बस्तर के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज ने नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कॉलेज ने एक साल के भीतर 1147 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन किया है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिली है। इन सफल ऑपरेशनों के बाद, सभी मरीजों को निशुल्क चश्मा और आई ड्रॉप्स भी प्रदान किए गए। इस पहल से बस्तर के साथ-साथ दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर और पड़ोसी राज्य ओडिशा के मरीजों को भी लाभ हुआ है। नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. छाया शोरी ने मोतियाबिंद के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह आंख के प्राकृतिक लेंस में धुंधलापन आने की स्थिति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन में बिना टांके के कृत्रिम लेंस लगाया जाता है। डॉ. शोरी ने यह भी चेतावनी दी कि यदि मोतियाबिंद का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह 'काचियाबिंद' (ग्लूकोमा) में बदल सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बस्तर के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज ने नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कॉलेज ने एक साल के भीतर 1147 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन किया है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिली है। इन सफल ऑपरेशनों के बाद, सभी मरीजों को निशुल्क चश्मा और आई ड्रॉप्स भी प्रदान किए गए। इस पहल से बस्तर के साथ-साथ दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर और पड़ोसी राज्य ओडिशा के मरीजों को भी
लाभ हुआ है। नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. छाया शोरी ने मोतियाबिंद के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह आंख के प्राकृतिक लेंस में धुंधलापन आने की स्थिति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन में बिना टांके के कृत्रिम लेंस लगाया जाता है। डॉ. शोरी ने यह भी चेतावनी दी कि यदि मोतियाबिंद का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह 'काचियाबिंद' (ग्लूकोमा) में बदल सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
- बस्तर पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना भानपुरी पुलिस ने केशरपाल आवासपारा में छापा मारकर किशोर बघेल के घर से 33.25 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त किए गए इस गांजे की अनुमानित कीमत 16 लाख 62 हजार 500 रुपये आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी किशोर बघेल को पकड़ा। जांच में पता चला कि आरोपी ने नीले ड्रम में गांजा छिपाकर रखा था, जिसका इरादा उसे बेचने का था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी हर्ष कुमार धुरंधर और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- बलरामपुर/चांदो में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक नाती ने घरेलू कहासुनी के बाद अपने दादा की धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए फरार आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। चांदो पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नवाडीह निवासी मुनिया केरकेटा (64 वर्ष), पति भुवनेश्वर केरकेटा, ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 7 जून 2025 को उनके पति भुवनेश्वर केरकेटा (65 वर्ष) घर में थे। इसी दौरान उनका 20 वर्षीय नाती अरुण केरकेटा, पिता प्रेम, घर आया। भुवनेश्वर ने अरुण को नहाने, कपड़े धोने और कामकाज पर न जाने को लेकर टोका। इस पर, आरोपी अरुण केरकेटा ने घर के कमरे में रखे बसुला नामक धारदार हथियार से भुवनेश्वर के सिर और गले पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी मौके पर ही हत्या कर दी। घटना की भनक लगने पर प्रार्थिया और उनके परिवार के सदस्य घर पहुंचे तो देखा कि आरोपी अरुण केरकेटा हत्या कर भाग रहा था। परिजनों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर थाना चांदो में धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया। फरार आरोपी को पकड़ने के लिए थाना चांदो के अलावा अन्य थाना और चौकी प्रभारीगण को रवाना किया गया था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अरुण राजपुर बरियो की ओर जा रहा है। इस सूचना के आधार पर थाना राजपुर और थाना चांदो की संयुक्त पुलिस टीम ने राजपुर में घेराबंदी कर आरोपी अरुण केरकेटा को सफलतापूर्वक पकड़ लिया।2
