logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

हाल-ए-फतेहपुर : खागा तहसील बना मादक पदार्थ सप्लाई का गढ़ फतेहपुर जिले में इस समय अगर किसी तहसील का नाम मादक पदार्थों की सप्लाई में सबसे ऊपर लिया जा रहा है, तो वह है खागा तहसील। हालात ऐसे बन चुके हैं कि मानो यहां हर क्राइम का रेट पहले से तय हो और फिर बेखौफ अंजाम दिया जा रहा हो। सूत्रों की मानें तो खागा क्षेत्र में मादक पदार्थों की सप्लाई दिन-दहाड़े और खुलेआम चल रही है। हैरानी की बात यह है कि कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर ही यह अवैध कारोबार पूरे जोर-शोर से फल-फूल रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे का जाल युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है छोटे-बड़े तस्कर बेखौफ होकर सप्लाई कर रहे हैं कानून का डर अपराधियों के लिए मज़ाक बनकर रह गया है सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब पुलिस चौकी/कोतवाली के इतने पास यह सब हो रहा है, तो आखिर 👉 जानकारी का अभाव है या 👉 अनदेखी जानबूझकर की जा रही है? खागा तहसील में पनप रहा यह नशे का कारोबार न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि पूरे फतेहपुर जिले की छवि को भी धूमिल कर रहा है। अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में इसके और भयावह परिणाम देखने को मिल सकते हैं। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी नींद से जागते हैं या फिर खागा यूं ही नशे की राजधानी बना रहेगा।

4 hrs ago
user_आदित्य शुक्ला
आदित्य शुक्ला
पत्रकार फतेहपुर, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

हाल-ए-फतेहपुर : खागा तहसील बना मादक पदार्थ सप्लाई का गढ़ फतेहपुर जिले में इस समय अगर किसी तहसील का नाम मादक पदार्थों की सप्लाई में सबसे ऊपर लिया जा रहा है, तो वह है खागा तहसील। हालात ऐसे बन चुके हैं कि मानो यहां हर क्राइम का रेट पहले से तय हो और फिर बेखौफ अंजाम दिया जा रहा हो। सूत्रों की मानें तो खागा क्षेत्र में मादक पदार्थों की सप्लाई दिन-दहाड़े और खुलेआम चल रही है। हैरानी की बात यह है कि कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर ही यह अवैध कारोबार पूरे जोर-शोर से फल-फूल रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे का जाल युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त

में ले रहा है छोटे-बड़े तस्कर बेखौफ होकर सप्लाई कर रहे हैं कानून का डर अपराधियों के लिए मज़ाक बनकर रह गया है सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब पुलिस चौकी/कोतवाली के इतने पास यह सब हो रहा है, तो आखिर 👉 जानकारी का अभाव है या 👉 अनदेखी जानबूझकर की जा रही है? खागा तहसील में पनप रहा यह नशे का कारोबार न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि पूरे फतेहपुर जिले की छवि को भी धूमिल कर रहा है। अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में इसके और भयावह परिणाम देखने को मिल सकते हैं। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी नींद से जागते हैं या फिर खागा यूं ही नशे की राजधानी बना रहेगा।