कयाकिंग एवं कैनोइंग खिलाड़ियों के भविष्य पर प्रश्न—राज्य सरकार से मांग बंगाणा, हिमाचल प्रदेश की नदियाँ—ब्यास, रावी और सतलुज—जहाँ एक ओर अपार जल संसाधन देती हैं, वहीं दूसरी ओर कयाकिंग एवं कैनोइंग जैसे खेलों में प्रदेश को अग्रणी बना सकती हैं। आज राज्य के **250–300 से अधिक खिलाड़ी** इस खेल से जुड़े हुए हैं और कई बार **राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन** कर चुके हैं। यह साबित करता है कि प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। फिर भी, यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक स्थिति है कि आज तक इस खेल के लिए न तो पर्याप्त **सरकारी कोचों की नियुक्ति** हो पाई है और न ही आवश्यक प्रशिक्षण सुविधाएँ विकसित की गई हैं। परिणामस्वरूप, **खिलाड़ी और कोच अन्य राज्यों में जाकर अभ्यास करने के लिए मजबूर हो रहे हैं**, जो न केवल आर्थिक रूप से कठिन है, बल्कि राज्य की खेल व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। एक कोच के रूप में निरंतर प्रयासों के बावजूद, सीमित संसाधनों—जैसे बोट्स, सेफ्टी गियर, स्थायी प्रशिक्षण केंद्र और वित्तीय सहायता—की कमी खिलाड़ियों के भविष्य को प्रभावित कर रही है। यह स्थिति प्रतिभा के पलायन (Talent Migration) को बढ़ावा दे रही है, जो किसी भी राज्य के लिए गंभीर नुकसान है।अतः हिमाचल प्रदेश सरकार एवं खेल विभाग से यह **दृढ़ अपील** है कि खिलाड़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए **तत्काल प्रभाव से आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ। स्थायी एवं आधुनिक प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना * योग्य कोचों की नियुक्ति * आवश्यक उपकरण एवं सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता * खिलाड़ियों के लिए आर्थिक सहायता एवं प्रोत्साहन योजनाएँ “जब अपने ही राज्य में अवसर नहीं मिलते, तो प्रतिभा पलायन के लिए मजबूर हो जाती है— कोच शाम लाल एवं खिलाड़ियों में मानसी राणा, मुस्कान,निकिता, तन्वी,नेहा,महक,सुलक्ष ठाकुर,शरीफ मोहम्मद,सौरभ चौधरी,सुशांत कुमार, जसवीर सिंह, दिव्यांशु,सचिन कुमार,अजित सिंह,अजय कुमार सहित अन्य खिलाड़ियों की आवाज़। फोटो सहित
कयाकिंग एवं कैनोइंग खिलाड़ियों के भविष्य पर प्रश्न—राज्य सरकार से मांग बंगाणा, हिमाचल प्रदेश की नदियाँ—ब्यास, रावी और सतलुज—जहाँ एक ओर अपार जल संसाधन देती हैं, वहीं दूसरी ओर कयाकिंग एवं कैनोइंग जैसे खेलों में प्रदेश को अग्रणी बना सकती हैं। आज राज्य के **250–300 से अधिक खिलाड़ी** इस खेल से जुड़े हुए हैं और कई बार **राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन** कर चुके हैं। यह साबित करता है कि प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। फिर भी, यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक स्थिति है कि आज तक इस खेल के लिए न तो पर्याप्त **सरकारी कोचों की नियुक्ति** हो पाई है और न ही आवश्यक प्रशिक्षण सुविधाएँ विकसित की गई हैं। परिणामस्वरूप, **खिलाड़ी और कोच अन्य राज्यों में जाकर अभ्यास करने के लिए मजबूर हो रहे हैं**, जो न केवल आर्थिक रूप से कठिन है, बल्कि राज्य की खेल व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। एक कोच के रूप में निरंतर प्रयासों के बावजूद, सीमित संसाधनों—जैसे बोट्स, सेफ्टी गियर, स्थायी प्रशिक्षण केंद्र और वित्तीय सहायता—की कमी खिलाड़ियों के भविष्य को प्रभावित कर रही है। यह स्थिति प्रतिभा के पलायन (Talent Migration) को बढ़ावा दे रही है, जो किसी भी राज्य के लिए गंभीर नुकसान है।अतः हिमाचल प्रदेश सरकार एवं खेल विभाग से यह **दृढ़ अपील** है कि खिलाड़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए **तत्काल प्रभाव से आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ। स्थायी एवं आधुनिक प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना * योग्य कोचों की नियुक्ति * आवश्यक उपकरण एवं सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता * खिलाड़ियों के लिए आर्थिक सहायता एवं प्रोत्साहन योजनाएँ “जब अपने ही राज्य में अवसर नहीं मिलते, तो प्रतिभा पलायन के लिए मजबूर हो जाती है— कोच शाम लाल एवं खिलाड़ियों में मानसी राणा, मुस्कान,निकिता, तन्वी,नेहा,महक,सुलक्ष ठाकुर,शरीफ मोहम्मद,सौरभ चौधरी,सुशांत कुमार, जसवीर सिंह, दिव्यांशु,सचिन कुमार,अजित सिंह,अजय कुमार सहित अन्य खिलाड़ियों की आवाज़। फोटो सहित
