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सोनभद्र जनपद के दुद्धी तहसील अंतर्गत घिवाही ग्राम पंचायत निवासी सुरेंद्र कुशवाहा का परिवार पिछले लगभग 40 वर्षों से एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। बरसात के मौसम में इस मकान की स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे परिवार पर हर समय किसी हादसे का खतरा मंडराता रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि सुरेंद्र कुशवाहा का यह मकान ग्राम प्रधान के आवास से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी अब तक उन्हें पक्का आवास नहीं मिल पाया। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय विकास और आवास दिलाने के वादे तो करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे इन समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं देते। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि पात्रता के अनुसार सुरेंद्र कुशवाहा के परिवार को शीघ्र सरकारी आवास योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनका परिवार एक सुरक्षित आवास में रह सके।

5 hrs ago
user_Jitendr Prshad
Jitendr Prshad
Court reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
5 hrs ago

सोनभद्र जनपद के दुद्धी तहसील अंतर्गत घिवाही ग्राम पंचायत निवासी सुरेंद्र कुशवाहा का परिवार पिछले लगभग 40 वर्षों से एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। बरसात के मौसम में इस मकान की स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे परिवार पर हर समय किसी हादसे का खतरा मंडराता रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि सुरेंद्र कुशवाहा का यह मकान ग्राम प्रधान के आवास से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी अब तक उन्हें पक्का आवास नहीं मिल पाया। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय विकास और आवास दिलाने के वादे तो करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे इन समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं देते। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि पात्रता के अनुसार सुरेंद्र कुशवाहा के परिवार को शीघ्र सरकारी आवास योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनका परिवार एक सुरक्षित आवास में रह सके।

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  • सोनभद्र के ओबरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, गर्भपात कराने और एससी/एसटी एक्ट के तहत वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) श्री अनिल कुमार तथा क्षेत्राधिकारी ओबरा श्री प्रभात राय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक ओबरा श्री सदानन्द राय के कुशल नेतृत्व में की गई। दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या से हुई थी। अभियुक्त ने विवाह का आश्वासन देकर कई वर्षों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता गर्भवती हुई, तो अभियुक्त उसे नोएडा ले गया और शादी का वादा करके गर्भपात कराने का दबाव डाला। पीड़िता की जानकारी के बिना उसे गर्भपात संबंधी दवा देकर 27.05.2026 को एक निजी अस्पताल में गर्भपात करा दिया गया। बाद में जब पीड़िता ने विवाह की बात की, तो अभियुक्त और उसके परिजनों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट, अभद्रता की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे अपमानित किया। इस तहरीर के आधार पर ओबरा थाने में मु0अ0सं0-132/2026, धारा 69, 89, 115(2), 352 बीएनएस तथा धारा 3(2)(v), 3(1)(द), 3(1)(ध) एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अभियुक्त की तलाश में ओबरा पुलिस लगातार प्रयासरत थी। मुखबिर से मिली सूचना पर, पुलिस ने 28.06.2026 को सुबह करीब 06:10 बजे शारदा मंदिर, ओबरा के पास से अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या को गिरफ्तार किया और नियमानुसार माननीय न्यायालय भेज दिया। गिरफ्तार अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या (उम्र लगभग 24 वर्ष) पुत्र राजेश मौर्या, ग्राम परही (मधुपुर), थाना रॉबर्ट्सगंज, जनपद सोनभद्र का निवासी है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक सदानन्द राय, आरक्षी प्रवीण कुमार राय और रिक्रूट आरक्षी सुल्तान शामिल थे। सोनभद्र पुलिस का कहना है कि अपराध और अपराधियों के विरुद्ध उनकी प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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    सोनभद्र के ओबरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, गर्भपात कराने और एससी/एसटी एक्ट के तहत वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) श्री अनिल कुमार तथा क्षेत्राधिकारी ओबरा श्री प्रभात राय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक ओबरा श्री सदानन्द राय के कुशल नेतृत्व में की गई।

दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या से हुई थी। अभियुक्त ने विवाह का आश्वासन देकर कई वर्षों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता गर्भवती हुई, तो अभियुक्त उसे नोएडा ले गया और शादी का वादा करके गर्भपात कराने का दबाव डाला। पीड़िता की जानकारी के बिना उसे गर्भपात संबंधी दवा देकर 27.05.2026 को एक निजी अस्पताल में गर्भपात करा दिया गया। बाद में जब पीड़िता ने विवाह की बात की, तो अभियुक्त और उसके परिजनों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट, अभद्रता की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे अपमानित किया। इस तहरीर के आधार पर ओबरा थाने में मु0अ0सं0-132/2026, धारा 69, 89, 115(2), 352 बीएनएस तथा धारा 3(2)(v), 3(1)(द), 3(1)(ध) एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।

