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अशोकनगर जिले की ग्राम पंचायत बमनावर में 'जल है तो कल है' के महत्वपूर्ण संदेश के साथ जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु एक विशेष पहल की गई। इस दौरान अशोकनगर कलेक्टर श्री साकेत मालवीय और विधायक ने सामूहिक रूप से श्रमदान कर इस अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान के तहत किए गए इस प्रयास का उद्देश्य सभी को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर सभी नागरिकों से सामूहिक श्रमदान के माध्यम से जल संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल होने का आह्वान किया गया।
रीड न्यूज मीडिया एजेंसी
अशोकनगर जिले की ग्राम पंचायत बमनावर में 'जल है तो कल है' के महत्वपूर्ण संदेश के साथ जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु एक विशेष पहल की गई। इस दौरान अशोकनगर कलेक्टर श्री साकेत मालवीय और विधायक ने सामूहिक रूप से श्रमदान कर इस अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान के तहत किए गए इस प्रयास का उद्देश्य सभी को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर सभी नागरिकों से सामूहिक श्रमदान के माध्यम से जल संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल होने का आह्वान किया गया।
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- अशोकनगर जिले की ग्राम पंचायत बमनावर में 'जल है तो कल है' के महत्वपूर्ण संदेश के साथ जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु एक विशेष पहल की गई। इस दौरान अशोकनगर कलेक्टर श्री साकेत मालवीय और विधायक ने सामूहिक रूप से श्रमदान कर इस अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान के तहत किए गए इस प्रयास का उद्देश्य सभी को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर सभी नागरिकों से सामूहिक श्रमदान के माध्यम से जल संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल होने का आह्वान किया गया।1
- गुना जिले के बमौरी विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित विद्युत कटौती को लेकर क्षेत्रीय विधायक इंजीनियर ऋषि अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। क्षेत्र की बदहाल बिजली व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों को साथ लेकर विधायक इंजी. ऋषि अग्रवाल सीधे बिजली कंपनी के मुख्यालय पहुंचे और वहां महाप्रबंधक से मुलाकात की। विधायक ऋषि अग्रवाल ने महाप्रबंधक को जमीनी हकीकत से अवगत कराते हुए बताया कि बिजली कंपनी द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर लगातार अघोषित कटौती की जा रही है, जिससे पूरा बमौरी क्षेत्र गंभीर रूप से प्रभावित है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि बिजली गुल रहने के कारण किसानों की फसलों और सब्जियों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। साथ ही, ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में भी रोजाना 4 से 5 घंटे की भारी कटौती की जा रही है। चर्चा के दौरान, विधायक ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को विद्युत प्रदाय और तकनीकी सुधार से संबंधित कई महत्वपूर्ण व्यावहारिक सुझाव भी दिए, ताकि अकारण होने वाली ट्रिपिंग और कटौती को रोका जा सके। इस पर बिजली कंपनी के महाप्रबंधक ने विधायक और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था में जल्द ही आवश्यक सुधार किया जाएगा और सुचारू रूप से बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी।2
- मध्यप्रदेश के गुना जिले में भीषण गर्मी और अघोषित बिजली कटौती से परेशान लगभग 100 गाँवों के ग्रामीणों का सब्र टूट गया। नौतपा के शुरू होते ही पारे के 40 डिग्री के पार जाने से लोग बेहाल हैं, और इसी बीच बिजली कटौती की 'डबल मार' ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। अपनी समस्या को लेकर बमोरी विधानसभा से लगे इन गाँवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में कांग्रेस विधायक ऋषि अग्रवाल के साथ गुना स्थित मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कार्यालय पहुंचे और उसका घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत मंडल सालभर मेंटेनेंस के नाम पर दिन या रात किसी भी समय बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काट देता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद, लोड शेडिंग का बहाना बनाकर रात में भी कई दफा बिजली गुल कर दी जाती है। ग्रामीणों ने अपनी इस गंभीर समस्या से बमोरी विधायक ऋषि अग्रवाल को अवगत कराया। विधायक ने तुरंत विद्युत मंडल के अधिकारियों से चर्चा की, जिस पर अधिकारियों ने जल्द से जल्द सुधार का आश्वासन दिया है।2
