ी,भुवाखेड़ी स्थित स्विमिंग पुल में स्नान कर ध्यान का अभ्यास किया गया।
    4
    *श्री खाटूश्याम निर्माणाधीन मन्दिर परिसर में 2 मार्च,2025 को मनाई गई पहली धुलेंडी।*
छबड़ा:खाटूश्याम गो शाला समिति एवं श्री खाटूश्याम मन्दिर निर्माण समिति,भुवाखेड़ी के साधकों नें हर्षोल्लास के साथ होली के बाद आने वाला गरीब,मध्यम,अमीर लोगों के त्यौहार को हिलमिल कर मनाया गया।मन्दिर परिसर की साफ-सफाई कर मन्दिर समिति के अध्यक्ष की ओर से सबको गर्मागर्म पकौड़ों का प्रसाद और छाछ का प्रसाद वितरण किया गया।सभी होली खेलने वालों ने नृत्य और संगीत के साथ ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र,अमीरपुर खेड़ी,भुवाखेड़ी स्थित स्विमिंग पुल में स्नान कर ध्यान का अभ्यास किया गया।
    user_Alakh Jyoti Yog Present
    Alakh Jyoti Yog Present
    Yoga instructor Chhabra, Baran•
    22 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.