बाढ़ सिविल कोर्ट परिसर के पास दिनदहाड़े बाइक चोरी, थाने में शिकायत दर्ज बाढ़: बाढ़ थाना क्षेत्र स्थित व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) परिसर के गेट संख्या-2 के पास से दिनदहाड़े एक मोटरसाइकिल चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित दाहौर निवासी अंजनी कुमार ने बाढ़ थाना में लिखित आवेदन देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार, वह किसी कार्य से सिविल कोर्ट पहुंचे थे और अपनी मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन संख्या BR01FJ3878) गेट संख्या-2 के पास खड़ी कर अधिवक्ता रमाकांत प्रसाद सिंह से मिलने चले गए। कुछ देर बाद लौटने पर बाइक अपने स्थान से गायब मिली। काफी खोजबीन के बाद भी बाइक का कोई पता नहीं चलने पर उन्होंने बाढ़ थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने पुलिस से जल्द बाइक बरामद करने और चोरी में शामिल अज्ञात अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बाढ़ सिविल कोर्ट परिसर के पास दिनदहाड़े बाइक चोरी, थाने में शिकायत दर्ज बाढ़: बाढ़ थाना क्षेत्र स्थित व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) परिसर के गेट संख्या-2 के पास से दिनदहाड़े एक मोटरसाइकिल चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित दाहौर निवासी अंजनी कुमार ने बाढ़ थाना में लिखित आवेदन देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार, वह किसी कार्य से सिविल कोर्ट पहुंचे थे और अपनी मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन संख्या BR01FJ3878) गेट संख्या-2 के पास खड़ी कर अधिवक्ता रमाकांत प्रसाद सिंह से मिलने चले गए। कुछ देर बाद लौटने पर बाइक अपने स्थान से गायब मिली। काफी खोजबीन के बाद भी बाइक का कोई पता नहीं चलने पर उन्होंने बाढ़ थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने पुलिस से जल्द बाइक बरामद करने और चोरी में शामिल अज्ञात अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
- बाढ़ सिविल कोर्ट परिसर के पास दिनदहाड़े बाइक चोरी, थाने में शिकायत दर्ज बाढ़: बाढ़ थाना क्षेत्र स्थित व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) परिसर के गेट संख्या-2 के पास से दिनदहाड़े एक मोटरसाइकिल चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित दाहौर निवासी अंजनी कुमार ने बाढ़ थाना में लिखित आवेदन देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार, वह किसी कार्य से सिविल कोर्ट पहुंचे थे और अपनी मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन संख्या BR01FJ3878) गेट संख्या-2 के पास खड़ी कर अधिवक्ता रमाकांत प्रसाद सिंह से मिलने चले गए। कुछ देर बाद लौटने पर बाइक अपने स्थान से गायब मिली। काफी खोजबीन के बाद भी बाइक का कोई पता नहीं चलने पर उन्होंने बाढ़ थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने पुलिस से जल्द बाइक बरामद करने और चोरी में शामिल अज्ञात अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- पंडारक की दो पंचायतों में लगा सहयोग शिविर, भूमि विवाद, बिजली और राशन कार्ड से जुड़े आवेदन सबसे अधिक1
- बेगूसराय AIF छात्र जिला अध्यक्ष अमरेश कुमार. ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का परिणाम पर बड़ा बयान देते हुए. भाजपा के दिल्ली संसद मनोज तिवारी पर हमला करते हुए और उनके गाने को कॉल करते हुए जिला अध्यक्ष ने क्या कुछ कह रहे हैं..1
- ऑपरेशन मुस्कान: शेखपुरा पुलिस ने लौटाई 50 लोगों की मुस्कान, ₹9.36 लाख के खोए मोबाइल किए सुपुर्द शेखपुरा जिला पुलिस ने एक बार फिर ऑपरेशन मुस्कान के तहत सराहनीय पहल करते हुए 50 लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल फोन वापस सौंपे। बरामद किए गए मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 9 लाख 36 हजार रुपये बताई गई है। बुधवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने स्वयं मोबाइल धारकों को उनके फोन सौंपे। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। एसपी हिमांशु ने कहा कि लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटाना ही पुलिस का सबसे बड़ा उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार के ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है और अब तक करीब 300 लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल वापस दिलाए जा चुके हैं। शेखपुरा पुलिस की इस पहल की आम लोगों ने जमकर सराहना की।1
- कागजों पर इलाज, अस्पताल में ताला, बाढ़ में PHC की बदहाली, स्कूल के कमरे में डेढ़ साल से बंद पड़ी दवाएं, उपस्वास्थ्य केंद्र में दवा नही बाढ़ अनुमंडल के राणाबीघा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के छः बेड का नया भवन का उद्घाटन दस दिन पहले किया गया, विधायक और एसडीओ ने इसकी जमकर तारीफ की लेकिन स्थिति इसके उलट है। इस स्वास्थ्य केंद्र पर कई पंचायतों और कई प्राथमिक उपस्वास्थ्य केंद्र की जिम्मेवारी है। इसके वाबजूद ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग ग्यारह बजे पीएचसी में कर्मी और डाॅक्टर पहुंचते है और दो से तीन बजे ही चले जाते है। वहीं पीएचसी में दवाओं का भंडारण में पूरी तरह अनियमितता है पीएचसी से सटे दो कमरे वाले भवन में कूड़े की तरह दवाए भंडारण की गई है जिसमें तापमान मेंटेन करने वाली दवाओं को भी खुले में रखने का ग्रामीणों का दावा है, वहीं बगल के उच्च माध्यमिक विद्यालय के एक कमरे में पीएचसी की दवाओ को डेढ साल से ज्यादा समय से भंडारण कर रखा गया है और उस कमरे का ताला कभी भी नही खुलता है वहां दवाए एक्सपायर होने का दावा है। अब सवाल है कि इतनी भारी मात्रा में पीएचसी में दवाओं का भंडारण है लेकिन रखरखाव और जरूरतमंद लोगों तक दवा नही पहुंचने के कारण दवाए एक्सपायर हो जाती है तो इसके जिम्मेवार कौन है, नए भवन के उद्घाटन के बाद भी जल्द इमरजेंसी में ईलाज की सुविधा शुरू नही हुई है, ओपीडी समय में भी समय से डाॅक्टर के नही पहुंचने से लोगों को सर्दी, खांसी और छोटे से छोटे बीमारी में भी ईलाज हेतू अनुमंडलीय अस्पताल या निजी अस्पताल जाना पड़ता है। राणाबीघा पीएचसी के अंदर आने वाले नदावाँ गांव स्थित प्राथमिक उपस्वास्थ्य केंद्र में रजिस्टर पर केंद्र चल रहा है लेकिन एएनएम प्रतिदिन नही पहुंचती है, वहां तीन कार्टून एक्सपायर दवाईंया रखी हुई है लेकिन अच्छी दवाए वहां उपलब्ध ही नही है, दवाओ के देने या जानकारी के लिए एएनएम आती नही है, और राणाबीघा पीएचसी में दवाओ का भंडारण है जो लोगों तक पहुंच नही रहा है और अधिकारी खानापूर्ति कर बच रहे है। कुछ दिनों पहले पीएचसी के पास सरकारी दवाओ को जलाने का मामला सामने आया था जिसकी खबरें भी प्रकाशित की गई थी लेकिन उसपर कोई ठोस कार्रवाई नही हुई, पीएचसी सूत्रों का कहना है कि दवाओ के एक्सपायर होने के बाद या तो जला दिया जाता है या सुरक्षित स्थान पर डंप कर दिया जाता है और रजिस्टर में लोगो तक दवा पहुंचाने का दावा किया जाता है। वहीं इस मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल से बातचीत की गई तो उन्होने बताया कि बहुत जल्द इमरजेंसी की सुविधा पीएचसी में उपलब्ध कराए जाएगें, दवाओ के भंडारण की जांच करवाई जाएगी।1
- रात के अंधेरे में भी पुलिस का पहरा, एसपी हिमांशु के निर्देश पर सड़कों पर सघन वाहन जांच शेखपुरा। जिले में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने और सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक हिमांशु के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस ने रात के समय भी वाहन जांच अभियान तेज कर दिया है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और मार्गों पर पुलिसकर्मियों ने देर रात तक वाहनों की जांच की। इस दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों को रोककर हेलमेट, सीट बेल्ट, वाहन के कागजात समेत अन्य यातायात नियमों की जांच की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को सख्त हिदायत देते हुए सुरक्षित वाहन चलाने की अपील की गई। एसपी हिमांशु के निर्देश के बाद रात में भी पुलिस की सक्रियता बढ़ने से वाहन चालकों में सतर्कता देखी जा रही है। पुलिस का उद्देश्य तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी पर रोक लगाना है। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर वाहन जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- क्या 2 साल तक सैकड़ों आवेदन देने के बाद भी नहीं सुनी गई एक गांव की आवाज़? पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल के मसत्थु गांव की समस्याओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। गांव के मूल निवासी अजीत शर्मा का कहना है कि उन्होंने पिछले दो वर्षों में मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और कई प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार आवेदन और ई-मेल भेजकर गांव की समस्याओं के समाधान की मांग की। उनके अनुसार, अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। 📌 आवेदन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे: ✔️ अधूरा सड़क निर्माण कार्य ✔️ सरकारी गैर-मजरूआ भूमि पर कथित अतिक्रमण ✔️ शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव ✔️ गांव का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग अब सवाल यह है—क्या मसत्थु गांव के लोगों को उनका अधिकार और विकास मिलेगा? 💬 आपकी क्या राय है? अपनी प्रतिक्रिया कमेंट में जरूर लिखें और इस मुद्दे को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए पोस्ट शेयर करें। नोट: यह पोस्ट आवेदन-पत्र में किए गए दावों पर आधारित है। संबंधित प्रशासन का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।1
- दरियापुर (मोकामा): दो पक्षों में हिंसक झड़प, जमकर पथराव व लाठी-डंडे चले, 6 घायल, 2 गिरफ्तार। मोकामा प्रखंड के हाथीदह थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में सोमवार रात पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। देखते ही देखते विवाद ने उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे, रॉड और ईंट-पत्थर चले। इस घटना में 6 लोग घायल हो गए, जिनमें 3 को बेहतर इलाज के लिए बाढ़ रेफर किया गया, जबकि अन्य का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। दोनों पक्षों के लिखित आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नीतीश कुमार और ललन पासवान को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है और एहतियात के तौर पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।1