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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर के प्रवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की प्रशिक्षण कार्यशालाओं सहित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। अर्जुन बड़ौद स्थित हेलीपेड पर उतरने के बाद वे सीधे होटल द एक्सोटिका गए और वहाँ भाजपा की ग्राम प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लिया। इसके उपरांत, मुख्यमंत्री एचआर ग्रीन पहुंचकर शहरी प्रशिक्षण कार्यशाला में भी सम्मिलित हुए। शाम को, मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजबाड़ा पहुंचे और लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने गांधी हॉल में आयोजित अहिल्या उत्सव समारोह में सहभागिता की। अहिल्या उत्सव के अंतर्गत कई सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य आकर्षण लगभग 150 कलाकारों द्वारा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक वादन रहा। इस भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से भर दिया। समारोह में भजन जेमिंग मेला का भी आयोजन हुआ, जहाँ कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। पूरे आयोजन में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों और योगदान को स्मरण करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और विधायक गोलू शुक्ला सहित क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, नगर निगम सभापति, महापौर परिषद के सदस्य, पार्षदगण, विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी इस समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

1 hr ago
user_Amin sisgar
Amin sisgar
इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर के प्रवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की प्रशिक्षण कार्यशालाओं सहित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। अर्जुन बड़ौद स्थित हेलीपेड पर उतरने के बाद वे सीधे होटल द एक्सोटिका गए और वहाँ भाजपा की ग्राम प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लिया। इसके उपरांत, मुख्यमंत्री एचआर ग्रीन पहुंचकर शहरी प्रशिक्षण कार्यशाला में भी सम्मिलित हुए। शाम को, मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजबाड़ा पहुंचे और लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने गांधी हॉल में आयोजित अहिल्या उत्सव समारोह में सहभागिता की। अहिल्या उत्सव के अंतर्गत कई सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य आकर्षण लगभग 150 कलाकारों द्वारा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक वादन रहा। इस भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से भर दिया। समारोह में भजन जेमिंग मेला का भी आयोजन हुआ, जहाँ कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। पूरे आयोजन में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों और योगदान को स्मरण करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और विधायक गोलू शुक्ला सहित क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, नगर निगम सभापति, महापौर परिषद के सदस्य, पार्षदगण, विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी इस समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • इंदौर में बिलावली तालाब के पास पानी का अवैध व्यापार जोरों पर चल रहा है, जिससे माफिया अपनी जेबें भर रहे हैं। इस अवैध गतिविधि के कारण क्षेत्र के रहवासी पानी की एक-एक बूंद के लिए मोहताज हो गए हैं।
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    इंदौर में बिलावली तालाब के पास पानी का अवैध व्यापार जोरों पर चल रहा है, जिससे माफिया अपनी जेबें भर रहे हैं। इस अवैध गतिविधि के कारण क्षेत्र के रहवासी पानी की एक-एक बूंद के लिए मोहताज हो गए हैं।
    user_Ck_news
    Ck_news
    Video Creator इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    37 min ago
  • इंदौर के गायत्री परिवार ने देवी अहिल्या माता के 301वें जन्मोत्सव के अवसर पर नशे के विरोध में एक मार्च निकाला।
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    इंदौर के गायत्री परिवार ने देवी अहिल्या माता के 301वें जन्मोत्सव के अवसर पर नशे के विरोध में एक मार्च निकाला।
    user_सुनील कुशवाहा प्रदेश चीफ एडिटर इंडिया न्यूज़7
    सुनील कुशवाहा प्रदेश चीफ एडिटर इंडिया न्यूज़7
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को बाहर से दवाइयां लिखने, डॉक्टरों के आपसी विवाद, गंभीर अव्यवस्थाओं और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई संगीन आरोप लगे हैं। यह स्वास्थ्य केंद्र इन्हीं आरोपों से घिरा हुआ है, जिससे इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
