सरदारशहर गिनाणी बना ‘बीमारी का अड्डा गंदगी, मच्छरों और डेंगू के साए में जीने को मजबूर लोग, प्रशासन के खिलाफ भड़का जनाक्रोशः शहर के वार्ड नंबर 10 प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर गिनाणी बना ‘बीमारी का अड्डा गंदगी, मच्छरों और डेंगू के साए में जीने को मजबूर लोग, प्रशासन के खिलाफ भड़का जनाक्रोशः शहर के वार्ड नंबर 10 गिनाणी बास के हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं। भाजपा की डबल इंजन सरकार के बावजूद स्थानीय प्रशासन की लापरवाही अब खुलकर सामने आ रही है। क्षेत्र में फैली गंदगी, भयंकर बदबू, मच्छरों का आतंक और बढ़ते डेंगू के खतरे ने वार्डवासियों की जिंदगी को संकट में डाल दिया है। इन समस्याओं के विरोध में आज वार्डवासियों ने विकास मंच अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया। मोहल्लेवासियों ने कहा ना जी पा रहे हैं, ना मर पा रहे हैं”छलका लोगों का दर्द प्रदर्शन के दौरान स्थानीय निवासियों ने बताया कि नगर परिषद द्वारा लंबे समय से गिनाणी क्षेत्र की सफाई नहीं करवाई गई है। जगह-जगह गंदा पानी जमा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है और डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। लोगों का कहना है कि वे लगातार बीमारी के डर में जी रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोगों ने सरकार से इच्छा मृत्यु तक की मांग कर डाली हमारी हालत ऐसी हो गई है कि ना तो हम यहां ठीक से जी पा रहे हैं और ना ही इस समस्या से छुटकारा मिल रहा है निरीक्षण में सामने आई भयावह सच्चाई विकास मंच अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपुरोहित ने मौके का निरीक्षण कर हालात को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि गिनाणी के पास खड़ा होना तक मुश्किल है, क्योंकि वहां से उठने वाली बदबू और मच्छरों का आतंक असहनीय है यहां की स्थिति इतनी खराब है कि कुछ देर खड़े रहने पर ही व्यक्ति बीमार पड़ सकता है। डेंगू फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है उन्होंने बताया कि मोहल्लेवासियों ने उन्हें कई दस्तावेज सौंपे हैं, जिससे साफ है कि लोगों ने हर स्तर पर गुहार लगाई, लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। चारों ओर गंदगी, बदहाल व्यवस्थाएं उजागरः मौके पर चारों तरफ गंदगी का अंबार देखने को मिला। गिनाणी क्षेत्र में लगी स्ट्रीट लाइटों पर लंबी-लंबी बेलें उग चुकी हैं, जिससे रोशनी भी बाधित हो रही है। लाखों रुपये की लागत से लगाए गए जनरेटर और मशीनें भी रखरखाव के अभाव में खराब हालत में पड़ी हैं। सरकारी संसाधनों की इस अनदेखी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन को दी कड़ी चेतावनी राजपुरोहित ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे नगर परिषद परिसर में 24 घंटे का धरना देंगे और वहां बैठकर रामायण का पाठ करेंगे, ताकि अधिकारियों को सद्बुद्धि मिल सके। अगर अधिकारियों को यहां एक घंटे बैठा दिया जाए तो बदबू से ही बेहोश हो जाएंगे। जनता के पैसे से वेतन लेने वाले अधिकारियों को शर्म आनी चाहिए।” स्वास्थ्य संकट में तब्दील होती समस्याः गिनाणी बास की समस्या अब केवल सफाई तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुकी है। डेंगू के खतरे और लगातार प्रशासनिक अनदेखी के कारण लोगों में भारी आक्रोश है। यदि समय रहते सफाई, फॉगिंग और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो यह स्थिति और भयावह हो सकती है और बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है। अब बड़ा सवाल: क्या प्रशासन समय रहते जागेगा या फिर गिनाणी बास के लोगों को इसी बदहाल हालात में जीने के लिए मजबूर रहना पड़ेगा?