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • रामनगर कौहन पुल बना माफिया का ‘सेफ कॉरिडोर’ बांदा–फतेहपुर सीमा क्षेत्र में इन दिनों अवैध खनन अपने चरम पर है। रामनगर कौहन पुल अब खनन माफिया के लिए एक सुरक्षित रास्ता बन चुका है, जहाँ से दिन-रात ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर खनिज संपदा ढो रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर मोरम, बालू और मिट्टी का अवैध परिवहन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब कुछ खुलेआम हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की आंखों पर जैसे पट्टी बंधी हुई है। यह पुल अब सिर्फ आवागमन का जरिया नहीं रहा, बल्कि खनन माफिया का “सेफ कॉरिडोर” बन गया है। यहाँ से गुजरने वाले वाहनों पर न तो वजन की जांच होती है और न ही खनिज परमिट का सही तरीके से सत्यापन। नतीजा यह है कि क्षेत्र में अवैध खनन बेलगाम होता जा रहा है। 🚛 *कृषि परमिट की आड़ में राजस्व की लूट* ओवरलोडिंग से सड़कें और कानून दोनों घायल सूत्रों के अनुसार, खनन माफिया कृषि कार्य के नाम पर जारी परमिट का दुरुपयोग कर रहा है। इन परमिटों का इस्तेमाल कर खनिज ढोया जा रहा है, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। ओवरलोड वाहनों की वजह से सड़कें टूट रही हैं, पुलों पर दबाव बढ़ रहा है और हर समय दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दिन-दहाड़े नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खनिज नियमों के अनुसार जितना भार तय है, उससे कहीं ज्यादा वजन लादकर वाहन चलाए जा रहे हैं, जिससे न सिर्फ कानून का उल्लंघन हो रहा है बल्कि आम जनता की जान भी जोखिम में डाली जा रही है। ❓ *साक्ष्य मौजूद, फिर भी प्रशासन मौन क्यों?* क्या “ऊपर” तक पहुँच रहा है हिस्से का खेल सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अवैध खनन के साक्ष्य मौजूद हैं—फोटो, वीडियो, वाहन नंबर और चश्मदीद बयान—तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? स्थानीय लोगों का आरोप है कि कहीं न कहीं इस पूरे खेल में प्रशासनिक संरक्षण मिल रहा है। तभी तो खनन माफिया इतने बेखौफ होकर काम कर रहा है। जनता पूछ रही है कि क्या इस अवैध कमाई का हिस्सा “ऊपर” तक पहुँच रहा है? अगर नहीं, तो अब तक दोषियों पर बड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? बांदा–फतेहपुर क्षेत्र के लोग चाहते हैं कि शासन-प्रशासन इस मामले में तुरंत सख्त कदम उठाए, दोषियों को जेल भेजे और अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाए।
    2
    रामनगर कौहन पुल बना माफिया का ‘सेफ कॉरिडोर’
बांदा–फतेहपुर सीमा क्षेत्र में इन दिनों अवैध खनन अपने चरम पर है। रामनगर कौहन पुल अब खनन माफिया के लिए एक सुरक्षित रास्ता बन चुका है, जहाँ से दिन-रात ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर खनिज संपदा ढो रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर मोरम, बालू और मिट्टी का अवैध परिवहन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब कुछ खुलेआम हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की आंखों पर जैसे पट्टी बंधी हुई है।
यह पुल अब सिर्फ आवागमन का जरिया नहीं रहा, बल्कि खनन माफिया का “सेफ कॉरिडोर” बन गया है। यहाँ से गुजरने वाले वाहनों पर न तो वजन की जांच होती है और न ही खनिज परमिट का सही तरीके से सत्यापन। नतीजा यह है कि क्षेत्र में अवैध खनन बेलगाम होता जा रहा है।
🚛 *कृषि परमिट की आड़ में राजस्व की लूट*
ओवरलोडिंग से सड़कें और कानून दोनों घायल
सूत्रों के अनुसार, खनन माफिया कृषि कार्य के नाम पर जारी परमिट का दुरुपयोग कर रहा है। इन परमिटों का इस्तेमाल कर खनिज ढोया जा रहा है, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। ओवरलोड वाहनों की वजह से सड़कें टूट रही हैं, पुलों पर दबाव बढ़ रहा है और हर समय दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दिन-दहाड़े नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खनिज नियमों के अनुसार जितना भार तय है, उससे कहीं ज्यादा वजन लादकर वाहन चलाए जा रहे हैं, जिससे न सिर्फ कानून का उल्लंघन हो रहा है बल्कि आम जनता की जान भी जोखिम में डाली जा रही है।
