सावन मेले में पहचान छिपाकर खाद्य पदार्थ बेचने का आरोप, बजरंग दल ने दो वाहन पकड़े गोला गोकर्णनाथ खीरी सावन के पवित्र माह में छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ में शिवभक्तों और कांवड़ियों की भारी भीड़ के बीच खाद्य पदार्थों की बिक्री में पहचान छिपाने का मामला गरमा गया है। शनिवार देर रात भारतीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नानक चौकी के पास दो ऐसे वाहनों को पकड़ा, जिन पर कथित तौर पर फर्जी/बदले हुए नाम से खाद्य सामग्री बेची जा रही थी। राजनीतिक दबाव में वाहन छोड़ने का आरोप बजरंग दल के जिलाध्यक्ष अनूप गुप्ता और नगर मंत्री सुमित गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने वाहनों को पकड़कर नानक चौकी पुलिस के सुपुर्द किया था। हालांकि, जिलाध्यक्ष अनूप गुप्ता का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने राजनीतिक प्रभाव में आकर दोनों वाहनों को बिना सख्त कार्रवाई के छोड़ दिया। खाद्य सुरक्षा विभाग की लापरवाही पर सवाल संगठन ने आरोप लगाया कि सावन मेले में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की घोर लापरवाही उजागर हो रही है। पूर्व में भी विभाग को इस तरह की गतिविधियों की सूचना दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रमुख माँगें और बिंदु श्रद्धालुओं के साथ छलावा आरोप है कि कुछ लोग सनातन धर्म के देवी-देवताओं और हिंदू नामों के बोर्ड लगाकर खाद्य पदार्थ बेच रहे हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले शिवभक्त भ्रमित हो रहे हैं।सघन चेकिंग अभियान की मांग बजरंग दल ने प्रशासन से मांग की है कि मेले में खाद्य पदार्थ बेचने वाले सभी वाहनों और दुकानों की पहचान तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। कड़ी कानूनी कार्रवाई पहचान छिपाकर व्यापार करने वालों की जांच कर उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
सावन मेले में पहचान छिपाकर खाद्य पदार्थ बेचने का आरोप, बजरंग दल ने दो वाहन पकड़े गोला गोकर्णनाथ खीरी सावन के पवित्र माह में छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ में शिवभक्तों और कांवड़ियों की भारी भीड़ के बीच खाद्य पदार्थों की बिक्री में पहचान छिपाने का मामला गरमा गया है। शनिवार देर रात भारतीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नानक चौकी के पास दो ऐसे वाहनों को पकड़ा, जिन पर कथित तौर पर फर्जी/बदले हुए नाम से खाद्य सामग्री बेची जा रही थी। राजनीतिक दबाव में वाहन छोड़ने का आरोप बजरंग दल के जिलाध्यक्ष अनूप गुप्ता और नगर मंत्री सुमित गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने वाहनों को पकड़कर नानक चौकी पुलिस के सुपुर्द किया था। हालांकि, जिलाध्यक्ष अनूप गुप्ता का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने राजनीतिक प्रभाव में आकर दोनों वाहनों को बिना सख्त कार्रवाई के छोड़
दिया। खाद्य सुरक्षा विभाग की लापरवाही पर सवाल संगठन ने आरोप लगाया कि सावन मेले में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की घोर लापरवाही उजागर हो रही है। पूर्व में भी विभाग को इस तरह की गतिविधियों की सूचना दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रमुख माँगें और बिंदु श्रद्धालुओं के साथ छलावा आरोप है कि कुछ लोग सनातन धर्म के देवी-देवताओं और हिंदू नामों के बोर्ड लगाकर खाद्य पदार्थ बेच रहे हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले शिवभक्त भ्रमित हो रहे हैं।सघन चेकिंग अभियान की मांग बजरंग दल ने प्रशासन से मांग की है कि मेले में खाद्य पदार्थ बेचने वाले सभी वाहनों और दुकानों की पहचान तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। कड़ी कानूनी कार्रवाई पहचान छिपाकर व्यापार करने वालों की जांच कर उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
