बैतूल जिले में आज पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार 'सेफ क्लिक –2.0' साइबर जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान पुलिस कंट्रोल रूम, बैतूल में पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन द्वारा शुरू किया गया, जिन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक श्री दुर्गेश आर्मो, उप पुलिस अधीक्षक सैफा हाशमी, थाना प्रभारी कोतवाली श्री देवकरण देहरिया, थाना प्रभारी गंज श्री नीरज पाल, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक श्री अश्विनी चौधरी, सूबेदार श्री नवीन सोनकर सहित साइबर टीम और पुलिस विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने अपने संबोधन में बताया कि साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार लोगों की जल्दबाजी और लापरवाही है, और जागरूकता ही साइबर अपराधों के विरुद्ध सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है। उन्होंने सभी से इस अभियान को जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर संचालित कर अधिक से अधिक नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराधों से बचाव संबंधी जागरूकता पंपलेटों का भी वितरण किया गया। अभियान की शुरुआत के साथ ही, जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सार्वजनिक स्थलों, बाजार क्षेत्रों, बस स्टैंड, प्रमुख चौराहों और अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर पहुंचकर आमजन को 'सेफ क्लिक –2.0' के तहत साइबर सुरक्षा की महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस दौरान ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, QR कोड फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट जैसे विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए, साथ ही साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबरक्राइम.गॉव.इन के बारे में भी जागरूक किया गया। आने वाले समय में, इस अभियान के अंतर्गत जिले के सभी थाना क्षेत्रों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, बैंकिंग संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से व्यापक साइबर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके। इस अभियान का मूल मंत्र है: "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें"।
बैतूल जिले में आज पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार 'सेफ क्लिक –2.0' साइबर जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान पुलिस कंट्रोल रूम, बैतूल में पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन द्वारा शुरू किया गया, जिन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक श्री दुर्गेश आर्मो, उप पुलिस अधीक्षक सैफा हाशमी, थाना प्रभारी कोतवाली श्री देवकरण देहरिया, थाना प्रभारी गंज श्री नीरज पाल, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक श्री अश्विनी चौधरी, सूबेदार श्री नवीन सोनकर सहित साइबर टीम और पुलिस विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने अपने संबोधन में बताया कि साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार लोगों की जल्दबाजी और लापरवाही है, और जागरूकता ही साइबर अपराधों के विरुद्ध सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है। उन्होंने सभी से इस अभियान को जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर संचालित कर अधिक से अधिक नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराधों से बचाव संबंधी जागरूकता पंपलेटों का भी वितरण किया गया। अभियान की शुरुआत के साथ ही, जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सार्वजनिक स्थलों, बाजार क्षेत्रों, बस स्टैंड, प्रमुख चौराहों और अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर पहुंचकर आमजन को 'सेफ क्लिक –2.0' के तहत साइबर सुरक्षा की महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस दौरान ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, QR कोड फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट जैसे विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए, साथ ही साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबरक्राइम.गॉव.इन के बारे में भी जागरूक किया गया। आने वाले समय में, इस अभियान के अंतर्गत जिले के सभी थाना क्षेत्रों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, बैंकिंग संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से व्यापक साइबर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके। इस अभियान का मूल मंत्र है: "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें"।
- बैतूल में पुलिस अधीक्षक (एसपी) वीरेंद्र जैन ने साइबर सेल से संबंधित एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है।1
- मंगलवार को पांढुर्णा कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान जिले के दूरदराज के क्षेत्रों से आए 18 आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण के कड़े निर्देश दिए। जनसुनवाई में मुख्य रूप से भूमि संबंधी विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से जुड़े मामले, जाति एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही कठिनाइयां, नक्शा बटांकन सुधार तथा पेयजल की किल्लत जैसे मुद्दे सामने आए। ग्रामीणों ने अपनी कृषि भूमि तक आवाजाही के लिए रास्ते की मांग और अवैध अतिक्रमण हटाने जैसी महत्वपूर्ण शिकायतें भी दर्ज कराईं। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति से संबंधित एक प्रकरण पर नियमानुसार कार्रवाई करने और पात्र आवेदकों को तत्काल राहत प्रदान करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त समस्याओं का समय सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैध कार्यों के लिए किसी भी नागरिक को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, जिसके लिए विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा और सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, प्रभारी तहसीलदार सुश्री प्रेक्षा पाठक और जनपद पंचायत के सीईओ श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित जिले के आला अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने आवेदकों को आश्वासन दिया कि उनके आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी उन्हें शीघ्र ही प्रदान कर दी जाएगी।1
- मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े आरोपों के मामले में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। इस पूरे प्रकरण पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अपना बयान जारी किया है।2
- अपनी कठिन आर्मी ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी कर भैंसदेही लौटे चेतन सराटकर का क्षेत्रवासियों और मित्रों द्वारा भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। उनकी इस उपलब्धि ने पूरे भैंसदेही क्षेत्र का मान बढ़ाया है। चेतन सराटकर की मेहनत, अनुशासन और देशसेवा का जज़्बा युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।3
- खमला क्षेत्र में आज जोरदार बारिश हुई है, जिससे किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पानी न होने के कारण जो उदासी उनके चेहरों पर छाई हुई थी, वह अब दूर हो गई है। इस अच्छी बारिश के बाद, किसान अब अपनी फसल की बुवाई कर सकेंगे।1
- मध्य प्रदेश पुलिस ने सायबर अपराधों के प्रति जन-जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक 'सायबर सुरक्षा अभियान' शुरू किया है। यह अभियान 2026 तक जारी रहेगा, जिसका लक्ष्य लोगों को सायबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।1
- बैतूल जिले में आज पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार 'सेफ क्लिक –2.0' साइबर जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान पुलिस कंट्रोल रूम, बैतूल में पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन द्वारा शुरू किया गया, जिन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक श्री दुर्गेश आर्मो, उप पुलिस अधीक्षक सैफा हाशमी, थाना प्रभारी कोतवाली श्री देवकरण देहरिया, थाना प्रभारी गंज श्री नीरज पाल, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक श्री अश्विनी चौधरी, सूबेदार श्री नवीन सोनकर सहित साइबर टीम और पुलिस विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने अपने संबोधन में बताया कि साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार लोगों की जल्दबाजी और लापरवाही है, और जागरूकता ही साइबर अपराधों के विरुद्ध सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है। उन्होंने सभी से इस अभियान को जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर संचालित कर अधिक से अधिक नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराधों से बचाव संबंधी जागरूकता पंपलेटों का भी वितरण किया गया। अभियान की शुरुआत के साथ ही, जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सार्वजनिक स्थलों, बाजार क्षेत्रों, बस स्टैंड, प्रमुख चौराहों और अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर पहुंचकर आमजन को 'सेफ क्लिक –2.0' के तहत साइबर सुरक्षा की महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस दौरान ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, QR कोड फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट जैसे विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए, साथ ही साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबरक्राइम.गॉव.इन के बारे में भी जागरूक किया गया। आने वाले समय में, इस अभियान के अंतर्गत जिले के सभी थाना क्षेत्रों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, बैंकिंग संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से व्यापक साइबर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके। इस अभियान का मूल मंत्र है: "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें"।1
- मध्य प्रदेश के मुलताई में पुलिस ने जादू टोने के शक में एक 12 वर्षीय बच्चे की हत्या के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राकेश पिता रमेश उइके और सुदामा पिता मोहन इवनाती के रूप में हुई है।3
- मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जहरीला पानी पीने के कारण आधा सैकड़ा से अधिक लोग बीमार पड़ गए हैं। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके पानी में सल्फास मिला दिया था, जिसके बाद यह घटना हुई।1