सागर जिले के बीना जनपद अंतर्गत आंगासोद ग्राम पंचायत ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। ग्राम पंचायत के सरपंच पप्पू आदिवासी ने बीना के अनुविभागीय अधिकारी को दो अलग-अलग आवेदन सौंपे हैं, जिनमें अतिक्रमण हटाने और बंद रास्ते को खुलवाने की अपील की गई है। पहले आवेदन में, ग्राम पंचायत ने गोंड बाबा बड़ी माता बाई मंदिर परिसर के आसपास हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग की है। पंचायत ने बताया कि इस अतिक्रमण के कारण दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के दौरान रुकने और आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामवासियों के अनुसार, यह स्थल धार्मिक और सामाजिक आयोजनों जैसे शादी-विवाह का एक प्रमुख केंद्र है, और अतिक्रमण के चलते लोगों को असुविधा हो रही है। दूसरे आवेदन में, मालगोदाम राशन दुकान से दूल्हादेव तक जाने वाले पुराने रास्ते को खुलवाने की मांग की गई है। पंचायत का आरोप है कि कुछ लोगों ने इस रास्ते पर अतिक्रमण कर इसे बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। आवेदन में यह भी बताया गया है कि रास्ता बंद होने के कारण सड़क पर गंदगी भी फैल रही है, और यदि रास्ता खुलता है तो सड़क एवं नाली निर्माण के माध्यम से इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है। ग्राम पंचायत आंगासोद ने प्रशासन से इन दोनों ही मामलों में जल्द कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने और आमजन को राहत प्रदान करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपते समय सरपंच पप्पू आदिवासी के साथ कीरत सेन, लक्ष्मी बाई, मीराबाई, मुलाबाई, विद्या कुशवाहा, पार्वती रैकवार, हरिकिशन कुशवाहा, वार्ड पंच गुड्डी बाई, द्वारका कुशवाहा, महेश कुशवाहा, भूरा कुशवाह सहित कई महिला-पुरुष उपस्थित रहे।
सागर जिले के बीना जनपद अंतर्गत आंगासोद ग्राम पंचायत ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। ग्राम पंचायत के सरपंच पप्पू आदिवासी ने बीना के अनुविभागीय अधिकारी को दो अलग-अलग आवेदन सौंपे हैं, जिनमें अतिक्रमण हटाने और बंद रास्ते को खुलवाने की अपील की गई है। पहले आवेदन में, ग्राम पंचायत ने गोंड बाबा बड़ी माता बाई मंदिर परिसर के आसपास हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग की है। पंचायत ने बताया कि इस अतिक्रमण के कारण दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के दौरान रुकने और आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामवासियों के अनुसार, यह स्थल धार्मिक और सामाजिक आयोजनों जैसे शादी-विवाह का एक प्रमुख केंद्र है, और अतिक्रमण के चलते लोगों को असुविधा हो रही है। दूसरे आवेदन में, मालगोदाम राशन दुकान से दूल्हादेव तक जाने वाले पुराने रास्ते को खुलवाने की मांग की गई है। पंचायत का आरोप है कि कुछ लोगों ने इस रास्ते पर अतिक्रमण कर इसे बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। आवेदन में यह भी बताया गया है कि रास्ता बंद होने के कारण सड़क पर गंदगी भी फैल रही है, और यदि रास्ता खुलता है तो सड़क एवं नाली निर्माण के माध्यम से इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है। ग्राम पंचायत आंगासोद ने प्रशासन से इन दोनों ही मामलों में जल्द कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने और आमजन को राहत प्रदान करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपते समय सरपंच पप्पू आदिवासी के साथ कीरत सेन, लक्ष्मी बाई, मीराबाई, मुलाबाई, विद्या कुशवाहा, पार्वती रैकवार, हरिकिशन कुशवाहा, वार्ड पंच गुड्डी बाई, द्वारका कुशवाहा, महेश कुशवाहा, भूरा कुशवाह सहित कई महिला-पुरुष उपस्थित रहे।