- श्रद्धा और भक्ति के साथ निकली कांवड़ यात्रा, कंजा बाबा के पास शिवभक्तों पर हुई पुष्पवर्षा अखंड हिंदू वाहिनी की प्रदेश उपाध्यक्ष रत्ना अवस्थी ने टीम के साथ कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत कंजा गोला / लखीमपुर खीरी सनातनी एकता मंच सेवा समिति, डूंडा पुवाया शाहजहांपुर के तत्वावधान में आयोजित कांवड़ यात्रा-2026 श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ आगे बढ़ी। यात्रा के दौरान कंजा बाबा के पास पहुंचने पर अखंड हिंदू वाहिनी की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती रत्ना अवस्थी ने अपनी टीम के साथ शिवभक्त कांवड़ियों का पुष्पवर्षा एवं अंगवस्त्र पहनाकर भव्य स्वागत किया। कांवड़ियों के स्वागत के दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। शिवभक्तों में भी स्वागत को लेकर विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिली। इस अवसर पर अखंड हिंदू वाहिनी की प्रदेश उपाध्यक्ष रत्ना अवस्थी ने कहा कि कांवड़ यात्रा सनातन संस्कृति, आस्था और भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। शिवभक्तों की सेवा करना और उनका स्वागत करना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में एकता, सेवा और भाईचारे की भावना को मजबूती मिलती है। कांवड़ यात्रा का आयोजन सनातनी एकता मंच सेवा समिति के संस्थापक श्री विपिन बिहारी मिश्रा की अध्यक्षता में किया गया। यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल रहे। स्वागत कार्यक्रम में अखंड हिंदू वाहिनी शाहजहांपुर टीम के जिला सह प्रचारक प्रशांत मिश्रा, विनोद कुमार, शीतल मिश्रा, श्याम जी, देव मिश्रा, कुलदीप मिश्रा, प्रांशु मिश्रा, गौरी शंकर, आलोक शुक्ला, विजय कुमार शुक्ला, सुनील कुमार, श्याम मुरारी मिश्रा, आकाश शुक्ला एवं गणेश शंकर सहित संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। गोला गोकरननाथ से श्रीमती रत्ना अवश्थी प्रदेश उपाध्यक्ष अखंड हिंदू वाहिनी जिला अध्यक्ष अखंड हिंदू वाहिनी श्री परशुराम वर्मा जिला महामंत्री श्री रामनिवास गुप्ता अखंड हिंदू वाहिनी श्री राजकुमार पांडे प्रदेश उपाध्यक्ष अखंड हिंदू वाहिनी एवं महिला मोर्चा की सदस्य गण व पदाधिकारी और पूरी अखंड हिंदू वाहिनी की टीम स्वागत करने में सम्मिलित रहे शिवभक्तों के स्वागत के दौरान पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गूंजता रहा।4
- सावन मेले में पहचान छिपाकर खाद्य पदार्थ बेचने का आरोप, बजरंग दल ने दो वाहन पकड़े गोला गोकर्णनाथ खीरी सावन के पवित्र माह में छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ में शिवभक्तों और कांवड़ियों की भारी भीड़ के बीच खाद्य पदार्थों की बिक्री में पहचान छिपाने का मामला गरमा गया है। शनिवार देर रात भारतीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नानक चौकी के पास दो ऐसे वाहनों को पकड़ा, जिन पर कथित तौर पर फर्जी/बदले हुए नाम से खाद्य सामग्री बेची जा रही थी। राजनीतिक दबाव में वाहन छोड़ने का आरोप बजरंग दल के जिलाध्यक्ष अनूप गुप्ता और नगर मंत्री सुमित गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने वाहनों को पकड़कर नानक चौकी पुलिस के सुपुर्द किया था। हालांकि, जिलाध्यक्ष अनूप गुप्ता का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने राजनीतिक प्रभाव में आकर दोनों वाहनों को बिना सख्त कार्रवाई के छोड़ दिया। खाद्य सुरक्षा विभाग की लापरवाही पर सवाल संगठन ने आरोप लगाया कि सावन मेले में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की घोर लापरवाही उजागर हो रही है। पूर्व में भी विभाग को इस तरह की गतिविधियों की सूचना दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रमुख माँगें और बिंदु श्रद्धालुओं के साथ छलावा आरोप है कि कुछ लोग सनातन धर्म के देवी-देवताओं और हिंदू नामों के बोर्ड लगाकर खाद्य पदार्थ बेच रहे हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले शिवभक्त भ्रमित हो रहे हैं।सघन चेकिंग अभियान की मांग बजरंग दल ने प्रशासन से मांग की है कि मेले में खाद्य पदार्थ बेचने वाले सभी वाहनों और दुकानों की पहचान तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। कड़ी कानूनी कार्रवाई पहचान छिपाकर व्यापार करने वालों की जांच कर उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।2
