सात दिन से चल रहे नौढ़िया गांव के अनशन पर अगस्त क्रांति मंच के संयोजक एवं समाजसेवी कुंजबिहारी तिवारी का बयान "नौढ़िया के शिक्षित युवा पिछले सात दिनों से हनुमान मंदिर के चबूतरे पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अनशन कर रहे हैं। वे न तो सड़क जाम कर रहे हैं, न किसी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं और न ही कानून-व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं। उनकी केवल एक मांग है—वर्षों से लंबित शिकायतों की निष्पक्ष जांच। इसके बावजूद प्रशासन का मौन रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। क्या प्रशासन किसी अप्रिय घटना का इंतजार कर रहा है? यदि शिकायतें झूठी हैं तो तत्काल जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया जाए। लेकिन यदि शिकायतें सही हैं, तो दोषियों को संरक्षण देने की बजाय उनके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। लोकतंत्र में जनता की आवाज को अनदेखा करना किसी भी जिम्मेदार प्रशासन की पहचान नहीं हो सकती। सात दिनों से अनशन कर रहे युवाओं की सुध तक न लेना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अगस्त क्रांति मंच इस आंदोलन का पूर्ण नैतिक समर्थन करता है और जिला प्रशासन को चेतावनी नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आग्रह करता है कि तत्काल अनशनकारियों से संवाद स्थापित करे, निष्पक्ष जांच का लिखित आश्वासन दे और मामले का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करे। यदि इसके बाद भी प्रशासन मौन रहा और आंदोलन लंबा खिंचा, तो इसकी पूरी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।"
सात दिन से चल रहे नौढ़िया गांव के अनशन पर अगस्त क्रांति मंच के संयोजक एवं समाजसेवी कुंजबिहारी तिवारी का बयान "नौढ़िया के शिक्षित युवा पिछले सात दिनों से हनुमान मंदिर के चबूतरे पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अनशन कर रहे हैं। वे न तो सड़क जाम कर रहे हैं, न किसी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं और न ही कानून-व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं। उनकी केवल एक मांग है—वर्षों से लंबित शिकायतों की निष्पक्ष जांच। इसके बावजूद प्रशासन का मौन रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। क्या प्रशासन किसी अप्रिय घटना का इंतजार कर रहा है? यदि शिकायतें झूठी हैं तो तत्काल जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया जाए। लेकिन यदि शिकायतें सही हैं, तो दोषियों को संरक्षण देने की बजाय उनके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। लोकतंत्र में जनता की आवाज को अनदेखा करना किसी भी जिम्मेदार प्रशासन की पहचान नहीं हो सकती। सात दिनों से अनशन कर रहे युवाओं की सुध तक न लेना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अगस्त क्रांति मंच इस आंदोलन का पूर्ण नैतिक समर्थन करता है और जिला प्रशासन को चेतावनी नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आग्रह करता है कि तत्काल अनशनकारियों से संवाद स्थापित करे, निष्पक्ष जांच का लिखित आश्वासन दे और मामले का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करे। यदि इसके बाद भी प्रशासन मौन रहा और आंदोलन लंबा खिंचा, तो इसकी पूरी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।"
- सात दिन से चल रहे नौढ़िया गांव के अनशन पर अगस्त क्रांति मंच के संयोजक एवं समाजसेवी कुंजबिहारी तिवारी का बयान "नौढ़िया के शिक्षित युवा पिछले सात दिनों से हनुमान मंदिर के चबूतरे पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अनशन कर रहे हैं। वे न तो सड़क जाम कर रहे हैं, न किसी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं और न ही कानून-व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं। उनकी केवल एक मांग है—वर्षों से लंबित शिकायतों की निष्पक्ष जांच। इसके बावजूद प्रशासन का मौन रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। क्या प्रशासन किसी अप्रिय घटना का इंतजार कर रहा है? यदि शिकायतें झूठी हैं तो तत्काल जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया जाए। लेकिन यदि शिकायतें सही