❓ *साक्ष्य मौजूद, फिर भी प्रशासन मौन क्यों?*
क्या “ऊपर” तक पहुँच रहा है हिस्से का खेल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अवैध खनन के साक्ष्य मौजूद हैं—फोटो, वीडियो, वाहन नंबर और चश्मदीद बयान—तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? स्थानीय लोगों का आरोप है कि कहीं न कहीं इस पूरे खेल में प्रशासनिक संरक्षण मिल रहा है। तभी तो खनन माफिया इतने बेखौफ होकर काम कर रहा है।
जनता पूछ रही है कि क्या इस अवैध कमाई का हिस्सा “ऊपर” तक पहुँच रहा है? अगर नहीं, तो अब तक दोषियों पर बड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? बांदा–फतेहपुर क्षेत्र के लोग चाहते हैं कि शासन-प्रशासन इस मामले में तुरंत सख्त कदम उठाए, दोषियों को जेल भेजे और अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाए।
    user_आदित्य शुक्ला
    आदित्य शुक्ला
    पत्रकार फतेहपुर, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Udnews chief editor In
    1
    Post by Udnews chief editor In
    user_Udnews chief editor In
    Udnews chief editor In
    फतेहपुर, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • चौडगरा/फतेहपुर। प्रेम प्रसंग के चलते जान देने वाले युवक के पिता की तहरीर पर कल्यानपुर थाने में मुकदमा दर्ज ब्लैकमेल, रुपयों की वसूली, मारपीट, आत्महत्या के लिए प्रेरित करना जैसी गम्भीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत मृतक युवक के परिजनों ने मलवा थाना क्षेत्र निवासी प्रेमिका और उसके परिजनों पर लगाए गम्भीर आरोप तीन नामजद व चार पांच अज्ञात के खिलाफ गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज मुकदमा दर्ज कर बारीकी से मामले की जांच पड़ताल में जुटी पुलिस, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी
    1
    चौडगरा/फतेहपुर। प्रेम प्रसंग के चलते जान देने वाले युवक के पिता की तहरीर पर कल्यानपुर थाने में मुकदमा दर्ज
ब्लैकमेल, रुपयों की वसूली, मारपीट, आत्महत्या के लिए प्रेरित करना जैसी गम्भीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत
मृतक युवक के परिजनों ने मलवा थाना क्षेत्र निवासी प्रेमिका और उसके परिजनों पर लगाए गम्भीर आरोप
तीन नामजद व चार पांच अज्ञात के खिलाफ गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
मुकदमा दर्ज कर बारीकी से मामले की जांच पड़ताल में जुटी पुलिस, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी
    user_Rajendra Kumar Soni
    Rajendra Kumar Soni
    रिपोर्टर बिंदकी, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • वाकथान के साथ ही लोगों को किया जाएगा जागरूक डलमऊ रायबरेली लोगों के बीच मिर्गी एपिलेप्सी को लेकर फैली हुई भ्रांतियां को दूर करने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा जिसके लिए सुबह-वाकथान के साथ ही मिर्गी के रोगियों को उसके उपचार एवं बचाव के तरीके भी बताए जाएंगे रविवार को विश्व मुर्गी दिवस के अवसर पर संकट मोचन मंदिर से लेकर मुराई बाग तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। शनिवार को अंकल जी हेल्थ केयर में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें डॉ प्रदीप कुमार एसोसिएट डायरेक्टर न्यूरोलॉजी अपोलो मेडिक्स हॉस्पिटल लखनऊ द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई। डॉ प्रदीप ने बताया कि मिर्गी एक स्नायु संबंधी विकार है जिसमें लोगों को बार-बार दौरे पड़ते हैं मस्तिष्क की इलेक्ट्रिकल गतिविधि में जरा देर के लिए आने वाली बाधा दौरे का कारण बनती है यह बीमारी छुआछूत से नहीं फैलती है तथा कोई मानसिक बीमारी नहीं है यह बीमारी सर पर लगी चोट मस्तिष्क आघात मस्तिष्क की रसौली तथा एक दो प्रतिशत आनुवांशिक लक्षणों के कारण होती है इसमें व्यक्ति को बार-बार दौरे आते हैं और कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हो जाती है इसका इलाज संभव है यदि मरीज द्वारा इसका नियमित उपचार किया जाए तो मरीज ठीक हो सकता है लेकिन समाज में इस रोग को लेकर लोगों के प्रति अनेक तरह की भ्रांतियां होती हैं डॉ प्रियंका गुप्ता ने बताया कि छोटे बच्चों में प्रदूषण खान-पान के चलते भी इस रोग का विकार उत्पन्न हो जाता है कार्यक्रम के आयोजक राहुल गुप्ता ने बताया कि मुराई बाग स्थित अंकल जी हेल्थ केयर में इस प्रकार के रोग से संबंधित इलाज की पूरी व्यवस्था है लोगों को रोग से संबंधित जागरूक करने के लिए विश्व मिर्गी दिवस पर वह स्थान एवं जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया है इस मौके पर शीतला प्रसाद गुप्ता अंजली गुप्ता दीप्ति गुप्ता उपस्थित रही।
    2
    वाकथान के साथ ही लोगों को किया जाएगा जागरूक
डलमऊ रायबरेली 
लोगों के बीच मिर्गी एपिलेप्सी को लेकर फैली हुई भ्रांतियां को दूर करने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा जिसके लिए सुबह-वाकथान के साथ ही मिर्गी के रोगियों को उसके उपचार एवं बचाव के तरीके भी बताए जाएंगे रविवार को विश्व मुर्गी दिवस के अवसर पर संकट मोचन मंदिर से लेकर मुराई बाग तक पैदल मार्च निकाला जाएगा।
शनिवार को अंकल जी हेल्थ केयर में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें डॉ प्रदीप कुमार एसोसिएट डायरेक्टर न्यूरोलॉजी अपोलो मेडिक्स हॉस्पिटल लखनऊ द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई। डॉ प्रदीप ने बताया कि मिर्गी एक स्नायु संबंधी विकार है जिसमें लोगों को बार-बार दौरे पड़ते हैं मस्तिष्क की इलेक्ट्रिकल गतिविधि में जरा देर के लिए आने वाली बाधा दौरे का कारण बनती है यह बीमारी छुआछूत से नहीं फैलती है तथा कोई मानसिक बीमारी नहीं है यह बीमारी सर पर लगी चोट मस्तिष्क आघात मस्तिष्क की रसौली तथा एक दो प्रतिशत आनुवांशिक लक्षणों के कारण होती है इसमें व्यक्ति को बार-बार दौरे आते हैं और कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हो जाती है इसका इलाज संभव है यदि मरीज द्वारा इसका नियमित उपचार किया जाए तो मरीज ठीक हो सकता है लेकिन समाज में इस रोग को लेकर लोगों के प्रति अनेक तरह की भ्रांतियां होती हैं डॉ प्रियंका गुप्ता ने बताया कि छोटे बच्चों में प्रदूषण खान-पान के चलते भी इस रोग का विकार उत्पन्न हो जाता है कार्यक्रम के आयोजक राहुल गुप्ता ने बताया कि मुराई बाग स्थित अंकल जी हेल्थ केयर में इस प्रकार के रोग से संबंधित इलाज की पूरी व्यवस्था है लोगों को रोग से संबंधित जागरूक करने के लिए विश्व मिर्गी दिवस पर वह स्थान एवं जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया है इस मौके पर शीतला प्रसाद गुप्ता अंजली गुप्ता दीप्ति गुप्ता उपस्थित रही।
    user_Arjun
    Arjun