अभियुक्त की तलाश में ओबरा पुलिस लगातार प्रयासरत थी। मुखबिर से मिली सूचना पर, पुलिस ने 28.06.2026 को सुबह करीब 06:10 बजे शारदा मंदिर, ओबरा के पास से अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या को गिरफ्तार किया और नियमानुसार माननीय न्यायालय भेज दिया। गिरफ्तार अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या (उम्र लगभग 24 वर्ष) पुत्र राजेश मौर्या, ग्राम परही (मधुपुर), थाना रॉबर्ट्सगंज, जनपद सोनभद्र का निवासी है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक सदानन्द राय, आरक्षी प्रवीण कुमार राय और रिक्रूट आरक्षी सुल्तान शामिल थे। सोनभद्र पुलिस का कहना है कि अपराध और अपराधियों के विरुद्ध उनकी प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
    user_Bharat kumar bharat
    Bharat kumar bharat
    पत्रकार Robertsganj, Sonbhadra•
    19 hrs ago
  • फुटपाथ पर बैठे गरीब दुकानदारों को मात्र 'गरीब' नहीं, बल्कि व्यवस्था का शिकार बताया गया है। यह सवाल उठाया गया है कि इन गरीब दुकानदार भाइयों को इस दयनीय स्थिति में किसने पहुँचाया, जहाँ वे अपनी रोज़ी-रोटी के लिए सड़क किनारे बैठने को मजबूर हैं। पोस्ट में ज़ोर दिया गया है कि जब असली हकदार इस तरह सड़क किनारे बैठने को विवश हैं, तब व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आगे कहा गया है कि रोज़ी-रोटी कमाना कोई अपराध नहीं, बल्कि हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। इसलिए, इसका समाधान दुकानदारों को उजाड़ने में नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास प्रदान करने और एक न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करने में है।
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    फुटपाथ पर बैठे गरीब दुकानदारों को मात्र 'गरीब' नहीं, बल्कि व्यवस्था का शिकार बताया गया है। यह सवाल उठाया गया है कि इन गरीब दुकानदार भाइयों को इस दयनीय स्थिति में किसने पहुँचाया, जहाँ वे अपनी रोज़ी-रोटी के लिए सड़क किनारे बैठने को मजबूर हैं। पोस्ट में ज़ोर दिया गया है कि जब असली हकदार इस तरह सड़क किनारे बैठने को विवश हैं, तब व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आगे कहा गया है कि रोज़ी-रोटी कमाना कोई अपराध नहीं, बल्कि हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। इसलिए, इसका समाधान दुकानदारों को उजाड़ने में नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास प्रदान करने और एक न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करने में है।
    user_Deepak Sharma
    Deepak Sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    22 hrs ago
  • सिंगरौली जिले के सरई क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन का 'खेल' इन दिनों जोरों पर होने के आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि सरई रेलवे स्टेशन से सरई बाजार तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के ज़रिए रेत का अवैध परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा है। इस अनियंत्रित परिवहन के कारण सड़क सुरक्षा, धूल प्रदूषण और आम लोगों की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन से जुड़ी शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, जिसके चलते अब इस पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभागों से अपील की है कि यदि रेत का खनन और परिवहन वैध अनुमति के बिना हो रहा है, तो इसकी गहन जांच की जाए और दोषी व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यह स्पष्ट किया गया है कि परिवहन पूरी तरह वैध है या अवैध, इसका पता प्रशासन द्वारा की जाने वाली विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा। उपलब्ध जानकारी फिलहाल स्थानीय निवासियों की शिकायतों और रिपोर्टों पर आधारित है।
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    सिंगरौली जिले के सरई क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन का 'खेल' इन दिनों जोरों पर होने के आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि सरई रेलवे स्टेशन से सरई बाजार तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के ज़रिए रेत का अवैध परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा है। इस अनियंत्रित परिवहन के कारण सड़क सुरक्षा, धूल प्रदूषण और आम लोगों की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।

क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन से जुड़ी शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, जिसके चलते अब इस पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभागों से अपील की है कि यदि रेत का खनन और परिवहन वैध अनुमति के बिना हो रहा है, तो इसकी गहन जांच की जाए और दोषी व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

यह स्पष्ट किया गया है कि परिवहन पूरी तरह वैध है या अवैध, इसका पता प्रशासन द्वारा की जाने वाली विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा। उपलब्ध जानकारी फिलहाल स्थानीय निवासियों की शिकायतों और रिपोर्टों पर आधारित है।
    user_Saud pathan patrakar
    Saud pathan patrakar
    सिंगरौली, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • सोनभद्र जनपद के दुद्धी तहसील अंतर्गत घिवाही ग्राम पंचायत निवासी सुरेंद्र कुशवाहा का परिवार पिछले लगभग 40 वर्षों से एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। बरसात के मौसम में इस मकान की स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे परिवार पर हर समय किसी हादसे का खतरा मंडराता रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि सुरेंद्र कुशवाहा का यह मकान ग्राम प्रधान के आवास से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी अब तक उन्हें पक्का आवास नहीं मिल पाया। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय विकास और आवास दिलाने के वादे तो करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे इन समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं देते। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि पात्रता के अनुसार सुरेंद्र कुशवाहा के परिवार को शीघ्र सरकारी आवास योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनका परिवार एक सुरक्षित आवास में रह सके।
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    सोनभद्र जनपद के दुद्धी तहसील अंतर्गत घिवाही ग्राम पंचायत निवासी सुरेंद्र कुशवाहा का परिवार पिछले लगभग 40 वर्षों से एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। बरसात के मौसम में इस मकान की स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे परिवार पर हर समय किसी हादसे का खतरा मंडराता रहता है।

