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जिला चिकित्सालय उमरिया में नन्हे हाथों ने व्हीलचेयर घसीट कर खोल कर रख दी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल *जिला अस्पताल उमरिया में मां की ममता के लिए नन्हे हाथों ने घसीटी व्हीलचेयर-जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं की खुली कलई।* (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया) जिले के मुख्य चिकित्सालय जिला अस्पताल उमरिया से एक एक मर्मस्पर्शी तस्वीर सामने आई है जिसने जिले भर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं की भी पोल खोल कर रख दी है। बता दें कि विभाग के जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही को उजागर करता यह वीडियो दरअसल जिला अस्पताल उमरिया का है जहां पर एक छोटी बच्ची अपने हाथों से व्हीलचेयर घसीटती हुई नजर आ रही है इस वायरल वीडियो के बारे में बताया जाता है कि उक्त छोटी बच्ची अपनी मां के साथ जिला अस्पताल पहुंची थी जिनके पैर में चोट लगने के कारण वह चल फिर नहीं सक रही थी और जिला चिकित्सालय के गेट के पास ही बैठ गई ऐसे में वहां पर इस हेतु तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने भी उनकी कोई मदद नहीं की जिसे देखकर छोटी बच्ची ने अपनी मां के प्रति समर्पण और ममता दिखाते हुए खुद मोर्चा संभाला और अस्पताल के भीतर जाकर खुद से व्हीलचेयर उठाकर अपनी मां के पास ले आई। इस तस्वीर ने जहां जिले के स्वास्थ्य महकमें की लापरवाही को उजागर किया है वहीं जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का झूठा राग अलापने वाले जिम्मेदारों को भी आईना दिखाया है देखना होगा कि इसके बाद भी जिम्मेदारों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होके थोड़ी सी शर्म आ पाती है अथवा वो सब कुछ जानकार भी बेजान और बेशर्म बने बैठे रहते हैं।

5 hrs ago
user_Ashutosh tripathi
Ashutosh tripathi
Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

जिला चिकित्सालय उमरिया में नन्हे हाथों ने व्हीलचेयर घसीट कर खोल कर रख दी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल *जिला अस्पताल उमरिया में मां की ममता के लिए नन्हे हाथों ने घसीटी व्हीलचेयर-जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं की खुली कलई।* (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया) जिले के मुख्य चिकित्सालय जिला अस्पताल उमरिया से एक एक मर्मस्पर्शी तस्वीर सामने आई है जिसने जिले भर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं की भी पोल खोल कर रख दी है। बता दें कि विभाग के जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही को उजागर करता यह वीडियो दरअसल जिला अस्पताल उमरिया का है जहां पर एक

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छोटी बच्ची अपने हाथों से व्हीलचेयर घसीटती हुई नजर आ रही है इस वायरल वीडियो के बारे में बताया जाता है कि उक्त छोटी बच्ची अपनी मां के साथ जिला अस्पताल पहुंची थी जिनके पैर में चोट लगने के कारण वह चल फिर नहीं सक रही थी और जिला चिकित्सालय के गेट के पास ही बैठ गई ऐसे में वहां पर इस हेतु तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने भी उनकी कोई मदद नहीं की जिसे देखकर छोटी बच्ची ने अपनी मां के प्रति समर्पण और ममता दिखाते हुए खुद मोर्चा संभाला और अस्पताल के भीतर जाकर खुद से व्हीलचेयर उठाकर अपनी मां के पास ले आई। इस तस्वीर ने जहां जिले के स्वास्थ्य महकमें की लापरवाही को उजागर किया है वहीं जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का झूठा राग अलापने वाले जिम्मेदारों को भी आईना दिखाया है देखना होगा कि इसके बाद भी जिम्मेदारों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होके थोड़ी सी शर्म आ पाती है अथवा वो सब कुछ जानकार भी बेजान और बेशर्म बने बैठे रहते हैं।

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  • *जिला अस्पताल उमरिया में मां की ममता के लिए नन्हे हाथों ने घसीटी व्हीलचेयर-जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं की खुली कलई।