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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर पहुंचे हैं, जहाँ वे एचआर ग्रीन होटल में आयोजित भाजपा के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र में शामिल हुए। यह प्रशिक्षण वर्ग पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग महाअभियान के तहत चल रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। शिविर में भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद हैं।
एस. एस. न्यूज सर्विस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर पहुंचे हैं, जहाँ वे एचआर ग्रीन होटल में आयोजित भाजपा के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र में शामिल हुए। यह प्रशिक्षण वर्ग पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग महाअभियान के तहत चल रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। शिविर में भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद हैं।
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- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर के प्रवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की प्रशिक्षण कार्यशालाओं सहित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। अर्जुन बड़ौद स्थित हेलीपेड पर उतरने के बाद वे सीधे होटल द एक्सोटिका गए और वहाँ भाजपा की ग्राम प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लिया। इसके उपरांत, मुख्यमंत्री एचआर ग्रीन पहुंचकर शहरी प्रशिक्षण कार्यशाला में भी सम्मिलित हुए। शाम को, मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजबाड़ा पहुंचे और लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने गांधी हॉल में आयोजित अहिल्या उत्सव समारोह में सहभागिता की। अहिल्या उत्सव के अंतर्गत कई सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य आकर्षण लगभग 150 कलाकारों द्वारा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक वादन रहा। इस भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से भर दिया। समारोह में भजन जेमिंग मेला का भी आयोजन हुआ, जहाँ कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। पूरे आयोजन में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों और योगदान को स्मरण करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और विधायक गोलू शुक्ला सहित क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, नगर निगम सभापति, महापौर परिषद के सदस्य, पार्षदगण, विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी इस समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- इंदौर के गायत्री परिवार ने देवी अहिल्या माता के 301वें जन्मोत्सव के अवसर पर नशे के विरोध में एक मार्च निकाला।1
- एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को बाहर से दवाइयां लिखने, डॉक्टरों के आपसी विवाद, गंभीर अव्यवस्थाओं और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई संगीन आरोप लगे हैं। यह स्वास्थ्य केंद्र इन्हीं आरोपों से घिरा हुआ है, जिससे इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।1
- पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर तीखा पलटवार किया है, जिसमें कथित तौर पर 'तो पर्ची से बने हैं...' कहा गया था। वर्मा का यह पलटवार मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए इस बयान के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर पहुंचे हैं, जहाँ वे एचआर ग्रीन होटल में आयोजित भाजपा के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र में शामिल हुए। यह प्रशिक्षण वर्ग पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग महाअभियान के तहत चल रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। शिविर में भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद हैं।1
- इंदौर में सवर्ण सेना ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। सवर्ण सेना के कुंवर धर्मेंद्र सिंह गौतम और अनूप शुक्ला ने बताया कि सरकार द्वारा आरक्षण और सरकारी योजनाओं की घोषणा तो की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ईडब्ल्यूएस वर्ग के लोगों को उनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी कारण सवर्ण सेना ने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं और चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन किए जाएंगे। कुंवर धर्मेंद्र सिंह गौतम और अनूप शुक्ला द्वारा माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाए, जिससे लोगों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके अलावा, आयकर रिटर्न की अनिवार्यता समाप्त कर केवल परिवार की वार्षिक आय के आधार पर ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन के माध्यम से ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की वैधता अवधि बढ़ाने, पात्र हितग्राहियों के लिए विशेष योजनाएं लागू करने तथा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, छात्रवृत्ति, हॉस्टल की सुविधा, किराया और यात्रा भत्ता उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। सवर्ण सेना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की आवेदन फीस पूरी तरह माफ करने और अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने की मांग सख्ती से रखी है। उन्होंने यूपीएससी और एमपीपीएससी जैसी परीक्षाओं में ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को आरक्षित पदों पर चयन का समान लाभ देने की बात भी कही। सवर्ण सेना का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग आज भी कई स्तरों पर परेशानियों का सामना कर रहा है और उन्हें योजनाओं का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकार को जल्द निर्णय लेते हुए ईडब्ल्यूएस वर्ग को राहत प्रदान करनी चाहिए, अन्यथा उनकी मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन किए जाएंगे।1
- इंदौर से रिश्वतखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ एक शिकायत की जाँच बंद करने के बदले में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई है।1
- पत्रकार राजेंद्र मालवीया ने देवी अहिल्या माता का 301वां जन्मोत्सव बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया।1