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    एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को बाहर से दवाइयां लिखने, डॉक्टरों के आपसी विवाद, गंभीर अव्यवस्थाओं और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई संगीन आरोप लगे हैं। यह स्वास्थ्य केंद्र इन्हीं आरोपों से घिरा हुआ है, जिससे इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
    user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
    2 hrs ago
  • पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर तीखा पलटवार किया है, जिसमें कथित तौर पर 'तो पर्ची से बने हैं...' कहा गया था। वर्मा का यह पलटवार मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए इस बयान के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
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    पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर तीखा पलटवार किया है, जिसमें कथित तौर पर 'तो पर्ची से बने हैं...' कहा गया था। वर्मा का यह पलटवार मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए इस बयान के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
    user_Tikhi baat
    Tikhi baat
    News Anchor इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर पहुंचे हैं, जहाँ वे एचआर ग्रीन होटल में आयोजित भाजपा के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र में शामिल हुए। यह प्रशिक्षण वर्ग पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग महाअभियान के तहत चल रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। शिविर में भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद हैं।
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    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर पहुंचे हैं, जहाँ वे एचआर ग्रीन होटल में आयोजित भाजपा के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र में शामिल हुए। यह प्रशिक्षण वर्ग पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग महाअभियान के तहत चल रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। शिविर में भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद हैं।
    user_एस. एस. न्यूज सर्विस
    एस. एस. न्यूज सर्विस
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • इंदौर में सवर्ण सेना ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। सवर्ण सेना के कुंवर धर्मेंद्र सिंह गौतम और अनूप शुक्ला ने बताया कि सरकार द्वारा आरक्षण और सरकारी योजनाओं की घोषणा तो की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ईडब्ल्यूएस वर्ग के लोगों को उनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी कारण सवर्ण सेना ने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं और चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन किए जाएंगे। कुंवर धर्मेंद्र सिंह गौतम और अनूप शुक्ला द्वारा माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाए, जिससे लोगों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके अलावा, आयकर रिटर्न की अनिवार्यता समाप्त कर केवल परिवार की वार्षिक आय के आधार पर ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन के माध्यम से ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की वैधता अवधि बढ़ाने, पात्र हितग्राहियों के लिए विशेष योजनाएं लागू करने तथा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, छात्रवृत्ति, हॉस्टल की सुविधा, किराया और यात्रा भत्ता उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। सवर्ण सेना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की आवेदन फीस पूरी तरह माफ करने और अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने की मांग सख्ती से रखी है। उन्होंने यूपीएससी और एमपीपीएससी जैसी परीक्षाओं में ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को आरक्षित पदों पर चयन का समान लाभ देने की बात भी कही। सवर्ण सेना का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग आज भी कई स्तरों पर परेशानियों का सामना कर रहा है और उन्हें योजनाओं का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकार को जल्द निर्णय लेते हुए ईडब्ल्यूएस वर्ग को राहत प्रदान करनी चाहिए, अन्यथा उनकी मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन किए जाएंगे।
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    इंदौर में सवर्ण सेना ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। सवर्ण सेना के कुंवर धर्मेंद्र सिंह गौतम और अनूप शुक्ला ने बताया कि सरकार द्वारा आरक्षण और सरकारी योजनाओं की घोषणा तो की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ईडब्ल्यूएस वर्ग के लोगों को उनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी कारण सवर्ण सेना ने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं और चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन किए जाएंगे।