* (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया) जिले के मुख्य चिकित्सालय जिला अस्पताल उमरिया से एक एक मर्मस्पर्शी तस्वीर सामने आई है जिसने जिले भर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं की भी पोल खोल कर रख दी है। बता दें कि विभाग के जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही को उजागर करता यह वीडियो दरअसल जिला अस्पताल उमरिया का है जहां पर एक छोटी बच्ची अपने हाथों से व्हीलचेयर घसीटती हुई नजर आ रही है इस वायरल वीडियो के बारे में बताया जाता है कि उक्त छोटी बच्ची अपनी मां के साथ जिला अस्पताल पहुंची थी जिनके पैर में चोट लगने के कारण वह चल फिर नहीं सक रही थी और जिला चिकित्सालय के गेट के पास ही बैठ गई ऐसे में वहां पर इस हेतु तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने भी उनकी कोई मदद नहीं की जिसे देखकर छोटी बच्ची ने अपनी मां के प्रति समर्पण और ममता दिखाते हुए खुद मोर्चा संभाला और अस्पताल के भीतर जाकर खुद से व्हीलचेयर उठाकर अपनी मां के पास ले आई। इस तस्वीर ने जहां जिले के स्वास्थ्य महकमें की लापरवाही को उजागर किया है वहीं जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का झूठा राग अलापने वाले जिम्मेदारों को भी आईना दिखाया है देखना होगा कि इसके बाद भी जिम्मेदारों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होके थोड़ी सी शर्म आ पाती है अथवा वो सब कुछ जानकार भी बेजान और बेशर्म बने बैठे रहते हैं।
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    *जिला अस्पताल उमरिया में मां की ममता के लिए नन्हे हाथों ने घसीटी व्हीलचेयर-जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं की खुली कलई।*                                          (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया)                                  जिले के मुख्य चिकित्सालय जिला अस्पताल उमरिया से एक एक मर्मस्पर्शी तस्वीर सामने आई है जिसने जिले भर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं की भी पोल खोल कर रख दी है। बता दें कि विभाग के जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही को उजागर करता यह वीडियो दरअसल जिला अस्पताल उमरिया का है जहां पर एक छोटी बच्ची अपने हाथों से व्हीलचेयर घसीटती हुई नजर आ रही है इस वायरल वीडियो के बारे में बताया जाता है कि उक्त छोटी बच्ची अपनी मां के साथ जिला अस्पताल पहुंची थी जिनके पैर में चोट लगने के कारण वह चल फिर नहीं सक रही थी और जिला चिकित्सालय के गेट के पास ही बैठ गई ऐसे में वहां पर इस हेतु तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने भी उनकी कोई मदद नहीं की जिसे देखकर छोटी बच्ची ने अपनी मां के प्रति समर्पण और ममता दिखाते हुए खुद मोर्चा संभाला और अस्पताल के भीतर जाकर खुद से व्हीलचेयर उठाकर अपनी मां के पास ले आई। इस तस्वीर ने जहां जिले के स्वास्थ्य महकमें की लापरवाही को उजागर किया है वहीं जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का झूठा राग अलापने वाले जिम्मेदारों को भी आईना दिखाया है देखना होगा कि इसके बाद भी जिम्मेदारों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होके थोड़ी सी शर्म आ पाती है अथवा वो सब कुछ जानकार भी बेजान और बेशर्म बने बैठे रहते हैं।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by RAKES PRATAP SINGH SIKARWAR
    1
    Post by RAKES PRATAP SINGH SIKARWAR
    user_RAKES PRATAP SINGH SIKARWAR
    RAKES PRATAP SINGH SIKARWAR
    Voice of people बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • शहडोल जिला,, ब्यौहारी में अंग्रेजी शराब की दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा शराब बेची जा रही है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग की मिली भगत की भूमिका सामने आ रही है ठेकेदारों के द्वारा प्रिंट रेट से ज्यादा शराब बेचकर लूट मचाई जा रही है आखिर कार आबकारी विभाग कब ध्यान देकर कार्रवाई करेगी व स्थानीय शासन प्रशासन के द्वारा जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए
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    शहडोल जिला,, ब्यौहारी में अंग्रेजी शराब की दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा शराब बेची जा रही है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग की मिली भगत की भूमिका सामने आ रही है    ठेकेदारों के द्वारा प्रिंट रेट से ज्यादा शराब बेचकर लूट मचाई जा रही है आखिर कार आबकारी विभाग कब ध्यान देकर कार्रवाई करेगी व स्थानीय शासन प्रशासन के द्वारा जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए
    user_Durgesh Kumar Gupta
    Durgesh Kumar Gupta
    Electrician Beohari, Shahdol•
    9 hrs ago