हैं, तो दोषियों को संरक्षण देने की बजाय उनके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। लोकतंत्र में जनता की आवाज को अनदेखा करना किसी भी जिम्मेदार प्रशासन की पहचान नहीं हो सकती। सात दिनों से अनशन कर रहे युवाओं की सुध तक न लेना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अगस्त क्रांति मंच इस आंदोलन का पूर्ण नैतिक समर्थन करता है और जिला प्रशासन को चेतावनी नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आग्रह करता है कि तत्काल अनशनकारियों से संवाद स्थापित करे, निष्पक्ष जांच का लिखित आश्वासन दे और मामले का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करे। यदि इसके बाद भी प्रशासन मौन रहा और आंदोलन लंबा खिंचा, तो इसकी पूरी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।"1
- शिव मंदिर देवतालाब समान सोमवार से है देवतालाब मंदिर उपलब्ध है सही-सही है जिसको देखना है तो देवतालाब आ जाए मंदिर देखें आज ही देवतालाब मंदिर है शिव मंदिर है शिव नगरी है1
- निजी खर्च से बनी सड़क को बस्ती तक पहुंचाने की पहल, विकास तिवारी ने ग्रामीणों से की सार्थक चर्चा1
- प्रयागराज, डीएम मनीष कुमार वर्मा आजइंसानियत दिखाते हुए प्रयागराज, डीएम मनीष कुमार वर्मा आज मीटिंग करके जैसे ही अपने कार्यालय से बाहर निकल रहे थे देखे की कई फरियादी गेट के बाहर खड़े थे डीएम ने इंसानियत दिखाते हुए एक-एक करके सभी फरियादी की समस्या सुनी। उसके बाद निस्तारण करने के लिए आदेश दिए। एक बुजुर्ग व्यक्ति ने कहा की ऐसे जिला अधिकारी अगर प्रदेश के हर जनपद में हो जाए तो सरकार की छवि समाज में और बेहतर हो।1
- रंगदारी मांगने के आरोप पर ग्राम प्रधान ने दी सफाई, बताया—ग्राम सभा की जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर लगाया गया झूठा आरोप रंगदारी मांगने के आरोप पर ग्राम प्रधान ने दी सफाई, बताया—ग्राम सभा की जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर लगाया गया झूठा आरोप प्रयागराज। बारा तहसील के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत मवैया गांव में ग्राम प्रधान पर रंगदारी मांगने के आरोप लगाए जाने का मामला सामने आया है। अल्लापुर निवासी चंद्रेश शुक्ला पुत्र स्वर्गीय रामभिलाष शुक्ला ने मवैया गांव निवासी संतोष सिंह पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र प्रताप सिंह और उनके छोटे भाई संजय सिंह पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। आरोप लगाए जाने के बाद मामले को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। शिकायतकर्ता चंद्रेश शुक्ला का आरोप है कि संतोष सिंह और उनके छोटे भाई संजय सिंह द्वारा उनसे रंगदारी की मांग की जा रही है। आरोप के बाद क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, आरोपों की वास्तविकता और मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, दूसरी ओर ग्राम प्रधान संतोष सिंह और उनके छोटे भाई संजय सिंह ने लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया है। संतोष सिंह का कहना है कि वह मवैया ग्राम सभा के निर्वाचित ग्राम प्रधान हैं। उनके अनुसार ग्राम सभा की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा किए जाने का प्रयास किया जा रहा था, जिसका उन्होंने ग्राम प्रधान होने के नाते विरोध किया और जमीन पर अवैध कब्जा करने से रोकने का प्रयास किया। संतोष सिंह का आरोप है कि ग्राम सभा की जमीन पर कब्जे का विरोध करने और मामले में हस्तक्षेप करने के कारण ही उनके खिलाफ रंगदारी मांगने जैसे गंभीर और झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका किसी से रंगदारी मांगने या किसी प्रकार का अवैध धन वसूलने से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। संतोष सिंह और संजय सिंह ने कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की जाती है तो वह जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं। वहीं, शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पुलिस स्तर से जांच किए जाने की बात सामने आ रही है। फिलहाल, मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। स्थानीय लोगों की नजर अब पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।4
- कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का शर्मनाक बयान राज्य पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर कहा- “पहले छात्र 25 दिन भूख हड़ताल करे, फिर हम उन पर लाठी चार्ज करेंगे, उसके बाद मैं इस्तीफ़ा देने पर विचार करूँगा, तब तक हम प्रदर्शन कर रहे छात्रों को गिरफ्तार करेंगे 💥 *बड़ी खबर*💥 *कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का शर्मनाक बयान।* राज्य पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर कहा- “पहले छात्र 25 दिन भूख हड़ताल करे, फिर हम उन पर लाठी चार्ज करेंगे, उसके बाद मैं इस्तीफ़ा देने पर विचार करूँगा, तब तक हम प्रदर्शन कर रहे छात्रों को गिरफ्तार करेंगे” बारहवीं पास खड़गे जूनियर कर्नाटक के आईटी मिनिस्टर हैं और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र हैं।1
- अनशन को मिला देश बचाओ आंदोलन के राष्ट्रीय प्रचारक मुंद्रिका त्रिपाठी विश्वामित्र और कवि विवेक नामदेव का समर्थन मऊगंज। ग्राम पंचायत नौढ़िया में चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन को अब सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। मंगलवार को देश बचाओ आंदोलन के राष्ट्रीय प्रचारक मुंद्रिका त्रिपाठी 'विश्वामित्र' एवं विवेक नामदेव 'कवि' धरना स्थल पहुंचे और अनशनरत युवाओं से मुलाकात कर उनका समर्थन किया। इस दौरान मुंद्रिका त्रिपाठी 'विश्वामित्र' ने कहा कि "यदि कोई युवा वर्षों से लंबित शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर संविधान और लोकतंत्र के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण अनशन कर रहा है, तो प्रशासन का दायित्व है कि उसकी बात गंभीरता से सुने। लोकतंत्र में संवाद और निष्पक्ष जांच ही जनता का विश्वास बनाए रख सकती है।" उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलनों की उपेक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित संकेत नहीं है। यदि शिकायतों में तथ्य नहीं हैं तो जांच कर स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि शिकायतें सही हैं तो दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। वहीं विवेक नामदेव 'कवि' ने भी अनशनरत युवाओं के संघर्ष को समर्थन देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही जनसमस्याओं का समाधान प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए।1
- *प्रयागराज ,घूरपुर स्थित मनीशाह बाबा दरगाह के पास युवक का शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका से मचा हड़कंप *मनीशाह बाबा दरगाह के पास युवक का शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका से मचा हड़कंप* *सीसीटीवी फुटेज में बाइक पर तीन लोग दिखे, फोरेंसिक टीम ने जुटाए अहम साक्ष्य* घूरपुर (प्रयागराज)। थाना क्षेत्र के सेमरा कल्बना स्थित सिनेमाघर के सामने मनीशाह बाबा दरगाह के समीप सोमवार को एक युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले को संदिग्ध मानते हुए हत्या समेत सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। मृतक की पहचान चिल्ली गांव निवासी हरिश्चंद्र पटेल के 26 वर्षीय इकलौते पुत्र अभिषेक कुमार उर्फ गोलू के रूप में हुई। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही घूरपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार मिश्रा पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। सूचना पर सहायक पुलिस आयुक्त कौंधियारा अब्दुस सलाम खान भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। घटना की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। प्रारंभिक जांच में एक फुटेज में एक बाइक पर तीन लोग जाते हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस इन लोगों की पहचान करने और घटना से उनके संभावित संबंधों की जांच में जुटी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेज दिया है। अब जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल युवक की मौत हत्या, दुर्घटना या किसी अन्य कारण से हुई है, यह जांच का विषय बना हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जबकि पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बरतने की अपील की है।4