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गुना जिले में प्रशासनिक और पुलिस महकमे में उस समय हलचल मच गई, जब बमोरी में पदस्थ रह चुके पूर्व एसडीओ सुरेश अहिरवार के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर दुष्कर्म का मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि सुरेश अहिरवार ने उसे शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए और बाद में विवाह करने से इनकार कर दिया। महिला पूर्व एसडीओ के यहां खाना बनाने का काम करती थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरेश अहिरवार का नाम इससे पहले भी एक विवादित मामले में सामने आ चुका है। वर्ष 2024 में बमोरी थाने में पदस्थ रही तत्कालीन महिला आरक्षक की शिकायत पर उनके खिलाफ बमोरी थाने में FIR दर्ज की गई थी। उस FIR के अनुसार, 16 फरवरी 2024 को सुबह करीब 5 बजे महिला आरक्षक के मोबाइल पर कॉल करने वाले ने स्वयं को तत्कालीन एसडीओ बमोरी सुरेश अहिरवार बताया था और बातचीत के दौरान कथित रूप से अनुचित एवं आपत्तिजनक बातें की थीं। महिला आरक्षक ने आरोप लगाया था कि विरोध करने पर भी अशोभनीय बातचीत जारी रही, जिसके बाद उन्होंने फोन काट दिया। इस शिकायत के आधार पर 20 फरवरी 2024 को बमोरी पुलिस ने सुरेश अहिरवार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(ए) और 509 के तहत प्रकरण दर्ज किया था, जिसकी जांच तत्कालीन जांच अधिकारी एएसआई असलम खान को सौंपी गई थी। उस समय इस प्रकरण से जुड़ा कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बन गया था। अब दुष्कर्म के आरोप में नया मामला दर्ज होने के बाद सुरेश अहिरवार से जुड़े पुराने विवादों की भी चर्चा फिर से शुरू हो गई है। प्रशासनिक और सामाजिक हल्कों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग पुलिस जांच तथा आगे की कानूनी कार्रवाई पर अपनी निगाहें टिकाए हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान मामले में सभी तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच की जा रही है, और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। पुलिस के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद वैधानिक प्रक्रिया के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है और विवेचना जारी है; जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। समाचार में वर्णित आरोप शिकायतकर्ताओं के हैं, और आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही होगा। आरोपी को कानूनन तब तक दोषी नहीं माना जा सकता, जब तक सक्षम न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध न कर दिया जाए।

3 hrs ago
user_Deepak ojha
Deepak ojha
Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

गुना जिले में प्रशासनिक और पुलिस महकमे में उस समय हलचल मच गई, जब बमोरी में पदस्थ रह चुके पूर्व एसडीओ सुरेश अहिरवार के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर दुष्कर्म का मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि सुरेश अहिरवार ने उसे शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए और बाद में विवाह करने से इनकार कर दिया। महिला पूर्व एसडीओ के यहां खाना बनाने का काम करती थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरेश अहिरवार का नाम इससे पहले भी एक विवादित मामले में सामने आ चुका है। वर्ष 2024 में बमोरी थाने में पदस्थ रही तत्कालीन महिला आरक्षक की शिकायत पर उनके खिलाफ बमोरी थाने में FIR दर्ज की गई थी। उस FIR के अनुसार, 16 फरवरी 2024 को सुबह करीब 5 बजे महिला आरक्षक के मोबाइल पर कॉल करने वाले ने स्वयं को तत्कालीन एसडीओ बमोरी सुरेश अहिरवार बताया था और बातचीत के दौरान कथित रूप से अनुचित एवं आपत्तिजनक बातें की थीं। महिला आरक्षक ने आरोप लगाया था कि विरोध करने पर भी अशोभनीय बातचीत जारी रही, जिसके बाद उन्होंने फोन काट दिया। इस शिकायत के आधार पर 20 फरवरी 2024 को बमोरी पुलिस ने सुरेश अहिरवार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(ए) और 509 के तहत प्रकरण दर्ज किया था, जिसकी जांच तत्कालीन जांच अधिकारी एएसआई असलम खान को सौंपी गई थी। उस समय इस प्रकरण से जुड़ा कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बन गया था। अब दुष्कर्म के आरोप में नया मामला दर्ज होने के बाद सुरेश अहिरवार से जुड़े पुराने विवादों की भी चर्चा फिर से शुरू हो गई है। प्रशासनिक और सामाजिक हल्कों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग पुलिस जांच तथा आगे की कानूनी कार्रवाई पर अपनी निगाहें टिकाए हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान मामले में सभी तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच की जा रही है, और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। पुलिस के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद वैधानिक प्रक्रिया के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है और विवेचना जारी है; जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। समाचार में वर्णित आरोप शिकायतकर्ताओं के हैं, और आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही होगा। आरोपी को कानूनन तब तक दोषी नहीं माना जा सकता, जब तक सक्षम न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध न कर दिया जाए।