  • बिना हैंडल चलाए 24 घंटे पानी देने वाला हैंडपंप बना चर्चा का विषय, ग्रामीणों के लिए बना जीवनदाता मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कठई में एक अनोखा हैंडपंप लोगों के बीच आकर्षण और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस हैंडपंप की खासियत यह है कि इसमें बिना हैंडल चलाए ही लगातार पानी बहता रहता है। ग्रामीणों के अनुसार यह हैंडपंप कई सालों से इसी तरह अपने आप पानी दे रहा है। आमतौर पर जहां पानी निकालने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, वहीं यहां बिना किसी प्रयास के 24 घंटे पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे गांव के लोगों को काफी राहत मिल रही है। गांव में नल-जल योजना लंबे समय से बंद पड़ी है, जिससे पेयजल की समस्या बनी हुई थी। ऐसे में यह हैंडपंप ग्रामीणों के लिए किसी सहारे से कम नहीं है। लोग इसी से अपने दैनिक उपयोग के साथ-साथ खेती के लिए भी पानी ले रहे हैं। स्थानीय ग्रामीण इस घटना को आस्था से जोड़कर देख रहे हैं और इसे भगवान का करिश्मा मान रहे हैं। उनका कहना है कि जब गांव में पानी की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तभी यह हैंडपंप अपने आप चलने लगा और आज तक लगातार पानी दे रहा है। हालांकि, इस अनोखी घटना को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे भू-जल दबाव या कोई प्राकृतिक कारण हो सकता है। इस वजह से यह मामला वैज्ञानिक और प्रशासनिक जांच का विषय भी बन गया है। फिलहाल, यह हैंडपंप गांव के लिए किसी वरदान से कम नहीं है और लोगों की प्यास बुझाने के साथ उनकी जरूरतों को पूरा कर रहा है।
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    बिना हैंडल चलाए 24 घंटे पानी देने वाला हैंडपंप बना चर्चा का विषय, ग्रामीणों के लिए बना जीवनदाता
मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कठई में एक अनोखा हैंडपंप लोगों के बीच आकर्षण और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस हैंडपंप की खासियत यह है कि इसमें बिना हैंडल चलाए ही लगातार पानी बहता रहता है।
ग्रामीणों के अनुसार यह हैंडपंप कई सालों से इसी तरह अपने आप पानी दे रहा है। आमतौर पर जहां पानी निकालने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, वहीं यहां बिना किसी प्रयास के 24 घंटे पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे गांव के लोगों को काफी राहत मिल रही है।
गांव में नल-जल योजना लंबे समय से बंद पड़ी है, जिससे पेयजल की समस्या बनी हुई थी। ऐसे में यह हैंडपंप ग्रामीणों के लिए किसी सहारे से कम नहीं है। लोग इसी से अपने दैनिक उपयोग के साथ-साथ खेती के लिए भी पानी ले रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीण इस घटना को आस्था से जोड़कर देख रहे हैं और इसे भगवान का करिश्मा मान रहे हैं। उनका कहना है कि जब गांव में पानी की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तभी यह हैंडपंप अपने आप चलने लगा और आज तक लगातार पानी दे रहा है।
हालांकि, इस अनोखी घटना को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे भू-जल दबाव या कोई प्राकृतिक कारण हो सकता है। इस वजह से यह मामला वैज्ञानिक और प्रशासनिक जांच का विषय भी बन गया है।
फिलहाल, यह हैंडपंप गांव के लिए किसी वरदान से कम नहीं है और लोगों की प्यास बुझाने के साथ उनकी जरूरतों को पूरा कर रहा है।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Shahdol जिले के बुढ़ार से बिछिया पहुंच मार्ग पर बन रही करीब 4 करोड़ रुपये की लागत वाली सीसी सड़क अब सवालों के घेरे में है। आरोप है कि सड़क निर्माण में सीमेंट-कंक्रीट की जगह मिट्टी डालकर काम किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्माण कार्य पूरी तरह से मानकों की अनदेखी कर किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग (PWD) अब तक गहरी नींद में दिखाई दे रहा है। जनता में आक्रोश: ग्रामीणों ने इस मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की हालत पहले से भी बदतर हो सकती है। 👉 अब बड़ा सवाल ये है — क्या 4 करोड़ की सड़क सिर्फ कागजों में ही बन रही है?
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    Shahdol जिले के बुढ़ार से बिछिया पहुंच मार्ग पर बन रही करीब 4 करोड़ रुपये की लागत वाली सीसी सड़क अब सवालों के घेरे में है। आरोप है कि सड़क निर्माण में सीमेंट-कंक्रीट की जगह मिट्टी डालकर काम किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्माण कार्य पूरी तरह से मानकों की अनदेखी कर किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग (PWD) अब तक गहरी नींद में दिखाई दे रहा है।
जनता में आक्रोश:
ग्रामीणों ने इस मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की हालत पहले से भी बदतर हो सकती है।
👉 अब बड़ा सवाल ये है —
क्या 4 करोड़ की सड़क सिर्फ कागजों में ही बन रही है?
