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भीषण गर्मी के बीच हुई तेज आंधी पानी के कारण डाल्टनगंज लातेहार मुख्य मार्ग कई जगह पेड़ गिरने के कारण कोई बाधित भीषण गर्मी के बीच हुई तेज आंधी पानी के कारण डाल्टनगंज लातेहार मुख्य मार्ग कई जगह पेड़ गिरने के कारण कोई बाधित
Manoj dutt dev
भीषण गर्मी के बीच हुई तेज आंधी पानी के कारण डाल्टनगंज लातेहार मुख्य मार्ग कई जगह पेड़ गिरने के कारण कोई बाधित भीषण गर्मी के बीच हुई तेज आंधी पानी के कारण डाल्टनगंज लातेहार मुख्य मार्ग कई जगह पेड़ गिरने के कारण कोई बाधित
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- लातेहार। हजारीबाग में एक पत्रकार के साथ हुई मारपीट की घटना पर लातेहार प्रेस क्लब के पत्रकारों ने काला बिला लगाकर विरोध किया। उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। गुरुवार को पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।1
- भीषण गर्मी के बीच हुई तेज आंधी पानी के कारण डाल्टनगंज लातेहार मुख्य मार्ग कई जगह पेड़ गिरने के कारण कोई बाधित1
- 1 से 15 मई तक पानी कनेक्शन निःशुल्क देने का निर्णय लातेहार। भीषण गर्मी और बढ़ते जल संकट को देखते हुए नगर क्षेत्र के लोगों को राहत देने के उद्देश्य से नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह की अध्यक्षता में वार्ड पार्षदों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी 1 मई से 15 मई तक नगर पंचायत क्षेत्र के इच्छुक परिवारों को पानी का नया कनेक्शन निःशुल्क प्रदान किया जाएगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य उन घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, जहां अब तक पानी की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। बैठक के दौरान अध्यक्ष महेश सिंह ने कहा कि लगातार बढ़ते तापमान के कारण लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कई वार्डों से पेयजल संकट की शिकायतें मिल रही थीं, जिसे गंभीरता से लेते हुए यह जनहितकारी निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में जो भी परिवार पानी का कनेक्शन लेना चाहेंगे, उनसे किसी प्रकार का कनेक्शन शुल्क नहीं लिया जाएगा। केवल आवश्यक दस्तावेज जमा कर आवेदन करना होगा। मौके पर नगर उपाध्यक्ष राजीव रंजन कुमार एवं सभी वार्ड के वार्ड सदस्य मौजूद रहे। वार्ड पार्षदों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। गर्मी के दिनों में पानी की उपलब्धता सबसे बड़ी आवश्यकता होती है, ऐसे में यह निर्णय आम जनता के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि संबंधित वार्डों में इस योजना की जानकारी व्यापक रूप से प्रचारित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। नगर पंचायत प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं। साथ ही यह भी कहा गया कि पेयजल का उपयोग आवश्यकतानुसार और जिम्मेदारी के साथ करें, ताकि सभी को पर्याप्त पानी मिल सके। इस निर्णय से नगर क्षेत्र में जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है।3
- Post by Shamsher Alam1
- Post by MUKESH NATH3
- Post by AAM JANATA1
- मदरसा चौक पर बदला मौसम का मिजाज: काले बादलों ने डेरा डाला, झमाझम बारिश के आसार मदरसा चौक (स्थानीय रिपोर्टर): आज दोपहर बाद मदरसा चौक और इसके आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली है। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बाद आसमान में उमड़ते काले बादलों को देखकर स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिल1
- महुआडांड़ प्रखंड में जेएसएलपीएस के तहत धान खरीद प्रक्रिया अब खुले घोटाले की शक्ल लेती दिख रही है। सरकारी नियमों को दरकिनार कर जिस तरह से किसानों की जगह बाजार से धान खरीद कर फाइलें भरी गईं, उसने पूरे सिस्टम की नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।सूत्रों के मुताबिक, जिले से 700 टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया गया था। लेकिन हकीकत चौंकाने वाली है — जमीनी स्तर पर महज 50 से 55 टन धान की खरीद हुई। और सबसे गंभीर आरोप यह कि यह खरीद किसानों से नहीं, बल्कि बाजार से की गई। यानी योजना किसानों के लिए थी, लेकिन फायदा कहीं और पहुंच गया।ग्रामीणों का कहना है कि कम खरीद को छुपाने के लिए रजिस्टर में आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर दर्ज किया गया। सीधे शब्दों में कहें तो कागजों में “रिकॉर्ड खरीद”, जमीनी हकीकत में “फर्जीवाड़ा”। यह मामला सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि संगठित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।मामला यहीं खत्म नहीं होता। बीज और खाद वितरण में भी भारी गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सामान प्रखंड तक तो पहुंचा, लेकिन किसानों तक नहीं। आरोप है कि विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से यह सामग्री बाजारों में बेच दी गई, जिससे असली लाभार्थी किसान वंचित रह गए।किसानों में गुस्सा साफ है। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार योजनाओं के जरिए उन्हें सशक्त बनाने की बात करती है, दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर उन्हीं योजनाओं को लूट का जरिया बना दिया गया है।ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।1