- मकान में घुसा जहरीला सांप, वन विभाग की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू खरेहटा बीट के वनकर्मियों ने सांप को पकड़कर जंगल में छोड़ा, परिवार ने ली राहत की सांस संसारपुर (लखीमपुर खीरी)। मैलानी वन क्षेत्र के खरेहटा वन बीट अंतर्गत ऊंचागांव निवासी हरिओम मिश्र के मकान में अचानक जहरीला सांप निकल आया। सांप को देखकर परिजनों में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए। परिजनों ने बिना देरी किए मामले की सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर खरेहटा बीट के वन दरोगा कामता प्रसाद वर्मा और वनरक्षक ताज मोहम्मद टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सांप को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। वनकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद जहरीले सांप को सुरक्षित पकड़कर बोरे में बंद कर लिया। इसके बाद वन विभाग की टीम सांप को मैलानी रेंज के घने जंगल में ले गई और सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया। सांप के सुरक्षित रेस्क्यू होने के बाद परिवार और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग की टीम की तत्परता से संभावित हादसा टल गया।1
- नियमों को दरकिनार कर मेले में लगे ओवरहाइट झूलें गीली जमीन पर झूलें लगे नियमों को दरकिनार कर मेले में लगे ओवरहाइट झूलें उचौलिया खीरी। थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर में चैहल्लुम का मेला लग रहा है जिसमें नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है और ओवरहाइट झूले भी लगे स्थानीय प्रशासन कोई एक्शन नहीं ले रहा है लगातार बारिश होने से जमीन गीली और उसी पर झूले लगा दिये गये अगर ऐसे में झूलों से कोई हादसा हो जाता है तो जिम्मेदार कौन होगा कौन लेगा जिम्मेदारी ऐसी तमाम बातों पर स्थानीय पुलिस प्रशासन को ध्यान देना चाहिए मेले की शुरुआत 12 अगस्त से होगी गीली जमीन पर झूला लगाना मतलब हादसे को दावत देना साबित हो सकता है फिलहाल पूरे मामले में स्थानीय क्या कार्यवाही करेगा यह देखना बाली बात होगी अगर झूले का परमिशन बना है तो कितनी ऊंचाई का बना कितने दिनों का बना है और ऐसे में पुलिस को लान आर्डर का विशेष ध्यान रखना होगा अब देखना होगा थाना प्रभारी व हल्का इंचार्ज पूरे मामले में कब और क्या कोई कार्यवाही करेंगे या फिर ओवरहाइट झूले सफेद पोश के दम पर चलते रहेंगे जल्द ही एसपी खीरी व जिलाधिकारी खीरी को मामले से अवगत कराया जायेगा आपको बता दें झूलों से तमाम जगह हादसे हो चुके हैं जिसमें मौतें भी हुई है लखीमपुर खीरी में झूला हादसा हो चुका है।1
- यूपी : मेरठ में मेट्रो स्टेशन के सामने सड़क पर सो रही 9 माह की बच्ची का अपहरण हुआ पुलिस ने 200 CCTV चेक कर 3 आरोपी पकड़े यूसुफ और हुस्ने आलम ने अपहरण कर बच्ची को अकबर को बेचा था बच्ची सकुशल मिली1
- सिकंदराबाद चौराहे पर निकली भव्य कांवड़ यात्रा, भक्तों ने ग्रहण किया भंडारा प्रसाद सिकंदराबाद चौराहे के पास भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्ति के साथ यात्रा में सहभागिता की। इस दौरान भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। हर हर महादेव 🔱🙏 बोल बम! 🚩2