ग्रामीणों ने बताया कि सुरेंद्र कुशवाहा का यह मकान ग्राम प्रधान के आवास से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी अब तक उन्हें पक्का आवास नहीं मिल पाया। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय विकास और आवास दिलाने के वादे तो करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे इन समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं देते।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि पात्रता के अनुसार सुरेंद्र कुशवाहा के परिवार को शीघ्र सरकारी आवास योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनका परिवार एक सुरक्षित आवास में रह सके।
    user_Jitendr Prshad
    Jitendr Prshad
    Court reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बिहार के भोजपुर जिले के अंतर्गत आने वाला जवईनिया गांव गंगा नदी के भीषण कटाव और विनाशकारी बाढ़ के कारण लगभग खत्म हो चुका है। इस त्रासदी में गांव के सैकड़ों घर नदी में समा गए हैं, और पूरा इलाका जलमग्न होकर रेत में बदल गया है। इस स्थिति के चलते गांव के लगभग सभी घर तबाह हो गए हैं, जिससे भारी विस्थापन हुआ है और लोग बेघर होकर तटबंधों तथा राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। नदी की चपेट में आने से उपजाऊ कृषि भूमि भी पूरी तरह से नष्ट हो गई है, जिससे स्थानीय निवासियों ने अपनी आजीविका खो दी है। प्रशासन ने बेघर हुए परिवारों को लगभग ₹7,000 से ₹1.20 लाख तक का मुआवजा देने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर बसाने की योजना बनाई है। हालांकि, कई ग्रामीणों की शिकायत है कि उन्हें अभी तक पूरी सहायता प्राप्त नहीं हुई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने केवल राहत सामग्री की जगह, नदी के कटाव को रोकने के लिए एक पक्के तटबंध के निर्माण और प्रभावित परिवारों के लिए उचित पुनर्वास की मांग की है।
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    बिहार के भोजपुर जिले के अंतर्गत आने वाला जवईनिया गांव गंगा नदी के भीषण कटाव और विनाशकारी बाढ़ के कारण लगभग खत्म हो चुका है। इस त्रासदी में गांव के सैकड़ों घर नदी में समा गए हैं, और पूरा इलाका जलमग्न होकर रेत में बदल गया है। इस स्थिति के चलते गांव के लगभग सभी घर तबाह हो गए हैं, जिससे भारी विस्थापन हुआ है और लोग बेघर होकर तटबंधों तथा राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

नदी की चपेट में आने से उपजाऊ कृषि भूमि भी पूरी तरह से नष्ट हो गई है, जिससे स्थानीय निवासियों ने अपनी आजीविका खो दी है। प्रशासन ने बेघर हुए परिवारों को लगभग ₹7,000 से ₹1.20 लाख तक का मुआवजा देने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर बसाने की योजना बनाई है। हालांकि, कई ग्रामीणों की शिकायत है कि उन्हें अभी तक पूरी सहायता प्राप्त नहीं हुई है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने केवल राहत सामग्री की जगह, नदी के कटाव को रोकने के लिए एक पक्के तटबंध के निर्माण और प्रभावित परिवारों के लिए उचित पुनर्वास की मांग की है।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    20 hrs ago
  • घर जाते समय एक दर्दनाक हादसे में ट्रैक्टर की टक्कर से एक भाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका दूसरा भाई रांची के अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है। यह घटना दूसरे दिन घर वापस लौटते समय हुई। मरने वाले भाई की चमराही मदरसा से पास होने के बाद 25 मई, 2026 को पगड़ी रस्म होनी थी। इस दुखद स्थिति में, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने चंदा इकट्ठा कर पीड़ित परिवार को 4 से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भेजी है। हालांकि, इतनी मदद के बावजूद घायल भाई की स्थिति में अभी तक कोई खास सुधार नहीं हुआ है और वह अब भी गंभीर हालत में है।
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    घर जाते समय एक दर्दनाक हादसे में ट्रैक्टर की टक्कर से एक भाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका दूसरा भाई रांची के अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है। यह घटना दूसरे दिन घर वापस लौटते समय हुई। मरने वाले भाई की चमराही मदरसा से पास होने के बाद 25 मई, 2026 को पगड़ी रस्म होनी थी।

इस दुखद स्थिति में, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने चंदा इकट्ठा कर पीड़ित परिवार को 4 से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भेजी है। हालांकि, इतनी मदद के बावजूद घायल भाई की स्थिति में अभी तक कोई खास सुधार नहीं हुआ है और वह अब भी गंभीर हालत में है।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    19 hrs ago
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