सरदारशहर गिनाणी बना ‘बीमारी का अड्डा गंदगी, मच्छरों और डेंगू के साए में जीने को मजबूर लोग, प्रशासन के खिलाफ भड़का जनाक्रोशः शहर के वार्ड नंबर 10 प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर गिनाणी बना ‘बीमारी का अड्डा गंदगी, मच्छरों और डेंगू के साए में जीने को मजबूर लोग, प्रशासन के खिलाफ भड़का जनाक्रोशः शहर के वार्ड नंबर 10 गिनाणी बास के हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं। भाजपा की डबल इंजन सरकार के बावजूद स्थानीय प्रशासन की लापरवाही अब खुलकर सामने आ रही है। क्षेत्र में फैली गंदगी, भयंकर बदबू, मच्छरों का आतंक और बढ़ते डेंगू के खतरे ने वार्डवासियों की जिंदगी को संकट में डाल दिया है। इन समस्याओं के विरोध में आज वार्डवासियों ने विकास मंच अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया। मोहल्लेवासियों ने कहा ना जी पा रहे हैं, ना मर पा रहे हैं”छलका लोगों का दर्द प्रदर्शन के
दौरान स्थानीय निवासियों ने बताया कि नगर परिषद द्वारा लंबे समय से गिनाणी क्षेत्र की सफाई नहीं करवाई गई है। जगह-जगह गंदा पानी जमा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है और डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। लोगों का कहना है कि वे लगातार बीमारी के डर में जी रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोगों ने सरकार से इच्छा मृत्यु तक की मांग कर डाली हमारी हालत ऐसी हो गई है कि ना तो हम यहां ठीक से जी पा रहे हैं और ना ही इस समस्या से छुटकारा मिल रहा है निरीक्षण में सामने आई भयावह सच्चाई विकास मंच अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपुरोहित ने मौके का निरीक्षण कर हालात को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि गिनाणी के पास खड़ा होना तक मुश्किल है, क्योंकि वहां से
उठने वाली बदबू और मच्छरों का आतंक असहनीय है यहां की स्थिति इतनी खराब है कि कुछ देर खड़े रहने पर ही व्यक्ति बीमार पड़ सकता है। डेंगू फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है उन्होंने बताया कि मोहल्लेवासियों ने उन्हें कई दस्तावेज सौंपे हैं, जिससे साफ है कि लोगों ने हर स्तर पर गुहार लगाई, लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। चारों ओर गंदगी, बदहाल व्यवस्थाएं उजागरः मौके पर चारों तरफ गंदगी का अंबार देखने को मिला। गिनाणी क्षेत्र में लगी स्ट्रीट लाइटों पर लंबी-लंबी बेलें उग चुकी हैं, जिससे रोशनी भी बाधित हो रही है। लाखों रुपये की लागत से लगाए गए जनरेटर और मशीनें भी रखरखाव के अभाव में खराब हालत में पड़ी हैं। सरकारी संसाधनों की इस अनदेखी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन को दी कड़ी चेतावनी राजपुरोहित ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान
नहीं हुआ तो वे नगर परिषद परिसर में 24 घंटे का धरना देंगे और वहां बैठकर रामायण का पाठ करेंगे, ताकि अधिकारियों को सद्बुद्धि मिल सके। अगर अधिकारियों को यहां एक घंटे बैठा दिया जाए तो बदबू से ही बेहोश हो जाएंगे। जनता के पैसे से वेतन लेने वाले अधिकारियों को शर्म आनी चाहिए।” स्वास्थ्य संकट में तब्दील होती समस्याः गिनाणी बास की समस्या अब केवल सफाई तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुकी है। डेंगू के खतरे और लगातार प्रशासनिक अनदेखी के कारण लोगों में भारी आक्रोश है। यदि समय रहते सफाई, फॉगिंग और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो यह स्थिति और भयावह हो सकती है और बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है। अब बड़ा सवाल: क्या प्रशासन समय रहते जागेगा या फिर गिनाणी बास के लोगों को इसी बदहाल हालात में जीने के लिए मजबूर रहना पड़ेगा?