- Post by Munishkoundal1
- विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने साफ कहा कि प्रदेश में मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण खत्म कर उन्हें हिंदू समाज को सौंपा जाना चाहिए। VHP का आरोप है कि जहां अन्य धर्मों के पूजा स्थलों का संचालन उनके समुदाय के पास है। वहीं, हिमाचल में 37 प्रमुख मंदिर अब भी सरकारी नियंत्रण में हैं। परिषद ने इसे “धार्मिक असमानता” बताते हुए मांग की कि इन मंदिरों का प्रबंधन समाज को लौटाया जाए। उन्होंने कहा कि मंदिरों की आय हर साल सैकड़ों करोड़ तक पहुंचती है। इसका उपयोग केवल धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों में होना चाहिए, न कि प्रशासनिक खर्चों में। उन्होंने कहा कि अगर आने वाले वक़्त में हिन्दू विचार वाली भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश की सत्ता पर क़ाबिज़ होगी, तब भी वे ज़ोर-शोर से इस मांग को उनके समक्ष रखेंगे। VO—- प्रेस वार्ता में परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे “लैंड जिहाद” का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई इलाकों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण हो रहे हैं, जिन पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है। संजौली, मंडी और अन्य क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए VHP ने सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की। VHP ने हिमाचल में बढ़ती कथित लव जिहाद और धर्मांतरण की घटनाओं को सामाजिक असंतुलन का कारण बताया। परिषद का कहना है कि इससे समाज में असुरक्षा और आक्रोश बढ़ रहा है, और सरकार इस पर गंभीरता नहीं दिखा रही। परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो संगठन व्यापक जनजागरण अभियान और आंदोलन शुरू करेगा। बाइट—- मिलिंद परांडे, केंद्रीय संगठन महामंत्री, VHP VHP के मुताबिक, हर साल 200 करोड़ से अधिक चढ़ावा इन मंदिरों में दिया गया। धन सनातन संस्कृति में अपना विश्वास रखने वाले श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर विकास, लंगर, सेवा और मंदिर के अन्य विकास कार्यों के लिए दिया जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में इन 37 मंदिरों की वार्षिक आय 200.59 करोड़ थी। मंदिरों की 346.26 करोड़ की राशि सावधि जमा खाता (Fixed Deposit) में थी। इनके कोष में पर्याप्त सोना और चांदी भी है।3
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग चंबा द्वारा एमसीएच सेंटर चंबा में 24 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक मनाए जा रहे टीकाकरण सप्ताह के अंतर्गत आज एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा नियमित टीकाकरण सेवाओं की जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं को बताया गया कि समय पर टीकाकरण करवाने से मां और बच्चे दोनों को कई गंभीर संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा डॉ. जालम भारद्वाज ने कहा कि टीकाकरण संक्रामक बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी और सुरक्षित उपाय है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों और गर्भवती महिलाओं का निर्धारित समय पर टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने यह भी कहा कि लक्षित वर्ग तक समय पर टीकाकरण पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुहेल सहित स्वास्थ्य पर्यवेक्षक और अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी उपस्थित रहे। बाइट — डॉ. जालम भारद्वाज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा: “टीकाकरण बच्चों और गर्भवती महिलाओं को गंभीर बीमारियों से बचाने का सबसे सुरक्षित माध्यम है। हम सभी का दायित्व है कि हर पात्र व्यक्ति तक समय पर टीकाकरण सेवाएं पहुंचें और कोई भी इससे वंचित न रहे।” बाइट डॉ जालम भारद्वाज मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा।2
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- हथियार लेने पहुंचे बदमाशों को रंगे हाथ किया काबू,1
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- ग्राम पंचायत गाहर में चौकीदार कमलेश कुमार सेवानिवृत्त, सम्मान समारोह आयोजित : ग्राम पंचायत गाहर में चौकीदार के पद से सेवानिवृत्त हुए कमलेश कुमार को भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर पंचायत परिसर में उनके सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।1