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  • साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों के मद्देनज़र, गुना पुलिस ने ज़िलेभर में एक व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों पर, 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक चलने वाले विशेष "सेफ क्लिक-2026" अभियान के तहत, पुलिस अधिकारी विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों, कोचिंग संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के निर्देशन में संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और युवाओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, निवेश धोखाधड़ी और सोशल मीडिया अपराधों से बचाव की विस्तृत जानकारी प्रदान करना है। अभियान के दूसरे दिन, 25 जून को, ज़िले के अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों द्वारा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में सीएसपी आनंद राय, एसडीओपी दीपा डोडवे, एसडीओपी विवेक अस्थाना सहित कई थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने स्कूलों, छात्रावासों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों एवं नागरिकों को साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया। उपस्थित लोगों को विशेष रूप से आगाह किया गया कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी ओटीपी, पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी या आधार संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साथ ही, सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने और अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखने की सलाह भी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन निवेश ठगी, पॉलिसी फ्रॉड, गेमिंग फ्रॉड, फर्जी कॉल और अन्य साइबर अपराधों के तरीकों की जानकारी देते हुए उनसे बचाव के उपाय भी विस्तार से समझाए। अभियान के दौरान जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर और पंपलेट वितरित किए गए, और लोगों से यह अपील भी की गई कि वे अपने परिवार और परिचितों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें। गुना पुलिस का मानना है कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि आमजन की व्यापक जागरूकता से ही संभव है। इसी उद्देश्य के साथ, ज़िलेभर में आगामी दिनों में भी विभिन्न स्थानों पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।
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    साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों के मद्देनज़र, गुना पुलिस ने ज़िलेभर में एक व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों पर, 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक चलने वाले विशेष "सेफ क्लिक-2026" अभियान के तहत, पुलिस अधिकारी विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों, कोचिंग संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के निर्देशन में संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और युवाओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, निवेश धोखाधड़ी और सोशल मीडिया अपराधों से बचाव की विस्तृत जानकारी प्रदान करना है।

अभियान के दूसरे दिन, 25 जून को, ज़िले के अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों द्वारा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में सीएसपी आनंद राय, एसडीओपी दीपा डोडवे, एसडीओपी विवेक अस्थाना सहित कई थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने स्कूलों, छात्रावासों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों एवं नागरिकों को साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया। उपस्थित लोगों को विशेष रूप से आगाह किया गया कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी ओटीपी, पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी या आधार संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साथ ही, सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने और अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखने की सलाह भी दी गई।

