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पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रशांत किशोर की साथ के वीडियो हो रही वायरल
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पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रशांत किशोर की साथ के वीडियो हो रही वायरल
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- मोकामा रेफरल अस्पताल बदहाल, डॉ से लेकर मरीज तक डर के साये में, कई बार हो चूका हादसा बिहार सरकार चाहे जीतने दावे करे, लेकिन बिहार के सरकारी अस्पताल अस्पताल कम और पोस्टमार्टम हाउस अधिक नजर आते हैं, स्थिति यह है की छत की परतें टूट टूटकर कभी मरीज पर गिर रही है तो कभी डॉक्टर पर, कभी छज्जा टूटकर मरीज पर गिर रहा है। स्वास्थ्य विभाग के सारे दावे खोखले साबित हो रहे हैं, मरीज डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी जान हथेली पर रखकर ईलाज करने और करवाने में लगे हैं। मामला मोकामा के रेफरल अस्पताल का है, जो बिल्कुल ही जर्जर हो चूका है, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ वैद्यनाथ कुमार ने बताया की वे जर्जर भवन की स्थिति से अधिकारीयों को एक साल पहले ही तब अवगत कराये थे ज़ब एक मुखिया जी के परिजन यहाँ दिखाने आये थे और उनपर छज्जा टूटकर गिर पड़ा था, इसके बाद भी आये दिन छत का प्लास्टर टूट टूटकर किसी ना किसी पर गिरता रहता है, एक एक्स रे टेक्निशियन भी हाल में जख़्मी हो गया, कई बार अधिकारीयों को बोला गया लेकिन अबतक ध्यान नहीं दिया गया। बारिश होते ही स्थिति और बदतर हो जाती है, हर जगह से छत टपकने लगता है, पानी सीढ़ियों से होकर ओपीडी से लेकर वार्ड तक में फ़ैल जाता है। तस्वीरें भी बता रही हैं कि रेफरल अस्पताल सिर्फ नाम का रहा गया है, यहाँ आने वाला मरीज को ठीक होने के बजाय जख़्मी होकर रेफर करने के अलावा दूसरा रास्ता नजर नहीं आता, अस्पताल की दयनीय स्थिति से लोगों में काफ़ी आक्रोश देखने को मिल रहा है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ वैद्यनाथ कुमार ने कहा कि वेटिंग एरिया में आज छत से पानी टपक रहा था इस अस्पताल में कई बार छज्जा या छत का प्लास्टर टूट कर गिर चुका है और लोग जख्मी भी हुए हैं। वेटिंग एरिया में लोग हमेशा बैठे हुए रहते हैं वहां कभी भी प्लास्टर टूट कर गिर सकता है। उन्होंने भवन निर्माण विभाग को इसकी सूचना दी थी लेकिन अब तक कोई भी मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। पिछले दो साल से यह समस्या हो रही है, इलाज कराने आए किसी के सिर पर तो किसी के पैर पर प्लास्टर गिरा है इससे एक व्यक्ति का पैर भी टूट गया था। यहां आए दिन हादसा हो रहा है। एक्स रे टेक्निशियन ने कहा कि यहां आए दिन छत का प्लास्टर टूट कर गिरता है, एक बार उनके सिर पर भी गिर चुका है जिससे उनका सिर फूट गया था। यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।1
- पंडारक की दो पंचायतों में लगा सहयोग शिविर, भूमि विवाद, बिजली और राशन कार्ड से जुड़े आवेदन सबसे अधिक1
- क्या 2 साल तक सैकड़ों आवेदन देने के बाद भी नहीं सुनी गई एक गांव की आवाज़? पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल के मसत्थु गांव की समस्याओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। गांव के मूल निवासी अजीत शर्मा का कहना है कि उन्होंने पिछले दो वर्षों में मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और कई प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार आवेदन और ई-मेल भेजकर गांव की समस्याओं के समाधान की मांग की। उनके अनुसार, अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। 📌 आवेदन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे: ✔️ अधूरा सड़क निर्माण कार्य ✔️ सरकारी गैर-मजरूआ भूमि पर कथित अतिक्रमण ✔️ शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव ✔️ गांव का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग अब सवाल यह है—क्या मसत्थु गांव के लोगों को उनका अधिकार और विकास मिलेगा? 💬 आपकी क्या राय है? अपनी प्रतिक्रिया कमेंट में जरूर लिखें और इस मुद्दे को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए पोस्ट शेयर करें। नोट: यह पोस्ट आवेदन-पत्र में किए गए दावों पर आधारित है। संबंधित प्रशासन का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।1