    user_Sumit Singh Chandel
    Sumit Singh Chandel
    Local News Reporter गोहपारू, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *ध्यान से सुन लीजिए फिर शेयर कीजिए...* 👌👌भाऊ बहुत जोरदार वीडियो है मैने पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ जी के बाद किसी को पूरी तन्मयता से सुना है तो वह यह भाषण है आंखे खोल देने वाली बात कही है हम सब तो 50+ हो गये है हमारे बच्चों तक यह बात हम सभी को पर्सनली भेजना चाहिए आने वाला समय बहुत कठिन है यही डरावना सच इस वक्ता ने सही समय पर पेश किया है 🙏🏻🙏🏻💐🙏🏻🙏🏻
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    *ध्यान से सुन लीजिए फिर शेयर कीजिए...* 👌👌भाऊ
बहुत जोरदार वीडियो है
मैने पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ जी के बाद किसी को पूरी तन्मयता से सुना है तो वह यह भाषण है
आंखे खोल देने वाली बात कही है
हम सब तो 50+ हो गये है हमारे बच्चों तक यह बात हम सभी को पर्सनली भेजना चाहिए 
आने वाला समय बहुत कठिन है
यही डरावना सच इस वक्ता ने सही समय पर पेश किया है
🙏🏻🙏🏻💐🙏🏻🙏🏻
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • हूटर पर सियासत: नियमों की धज्जियां, प्रशासन खामोश” “VIP कल्चर की वापसी? मैहर में कानून बनाम प्रभाव” मैहर: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक स्थानीय पदाधिकारी पर नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, मैहर में भाजपा के जिला महामंत्री द्वारा निजी वाहन पर अवैध रूप से हूटर (सायरन) का उपयोग किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन माना जा रहा है। नियमों के अनुसार, हूटर और लाल/नीली बत्ती का उपयोग केवल आपातकालीन सेवाओं—जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अधिकृत शासकीय अधिकारियों—के लिए ही वैध है। इसके बावजूद किसी निजी या राजनीतिक पदाधिकारी द्वारा इसका प्रयोग करना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला Motor Vehicles Act 1988 की धारा 177 (सामान्य उल्लंघन पर दंड) और धारा 184 (खतरनाक ड्राइविंग) के तहत कार्रवाई योग्य हो सकता है। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना, लाइसेंस पर कार्रवाई और वाहन जब्ती जैसी सख्त कार्यवाही का प्रावधान है। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वीआईपी कल्चर पर रोक के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इस पूरे मामले में मैहर प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आम जनता द्वारा ऐसे उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई होती है, लेकिन जब मामला राजनीतिक पदाधिकारियों से जुड़ा हो, तो प्रशासन की निष्क्रियता चिंता का विषय बन जाती है। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश सचिव उमेश चौधरी ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे “गूंगी-बहरी पार्टी” बताया और कहा कि इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि आम जनता के बीच गलत संदेश भी देती हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या नियमों का समान रूप से पालन सुनिश्चित किया जाएगा या नहीं।
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    हूटर पर सियासत: नियमों की धज्जियां, प्रशासन खामोश”
“VIP कल्चर की वापसी? मैहर में कानून बनाम प्रभाव”
मैहर: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक स्थानीय पदाधिकारी पर नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, मैहर में भाजपा के जिला महामंत्री द्वारा निजी वाहन पर अवैध रूप से हूटर (सायरन) का उपयोग किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन माना जा रहा है।
नियमों के अनुसार, हूटर और लाल/नीली बत्ती का उपयोग केवल आपातकालीन सेवाओं—जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अधिकृत शासकीय अधिकारियों—के लिए ही वैध है। इसके बावजूद किसी निजी या राजनीतिक पदाधिकारी द्वारा इसका प्रयोग करना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला Motor Vehicles Act 1988 की धारा 177 (सामान्य उल्लंघन पर दंड) और धारा 184 (खतरनाक ड्राइविंग) के तहत कार्रवाई योग्य हो सकता है। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना, लाइसेंस पर कार्रवाई और वाहन जब्ती जैसी सख्त कार्यवाही का प्रावधान है। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वीआईपी कल्चर पर रोक के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
इस पूरे मामले में मैहर प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आम जनता द्वारा ऐसे उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई होती है, लेकिन जब मामला राजनीतिक पदाधिकारियों से जुड़ा हो, तो प्रशासन की निष्क्रियता चिंता का विषय बन जाती है।
वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश सचिव उमेश चौधरी ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे “गूंगी-बहरी पार्टी” बताया और कहा कि इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि आम जनता के बीच गलत संदेश भी देती हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या नियमों का समान रूप से पालन सुनिश्चित किया जाएगा या नहीं।
    user_मीडिया
    मीडिया
    मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • *मैहर,300 गाड़ियों के साथ सैकड़ो की तादाद पर शिक्षक पहुंचे मैहर कलेक्ट्रेट,कहां टैट परीक्षा पर लगे रोक, मैहर कलेक्टर को ज्ञापन सोपा*
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    *मैहर,300 गाड़ियों के साथ सैकड़ो की तादाद पर शिक्षक पहुंचे मैहर कलेक्ट्रेट,कहां टैट परीक्षा पर लगे रोक, मैहर कलेक्टर को ज्ञापन सोपा*
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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