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जनपद ललितपुर के थाना जखौरा क्षेत्रान्तर्गत एक कार और बाइक के बीच हुई दुर्घटना में चार व्यक्तियों की मृत्यु हो गई है। यह हादसा बाँसी इलाके में हुआ, जहाँ दुर्घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। दुर्भाग्यवश, इलाज के दौरान ही सभी चार व्यक्तियों ने दम तोड़ दिया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा जानकारी साझा की गई है।
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जनपद ललितपुर के थाना जखौरा क्षेत्रान्तर्गत एक कार और बाइक के बीच हुई दुर्घटना में चार व्यक्तियों की मृत्यु हो गई है। यह हादसा बाँसी इलाके में हुआ, जहाँ दुर्घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। दुर्भाग्यवश, इलाज के दौरान ही सभी चार व्यक्तियों ने दम तोड़ दिया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा जानकारी साझा की गई है।
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- जनपद ललितपुर के थाना जखौरा क्षेत्रान्तर्गत एक कार और बाइक के बीच हुई दुर्घटना में चार व्यक्तियों की मृत्यु हो गई है। यह हादसा बाँसी इलाके में हुआ, जहाँ दुर्घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। दुर्भाग्यवश, इलाज के दौरान ही सभी चार व्यक्तियों ने दम तोड़ दिया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा जानकारी साझा की गई है।1
- ललितपुर में आज तीन अलग-अलग जगहों पर हुए सड़क हादसों में 6 लोगों की मौत हो गई है तथा कुछ लोग घायल हैं जिनका इलाज ललितपुर के जिला चिकित्सालय में चल रहा है तो वहीं कुछ लोगों को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. आज की पहली घटना ललितपुर जिले के थाना जखौरा अंतर्गत बांसी पुलिस चौकी की ठीक सामने ललितपुर झांसी हाईवे पर झांसी की ओर जा रही एक कार और मोटरसाइकिल में भिक्षा टक्कर हो गई टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार समेत मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई जैसा कि आप देख रहे होंगे इन तस्वीरों में इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि टक्कर कितनी भीषण थी यह घटना उसे समय भी जब झांसी की ओर जा रही कार ने मोटरसाइकिल सवार दो सगे भाई और एक चचेरे भाई को करण जोरदार टक्कर मार दी जिससे तीन लोगों की मौत हो गई तथा इस घटना में कार सवार ड्राइवर की भी इलाज के दौरान मौत हो गई इस घटना में टोटल चार लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. अब हम बात करने जा रहे हैं दूसरी घटना की दूसरी घटना ललितपुर थाना सदर कोतवाली क्षेत्र के झांसी ललितपुर सागर राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर सुरई घाट इलाके के खिरकापुरा चौराहे की जहां मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को एक कंटेनर में कुचल दिया जिससे एक युवक की मौके पर ही मौत हो चुकी है दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है जहां भाई जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है इस घटना का वीडियो वहां हाईवे पर लगे सीसीटीवी में कैद हो गया जिसे देखकर लगता है मोटरसाइकिल सवार युवकों की कितनी बड़ी लापरवाही और चूक रही जो दुर्घटना का मुख्य कारण बनी. अब हम आपको तीसरी घटना बताने जा रहे हैं जहां ललितपुर थाना सदर कोतवाली क्षेत्र के झांसी ललितपुर सागर राष्ट्रीय राजमार्ग नेशनल हाईवे 44 के नेहरू महाविद्यालय के पास एक छात्रा को एक तेज रफ्तार ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी थी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी जिसे ललितपुर जिला चिकित्सालय लाया गया था जहां उसकी मौत हो गई. ललितपुर लाइव टीवी आप सभी से अपील करता है कि हाईवे पर अपने टू व्हीलर वाहन सावधानी से चलाएं क्योंकि आपकी छोटी सी लापरवाही आपकी मौत का कारण बन सकती है. जिसका दुख आपके परिवार पर कितना भारी पड़ता है जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते इसलिए हाईवे पर अपने-अपने वाहन को सतर्कतापूर्ण चलाएं क्योंकि जान है तो जहान है.2
- नाबालिग से जुड़े एक रेप के मामले को लेकर बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ पुलिस अधिकारी हंसते हुए दिखाई दिए। यह घटना प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुई, जहाँ गंभीर विषय पर चर्चा के दौरान अधिकारियों का यह व्यवहार सामने आया।1