- भारतीय जनता पार्टी जिला शिमला ने जिलाध्यक्ष केशव चौहान के नेतृत्व मै KNH के पास गायनी वार्ड को आईजीएमसी शिफ्ट करने पर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी एवं प्रदर्शन किया जिलाध्यक्ष ने कुछ दिनों पूर्व प्रैस कांफ्रेंस के माध्यम से सरकार को चेताया था कि समय रहते इस फैसले को वापिस लिया जाए लेकिन सरकार एवं मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि गायनी वार्ड आईजीएमसी शिफ्ट कर ही दिया जाएगा इस बाबत भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के ख़िलाफ़ अपना धरना प्रदर्शन किया जोरदार नारेबाज़ी एवं महिलाओं की गूंज सरकार के कान तक पहुंचने के लिए कार्यकर्ताओं, महिलाओं ने मीडिया को तल्ख अंदाज मै अपनी प्रतिक्रियाएं दी गौरतलब है कि विभिन्न संगठनों के साथ साथ कर्मचारियों ने भी KNH से सुविधाएं इधर उधर करने पर अपनी नाराजगी जताई है लेकिन सरकार कुछ भी करने से बचाव कर रही है . वीओ..केशव चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश की जनहित पार्टी है महिलाओं ,बच्चों एवं बजुगों के साथ कोई भी अत्याचार या अन्याय होगा पार्टी कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेगा ...ऐसी सरकार जिसमें नए नए प्रचलन आरम्भ हो रहे है जनता कतई भी माफ नहीं करेगी..जिलाध्यक्ष केशव चौहान ने कहा कि पिछले कुछ समय से जैसे ही कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है तब से लेकर अभी तक कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के बड़े स्वास्थ्य संस्थानों की चल रही व्यवस्था को बिगाड़कर अपनी मनमानी पर उतारू है 102 वर्ष पुराने स्वास्थ्य केंद्र से बिना किसी औचित्य के शिफ्ट किया जा रहा है सरकार सारी स्वास्थ्य सुविधाएं जिसमें नए डॉक्टर्स,नई नई बड़े स्वास्थ्य वार्डो का गठन,ओपीडी,अन्य सारी स्वास्थ्य सुविधाएं देने मै असमर्थ साबित हुईं है चौहान ने कहा कि सरकार ने देश के सुप्रसिद्ध हस्पतालों KNH के अलावा आईजीएमसी से कार्डियोलॉजी जैसे बड़े विभाग को भी शहर से चमियाना शिफ्ट करके दोनों हस्पतालों आईजीएमसी और अटल स्वास्थ्य संस्थान चमियाना को एक खानापूर्ति का अड्डा बना दिया ..लोगो को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है अब आधे से ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं होती जो दर दर भटकर पहले आईजीएमसी जाते है वहां से फिर उनको चमियाना भेजा जाता है और कई बीच मै ही दम तोड़ देते है केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा शिमला को बहुत बड़ी सौगात अटल स्वास्थ्य संस्थान के रूप में दी गई थी जिसका पूरा पूरा जिम्मा प्रदेश सरकार का था कि वह नए डॉक्टर्स और वार्ड्स शुरू करे ताकि सभी लोगों को आईजीएमसी के साथ साथ अटल स्वास्थ्य संस्थान मै भी अच्छी सुविधाएं प्रदान हो परंतु ऐसा कुछ नहीं हुआ और अब सरकार KNH महिला स्वास्थ्य संस्थान से भी छेड़छाड़ कर रही है जिसमें गायनी वार्ड को भी शिफ्ट किया जा रहा है ।।जो आम जनता और महिलाओं के साथ बड़ा खिलवाड़ है केशव चौहान ने कहा कि KNH मै जो टैस्ट 30 रु का होता था वो अब 100 का हो रहा है , स्पेशल वार्ड्स 1200 से बढ़ाकर 2500 कर दिया गया है इन सभी बातों को सरकार के ध्यानार्थ करके चेतावनी दी है कि जब तक सरकार अपने फैसलों को नहीं पलटेगी वो पीछे नहीं हटेंगे... बाइट,,, केशव चौहान जिला अध्यक्ष भाजपा2
- चंबा के ऐतिहासिक चौगान मैदान में पहली बार Indian Premier League फैन पार्क का आयोजन होने जा रहा है, जिससे जिले में उत्साह का माहौल बन गया है। उपायुक्त चंबा मुकेश रपसवाल ने इस आयोजन को जिले के लिए एक बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि इससे चंबा को नई पहचान मिलेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस तरह का आयोजन चंबा में पहली बार हो रहा है, जिसमें क्रिकेट प्रेमियों को बड़े स्क्रीन पर लाइव मैच देखने का शानदार मौका मिलेगा। यह फैन पार्क 2 और 3 मई को आयोजित किया जाएगा, जहां लोगों को क्रिकेट के साथ-साथ मनोरंजन का भी पूरा आनंद मिलेगा। उपायुक्त ने जिला वासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस आयोजन में भाग लें और इसे सफल बनाएं, ताकि भविष्य में भी ऐसे बड़े आयोजन चंबा में होते रहें। बाइट मुकेश रेप्सवाल डीसी चंबा।2