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Rajesh Prajapati
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- निजी खर्च से बनी सड़क को बस्ती तक पहुंचाने की पहल, विकास तिवारी ने ग्रामीणों से की सार्थक चर्चा1
- कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का शर्मनाक बयान राज्य पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर कहा- “पहले छात्र 25 दिन भूख हड़ताल करे, फिर हम उन पर लाठी चार्ज करेंगे, उसके बाद मैं इस्तीफ़ा देने पर विचार करूँगा, तब तक हम प्रदर्शन कर रहे छात्रों को गिरफ्तार करेंगे 💥 *बड़ी खबर*💥 *कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का शर्मनाक बयान।* राज्य पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर कहा- “पहले छात्र 25 दिन भूख हड़ताल करे, फिर हम उन पर लाठी चार्ज करेंगे, उसके बाद मैं इस्तीफ़ा देने पर विचार करूँगा, तब तक हम प्रदर्शन कर रहे छात्रों को गिरफ्तार करेंगे” बारहवीं पास खड़गे जूनियर कर्नाटक के आईटी मिनिस्टर हैं और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र हैं।1
- सात दिन से चल रहे नौढ़िया गांव के अनशन पर अगस्त क्रांति मंच के संयोजक एवं समाजसेवी कुंजबिहारी तिवारी का बयान "नौढ़िया के शिक्षित युवा पिछले सात दिनों से हनुमान मंदिर के चबूतरे पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अनशन कर रहे हैं। वे न तो सड़क जाम कर रहे हैं, न किसी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं और न ही कानून-व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं। उनकी केवल एक मांग है—वर्षों से लंबित शिकायतों की निष्पक्ष जांच। इसके बावजूद प्रशासन का मौन रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। क्या प्रशासन किसी अप्रिय घटना का इंतजार कर रहा है? यदि शिकायतें झूठी हैं तो तत्काल जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया जाए। लेकिन यदि शिकायतें सही हैं, तो दोषियों को संरक्षण देने की बजाय उनके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। लोकतंत्र में जनता की आवाज को अनदेखा करना किसी भी जिम्मेदार प्रशासन की पहचान नहीं हो सकती। सात दिनों से अनशन कर रहे युवाओं की सुध तक न लेना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अगस्त क्रांति मंच इस आंदोलन का पूर्ण नैतिक समर्थन करता है और जिला प्रशासन को चेतावनी नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आग्रह करता है कि तत्काल अनशनकारियों से संवाद स्थापित करे, निष्पक्ष जांच का लिखित आश्वासन दे और मामले का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करे। यदि इसके बाद भी प्रशासन मौन रहा और आंदोलन लंबा खिंचा, तो इसकी पूरी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।"1
- 🎬 रीवा यातायात व्यवस्था पर ग्राउंड रिपोर्ट: "साहब फोन पर व्यस्त, जनता सड़क पर पस्त! "अगर आपको लगता है कि आप वक्त की कीमत समझते हैं... तो एक बार रीवा के अस्पताल चौराहे पर आ जाइए! यहाँ आपका वक्त, आपकी गाड़ियाँ और आपका धैर्य—सब जाम में जम जाएगा!" "अस्पताल चौराहा से लेकर धोबिया टंकी तक... नजारा देखिए! सड़क कम, गाड़ियों का समुद्र ज्यादा नजर आ रहा है। मिनटों का सफर घंटों में तब्दील हो चुका है। मरीज एम्बुलेंस में तड़प रहे हैं, दफ्तर जाने वाले सड़क पर पसीने से भीग रहे हैं, लेकिन साहब... व्यवस्था देखिए!" "अरे वाह! फोन बजता रहा, पर उठा नहीं! जब यातायात प्रभारी फोन ही नहीं उठाएंगी, तो सड़क पर खड़ी इस बेकाबू भीड़ को कौन संभालेगा?" आम नागरिक: "आधे घंटे से यहीं खड़े हैं भैया, कोई पुलिस वाला देखने वाला नहीं है!" "अस्पताल चौराहा से धोबिया टंकी तक की यह तस्वीरें चिल्ला-चिल्लाकर पूछ रही हैं— क्या रीवा का ट्रैफिक महकमा पूरी तरह सो चुका है? या फिर 'फोन न उठाना' ही समस्या का हल मान लिया गया है? सवाल बड़ा है, लेकिन जवाब देने वाला कोई मौजूद नहीं! अभिषेक पांडे1
- शिव मंदिर देवतालाब समान सोमवार से है देवतालाब मंदिर उपलब्ध है सही-सही है जिसको देखना है तो देवतालाब आ जाए मंदिर देखें आज ही देवतालाब मंदिर है शिव मंदिर है शिव नगरी है1
- सगरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सेंधमारी के चार आरोपी गिरफ्तार, करीब 10 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद1
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