- मुंगावली नगर में जैन समाज पंचायत के तत्वावधान में सर्व समाज के लोगों ने राम मंच से लेकर पुराने थाने तक एक मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस रीवा में हुई दुखद घटना के विरोध में था, जहां विहाररत पूज्य आर्यिका माताजी के साथ हुई दुर्घटना में पूज्य आर्यिकाओं का असामयिक समाधि निधन हो गया था। समाज ने बताया कि उपलब्ध तथ्यों और वीडियो क्लिप के आधार पर, जिसमें एक कार चालक स्पष्ट रूप से टक्कर मारकर भागता हुआ दिख रहा है, यह घटना सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं है। इस घटना से पूरे जैन समाज सहित सभी समुदायों में गहरा दुख और आक्रोश व्याप्त है, और निष्पक्ष तथा पारदर्शी जांच की मांग की जा रही है। पुराने थाने में अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में साधु सुरक्षा नियम सख्त करने और रीवा घटना की एसआईटी या पूर्व जजों की टीम से जांच कराने की मांग सहित पांच प्रमुख बिंदु रखे गए हैं। इनमें सीसीटीवी फुटेज व डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने, "संत सुरक्षा प्रोटोकॉल" लागू करने और "राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति" बनाए जाने की मांगें शामिल हैं। इसके साथ ही, जैन समाज ने प्रशासन और समाज के बीच "संत सुरक्षा समन्वय प्रकोष्ठ" गठित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने की भी अपील की है, यह कहते हुए कि पूर्णतः अहिंसक और पैदल विहार करने वाले जैन साधु-संतों की सुरक्षा सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। ज्ञापन के बाद, दिवंगत आर्यिका 105श्री श्रुतमति माता जी एवं आर्यिका श्री उपशममति माताजी को समस्त जैन समाज के साथ अन्य सभी ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजली दी। इस दौरान दिगम्बर जैन महिला महासमिति और जिन शासन एकता मंच की महिलाओं ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए ज्ञापन दिया, जिसमें उन्होंने संत समाज को भारतीय संस्कृति और आदर्श परंपरा की अमूल्य धरोहर बताया। महिलाओं ने इस दुखद घटना पर पूरे देश के श्रद्धालुओं को हुई गहरी पीड़ा का उल्लेख करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की मांग की।2
- सागर जिले के बीना जनपद अंतर्गत आंगासोद ग्राम पंचायत ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। ग्राम पंचायत के सरपंच पप्पू आदिवासी ने बीना के अनुविभागीय अधिकारी को दो अलग-अलग आवेदन सौंपे हैं, जिनमें अतिक्रमण हटाने और बंद रास्ते को खुलवाने की अपील की गई है। पहले आवेदन में, ग्राम पंचायत ने गोंड बाबा बड़ी माता बाई मंदिर परिसर के आसपास हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग की है। पंचायत ने बताया कि इस अतिक्रमण के कारण दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के दौरान रुकने और आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामवासियों के अनुसार, यह स्थल धार्मिक और सामाजिक आयोजनों जैसे शादी-विवाह का एक प्रमुख केंद्र है, और अतिक्रमण के चलते लोगों को असुविधा हो रही है। दूसरे आवेदन में, मालगोदाम राशन दुकान से दूल्हादेव तक जाने वाले पुराने रास्ते को खुलवाने की मांग की गई है। पंचायत का आरोप है कि कुछ लोगों ने इस रास्ते पर अतिक्रमण कर इसे बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। आवेदन में यह भी बताया गया है कि रास्ता बंद होने के कारण सड़क पर गंदगी भी फैल रही है, और यदि रास्ता खुलता है तो सड़क एवं नाली निर्माण के माध्यम से इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है। ग्राम पंचायत आंगासोद ने प्रशासन से इन दोनों ही मामलों में जल्द कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने और आमजन को राहत प्रदान करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपते समय सरपंच पप्पू आदिवासी के साथ कीरत सेन, लक्ष्मी बाई, मीराबाई, मुलाबाई, विद्या कुशवाहा, पार्वती रैकवार, हरिकिशन कुशवाहा, वार्ड पंच गुड्डी बाई, द्वारका कुशवाहा, महेश कुशवाहा, भूरा कुशवाह सहित कई महिला-पुरुष उपस्थित रहे।1
- बीना में मंगलवार को कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ एक अनोखा प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता ट्रैक्टर-ट्रॉली, बैलगाड़ी और पैदल मार्च करते हुए अंबेडकर चौराहा स्थित पेट्रोल पंप पहुंचे और “ईएमआई पर पेट्रोल दो” की मांग उठाई। इस प्रदर्शन की सबसे खास बात भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की पत्नी स्तुति मिश्रा की सोशल मीडिया पोस्ट रही, जिसने अब सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस नेताओं ने इस पोस्ट को आधार बनाते हुए कहा कि जब भाजपा नेताओं के परिवार तक महंगाई की मार महसूस कर रहे हैं, तो आम जनता की हालत कितनी खराब होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाकर जनता पर लगातार बोझ बढ़ाया जा रहा है। नेताओं ने मांग की कि राज्य और केंद्र सरकार दोनों टैक्स कम करें ताकि जनता को राहत मिल सके। पी.पी. नायक के नेतृत्व में निकले इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नव नियुक्त पदाधिकारी शामिल हुए। स्टेशन रोड, सर्वोदय चौराहा और अंबेडकर चौराहा पर प्रदर्शन करने के बाद, कांग्रेस नेताओं ने एक ज्ञापन सौंपा और पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने की मांग की। इस दौरान अनुराग ठाकुर, पंकज यादव, महेंद्र नवइया और अशोक परिहार सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे।1