कुंवर धर्मेंद्र सिंह गौतम और अनूप शुक्ला द्वारा माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाए, जिससे लोगों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके अलावा, आयकर रिटर्न की अनिवार्यता समाप्त कर केवल परिवार की वार्षिक आय के आधार पर ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन के माध्यम से ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की वैधता अवधि बढ़ाने, पात्र हितग्राहियों के लिए विशेष योजनाएं लागू करने तथा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, छात्रवृत्ति, हॉस्टल की सुविधा, किराया और यात्रा भत्ता उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।

सवर्ण सेना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की आवेदन फीस पूरी तरह माफ करने और अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने की मांग सख्ती से रखी है। उन्होंने यूपीएससी और एमपीपीएससी जैसी परीक्षाओं में ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को आरक्षित पदों पर चयन का समान लाभ देने की बात भी कही। सवर्ण सेना का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग आज भी कई स्तरों पर परेशानियों का सामना कर रहा है और उन्हें योजनाओं का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकार को जल्द निर्णय लेते हुए ईडब्ल्यूएस वर्ग को राहत प्रदान करनी चाहिए, अन्यथा उनकी मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन किए जाएंगे।
    user_Naseem Khan
    Naseem Khan
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • इंदौर में विशेषज्ञों ने पीने के पानी के पीले रंग को खतरनाक बताया है, क्योंकि यह पानी में मौजूद अशुद्धियों या अन्य तत्वों का संकेत हो सकता है। ऐसे पानी का सेवन करने से पहले उसकी जांच कराना अनिवार्य है। विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्यतः 300 टीडीएस (टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स) वाला पानी पीने योग्य माना जाता है और पेयजल के लिए 500 पीपीएम तक की सीमा स्वीकार्य है। हालांकि, उनका स्पष्ट कहना है कि केवल टीडीएस के आधार पर पानी की गुणवत्ता तय नहीं की जा सकती, खासकर जब पानी का रंग पीला हो, क्योंकि इसमें अन्य प्रकार की अशुद्धियां हो सकती हैं। पानी के पीला होने के कई कारण बताए गए हैं। इनमें पानी में लोहे (आयरन) की अधिक मात्रा या पुराने लोहे के पाइपों में जंग लगने से पानी का पीला या हल्का नारंगी दिखना शामिल है। भूजल में प्राकृतिक रूप से मौजूद टैनिन (जैसे सड़े हुए पत्ते या वनस्पतियां) भी पानी को पीला या हल्का भूरा रंग दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त, सीवेज मिश्रण, मिट्टी या हानिकारक बैक्टीरिया की मौजूदगी भी पानी का रंग बदल सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती है। विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को लेकर चेतावनी दी है। उनके अनुसार, यदि पानी का रंग केवल आयरन या टैनिन के कारण बदला है, तो स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम हो सकता है। परंतु, यदि पीलापन बैक्टीरिया, सीवेज या अन्य दूषित पदार्थों की वजह से है, तो इससे डायरिया, उल्टी, पेट दर्द, पीलिया (जॉन्डिस), टायफाइड और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर दूषित पानी का असर जल्दी देखने को मिल सकता है। नागरिकों के लिए विशेषज्ञों ने कई सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इसमें पानी का रंग बदलने पर उसकी प्रयोगशाला में जांच कराना, पीने के लिए प्रमाणित वॉटर फिल्टर या आरओ सिस्टम का उपयोग करना शामिल है। यदि नल खोलते ही कुछ समय तक पानी पीला आता है, तो घर की पाइपलाइन की जांच कराने की भी सलाह दी गई है। इसके साथ ही, पानी में दुर्गंध, रंग परिवर्तन या स्वाद में बदलाव दिखने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचना देने पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का अंतिम संदेश है कि स्वच्छ दिखने वाला पानी हमेशा सुरक्षित हो, यह आवश्यक नहीं है, इसलिए समय-समय पर पेयजल की गुणवत्ता की जांच कराना और सुरक्षित जल का उपयोग करना बेहद जरूरी है, क्योंकि थोड़ी सी सावधानी गंभीर बीमारियों से बचा सकती है।
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    इंदौर में विशेषज्ञों ने पीने के पानी के पीले रंग को खतरनाक बताया है, क्योंकि यह पानी में मौजूद अशुद्धियों या अन्य तत्वों का संकेत हो सकता है। ऐसे पानी का सेवन करने से पहले उसकी जांच कराना अनिवार्य है। विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्यतः 300 टीडीएस (टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स) वाला पानी पीने योग्य माना जाता है और पेयजल के लिए 500 पीपीएम तक की सीमा स्वीकार्य है। हालांकि, उनका स्पष्ट कहना है कि केवल टीडीएस के आधार पर पानी की गुणवत्ता तय नहीं की जा सकती, खासकर जब पानी का रंग पीला हो, क्योंकि इसमें अन्य प्रकार की अशुद्धियां हो सकती हैं।

पानी के पीला होने के कई कारण बताए गए हैं। इनमें पानी में लोहे (आयरन) की अधिक मात्रा या पुराने लोहे के पाइपों में जंग लगने से पानी का पीला या हल्का नारंगी दिखना शामिल है। भूजल में प्राकृतिक रूप से मौजूद टैनिन (जैसे सड़े हुए पत्ते या वनस्पतियां) भी पानी को पीला या हल्का भूरा रंग दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त, सीवेज मिश्रण, मिट्टी या हानिकारक बैक्टीरिया की मौजूदगी भी पानी का रंग बदल सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती है।

विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को लेकर चेतावनी दी है। उनके अनुसार, यदि पानी का रंग केवल आयरन या टैनिन के कारण बदला है, तो स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम हो सकता है। परंतु, यदि पीलापन बैक्टीरिया, सीवेज या अन्य दूषित पदार्थों की वजह से है, तो इससे डायरिया, उल्टी, पेट दर्द, पीलिया (जॉन्डिस), टायफाइड और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर दूषित पानी का असर जल्दी देखने को मिल सकता है।

नागरिकों के लिए विशेषज्ञों ने कई सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इसमें पानी का रंग बदलने पर उसकी प्रयोगशाला में जांच कराना, पीने के लिए प्रमाणित वॉटर फिल्टर या आरओ सिस्टम का उपयोग करना शामिल है। यदि नल खोलते ही कुछ समय तक पानी पीला आता है, तो घर की पाइपलाइन की जांच कराने की भी सलाह दी गई है। इसके साथ ही, पानी में दुर्गंध, रंग परिवर्तन या स्वाद में बदलाव दिखने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचना देने पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का अंतिम संदेश है कि स्वच्छ दिखने वाला पानी हमेशा सुरक्षित हो, यह आवश्यक नहीं है, इसलिए समय-समय पर पेयजल की गुणवत्ता की जांच कराना और सुरक्षित जल का उपयोग करना बेहद जरूरी है, क्योंकि थोड़ी सी सावधानी गंभीर बीमारियों से बचा सकती है।
    user_Amin sisgar
    Amin sisgar
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    34 min ago
  • इंदौर पुलिस महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अब और अधिक सतर्क दिख रही है, जिसके तहत देर रात तक सड़कों पर पुलिस की प्रभावी मौजूदगी दिखाई दी। खास बात यह है कि यह विशेष अभियान उन इलाकों में चलाया गया, जहाँ महिलाओं ने खुद को असुरक्षित महसूस करने की बात कही थी। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, इंदौर पुलिस ने थाना राजेंद्र नगर और राऊ क्षेत्र में देर रात तक एक विशेष संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान से पहले, पुलिस ने मोहल्ला मीटिंग के माध्यम से स्थानीय महिलाओं से संवाद किया और उन स्थानों को चिन्हित किया जहाँ वे असुरक्षित महसूस करती थीं। महिलाओं से मिले फीडबैक के आधार पर, चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में रात 9 बजे से तड़के 1 बजे तक महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष तैनाती की गई, जिन्होंने लगातार निगरानी रखी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए रखी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना और अपराधियों में पुलिस का भय बनाए रखना है। राहत की बात यह रही कि पूरे अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना सामने नहीं आई। पुलिस ने यह भी बताया कि महिलाओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और मोहल्ला मीटिंग के सुझावों पर आधारित यह विशेष निगरानी आगे भी लगातार जारी रहेगी। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान चलाए जाएंगे, जिसे स्थानीय लोगों ने भी एक सकारात्मक पहल बताया है।
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    इंदौर पुलिस महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अब और अधिक सतर्क दिख रही है, जिसके तहत देर रात तक सड़कों पर पुलिस की प्रभावी मौजूदगी दिखाई दी। खास बात यह है कि यह विशेष अभियान उन इलाकों में चलाया गया, जहाँ महिलाओं ने खुद को असुरक्षित महसूस करने की बात कही थी।

महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, इंदौर पुलिस ने थाना राजेंद्र नगर और राऊ क्षेत्र में देर रात तक एक विशेष संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान से पहले, पुलिस ने मोहल्ला मीटिंग के माध्यम से स्थानीय महिलाओं से संवाद किया और उन स्थानों को चिन्हित किया जहाँ वे असुरक्षित महसूस करती थीं। महिलाओं से मिले फीडबैक के आधार पर, चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में रात 9 बजे से तड़के 1 बजे तक महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष तैनाती की गई, जिन्होंने लगातार निगरानी रखी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना और अपराधियों में पुलिस का भय बनाए रखना है। राहत की बात यह रही कि पूरे अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना सामने नहीं आई। पुलिस ने यह भी बताया कि महिलाओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और मोहल्ला मीटिंग के सुझावों पर आधारित यह विशेष निगरानी आगे भी लगातार जारी रहेगी। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान चलाए जाएंगे, जिसे स्थानीय लोगों ने भी एक सकारात्मक पहल बताया है।
    user_Amin sisgar
    Amin sisgar
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    5 min ago
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