- पटोरी के बीबीआर एजुकेशन में बच्चों का भविष्य सुरक्षित, रिटायर्ड सरकारी शिक्षक ने संभाली पटोरी के बीबीआर एजुकेशन में बच्चों का भविष्य सुरक्षित, रिटायर्ड सरकारी शिक्षक ने संभाली कमानपटोरी। शिक्षा के क्षेत्र में सही मार्गदर्शन और अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता। इसे सच कर दिखाया है पटोरी स्थित बीबीआर एजुकेशन कोचिंग संस्थान ने। सरकारी शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद, बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के संकल्प के साथ इस संस्थान की शुरुआत की गई है। इस कोचिंग के संस्थापक और संचालक खुद एक अनुभवी रिटायर्ड सरकारी शिक्षक हैं, जिनके मार्गदर्शन में पढ़कर आज कई छात्र ऊंचे मुकाम पर हैं।सफलताओं का शानदार इतिहाससंस्थान के ट्रैक रिकॉर्ड की बात करें तो यहाँ के पढ़े हुए बच्चे लगातार परीक्षाओं में टॉप करते आ रहे हैं। इतना ही नहीं, पूर्व में यहाँ से शिक्षा प्राप्त कर चुके कई छात्र आज देश के विभिन्न प्रतिष्ठित और अच्छे सरकारी पदों पर कार्यरत हैं। अनुभवी शिक्षक का सीधा मार्गदर्शन ही यहाँ के बच्चों की सबसे बड़ी ताकत है।शिक्षा से जुड़ा है पूरा परिवारइस संस्थान की सबसे खास बात यह है कि इसका पूरा परिवार ही देश की सेवा और शिक्षा जगत से जुड़ा हुआ है। संचालक के बच्चे खुद भी उच्च पदों पर देश का मान बढ़ा रहे हैं:एक बेटा: केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।दूसरा बेटा: रेलवे मेल सर्विस (RMS) में कार्यरत होकर देश की सेवा कर रहे हैं।बेटी: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) पास करके +2 (प्लस टू) शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।अनुभव और संस्कार का संगमएक ऐसा परिवार जहां खुद सफलता की कहानियां मौजूद हैं, वहां पढ़ रहे बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। रिटायर्ड होने के बाद भी शिक्षा की इस अलख को जगाए रखना पटोरी और आस-पास के छात्रों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो रहा है।4
- सेल्फी लेने में प्रिंस कुमार की हुई मौत मामले में FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य । पिता ने आरोपितों पर कार्रवाई करने की पुलिस से लगाई गुहार , पुलिस ने कही साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई । जी हां यह घटना बीते दिनों समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के मदुदाबाद पंचायत अंतर्गत अंदौर गांव के समीप गोपालिया घाट की है, जहां 31 जुलाई को बाया नदी के किनारे कुछ इंजीनियरिंग छात्रों के द्वारा सेल्फी लिया जा रहा था, उसी सेल्फी लेने के क्रम में एक इंजीनियरिंग छात्र प्रिंस कुमार यादव को नदी में डूबने से मौत हो गई थी, आज उसी मामले में पुलिस ने जांच तेज करते हुए एसआई राम कुमार की मौजूदगी में एफएसएल की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र करते हुए दिखे गए । इस दौरान मृतक के पिता विपिन राय समेत स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। इधर, मृतक के पिता विपिन राय ने जनप्रतिनिधियों के साथ मोहिउद्दीननगर थानाध्यक्ष सचिन कुमार से मुलाकात कर दर्ज प्राथमिकी में नामजद आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई करने की की मांग की है। मृतक के पिता का यह आरोप है कि इस मामले में अपेक्षित पुलिस सहयोग उन्हें नहीं मिल रहा है । और कार्रवाई में देरी की जा रही है। उन्होंने पुलिस से घटना की गहराई से जांच कर अपने पुत्र की मौत की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने की मांग की है। इस मामले में थाना कांड संख्या 214/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर छह छात्रों के ऊपर नामजद किया जा चुका है, जबकि तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद छह छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। पूछताछ के दौरान उनके चार मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किए हैं। पुलिस इन मोबाइल फोन से तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। साथ ही घटनास्थल से एफएसएल टीम द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। वहीं, थानाध्यक्ष सचिन कुमार ने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस विधि-सम्मत तरीके से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रिंस कुमार की मौत से जुड़े सभी पहलु बिंदुओं पर पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। अनुसंधान के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना स्थल पर मौजूद मृतक के पिता ने कानूनी कार्रवाई को लेकर क्या कुछ कहा देखें इस खास रिपोर्ट में।1