- मुंगावली नगर में जैन समाज पंचायत के तत्वावधान में सर्व समाज के लोगों ने राम मंच से लेकर पुराने थाने तक एक मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस रीवा में हुई दुखद घटना के विरोध में था, जहां विहाररत पूज्य आर्यिका माताजी के साथ हुई दुर्घटना में पूज्य आर्यिकाओं का असामयिक समाधि निधन हो गया था। समाज ने बताया कि उपलब्ध तथ्यों और वीडियो क्लिप के आधार पर, जिसमें एक कार चालक स्पष्ट रूप से टक्कर मारकर भागता हुआ दिख रहा है, यह घटना सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं है। इस घटना से पूरे जैन समाज सहित सभी समुदायों में गहरा दुख और आक्रोश व्याप्त है, और निष्पक्ष तथा पारदर्शी जांच की मांग की जा रही है। पुराने थाने में अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में साधु सुरक्षा नियम सख्त करने और रीवा घटना की एसआईटी या पूर्व जजों की टीम से जांच कराने की मांग सहित पांच प्रमुख बिंदु रखे गए हैं। इनमें सीसीटीवी फुटेज व डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने, "संत सुरक्षा प्रोटोकॉल" लागू करने और "राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति" बनाए जाने की मांगें शामिल हैं। इसके साथ ही, जैन समाज ने प्रशासन और समाज के बीच "संत सुरक्षा समन्वय प्रकोष्ठ" गठित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने की भी अपील की है, यह कहते हुए कि पूर्णतः अहिंसक और पैदल विहार करने वाले जैन साधु-संतों की सुरक्षा सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। ज्ञापन के बाद, दिवंगत आर्यिका 105श्री श्रुतमति माता जी एवं आर्यिका श्री उपशममति माताजी को समस्त जैन समाज के साथ अन्य सभी ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजली दी। इस दौरान दिगम्बर जैन महिला महासमिति और जिन शासन एकता मंच की महिलाओं ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए ज्ञापन दिया, जिसमें उन्होंने संत समाज को भारतीय संस्कृति और आदर्श परंपरा की अमूल्य धरोहर बताया। महिलाओं ने इस दुखद घटना पर पूरे देश के श्रद्धालुओं को हुई गहरी पीड़ा का उल्लेख करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की मांग की।2
- बीना में आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के खिलाफ ऑटो चालकों, ई-रिक्शा चालकों और आम लोगों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। इन पर आरोप है कि आरपीएफ कथित तौर पर अत्याचार करती है, झूठे प्रकरण दर्ज करती है और अवैध वसूली करती है। इसी कड़ी में सोमवार को नानक वार्ड पार्षद बी डी रजक के नेतृत्व में दर्जनों ई-रिक्शा और ऑटो चालक जीआरपी थाना बीना पहुंचे। उन्होंने पश्चिम मध्य रेलवे भोपाल के रेल कमांडेंट के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की गई है। चालकों का आरोप है कि आरपीएफ द्वारा रेलवे लाइन क्रॉसिंग के नाम पर गरीबों का शोषण किया जा रहा है।1
- जनपद ललितपुर के थाना जखौरा क्षेत्रान्तर्गत एक कार और बाइक के बीच हुई दुर्घटना में चार व्यक्तियों की मृत्यु हो गई है। यह हादसा बाँसी इलाके में हुआ, जहाँ दुर्घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। दुर्भाग्यवश, इलाज के दौरान ही सभी चार व्यक्तियों ने दम तोड़ दिया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा जानकारी साझा की गई है।1
- सागर जिले के बंडा विकासखंड के किरोला गांव में सोमवार को तीन किसान हाईटेंशन लाइन के एक टावर पर चढ़ गए, जहाँ वे काफी देर तक बैठे रहे। यह घटना उल्दन बांध परियोजना से उपजे असंतोष का परिणाम है, जिसके तहत किरोला गांव डूब क्षेत्र में आ गया है। शासन द्वारा प्रभावितों को मुआवजा दिया जा चुका है, लेकिन कुछ लोगों का आरोप है कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है, इसी बात से नाराज़ होकर इन युवकों ने यह कदम उठाया। टावर पर चढ़े युवकों का कहना है कि शासन और प्रशासन उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो वे कोई बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवकों को नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास कर रहे हैं। रात करीब आठ बजे तक युवक खंभे से नीचे नहीं उतरे थे और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। टावर पर चढ़े युवकों की पहचान ब्रजेश यादव, रवि अहिरवार और संजय पटेल के रूप में हुई है।4
- कलेक्टर श्री साकेत मालवीय ने आज जिला स्तरीय जनसुनवाई में आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता के साथ सुना। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को इन समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए हैं।1