पुलिस अधिकारियों ने डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन निवेश ठगी, पॉलिसी फ्रॉड, गेमिंग फ्रॉड, फर्जी कॉल और अन्य साइबर अपराधों के तरीकों की जानकारी देते हुए उनसे बचाव के उपाय भी विस्तार से समझाए। अभियान के दौरान जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर और पंपलेट वितरित किए गए, और लोगों से यह अपील भी की गई कि वे अपने परिवार और परिचितों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें। गुना पुलिस का मानना है कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि आमजन की व्यापक जागरूकता से ही संभव है। इसी उद्देश्य के साथ, ज़िलेभर में आगामी दिनों में भी विभिन्न स्थानों पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अशोकनगर जिले में एक जीप के अंदर एक युवक और एक युवती के शव मिलने से हड़कंप मच गया है। पुलिस को प्रारंभिक तौर पर आशंका है कि दोनों की मौत गोली लगने से हुई है। इस घटना को जिले का सबसे बड़ा मामला माना जा रहा है। पुलिस ने इस संबंध में जाँच शुरू कर दी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह हत्या का मामला है या आत्महत्या का।
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    अशोकनगर जिले में एक जीप के अंदर एक युवक और एक युवती के शव मिलने से हड़कंप मच गया है। पुलिस को प्रारंभिक तौर पर आशंका है कि दोनों की मौत गोली लगने से हुई है। इस घटना को जिले का सबसे बड़ा मामला माना जा रहा है। पुलिस ने इस संबंध में जाँच शुरू कर दी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह हत्या का मामला है या आत्महत्या का।
    user_Devesh Ojha patrakaar
    Devesh Ojha patrakaar
    Local News Reporter शाढ़ोरा, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • रूठियाई के रामघाट मंदिर में एक पावन धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा का पाठ चल रहा है, जिसके साथ ही श्री कृष्ण जन्म दिन का पर्व भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।
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    रूठियाई के रामघाट मंदिर में एक पावन धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा का पाठ चल रहा है, जिसके साथ ही श्री कृष्ण जन्म दिन का पर्व भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।
    user_रूठियाई ..
    रूठियाई ..
    राघोगढ़, गुना, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • विधायक जयवर्धन सिंह और वार्ड पार्षद मसूक जैन के संयुक्त प्रयासों से वार्डवासियों को मूलभूत सुविधाओं का भरपूर लाभ मिल रहा है। इन महत्वपूर्ण सुविधाओं का पूरा फायदा मिलने पर वार्डवासियों ने दोनों जनप्रतिनिधियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
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    विधायक जयवर्धन सिंह और वार्ड पार्षद मसूक जैन के संयुक्त प्रयासों से वार्डवासियों को मूलभूत सुविधाओं का भरपूर लाभ मिल रहा है। इन महत्वपूर्ण सुविधाओं का पूरा फायदा मिलने पर वार्डवासियों ने दोनों जनप्रतिनिधियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
    user_Deemesh jain
    Deemesh jain
    Grain Shop आरौन, गुना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। इसी के चलते मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
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    मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। इसी के चलते मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
    user_Ravindra
    Ravindra
    Singer अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • भस्त्रिका प्राणायाम को मानसिक स्वास्थ्य और मन की शांति के लिए सबसे शक्तिशाली प्राणायामों में से एक माना जाता है।
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    भस्त्रिका प्राणायाम को मानसिक स्वास्थ्य और मन की शांति के लिए सबसे शक्तिशाली प्राणायामों में से एक माना जाता है।
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    11 min ago
  • छीपाबड़ौद न्यूज़ के माध्यम से छीपाबड़ौद की हरनावदा जागीर लहसुन मंडी और हरनावदा शाहजी लहसुन मंडी के ताजा भावों की जानकारी साझा की गई है। इस अपडेट में विभिन्न प्रकार के लहसुन के लिए भावों की श्रेणियां बताई गई हैं, जिनमें बेस्ट क्वालिटी और गोला माल, एवरेज माल, छोटा माल तथा देसी लहसुन शामिल हैं।
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    छीपाबड़ौद न्यूज़ के माध्यम से छीपाबड़ौद की हरनावदा जागीर लहसुन मंडी और हरनावदा शाहजी लहसुन मंडी के ताजा भावों की जानकारी साझा की गई है। इस अपडेट में विभिन्न प्रकार के लहसुन के लिए भावों की श्रेणियां बताई गई हैं, जिनमें बेस्ट क्वालिटी और गोला माल, एवरेज माल, छोटा माल तथा देसी लहसुन शामिल हैं।
    user_छीपाबड़ौद न्यूज 🗞️
    छीपाबड़ौद न्यूज 🗞️
