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फरीदाबाद में एक युवती ने एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उसने धर्म छिपाकर उससे शादी की और उसे धोखा दिया। युवती के मुताबिक, व्यक्ति ने पहले अपना नाम 'वीर' बताया था, लेकिन बाद में उसका असली नाम 'आरिफ' निकला। युवती ने यह भी बताया कि आरिफ पहले से ही तीन बच्चों का पिता था, और इस दौरान उसे दो बार गर्भपात भी करवाना पड़ा।
HB NEWS 80
फरीदाबाद में एक युवती ने एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उसने धर्म छिपाकर उससे शादी की और उसे धोखा दिया। युवती के मुताबिक, व्यक्ति ने पहले अपना नाम 'वीर' बताया था, लेकिन बाद में उसका असली नाम 'आरिफ' निकला। युवती ने यह भी बताया कि आरिफ पहले से ही तीन बच्चों का पिता था, और इस दौरान उसे दो बार गर्भपात भी करवाना पड़ा।
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- हजारों विद्यार्थियों के डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार हो गया, जब भिवानी में NEET-UG 2026 परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस परीक्षा ने अनगिनत अभ्यर्थियों को उनके सुनहरे भविष्य की ओर एक कदम और करीब ला दिया है। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सख्त जांच-पड़ताल और प्रशासन की सतर्क निगरानी के बीच सभी आवश्यक व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। किसी भी केंद्र से कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। अब, इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल हुए लाखों विद्यार्थियों की निगाहें उत्सुकता से परिणामों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार NEET का कटऑफ कितना रह सकता है।1
- भिवानी जिले में 21 जून को देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही हजारों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की भारी भीड़ देखी गई। प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक सुरक्षा प्रबंधों और सख्त निगरानी के बीच हजारों विद्यार्थियों ने डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई, जिसमें बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान पत्रों की जांच और सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से प्रत्येक अभ्यर्थी की कड़ी स्क्रीनिंग शामिल थी। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की नकल या अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने केंद्रों पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर संतोष व्यक्त किया। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों के चेहरों पर उत्साह और उम्मीद साफ दिखाई दी। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित था, हालांकि कुछ विषयों में प्रश्न अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण थे। अब लाखों विद्यार्थियों की निगाहें परीक्षा परिणाम और संभावित कटऑफ पर टिकी हुई हैं। NEET परीक्षा को मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश का सबसे बड़ा द्वार माना जाता है, जिसमें हर वर्ष लाखों विद्यार्थी भाग लेते हैं। भिवानी में भी परीक्षा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है, और सबकी नजरें अब नतीजों पर हैं।1
- भिवानी के देवसर धाम से मैया रानी के दिव्य दर्शन हुए हैं। इस अवसर पर भक्तों ने 'जय माता दी' का जयघोष किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।1
- रोहतक में महामंडलेश्वर बाबा कमलपुरी जी और कर्णपुरी जी से प्रेमानंद जी महाराज के प्रिय जॉनी और जोजो ने मुलाकात की। इस भेंट के दौरान, जॉनी और जोजो ने एक मधुर भजन भी सुनाया, जिससे यह अवसर और भी खास बन गया।1
- बहुत-बहुत शुक्रिया मंडी हरियाणा रोहतक में सब्जी मंडी है1
- संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी 21 जून को ट्विटर X पर एक विशेष सेवा आयोजित कर रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य यह प्रचारित करना है कि काशी वाले कबीर ही भगवान हैं। यह सेवा 'कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस' के अवसर पर की जा रही है, जिसके तहत मालिक की दया से यह ज्ञान सभी तक पहुँचाया जाएगा। इस अभियान के लिए सेवा से संबंधित तस्वीरें बाद में भेजी जाएंगी। इस सेवा के अंतर्गत दिए गए प्रमुख बिंदुओं में बताया गया है कि संत रामपाल जी के अनुसार, वेदों में परमात्मा का नाम 'कविर्देव' यानी कबीर है। ऋग्वेद मंडल 9, सूक्त 96, मंत्र 17 में वर्णित है कि पूर्ण परमात्मा कविर्देव शिशु रूप में अवतरित होते हैं और कविताओं, दोहों के माध्यम से अपना तत्वज्ञान प्रचारित करते हैं, जिससे वे एक प्रसिद्ध कवि भी कहलाते हैं। यह लीला काशी वाले कबीर जी ने ही की थी, इसलिए उन्हें भगवान बताया गया है। ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 93 मंत्र 2 और ऋग्वेद मंडल 10 सूक्त 4 मंत्र 3, 4 के अनुसार, परमात्मा का किसी माँ से जन्म नहीं होता; वे सशरीर प्रकट होते हैं और सशरीर ही चले जाते हैं। इतिहास गवाह है कि कबीर जी काशी के लहरतारा तालाब में सशरीर प्रकट हुए और मगहर (वर्तमान जिला संत कबीर नगर) से सशरीर गए थे। इसके अतिरिक्त, ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 में कहा गया है कि शिशु रूप में प्रकट परमात्मा का पालन-पोषण कुंवारी गाय के दूध से होता है, और कबीर सागर, अध्याय ज्ञानसागर, पृष्ठ 74-75 भी इसकी पुष्टि करता है कि कबीर जी का पालन-पोषण कुंवारी गाय के दूध से ही हुआ था। यह सभी प्रमाण वेदों के अनुसार काशी वाले कबीर को भगवान सिद्ध करते हैं। इसी कड़ी में, गुरु ग्रन्थ साहिब, राग ‘‘सिरी‘‘ महला 1, पृष्ठ 24 के शब्द 29 में आदरणीय नानक जी ने सच्चखंड में सृष्टि के रचनहार कबीर परमात्मा को देखने के बाद, उन्हें काशी में धाणक (जुलाहे) की भूमिका करते हुए देखकर 'करतार' यानी सर्व सृष्टि को बनाने वाला भगवान कहा था। संत गरीबदास जी ने भी अपनी वाणियों में स्पष्ट किया है: 'गरीब, हम सुलतानी नानक तारे, दादू कूँ उपदेश दिया। जात जुलाहा भेद न पाया, काशी माहीं कबीर हुआ।।' संत दादू जी ने भी अपनी वाणी में काशी वाले कबीर भगवान के विषय में कहा है: 'जिन मोकुं निज नाम दिया, सोइ सतगुरु हमार। दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सृजन हार।। कबीर कर्ता आप है, दूजा नाहिं कोय। दादू पूरन जगत को, भक्ति दृढावत सोय।।' संत गरीबदास जी ने अमरग्रन्थ साहिब में भी यह स्पष्ट किया है कि परमेश्वर एक कबीर ही हैं और वे ही सकल सृष्टि के सिरजनहार हैं। स्वामी रामानंद जी और कबीर जी समकालीन थे, और कबीर जी उन्हें अपना सांसारिक गुरु मानते थे। उन्हीं रामानंद जी ने भी कहा है कि काशी वाले कबीर ही भगवान हैं: 'बोलत रामानंद जी, सुन कबीर करतार। गरीबदास सब रूप में, तुम हीं बोलन हार।। दोहूँ ठौर है एक तूं, भया एक से दोय। गरीबदास हम कारणे, उतरे हो मग जोय।।' गुरुग्रंथ साहिब के पृष्ठ 721 में आदरणीय नानक जी ने भी 'हक्का कबीर करीम तू, बेएब परवरदिगार। नानक बुगोयद जनु तुरा, तेरे चाकरां पाखाक।।’ कहकर काशी वाले कबीर को भगवान बताया है। संत गरीबदास जी ने अमरग्रन्थ साहिब में यह भी स्पष्ट किया है कि काशी में लगभग 600 वर्ष पूर्व सशरीर प्रकट होने वाले और जुलाहे की भूमिका करने वाले कबीर ही पूर्णब्रह्म जुलाहा यानी भगवान हैं।1
- चरखी दादरी के रोज गार्डन में संस्था प्रधान एवं अटेला के पूर्व सरपंच जगदीश राय की अध्यक्षता में श्री रविदास सेवा आश्रम की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के आश्रम की जमीन से हो रहे कब्जे को छुड़ाने के लिए एक बड़े आंदोलन की शुरुआत करने का अहम निर्णय लिया गया है। आंदोलन की रणनीति के तहत, कब्जाधारियों और कब्जा करवाने वालों का पुतला फूंका जाएगा। साथ ही, जिला उपायुक्त, जिला पुलिस अधीक्षक और जिला राजस्व अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें एक निर्धारित समयावधि के भीतर श्री रविदास सेवा आश्रम की जमीन का कब्जा दिलवाने की अपील की जाएगी। यह भी निर्णय लिया गया है कि कब्जाधारियों और कब्जा करवाने वालों पर SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा, और उन्हें ज्ञापन की एक प्रति भी दी जाएगी। उपरोक्त आंदोलन की विस्तृत रणनीति बनाने और उसकी तिथि निर्धारित करने के लिए अगली बैठक रविवार, 19 जुलाई 2026 को सुबह 9 बजे भारत पब्लिक स्कूल, चम्पापुरी, चरखी दादरी में बुलाने का फैसला किया गया है। यह पहल श्री रविदास सेवा आश्रम, चरखी दादरी द्वारा आश्रम की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के उद्देश्य से की जा रही है।1
- भिवानी में 65 साल पुराने किरायेदारों के समर्थन में जनता का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है, जहाँ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। यह पूरा मामला एक जमीन विवाद से जुड़ा है, जिसने अब एक राजनीतिक रंग ले लिया है। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं प्रशासन की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े किए गए हैं। शहर में इस जमीन विवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है।1
- भिवानी में 21 जून को आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने युवाओं से योग अपनाने का आह्वान करते हुए इसे स्वस्थ जीवन का आधार बताया। मंत्री राणा ने रेखांकित किया कि प्रदेश सरकार योग के प्रचार-प्रसार पर लगातार कार्य कर रही है, ताकि युवा पीढ़ी नशे जैसी बुराइयों से दूर रह सके। उन्होंने योग को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। किसानों से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए कृषि मंत्री ने हरियाणा में डीएपी और यूरिया खाद की कोई कमी न होने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाई है, जिससे किसी भी किसान को कोई परेशानी नहीं होगी। फसल नुकसान और मुआवजे के संबंध में, मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान का आकलन जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर गठित समितियां करती हैं, और सरकार नियमानुसार किसानों को मुआवजा प्रदान करती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले वर्ष प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को सरकार द्वारा मुआवजा दिया गया था। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री राणा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्धों और वैश्विक परिस्थितियों का असर ईंधन की कीमतों पर पड़ा है। इसके बावजूद, उन्होंने जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखी गई है और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी गई है।2