- बलरामपुर रामानुजगंज जिले के चांदो थाना क्षेत्र अंतर्गत नवाडीह गांव में दिनांक 7 जून 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 20 वर्षीय अरुण केरकेटा ने घरेलू कहासुनी के बाद अपने 65 वर्षीय दादा भुवनेश्वर केरकेटा की धारदार बसुले से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। घटना तब हुई जब भुवनेश्वर केरकेटा ने अपने पोते अरुण को नहाने, कपड़े धोने और काम पर जाने के लिए टोका था। प्रार्थिया मुनिया केरकेट्टा, जो मृतक की 64 वर्षीय पत्नी हैं, ने बताया कि परिजनों को हत्या की भनक लगने पर वे घर पहुंचे तो देखा कि आरोपी अरुण केरकेटा हत्या कर भाग रहा था। परिवार के सदस्यों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह फरार होने में कामयाब रहा। इस सूचना पर चांदो थाने में अपराध क्रमांक 21/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल सूचित किया गया, जिसके बाद बलरामपुर पुलिस अधीक्षक महोदय ने चांदो थाने के अलावा अन्य थाना व चौकी प्रभारियों को फरार आरोपी को पकड़ने के लिए रवाना किया। पुलिस अधीक्षक महोदय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय बलरामपुर के मार्गदर्शन में आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि अरुण राजपुर बरियो की ओर जा रहा है। थाना राजपुर और चांदो की संयुक्त पुलिस टीम ने राजपुर में घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया, क्योंकि वह जिले से बाहर भागने की फिराक में था। आरोपी अरुण केरकेटा को थाने लाकर घटना के संबंध में पूछताछ की गई, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है। पुलिस ने घरेलू कहासुनी में अपने दादा की हत्या कर फरार हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया।3
- बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ घरेलू कहासुनी के बाद एक पोते ने अपने दादा की धारदार हथियार से हत्या कर दी। आरोपी को पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। प्रार्थिया मुनिया केरकेटा, 64 वर्षीय, ने चांदो थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 7 जून 2025 को उनके पति भुवनेश्वर केरकेटा, 65 वर्षीय, घर पर थे। तभी उनका नाती अरुण केरकेटा, 20 वर्षीय, जो प्रेम का पुत्र और नवाडीह, चांदो थाने का निवासी है, घर आया। भुवनेश्वर ने अरुण को नहाने, कपड़े धोने और कोई काम धंधा न करने के लिए डांटा। इसी दौरान आरोपी अरुण केरकेटा ने कमरे में रखे बसूले जैसे धारदार हथियार से भुवनेश्वर के सिर और गले पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी मौके पर ही हत्या कर दी। हत्या करने की भनक लगने पर प्रार्थिया और घर के अन्य सदस्यों ने आकर देखा तो आरोपी अरुण केरकेटा हत्या कर भाग रहा था। परिवार के लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह वहाँ से भाग निकला। इस सूचना पर चांदो थाने में अपराध क्रमांक 21/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सूचना दी गई। बलरामपुर पुलिस अधीक्षक महोदय ने चांदो थाना के अलावा अन्य थाना और चौकी प्रभारियों को भी फरार आरोपी को पकड़ने के लिए रवाना किया। पुलिस अधीक्षक महोदय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय बलरामपुर के मार्गदर्शन में आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अरुण राजपुर बरियो की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही राजपुर थाना और चांदो थाना की संयुक्त पुलिस टीम ने राजपुर में घेराबंदी कर आरोपी अरुण केरकेटा को पकड़ लिया, जो जिले से बाहर भागने की फिराक में छिपा हुआ था। आरोपी को थाने लाकर घटना के संबंध में पूछताछ कर विधिवत गिरफ्तार किया गया और माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है।4
- शंकरनगर मुल्ला निवासी एक युवक के साथ पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट की घटना हुई है। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है, जिसके बाद पुलिस ने उन पर मामला दर्ज कर लिया है।1