- प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर गिनाणी बना ‘बीमारी का अड्डा गंदगी, मच्छरों और डेंगू के साए में जीने को मजबूर लोग, प्रशासन के खिलाफ भड़का जनाक्रोशः शहर के वार्ड नंबर 10 गिनाणी बास के हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं। भाजपा की डबल इंजन सरकार के बावजूद स्थानीय प्रशासन की लापरवाही अब खुलकर सामने आ रही है। क्षेत्र में फैली गंदगी, भयंकर बदबू, मच्छरों का आतंक और बढ़ते डेंगू के खतरे ने वार्डवासियों की जिंदगी को संकट में डाल दिया है। इन समस्याओं के विरोध में आज वार्डवासियों ने विकास मंच अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया। मोहल्लेवासियों ने कहा ना जी पा रहे हैं, ना मर पा रहे हैं”छलका लोगों का दर्द प्रदर्शन के दौरान स्थानीय निवासियों ने बताया कि नगर परिषद द्वारा लंबे समय से गिनाणी क्षेत्र की सफाई नहीं करवाई गई है। जगह-जगह गंदा पानी जमा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है और डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। लोगों का कहना है कि वे लगातार बीमारी के डर में जी रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोगों ने सरकार से इच्छा मृत्यु तक की मांग कर डाली हमारी हालत ऐसी हो गई है कि ना तो हम यहां ठीक से जी पा रहे हैं और ना ही इस समस्या से छुटकारा मिल रहा है निरीक्षण में सामने आई भयावह सच्चाई विकास मंच अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपुरोहित ने मौके का निरीक्षण कर हालात को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि गिनाणी के पास खड़ा होना तक मुश्किल है, क्योंकि वहां से उठने वाली बदबू और मच्छरों का आतंक असहनीय है यहां की स्थिति इतनी खराब है कि कुछ देर खड़े रहने पर ही व्यक्ति बीमार पड़ सकता है। डेंगू फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है उन्होंने बताया कि मोहल्लेवासियों ने उन्हें कई दस्तावेज सौंपे हैं, जिससे साफ है कि लोगों ने हर स्तर पर गुहार लगाई, लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। चारों ओर गंदगी, बदहाल व्यवस्थाएं उजागरः मौके पर चारों तरफ गंदगी का अंबार देखने को मिला। गिनाणी क्षेत्र में लगी स्ट्रीट लाइटों पर लंबी-लंबी बेलें उग चुकी हैं, जिससे रोशनी भी बाधित हो रही है। लाखों रुपये की लागत से लगाए गए जनरेटर और मशीनें भी रखरखाव के अभाव में खराब हालत में पड़ी हैं। सरकारी संसाधनों की इस अनदेखी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन को दी कड़ी चेतावनी राजपुरोहित ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे नगर परिषद परिसर में 24 घंटे का धरना देंगे और वहां बैठकर रामायण का पाठ करेंगे, ताकि अधिकारियों को सद्बुद्धि मिल सके। अगर अधिकारियों को यहां एक घंटे बैठा दिया जाए तो बदबू से ही बेहोश हो जाएंगे। जनता के पैसे से वेतन लेने वाले अधिकारियों को शर्म आनी चाहिए।” स्वास्थ्य संकट में तब्दील होती समस्याः गिनाणी बास की समस्या अब केवल सफाई तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुकी है। डेंगू के खतरे और लगातार प्रशासनिक अनदेखी के कारण लोगों में भारी आक्रोश है। यदि समय रहते सफाई, फॉगिंग और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो यह स्थिति और भयावह हो सकती है और बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है। अब बड़ा सवाल: क्या प्रशासन समय रहते जागेगा या फिर गिनाणी बास के लोगों को इसी बदहाल हालात में जीने के लिए मजबूर रहना पड़ेगा?4
- हाईवे पर मधुमक्खियां के हमले में कार सवार पति-पत्नी व एक बाइक सवार इनके चपेट में आ गया।इस घटना से अफरा तफरी मच गई तथा एक पिकअप ड्राइवर ने होसला दिखाते हुए तिरपाल डालकर तीनों लोगों की जान बचाई और एंबुलेंस को सूचना दी इसके बाद मौके पर पहुंची एंबुलेंस द्वारा इनका रेस्क्यू क्यों किया गया।1
- झुंझुनू जिले के पुलिस थाना सूरजगढ़ ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले दो वर्षों से फरार चल रहे गांजा सप्लाई के आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशा तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय देवेन्द्र सिंह राजावत (आरपीएस) के मार्गदर्शन तथा वृताधिकारी चिडावा विकास धींधवाल (आरपीएस) के सुपरविजन में थाना सूरजगढ़ के थानाधिकारी रणजीत सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था। गठित टीम ने लगातार सूचना संकलन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 20 मार्च 2024 को थाना पिलानी पुलिस द्वारा गश्त के दौरान आरोपी सोहिल अली निवासी सुल्ताना को ग्राम देवरोड क्षेत्र से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 5 किलो अवैध गांजा तथा मोटरसाइकिल जब्त की गई थी। इस संबंध में थाना पिलानी में मामला दर्ज किया गया था, जिसकी आगे की जांच थाना सूरजगढ़ द्वारा की जा रही थी। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी सोहिल अली ने बताया कि वह गांजा मोहम्मद सलीम उर्फ धोलू कलाल से खरीदकर सप्लाई करता था। इसके बाद मुख्य सप्लायर मोहम्मद सलीम उर्फ धोलू कलाल की तलाश शुरू की गई, जो पिछले दो वर्षों से फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए उसे जयपुर से दस्तयाब कर गिरफ्तार किया और न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद सलीम उर्फ धोलू कलाल (33) निवासी वार्ड नंबर 8, सुल्ताना थाना सुल्ताना का रहने वाला है। कार्रवाई में पुलिस थाना सूरजगढ़ की टीम के अधिकारियों एवं जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- झुंझुनूं जिले के धनूरी थाना क्षेत्र के कोलिंडा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका के पीहर पक्ष ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। जानकारी के अनुसार, 24 वर्षीय सबीना उर्फ सोनू पुत्री सलेमुद्दीन का निकाह करीब ढाई वर्ष पहले कोलिंडा निवासी इकरार खान के साथ हुआ था। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। बताया जा रहा है कि मृतका का पति इकरार खान भारतीय सेना की 16 ग्रेनेडियर्स यूनिट में तैनात है और हाल ही में छुट्टी पर घर आया हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मलसीसर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया। पुलिस ने पीहर पक्ष की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रविवार सुबह करीब 10 बजजे मिली जानकारी के अनुसार पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे।1
- Post by @nilesh Verma-19971
- 🕉️🚩गणपति संकट मोचन 151 🚩 विघ्नहर्ता की छत्रछाया में। ✨ सफ़र की शुरुआत, बप्पा के नाम के साथ। रक्षक: संकट मोचन 151। 🔱 ⛳🙋🙏💐🇮🇳🌏1
- भारत का थार रेगिस्तान अब तेल उगलने लगा है, ईरान ने अमेरिका और इजरायल से लड़ाई के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता बंद कर दिया है। इस जलमार्ग से होकर दुनियाभर का करीब 20 फीसद तेल गुजरता है। ईरान की पाबंदियों की वजह से तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है। ईरान इस जलमार्ग से भारतीय जहाजों को निकलने दे रहा है। लेकिन युद्ध की वजह से जहाजों के भारत तक पहुंचने में समय लग रहा है। लेकिन भारत ने इस तेल संकट से निकलने का रास्ता भी ढूंढ लिया है। भारत का थार रेगिस्तान इस युद्ध में भारत के लिए रामबाण का काम कर रहा है। *भारत की ताकत बना थार रेगिस्तान* गैस संकट का असर केवल भारत पर ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका से लेकर ब्रिटेन और वियतनाम भी देखने को मिल रहा है। दुनियाभर के कई देश तेल की कमी से जूझ रहे हैं, लेकिन ऐसे समय में भारत की ताकत के तौर पर 'थार रेगिस्तान (Thar Desert)' सामने आ रहा है। भारत के राजस्थान राज्य में मौजूद थार रेगिस्तान के ऑयल फील्ड से कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाया गया है। वेस्ट एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (Oil India Limited) ने कच्चे तेल के उत्पादन में भारी इजाफा किया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, जोधपुर बलुआ पत्थर संरचना से जहां पहले एक दिन में 705 बैरल क्रूड ऑयल का प्रोडक्शन हो रहा है, वहीं मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध के बीच 1,202 बैरल क्रूड ऑयल प्रतिदिन निकाला जा रहा है। देखा जाए तो भारत में ऊर्जा संकट के बीच ऑयल इंडिया ने क्रूड ऑयल के प्रोडक्शन को करीब 70 फीसद तक बढ़ा दिया है। *गुजरात की ऑयल रिफाइनरी में जाता है कच्चा तेल* ऑयल इंडिया लिमिटेड इस कच्चे तेल को जेसलमेर के बाघेवाला तेल क्षेत्र से गुजरात के मेहसाणा में स्थित ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) प्लांट्स में पहुंचाती है। इसके बाद कच्चे तेल को पाइपलाइन के जरिए कोयली रिफाइनरी तक भेजा जाता है। ऑयल इंडिया ने पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 32,787 मीट्रिक टन कच्चे तेल का उत्पादन किया था, वहीं इस वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 43,773 मीट्रिक टन तेल का उत्पादन किया है।1
- स्कूल का शानदार परिणाम रहने पर सरकारी स्कूल के बच्चों द्वारा भव्य विजय रैली का आयोजन किया गया जिसमें श्री डूंगरगढ़ के तोलियासर गांव में स्कूली छात्रों व शिक्षकों द्वारा रैली निकाली गई।1