- 43 साल बाद फिर साथ दिखी 1983 विश्व कप विजेता टीम, सिंगापुर में हुआ भव्य रीयूनियन 1983 विश्व कप जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के कई दिग्गज 43 साल बाद सिंगापुर में एक बार फिर साथ नजर आए, 7 से 9 अगस्त तक मैरिनर्स क्रिकेट क्लब सिंगापुर द्वारा ‘83 Legends Tour of Singapore’ आयोजित किया गया कपिल देव, सुनील गावस्कर, मोहिंदर अमरनाथ और संदीप पाटिल समेत उस विश्व विजेता टीम के कई सदस्य कार्यक्रम में शामिल हुए, खिलाड़ियों ने पुरानी यादें साझा कीं और शैंपेन के साथ 1983 की ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया 2021 में दिवंगत हुए यशपाल शर्मा और अनुपस्थित रहे रवि शास्त्री को छोड़कर टीम के अधिकांश जीवित सदस्यों की मौजूदगी रही, इसे एशिया में 1983 विश्व कप विजेता भारतीय टीम का पहला औपचारिक रीयूनियन बताया गया, आयोजन का उद्देश्य ऐतिहासिक जीत को याद करने के साथ क्रिकेट, नेतृत्व, एकता और टीम भावना को बढ़ावा देना था1
- प्रशासन की मान-मनौव्वल पर माने राष्ट्रीय अध्यक्ष, 15 दिन का दिया समय मिहींपुरवा में किसानों-मजदूरों का विशाल धरना, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर गरजे सिंघानिया; समाधान नहीं हुआ तो लखनऊ तक आंदोलन की चेतावनी मिहींपुरवा/बहराइच, 08 अगस्त 2026। किसानों और मजदूरों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मिहींपुरवा तहसील परिसर में भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया) का विशाल धरना-प्रदर्शन शनिवार को जोरदार तरीके से हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया के नेतृत्व में हजारों किसान-मजदूरों ने अपनी आवाज बुलंद की। धरने के दौरान संगठन ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए तत्काल समाधान की मांग की। धरने के दौरान माहौल उस समय और गरमा गया, जब संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मांगों के समाधान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी। हालांकि, प्रशासन की मान-मनौव्वल और मांगों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने फिलहाल आंदोलन को 15 दिन का समय देते हुए स्थगित करने पर सहमति जताई। राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 15 दिन के भीतर यदि किसानों और मजदूरों की 11 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन मिहींपुरवा से लखनऊ तक बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर अब केवल आश्वासन से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं, बल्कि उन्हें अपनी समस्याओं का धरातल पर समाधान चाहिए। धरने में देवीपाटन मंडल अध्यक्ष आदर्श राज वर्मा, जिला अध्यक्ष बहराइच दुर्गेश वर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि एडवोकेट करन वर्मा, प्रदेश महासचिव जितेन्द्र बाजपेई, प्रदेश उपाध्यक्ष विशाल वर्मा, मंडल प्रभारी लखनऊ रमाकांत दीक्षित तथा प्रदेश संगठन नंदकिशोर आर्या सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान-मजदूर मौजूद रहे। धरना समाप्त होने के बाद संगठन की ओर से मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी बहराइच के माध्यम से 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में विस्थापन और मुआवजा, मतदाता सूची, बंद गल्ला मंडी, नदी कटान, सड़क चौड़ीकरण, पेयजल, आवारा पशु, आयुष्मान कार्ड, राशन व्यवस्था, खाद की उपलब्धता तथा बिजली कटौती और लो वोल्टेज जैसी समस्याओं के समाधान की मांग की गई। प्रशासन के आश्वासन के बाद टला बड़ा आंदोलन धरने के दौरान प्रशासन और संगठन के पदाधिकारियों के बीच बातचीत हुई। प्रशासन की ओर से मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तत्काल बड़े आंदोलन का ऐलान करने के बजाय 15 दिन की समयसीमा तय की। अब प्रशासन के सामने किसान-मजदूर यूनियन की 11 सूत्रीय मांगों के समाधान की चुनौती है। संगठन ने साफ कर दिया है कि यदि तय समय में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो अगला आंदोलन पहले से कहीं बड़ा होगा और उसकी गूंज मिहींपुरवा से लखनऊ तक सुनाई देगी। “आश्वासन बहुत मिले, अब समाधान चाहिए”—इसी संदेश के साथ धरना समाप्त हुआ, लेकिन संगठन ने आंदोलन की अगली रणनीति के लिए 15 दिन की घड़ी शुरू कर दी है।