- बीना विकासखंड में पिछले छह महीनों से निरंतर आयोजित हो रहा साप्ताहिक जैविक हाट बाजार अब सफलता की एक नई मिसाल बन चुका है। इस बाजार ने किसानों और शहरवासियों दोनों के बीच अपनी एक विशेष पहचान स्थापित की है। शुरुआत में इस जैविक हाट बाजार से केवल 12 किसान जुड़े थे, जो अपनी जैविक सब्जियां और कृषि उत्पाद लेकर आते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 16 किसानों तक पहुँच गई है। यह बाजार हर रविवार सुबह 7 बजे से शुरू हो जाता है और गर्मी के मौसम में भी शहरवासी बड़ी उत्सुकता के साथ जैविक सब्जियों की खरीदारी के लिए पहुँचते हैं। बाजार में टमाटर, ककड़ी, गिलकी, लौकी, पालक, पुदीना, धनिया, चुकंदर, नींबू जैसी ताज़ी जैविक सब्जियों के साथ-साथ अंजीर, आम, बेल और पपीता जैसे फल भी उपलब्ध रहते हैं। एक खास बात यह है कि मात्र दो से तीन घंटों के भीतर किसानों के अधिकांश उत्पाद बिक जाते हैं। जैविक हाट बाजार से जुड़े किसानों का कहना है कि उनकी आय में वृद्धि हुई है और लोगों का भरोसा भी जैविक खेती की ओर बढ़ा है। वहीं, शहरवासियों को इस बाजार से ताजी, सुरक्षित और रसायन मुक्त सब्जियां मिल रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को लाभ पहुँच रहा है। कई लोगों ने प्रतिदिन ऐसा जैविक बाजार लगने की इच्छा भी व्यक्त की है ताकि उन्हें रोज ताजी जैविक सब्जियां मिल सकें। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवधेश राय ने बताया कि किसानों में धीरे-धीरे जैविक खेती के प्रति रुचि बढ़ रही है और बीना शहर के लोग भी इस हाट बाजार का बेसब्री से इंतजार करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह बाजार न केवल किसानों की आय में वृद्धि कर रहा है, बल्कि स्वस्थ समाज और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल साबित हो रहा है।4
- सोमवार को बीना में जैन समाज का आक्रोश सड़कों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जब सड़क दुर्घटना में जैन साध्वियों की दुखद मृत्यु के विरोध में एक विशाल मौन जुलूस निकाला गया। यह जुलूस सुबह 8 बजे इटावा स्थित जैन मंदिर से शुरू हुआ, जिसमें सफेद वस्त्रों में पुरुष और केसरिया साड़ी पहने महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। जुलूस इटावा से चलकर मां जागेश्वरी मार्ग, महावीर चौक, गांधी चौराहा और कॉलेज तिराहा होते हुए सर्वोदय चौराहा पहुंचा। यहां समाजजनों ने तहसीलदार डॉ. अंबर पंथी को मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। समाजजनों ने दृढ़ता से कहा कि जैन संत निहत्थे और अहिंसक रूप से पैदल विहार करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और समाज दोनों की ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।1
- झाँसी पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय साइबर वित्तीय धोखाधड़ी और ऑनलाइन गेमिंग आधारित संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, चेकबुक और विभिन्न बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच में यह सामने आया है कि यह गिरोह बैंक खातों, नेट बैंकिंग, यूपीआई और विदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके साइबर ठगी की रकम का लेन-देन कर रहा था। पुलिस के अनुसार, बीते 25 दिनों के भीतर इस गिरोह ने 19 बैंक खातों के माध्यम से 4 करोड़ 35 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन किए थे।2
- मध्य प्रदेश के रीवा में पुलिस वाहन से शराब लेते हुए पुलिसकर्मी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस वीडियो ने ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा शराबखोरी किए जाने के आरोपों की पोल खोल दी है, जिससे पुलिस प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। वायरल वीडियो गंगेव स्थित एक शराब दुकान के सामने का बताया जा रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि डायल 112 का सायरन बजते ही पुलिसकर्मी खुलेआम शराब लेने पहुँच जाते हैं। इस मामले में संज्ञान लेते हुए, वीडियो में शराब लेते हुए दिखे एक आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।1