    Local News Reporter डलमऊ, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • शिवगढ़। स्टेट हाईवे बांदा-बहराइच पर तरौंजा प्राथमिक विद्यालय के पास केंद्रीय विद्यालय शिवगढ़ से छात्रों को लेकर लौट रहे ई रिक्शा को ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में ई रिक्शा पलट जाने से उसमें सवार पांच विद्यार्थी और ई रिक्शा चालक घायल हो गए। एक घायल छात्र को एम्स व चालक को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही छात्रों के परिवार के लोग बदहवास हालात में सीएचसी पहुंचे।शुक्रवार को शाम करीब चार बजे ई रिक्शा चालक अमित कुमार निवासी तरौंजा केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले अभिनव सिंह (7) निवासी निबौलापुर, लकी यादव (12) निवासी निबौलापुर, कुंभी निवासी शौर्या (12), रुद्र सिंह (7) व अनन्या सिंह (13) को वाहन में बैठकर उनके घर छोड़ने जा रहा था। रास्ते में तरौंजा प्राथमिक विद्यालय के पास बछरावां से हैदरगढ़ जा रहे ट्रक ने ई रिक्शा को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में चालक के साथ उसमें बैठे पांचों बच्चें घायल हो गए। बच्चों की चीख पुकार सुनकर लोग मदद के लिए पहुंचे।मौके से चालक ट्रक लेकर भाग निकला। सभी घायलों को सीएचसी ले जाया गया, जहां ई रिक्शा चालक को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर व छात्र अभिनव सिंह को एम्स रायबरेली रेफर कर दिया गया। दोनों के सिर में गंभीर चोट आई है। थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मामूली रूप से घायल छात्रा लक्की यादव, शौर्य, रूद्र सिंह और अनन्या का प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। इस मामले में पुलिस को अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई तय होगी। स्थान -शिवगढ़ रायबरेली रिपोर्ट -बलवंत कुमार
    1
    शिवगढ़। स्टेट हाईवे बांदा-बहराइच पर तरौंजा प्राथमिक विद्यालय के पास केंद्रीय विद्यालय शिवगढ़ से छात्रों को लेकर लौट रहे ई रिक्शा को ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में ई रिक्शा पलट जाने से उसमें सवार पांच विद्यार्थी और ई रिक्शा चालक घायल हो गए। एक घायल छात्र को एम्स व चालक को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही छात्रों के परिवार के लोग बदहवास हालात में सीएचसी पहुंचे।शुक्रवार को शाम करीब चार बजे ई रिक्शा चालक अमित कुमार निवासी तरौंजा केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले अभिनव सिंह (7) निवासी निबौलापुर, लकी यादव (12) निवासी निबौलापुर, कुंभी निवासी शौर्या (12), रुद्र सिंह (7) व अनन्या सिंह (13) को वाहन में बैठकर उनके घर छोड़ने जा रहा था। रास्ते में तरौंजा प्राथमिक विद्यालय के पास बछरावां से हैदरगढ़ जा रहे ट्रक ने ई रिक्शा को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में चालक के साथ उसमें बैठे पांचों बच्चें घायल हो गए। बच्चों की चीख पुकार सुनकर लोग मदद के लिए पहुंचे।मौके से चालक ट्रक लेकर भाग निकला। सभी घायलों को सीएचसी ले जाया गया, जहां ई रिक्शा चालक को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर व छात्र अभिनव सिंह को एम्स रायबरेली रेफर कर दिया गया। दोनों के सिर में गंभीर चोट आई है। थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मामूली रूप से घायल छात्रा लक्की यादव, शौर्य, रूद्र सिंह और अनन्या का प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। इस मामले में पुलिस को अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
स्थान -शिवगढ़ रायबरेली 
रिपोर्ट -बलवंत कुमार
    user_Balvant singh Press
    Balvant singh Press
    डलमऊ, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • Post by Mithun
    3
    Post by Mithun
    user_Mithun
    Mithun
