बिना हैंडल चलाए 24 घंटे पानी देने वाला हैंडपंप बना चर्चा का विषय, ग्रामीणों के लिए बना जीवनदाता बिना हैंडल चलाए 24 घंटे पानी देने वाला हैंडपंप बना चर्चा का विषय, ग्रामीणों के लिए बना जीवनदाता मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कठई में एक अनोखा हैंडपंप लोगों के बीच आकर्षण और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस हैंडपंप की खासियत यह है कि इसमें बिना हैंडल चलाए ही लगातार पानी बहता रहता है। ग्रामीणों के अनुसार यह हैंडपंप कई सालों से इसी तरह अपने आप पानी दे रहा है। आमतौर पर जहां पानी निकालने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, वहीं यहां बिना किसी प्रयास के 24 घंटे पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे गांव के लोगों को काफी राहत मिल रही है। गांव में नल-जल योजना लंबे समय से बंद पड़ी है, जिससे पेयजल की समस्या बनी हुई थी। ऐसे में यह हैंडपंप ग्रामीणों के लिए किसी सहारे से कम नहीं है। लोग इसी से अपने दैनिक उपयोग के साथ-साथ खेती के लिए भी पानी ले रहे हैं। स्थानीय ग्रामीण इस घटना को आस्था से जोड़कर देख रहे हैं और इसे भगवान का करिश्मा मान रहे हैं। उनका कहना है कि जब गांव में पानी की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तभी यह हैंडपंप अपने आप चलने लगा और आज तक लगातार पानी दे रहा है। हालांकि, इस अनोखी घटना को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे भू-जल दबाव या कोई प्राकृतिक कारण हो सकता है। इस वजह से यह मामला वैज्ञानिक और प्रशासनिक जांच का विषय भी बन गया है। फिलहाल, यह हैंडपंप गांव के लिए किसी वरदान से कम नहीं है और लोगों की प्यास बुझाने के साथ उनकी जरूरतों को पूरा कर रहा है।
बिना हैंडल चलाए 24 घंटे पानी देने वाला हैंडपंप बना चर्चा का विषय, ग्रामीणों के लिए बना जीवनदाता बिना हैंडल चलाए 24 घंटे पानी देने वाला हैंडपंप बना चर्चा का विषय, ग्रामीणों के लिए बना जीवनदाता मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कठई में एक अनोखा हैंडपंप लोगों के बीच आकर्षण और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस हैंडपंप की खासियत यह है कि इसमें बिना हैंडल
चलाए ही लगातार पानी बहता रहता है। ग्रामीणों के अनुसार यह हैंडपंप कई सालों से इसी तरह अपने आप पानी दे रहा है। आमतौर पर जहां पानी निकालने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, वहीं यहां बिना किसी प्रयास के 24 घंटे पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे गांव के लोगों को काफी राहत मिल रही है। गांव में नल-जल योजना लंबे समय से बंद पड़ी है, जिससे पेयजल की समस्या बनी
हुई थी। ऐसे में यह हैंडपंप ग्रामीणों के लिए किसी सहारे से कम नहीं है। लोग इसी से अपने दैनिक उपयोग के साथ-साथ खेती के लिए भी पानी ले रहे हैं। स्थानीय ग्रामीण इस घटना को आस्था से जोड़कर देख रहे हैं और इसे भगवान का करिश्मा मान रहे हैं। उनका कहना है कि जब गांव में पानी की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तभी यह हैंडपंप अपने आप चलने लगा और
आज तक लगातार पानी दे रहा है। हालांकि, इस अनोखी घटना को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे भू-जल दबाव या कोई प्राकृतिक कारण हो सकता है। इस वजह से यह मामला वैज्ञानिक और प्रशासनिक जांच का विषय भी बन गया है। फिलहाल, यह हैंडपंप गांव के लिए किसी वरदान से कम नहीं है और लोगों की प्यास बुझाने के साथ उनकी जरूरतों को पूरा कर रहा है।
- बिना हैंडल चलाए 24 घंटे पानी देने वाला हैंडपंप बना चर्चा का विषय, ग्रामीणों के लिए बना जीवनदाता मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कठई में एक अनोखा हैंडपंप लोगों के बीच आकर्षण और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस हैंडपंप की खासियत यह है कि इसमें बिना हैंडल चलाए ही लगातार पानी बहता रहता है। ग्रामीणों के अनुसार यह हैंडपंप कई सालों से इसी तरह अपने आप पानी दे रहा है। आमतौर पर जहां पानी निकालने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, वहीं यहां बिना किसी प्रयास के 24 घंटे पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे गांव के लोगों को काफी राहत मिल रही है। गांव में नल-जल योजना लंबे समय से बंद पड़ी है, जिससे पेयजल की समस्या बनी हुई थी। ऐसे में यह हैंडपंप ग्रामीणों के लिए किसी सहारे से कम नहीं है। लोग इसी से अपने दैनिक उपयोग के साथ-साथ खेती के लिए भी पानी ले रहे हैं। स्थानीय ग्रामीण इस घटना को आस्था से जोड़कर देख रहे हैं और इसे भगवान का करिश्मा मान रहे हैं। उनका कहना है कि जब गांव में पानी की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तभी यह हैंडपंप अपने आप चलने लगा और आज तक लगातार पानी दे रहा है। हालांकि, इस अनोखी घटना को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे भू-जल दबाव या कोई प्राकृतिक कारण हो सकता है। इस वजह से यह मामला वैज्ञानिक और प्रशासनिक जांच का विषय भी बन गया है। फिलहाल, यह हैंडपंप गांव के लिए किसी वरदान से कम नहीं है और लोगों की प्यास बुझाने के साथ उनकी जरूरतों को पूरा कर रहा है।4
- Post by RAKES PRATAP SINGH SIKARWAR1
- Shahdol जिले के बुढ़ार से बिछिया पहुंच मार्ग पर बन रही करीब 4 करोड़ रुपये की लागत वाली सीसी सड़क अब सवालों के घेरे में है। आरोप है कि सड़क निर्माण में सीमेंट-कंक्रीट की जगह मिट्टी डालकर काम किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्माण कार्य पूरी तरह से मानकों की अनदेखी कर किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग (PWD) अब तक गहरी नींद में दिखाई दे रहा है। जनता में आक्रोश: ग्रामीणों ने इस मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की हालत पहले से भी बदतर हो सकती है। 👉 अब बड़ा सवाल ये है — क्या 4 करोड़ की सड़क सिर्फ कागजों में ही बन रही है?1
- *जिला अस्पताल उमरिया में मां की ममता के लिए नन्हे हाथों ने घसीटी व्हीलचेयर-जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं की खुली कलई।* (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया) जिले के मुख्य चिकित्सालय जिला अस्पताल उमरिया से एक एक मर्मस्पर्शी तस्वीर सामने आई है जिसने जिले भर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं की भी पोल खोल कर रख दी है। बता दें कि विभाग के जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही को उजागर करता यह वीडियो दरअसल जिला अस्पताल उमरिया का है जहां पर एक छोटी बच्ची अपने हाथों से व्हीलचेयर घसीटती हुई नजर आ रही है इस वायरल वीडियो के बारे में बताया जाता है कि उक्त छोटी बच्ची अपनी मां के साथ जिला अस्पताल पहुंची थी जिनके पैर में चोट लगने के कारण वह चल फिर नहीं सक रही थी और जिला चिकित्सालय के गेट के पास ही बैठ गई ऐसे में वहां पर इस हेतु तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने भी उनकी कोई मदद नहीं की जिसे देखकर छोटी बच्ची ने अपनी मां के प्रति समर्पण और ममता दिखाते हुए खुद मोर्चा संभाला और अस्पताल के भीतर जाकर खुद से व्हीलचेयर उठाकर अपनी मां के पास ले आई। इस तस्वीर ने जहां जिले के स्वास्थ्य महकमें की लापरवाही को उजागर किया है वहीं जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का झूठा राग अलापने वाले जिम्मेदारों को भी आईना दिखाया है देखना होगा कि इसके बाद भी जिम्मेदारों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होके थोड़ी सी शर्म आ पाती है अथवा वो सब कुछ जानकार भी बेजान और बेशर्म बने बैठे रहते हैं।2
- जब सरपंच /नेता/ प्रशासन अपना काम ना करे तो किसी को तो सामने आना होगा , जो जवाब मांग सके । वो आम नागरिक भी हो सकता है नहीं हो ऐसे ही अधूरे काम होते रहेंगे ।1
- Post by Suraj shriwastava1
- शहडोल जिला,, ब्यौहारी में अंग्रेजी शराब की दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा शराब बेची जा रही है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग की मिली भगत की भूमिका सामने आ रही है ठेकेदारों के द्वारा प्रिंट रेट से ज्यादा शराब बेचकर लूट मचाई जा रही है आखिर कार आबकारी विभाग कब ध्यान देकर कार्रवाई करेगी व स्थानीय शासन प्रशासन के द्वारा जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए1
- Post by Manoj Gupta Driver4