- मंगलवार को सागर कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जैसीनगर थाना क्षेत्र के निवासी बहादुर चढ़ार नामक एक युवक ने कथित तौर पर पवित्र रामचरितमानस को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद उसने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने का प्रयास भी किया, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। युवक बहादुर चढ़ार का आरोप है कि गांव का मुन्ना बुंदेला लंबे समय से उसके साथ दुर्व्यवहार कर रहा था और उसे अपने घर ले जाकर खाने में पेशाब मिलाकर जबरन खिलाया गया। इस गंभीर मामले को लेकर वह लंबे समय से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग कर रहा था, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसी से नाराज होकर उसने विरोध स्वरूप कलेक्ट्रेट परिसर में यह कदम उठाया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद लोगों ने तत्काल युवक को पकड़कर बचाया और स्थिति को नियंत्रित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बताया गया है कि एसडीएम अमन मिश्रा ने युवक की शिकायत सुनी और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- अशोकनगर जिले की ग्राम पंचायत बमनावर में 'जल है तो कल है' के महत्वपूर्ण संदेश के साथ जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु एक विशेष पहल की गई। इस दौरान अशोकनगर कलेक्टर श्री साकेत मालवीय और विधायक ने सामूहिक रूप से श्रमदान कर इस अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान के तहत किए गए इस प्रयास का उद्देश्य सभी को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर सभी नागरिकों से सामूहिक श्रमदान के माध्यम से जल संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल होने का आह्वान किया गया।1
- सागर जिले के बंडा विकासखंड के किरोला गांव में सोमवार को तीन किसान हाईटेंशन लाइन के एक टावर पर चढ़ गए, जहाँ वे काफी देर तक बैठे रहे। यह घटना उल्दन बांध परियोजना से उपजे असंतोष का परिणाम है, जिसके तहत किरोला गांव डूब क्षेत्र में आ गया है। शासन द्वारा प्रभावितों को मुआवजा दिया जा चुका है, लेकिन कुछ लोगों का आरोप है कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है, इसी बात से नाराज़ होकर इन युवकों ने यह कदम उठाया। टावर पर चढ़े युवकों का कहना है कि शासन और प्रशासन उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो वे कोई बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवकों को नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास कर रहे हैं। रात करीब आठ बजे तक युवक खंभे से नीचे नहीं उतरे थे और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। टावर पर चढ़े युवकों की पहचान ब्रजेश यादव, रवि अहिरवार और संजय पटेल के रूप में हुई है।4
- खिमलासा में सकल दिगम्बर जैन समाज ने पुलिस थाना खिमलासा को एक ज्ञापन सौंपकर रीवा-सतना में विहार कर रहीं पूज्य आर्यिका माताजी के साथ हुई दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच और जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था लागू करने की मांग की है। इस ज्ञापन को थाना प्रभारी खिमलासा के साथ-साथ जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और भारत सरकार को भी प्रेषित किया गया है। जैन समाज ने अपने ज्ञापन में बताया कि हाल ही में रीवा शहर में विहार के दौरान पूज्य आर्यिका माताजी का असामयिक निधन हो गया था। समाज का कहना है कि यह घटना केवल एक सामान्य सड़क दुर्घटना प्रतीत नहीं होती, क्योंकि उपलब्ध तथ्यों, वीडियो क्लिपों और परिस्थितियों के आधार पर समाज में गहरी आशंका और चिंता का वातावरण बना हुआ है। इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच अत्यंत आवश्यक है। समाज ने