- बाढ़ सिविल कोर्ट परिसर के पास दिनदहाड़े बाइक चोरी, थाने में शिकायत दर्ज बाढ़: बाढ़ थाना क्षेत्र स्थित व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) परिसर के गेट संख्या-2 के पास से दिनदहाड़े एक मोटरसाइकिल चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित दाहौर निवासी अंजनी कुमार ने बाढ़ थाना में लिखित आवेदन देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार, वह किसी कार्य से सिविल कोर्ट पहुंचे थे और अपनी मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन संख्या BR01FJ3878) गेट संख्या-2 के पास खड़ी कर अधिवक्ता रमाकांत प्रसाद सिंह से मिलने चले गए। कुछ देर बाद लौटने पर बाइक अपने स्थान से गायब मिली। काफी खोजबीन के बाद भी बाइक का कोई पता नहीं चलने पर उन्होंने बाढ़ थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने पुलिस से जल्द बाइक बरामद करने और चोरी में शामिल अज्ञात अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- पंडारक की दो पंचायतों में लगा सहयोग शिविर, भूमि विवाद, बिजली और राशन कार्ड से जुड़े आवेदन सबसे अधिक1
- मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र में नदी किनारे सेल्फी लेने में प्रिंस कुमार के साथ हुई घटना मामले में FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य । सेल्फी लेने में प्रिंस कुमार की हुई मौत मामले में FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य । पिता ने आरोपितों पर कार्रवाई करने की पुलिस से लगाई गुहार , पुलिस ने कही साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई । जी हां यह घटना बीते दिनों समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के मदुदाबाद पंचायत अंतर्गत अंदौर गांव के समीप गोपालिया घाट की है, जहां 31 जुलाई को बाया नदी के किनारे कुछ इंजीनियरिंग छात्रों के द्वारा सेल्फी लिया जा रहा था, उसी सेल्फी लेने के क्रम में एक इंजीनियरिंग छात्र प्रिंस कुमार यादव को नदी में डूबने से मौत हो गई थी, आज उसी मामले में पुलिस ने जांच तेज करते हुए एसआई राम कुमार की मौजूदगी में एफएसएल की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र करते हुए दिखे गए । इस दौरान मृतक के पिता विपिन राय समेत स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। इधर, मृतक के पिता विपिन राय ने जनप्रतिनिधियों के साथ मोहिउद्दीननगर थानाध्यक्ष सचिन कुमार से मुलाकात कर दर्ज प्राथमिकी में नामजद आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई करने की की मांग की है। मृतक के पिता का यह आरोप है कि इस मामले में अपेक्षित पुलिस सहयोग उन्हें नहीं मिल रहा है । और कार्रवाई में देरी की जा रही है। उन्होंने पुलिस से घटना की गहराई से जांच कर अपने पुत्र की मौत की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने की मांग की है। इस मामले में थाना कांड संख्या 214/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर छह छात्रों के ऊपर नामजद किया जा चुका है, जबकि तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद छह छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। पूछताछ के दौरान उनके चार मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किए हैं। पुलिस इन मोबाइल फोन से तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। साथ ही घटनास्थल से एफएसएल टीम द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। वहीं, थानाध्यक्ष सचिन कुमार ने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस विधि-सम्मत तरीके से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रिंस कुमार की मौत से जुड़े सभी पहलु बिंदुओं पर पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। अनुसंधान के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना स्थल पर मौजूद मृतक के पिता ने कानूनी कार्रवाई को लेकर क्या कुछ कहा देखें इस खास रिपोर्ट में।1