    Computer service छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • गुना जिले में प्रशासनिक और पुलिस महकमे में उस समय हलचल मच गई, जब बमोरी में पदस्थ रह चुके पूर्व एसडीओ सुरेश अहिरवार के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर दुष्कर्म का मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि सुरेश अहिरवार ने उसे शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए और बाद में विवाह करने से इनकार कर दिया। महिला पूर्व एसडीओ के यहां खाना बनाने का काम करती थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरेश अहिरवार का नाम इससे पहले भी एक विवादित मामले में सामने आ चुका है। वर्ष 2024 में बमोरी थाने में पदस्थ रही तत्कालीन महिला आरक्षक की शिकायत पर उनके खिलाफ बमोरी थाने में FIR दर्ज की गई थी। उस FIR के अनुसार, 16 फरवरी 2024 को सुबह करीब 5 बजे महिला आरक्षक के मोबाइल पर कॉल करने वाले ने स्वयं को तत्कालीन एसडीओ बमोरी सुरेश अहिरवार बताया था और बातचीत के दौरान कथित रूप से अनुचित एवं आपत्तिजनक बातें की थीं। महिला आरक्षक ने आरोप लगाया था कि विरोध करने पर भी अशोभनीय बातचीत जारी रही, जिसके बाद उन्होंने फोन काट दिया। इस शिकायत के आधार पर 20 फरवरी 2024 को बमोरी पुलिस ने सुरेश अहिरवार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(ए) और 509 के तहत प्रकरण दर्ज किया था, जिसकी जांच तत्कालीन जांच अधिकारी एएसआई असलम खान को सौंपी गई थी। उस समय इस प्रकरण से जुड़ा कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बन गया था। अब दुष्कर्म के आरोप में नया मामला दर्ज होने के बाद सुरेश अहिरवार से जुड़े पुराने विवादों की भी चर्चा फिर से शुरू हो गई है। प्रशासनिक और सामाजिक हल्कों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग पुलिस जांच तथा आगे की कानूनी कार्रवाई पर अपनी निगाहें टिकाए हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान मामले में सभी तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच की जा रही है, और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। पुलिस के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद वैधानिक प्रक्रिया के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है और विवेचना जारी है; जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। समाचार में वर्णित आरोप शिकायतकर्ताओं के हैं, और आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही होगा। आरोपी को कानूनन तब तक दोषी नहीं माना जा सकता, जब तक सक्षम न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध न कर दिया जाए।
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    गुना जिले में प्रशासनिक और पुलिस महकमे में उस समय हलचल मच गई, जब बमोरी में पदस्थ रह चुके पूर्व एसडीओ सुरेश अहिरवार के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर दुष्कर्म का मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि सुरेश अहिरवार ने उसे शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए और बाद में विवाह करने से इनकार कर दिया। महिला पूर्व एसडीओ के यहां खाना बनाने का काम करती थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरेश अहिरवार का नाम इससे पहले भी एक विवादित मामले में सामने आ चुका है। वर्ष 2024 में बमोरी थाने में पदस्थ रही तत्कालीन महिला आरक्षक की शिकायत पर उनके खिलाफ बमोरी थाने में FIR दर्ज की गई थी। उस FIR के अनुसार, 16 फरवरी 2024 को सुबह करीब 5 बजे महिला आरक्षक के मोबाइल पर कॉल करने वाले ने स्वयं को तत्कालीन एसडीओ बमोरी सुरेश अहिरवार बताया था और बातचीत के दौरान कथित रूप से अनुचित एवं आपत्तिजनक बातें की थीं। महिला आरक्षक ने आरोप लगाया था कि विरोध करने पर भी अशोभनीय बातचीत जारी रही, जिसके बाद उन्होंने फोन काट दिया। इस शिकायत के आधार पर 20 फरवरी 2024 को बमोरी पुलिस ने सुरेश अहिरवार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(ए) और 509 के तहत प्रकरण दर्ज किया था, जिसकी जांच तत्कालीन जांच अधिकारी एएसआई असलम खान को सौंपी गई थी। उस समय इस प्रकरण से जुड़ा कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बन गया था।

अब दुष्कर्म के आरोप में नया मामला दर्ज होने के बाद सुरेश अहिरवार से जुड़े पुराने विवादों की भी चर्चा फिर से शुरू हो गई है। प्रशासनिक और सामाजिक हल्कों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग पुलिस जांच तथा आगे की कानूनी कार्रवाई पर अपनी निगाहें टिकाए हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान मामले में सभी तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच की जा रही है, और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। पुलिस के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद वैधानिक प्रक्रिया के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है और विवेचना जारी है; जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

समाचार में वर्णित आरोप शिकायतकर्ताओं के हैं, और आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही होगा। आरोपी को कानूनन तब तक दोषी नहीं माना जा सकता, जब तक सक्षम न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध न कर दिया जाए।
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    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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