यह भी ध्यान दिलाया कि जैन साधु-संत पूर्णतः निर्ग्रंथ, अहिंसक और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो किसी प्रकार की सुरक्षा या भौतिक सुविधाओं का उपयोग नहीं करते, बल्कि समाज में शांति, संयम, करुणा और अहिंसा का संदेश फैलाते हैं। ऐसे संतों के साथ निरंतर बढ़ रही दुर्घटनाएं और हमले अत्यंत चिंताजनक हैं। ज्ञापन में जैन समाज द्वारा प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच शामिल है, जिसके लिए SIT अथवा न्यायिक जांच कराने, घटना से संबंधित सभी CCTV फुटेज, वीडियो और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित करने, दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने और यदि सुनियोजित कृत्य या षड्यंत्र के तथ्य सामने आएं तो कठोर धाराएं लगाने की बात कही गई है। इसके अतिरिक्त, समाज ने तत्काल 'संत सुरक्षा प्रोटोकॉल' लागू करने की भी मांग की है, जिसके तहत विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित करने, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग प्रदान करने, ट्रैफिक नियंत्रण और चेतावनी संकेतक लगाने, तथा हाईवे एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने की अपेक्षा की गई है।4
- ललितपुर में आज तीन अलग-अलग जगहों पर हुए सड़क हादसों में 6 लोगों की मौत हो गई है तथा कुछ लोग घायल हैं जिनका इलाज ललितपुर के जिला चिकित्सालय में चल रहा है तो वहीं कुछ लोगों को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. आज की पहली घटना ललितपुर जिले के थाना जखौरा अंतर्गत बांसी पुलिस चौकी की ठीक सामने ललितपुर झांसी हाईवे पर झांसी की ओर जा रही एक कार और मोटरसाइकिल में भिक्षा टक्कर हो गई टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार समेत मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई जैसा कि आप देख रहे होंगे इन तस्वीरों में इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि टक्कर कितनी भीषण थी यह घटना उसे समय भी जब झांसी की ओर जा रही कार ने मोटरसाइकिल सवार दो सगे भाई और एक चचेरे भाई को करण जोरदार टक्कर मार दी जिससे तीन लोगों की मौत हो गई तथा इस घटना में कार सवार ड्राइवर की भी इलाज के दौरान मौत हो गई इस घटना में टोटल चार लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. अब हम बात करने जा रहे हैं दूसरी घटना की दूसरी घटना ललितपुर थाना सदर कोतवाली क्षेत्र के झांसी ललितपुर सागर राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर सुरई घाट इलाके के खिरकापुरा चौराहे की जहां मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को एक कंटेनर में कुचल दिया जिससे एक युवक की मौके पर ही मौत हो चुकी है दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है जहां भाई जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है इस घटना का वीडियो वहां हाईवे पर लगे सीसीटीवी में कैद हो गया जिसे देखकर लगता है मोटरसाइकिल सवार युवकों की कितनी बड़ी लापरवाही और चूक रही जो दुर्घटना का मुख्य कारण बनी. अब हम आपको तीसरी घटना बताने जा रहे हैं जहां ललितपुर थाना सदर कोतवाली क्षेत्र के झांसी ललितपुर सागर राष्ट्रीय राजमार्ग नेशनल हाईवे 44 के नेहरू महाविद्यालय के पास एक छात्रा को एक तेज रफ्तार ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी थी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी जिसे ललितपुर जिला चिकित्सालय लाया गया था जहां उसकी मौत हो गई. ललितपुर लाइव टीवी आप सभी से अपील करता है कि हाईवे पर अपने टू व्हीलर वाहन सावधानी से चलाएं क्योंकि आपकी छोटी सी लापरवाही आपकी मौत का कारण बन सकती है. जिसका दुख आपके परिवार पर कितना भारी पड़ता है जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते इसलिए हाईवे पर अपने-अपने वाहन को सतर्कतापूर्ण चलाएं क्योंकि जान है तो जहान है.2