- आदिवासी छात्र युवा संगठन, छत्तीसगढ़ ने 8 जून को अपना 6वां स्थापना दिवस पखांजूर स्थित सिविल हॉस्पिटल में फल वितरण कार्यक्रम के रूप में मनाया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके पालकों, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को फल वितरित कर सेवा, सहयोग एवं मानवता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान संगठन के सदस्यों ने मरीजों का कुशलक्षेम जाना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने अस्पताल में अपनी सेवाएँ दे रहे डॉक्टरों एवं नर्सों का सम्मान करते हुए उन्हें भी फल भेंट किए। संगठन के सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि स्थापना दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि समाज सेवा और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का भी एक माध्यम है। इस कार्यक्रम में आदिवासी छात्र युवा संगठन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष राजेश नुरुटी, सर्व आदिवासी समाज महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष मैनी कतलामी, उपाध्यक्ष सोमा नुरुटी, महामंत्री गीता दुग्गा, पूर्व महामंत्री विनोद कुमेटी, सचिव सुनील सलाम, बेटियां सर्कल इकाई अध्यक्ष लक्ष्मण मंडावी, उपाध्यक्ष मोनिका गावड़े, कचलामी, कोयलीबेड़ा इकाई अध्यक्ष भुनेश्वरी नवगो, विलसन कुजूर, ओमप्रकाश तिग्गा, कमलेश हुपेंडी, रामदेश पोटाई, दुर्गु हिड़को, मंगेश वेड़दा, सनोती मंडावी, शिल्पा उईके, प्रिया दर्रों, फूलबत्ती जाड़े, सुकली पददा, रविशंकर सलाम, प्रभु पोटाई, महेश दर्रों एवं रवि वडडे सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। फल वितरण कार्यक्रम के दौरान अस्पताल परिसर में एक सौहार्दपूर्ण एवं प्रेरणादायक वातावरण देखने को मिला, जहाँ मरीजों, उनके पालकों, डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ ने संगठन के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित सदस्यों ने समाज सेवा, शिक्षा, जागरूकता एवं सामाजिक एकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते रहने तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।3
- गरियाबंद पुलिस ने 'नशे के विरुद्ध नया सवेरा अभियान' के तहत कार्रवाई करते हुए राजिम थाना क्षेत्र से दो आरोपियों को 7.380 लीटर अवैध देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राजिम के धान मंडी रोड के पास की गई, जहाँ ओमप्रकाश परमार उर्फ प्रकाश (उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम पोखरा, थाना राजिम, जिला गरियाबंद) और नारायण मारकण्डे (उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम लोहरसी, थाना राजिम) को घेराबंदी कर पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से कुल 41 पौवा देशी प्लेन शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत 3280 रुपये बताई गई है। घटना में प्रयुक्त सीजी-04-एलएस-8817 नंबर की प्लेजर स्कूटी को भी पुलिस ने जब्त कर लिया। गरियाबंद पुलिस द्वारा समस्त थाना प्रभारियों को अवैध नशे के परिवहन और बिक्री के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी के अनुपालन में, 7 जून 2026 को थाना प्रभारी राजिम को मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति स्कूटी पर अवैध शराब ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर तत्काल मौके पर स्टाफ भेजकर रेड की कार्रवाई की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज कर, पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।1
- बस्तर के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज ने नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कॉलेज ने एक साल के भीतर 1147 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन किया है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिली है। इन सफल ऑपरेशनों के बाद, सभी मरीजों को निशुल्क चश्मा और आई ड्रॉप्स भी प्रदान किए गए। इस पहल से बस्तर के साथ-साथ दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर और पड़ोसी राज्य ओडिशा के मरीजों को भी लाभ हुआ है। नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. छाया शोरी ने मोतियाबिंद के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह आंख के प्राकृतिक लेंस में धुंधलापन आने की स्थिति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन में बिना टांके के कृत्रिम लेंस लगाया जाता है। डॉ. शोरी ने यह भी चेतावनी दी कि यदि मोतियाबिंद का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह 'काचियाबिंद' (ग्लूकोमा) में बदल सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।2