    Nurse बीघापुर, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बबेरू चौराहा सुंदरीकरण को लेकर सभी दुकानदारों ने अवैध कब्जा को जल्द से जल्द सभी लोग झूठ का अपने अपने मकान को तोड़ने में लगे हैं जिससे अधिकतम लगने वाले एग्जाम मुक्त होगा
    1
    बबेरू चौराहा सुंदरीकरण को लेकर सभी दुकानदारों ने अवैध कब्जा को जल्द से जल्द सभी लोग झूठ का अपने अपने मकान को तोड़ने में लगे हैं जिससे अधिकतम लगने वाले एग्जाम मुक्त होगा
    user_कमल कुमार
    कमल कुमार
    Baberu, Banda•
    6 hrs ago
  • हाल-ए-फतेहपुर : खागा तहसील बना मादक पदार्थ सप्लाई का गढ़ फतेहपुर जिले में इस समय अगर किसी तहसील का नाम मादक पदार्थों की सप्लाई में सबसे ऊपर लिया जा रहा है, तो वह है खागा तहसील। हालात ऐसे बन चुके हैं कि मानो यहां हर क्राइम का रेट पहले से तय हो और फिर बेखौफ अंजाम दिया जा रहा हो। सूत्रों की मानें तो खागा क्षेत्र में मादक पदार्थों की सप्लाई दिन-दहाड़े और खुलेआम चल रही है। हैरानी की बात यह है कि कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर ही यह अवैध कारोबार पूरे जोर-शोर से फल-फूल रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे का जाल युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है छोटे-बड़े तस्कर बेखौफ होकर सप्लाई कर रहे हैं कानून का डर अपराधियों के लिए मज़ाक बनकर रह गया है सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब पुलिस चौकी/कोतवाली के इतने पास यह सब हो रहा है, तो आखिर 👉 जानकारी का अभाव है या 👉 अनदेखी जानबूझकर की जा रही है? खागा तहसील में पनप रहा यह नशे का कारोबार न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि पूरे फतेहपुर जिले की छवि को भी धूमिल कर रहा है। अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में इसके और भयावह परिणाम देखने को मिल सकते हैं। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी नींद से जागते हैं या फिर खागा यूं ही नशे की राजधानी बना रहेगा।
    2
    हाल-ए-फतेहपुर : खागा तहसील बना मादक पदार्थ सप्लाई का गढ़
फतेहपुर जिले में इस समय अगर किसी तहसील का नाम मादक पदार्थों की सप्लाई में सबसे ऊपर लिया जा रहा है, तो वह है खागा तहसील। हालात ऐसे बन चुके हैं कि मानो यहां हर क्राइम का रेट पहले से तय हो और फिर बेखौफ अंजाम दिया जा रहा हो।
सूत्रों की मानें तो खागा क्षेत्र में मादक पदार्थों की सप्लाई दिन-दहाड़े और खुलेआम चल रही है। हैरानी की बात यह है कि कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर ही यह अवैध कारोबार पूरे जोर-शोर से फल-फूल रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि
नशे का जाल युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है
छोटे-बड़े तस्कर बेखौफ होकर सप्लाई कर रहे हैं
कानून का डर अपराधियों के लिए मज़ाक बनकर रह गया है
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब पुलिस चौकी/कोतवाली के इतने पास यह सब हो रहा है, तो आखिर
👉 जानकारी का अभाव है या
👉 अनदेखी जानबूझकर की जा रही है?
खागा तहसील में पनप रहा यह नशे का कारोबार न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि पूरे फतेहपुर जिले की छवि को भी धूमिल कर रहा है। अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में इसके और भयावह परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
अब देखना यह है कि
जिम्मेदार अधिकारी नींद से जागते हैं या फिर खागा यूं ही नशे की राजधानी बना रहेगा।
    user_आदित्य शुक्ला
    आदित्य शुक्ला
    पत्रकार फतेहपुर, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.