चाहें तो मैं इसी खबर की और कड़क, सनसनीखेज अखबार वाली हेडिंग भी बना सकता हूँ, जैसे: “झुका प्रशासन, 15 दिन में समाधान का भरोसा; मान-मनौव्वल के बाद माने सिंघानिया”। प्रशासन की मान-मनौव्वल पर माने राष्ट्रीय अध्यक्ष, 15 दिन का दिया समय मिहींपुरवा में किसानों-मजदूरों का विशाल धरना, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर गरजे सिंघानिया; समाधान नहीं हुआ तो लखनऊ तक आंदोलन की चेतावनी मिहींपुरवा/बहराइच, 08 अगस्त 2026। किसानों और मजदूरों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मिहींपुरवा तहसील परिसर में भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया) का विशाल धरना-प्रदर्शन शनिवार को जोरदार तरीके से हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया के नेतृत्व में हजारों किसान-मजदूरों ने अपनी आवाज बुलंद की। धरने के दौरान संगठन ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए तत्काल समाधान की मांग की। धरने के दौरान माहौल उस समय और गरमा गया, जब संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मांगों के समाधान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी। हालांकि, प्रशासन की मान-मनौव्वल और मांगों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने फिलहाल आंदोलन को 15 दिन का समय देते हुए स्थगित करने पर सहमति जताई। राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 15 दिन के भीतर यदि किसानों और मजदूरों की 11 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन मिहींपुरवा से लखनऊ तक बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर अब केवल आश्वासन से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं, बल्कि उन्हें अपनी समस्याओं का धरातल पर समाधान चाहिए। धरने में देवीपाटन मंडल अध्यक्ष आदर्श राज वर्मा, जिला अध्यक्ष बहराइच दुर्गेश वर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि एडवोकेट करन वर्मा, प्रदेश महासचिव जितेन्द्र बाजपेई, प्रदेश उपाध्यक्ष विशाल वर्मा, मंडल प्रभारी लखनऊ रमाकांत दीक्षित तथा प्रदेश संगठन नंदकिशोर आर्या सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान-मजदूर मौजूद रहे। धरना समाप्त होने के बाद संगठन की ओर से मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी बहराइच के माध्यम से 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में विस्थापन और मुआवजा, मतदाता सूची, बंद गल्ला मंडी, नदी कटान, सड़क चौड़ीकरण, पेयजल, आवारा पशु, आयुष्मान कार्ड, राशन व्यवस्था, खाद की उपलब्धता तथा बिजली कटौती और लो वोल्टेज जैसी समस्याओं के समाधान की मांग की गई। प्रशासन के आश्वासन के बाद टला बड़ा आंदोलन धरने के दौरान प्रशासन और संगठन के पदाधिकारियों के बीच बातचीत हुई। प्रशासन की ओर से मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तत्काल बड़े आंदोलन का ऐलान करने के बजाय 15 दिन की समयसीमा तय की। अब प्रशासन के सामने किसान-मजदूर यूनियन की 11 सूत्रीय मांगों के समाधान की चुनौती है। संगठन ने साफ कर दिया है कि यदि तय समय में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो अगला आंदोलन पहले से कहीं बड़ा होगा और उसकी गूंज मिहींपुरवा से लखनऊ तक सुनाई देगी। “आश्वासन बहुत मिले, अब समाधान चाहिए”—इसी संदेश के साथ धरना समाप्त हुआ, लेकिन संगठन ने आंदोलन की अगली रणनीति के लिए 15 दिन की घड़ी शुरू कर दी है।चाहें तो मैं इसी खबर की और कड़क, सनसनीखेज अखबार वाली हेडिंग भी बना सकता हूँ, जैसे: “झुका प्रशासन, 15 दिन में समाधान का भरोसा; मान-मनौव्वल के बाद माने सिंघानिया”।1