- बीना में आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के खिलाफ ऑटो चालकों, ई-रिक्शा चालकों और आम लोगों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। इन पर आरोप है कि आरपीएफ कथित तौर पर अत्याचार करती है, झूठे प्रकरण दर्ज करती है और अवैध वसूली करती है। इसी कड़ी में सोमवार को नानक वार्ड पार्षद बी डी रजक के नेतृत्व में दर्जनों ई-रिक्शा और ऑटो चालक जीआरपी थाना बीना पहुंचे। उन्होंने पश्चिम मध्य रेलवे भोपाल के रेल कमांडेंट के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की गई है। चालकों का आरोप है कि आरपीएफ द्वारा रेलवे लाइन क्रॉसिंग के नाम पर गरीबों का शोषण किया जा रहा है।1
- जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर देशव्यापी आक्रोश बढ़ गया है, जिसके चलते आज ललितपुर और झाँसी सहित विभिन्न स्थानों पर जैन समाज के हजारों लोगों ने विशाल मौन जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन मध्य प्रदेश के रीवा जिले में आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच और जैन साधु-संतों के लिए राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति लागू करने की मांग को लेकर किए गए। ललितपुर में दिगम्बर जैन पंचायत के आह्वान पर कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर अपर जिलाधिकारी दिनेश कुमार को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि साधु-संतों के साथ लगातार बढ़ रही दुर्घटनाएं और हमले चिंताजनक हैं। रीवा में आर्यिका माताओं के साथ हुए सड़क हादसे की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच SIT से कराने और राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति लागू करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, ललितपुर जिले के थाना बार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरान में हुई 11 मूर्ति चोरी को धार्मिक आस्था पर हमला बताते हुए, जिस पर अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है, उस पर भी त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष सोनाली जैन ने स्पष्ट किया कि जैन समाज शांति, अहिंसा और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखता है, तथा उनका उद्देश्य तनाव उत्पन्न करना नहीं बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है। वहीं, झाँसी में सकल जैन समाज द्वारा रानीमहल से जिलाधिकारी कार्यालय तक एक मौन पदयात्रा निकालकर समाधिस्थ आर्यिका द्वय माँ श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका माँ उपशममति माताजी को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि रीवा में दो जैन साध्वियों के आकस्मिक निधन से पूरा भारतवर्ष का जैन समाज और अहिंसा प्रेमी नागरिक गहरे सदमे और आक्रोश में हैं। उन्होंने इस अमानवीय घटना की घोर निंदा करते हुए सरकार से दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर उन्हें फाँसी देने की मांग की। झाँसी में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम भी एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें जैन साधु-संतों के पदविहार के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पूरे देश में 'संत सुरक्षा नीति' लागू करने की मांग की गई। ललितपुर जिले के बिरधा ब्लॉक मुख्यालय पर भी सकल दिगंबर बिरधा जैन समाज ने खंड विकास अधिकारी बिरधा के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा हेतु विशेष व्यवस्था, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने और आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग प्रमुख थी। समाज ने अपने ज्ञापन में कहा कि हाल ही में विहाररत आर्यिका माताजी के साथ हुई दुखद घटना से समाज में गहरा दुख और चिंता का वातावरण है। उपलब्ध तथ्यों एवं वीडियो क्लिपों के आधार पर, समाज का मानना है कि यह मामला केवल सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं है, अतः इसकी निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जांच अत्यंत आवश्यक है। मध्य प्रदेश के रीवा में जैन आर्यिकाओं एवं माताजी के साथ हुए सड़क हादसे को लेकर पूरे भारतवर्ष के जैन समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।2