केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के प्रस्तावित परिसीमन को लेकर विपक्ष पर तीखा निशाना साधा है। जोधपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने इसे एक संवैधानिक और समयबद्ध प्रक्रिया बताया, जिसे अब आगे बढ़ाना आवश्यक हो गया है। शेखावत ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और मतदाताओं की संख्या को देखते हुए परिसीमन का सही समय आ चुका है और इसके माध्यम से लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को अधिक संतुलित व प्रभावी बनाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 में लागू परिसीमन अधिनियम में वर्ष 2025 के बाद पुनः परिसीमन प्रक्रिया शुरू करने का प्रावधान किया गया था। ऐसे में इस दिशा में आगे बढ़ना संविधान की भावना और कानूनी व्यवस्था के अनुकूल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता के बाद से आबादी और मतदाताओं के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन की व्यवस्था की गई है ताकि हर क्षेत्र को उसकी जनसंख्या के अनुपात में उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। केंद्रीय मंत्री ने परिसीमन के महत्व को महिला आरक्षण कानून से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए परिसीमन बेहद आवश्यक है, इसलिए इस प्रक्रिया को अब टाला नहीं जा सकता। इसी सिलसिले में विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण विधेयक के समय ही विपक्ष का वास्तविक चेहरा, चाल और चरित्र देश के सामने उजागर हो गया था क्योंकि वे महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के प्रति गंभीर नहीं थे। आने वाले दिनों में संसद सत्र शुरू होने के साथ ही परिसीमन से जुड़े विषय पर समिति की बैठक होगी, जिसमें विभिन्न दलों के सदस्य शामिल होकर आगे की रूपरेखा तय करेंगे। शेखावत ने विश्वास व्यक्त किया कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ही आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे और यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान विपक्ष का दोहरा रवैया एक बार फिर देश के सामने पूरी तरह बेनकाब हो जाएगा।
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के प्रस्तावित परिसीमन को लेकर विपक्ष पर तीखा निशाना साधा है। जोधपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने इसे एक संवैधानिक और समयबद्ध प्रक्रिया बताया, जिसे अब आगे बढ़ाना आवश्यक हो गया है। शेखावत ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और मतदाताओं की संख्या को देखते हुए परिसीमन का सही समय आ चुका है और इसके माध्यम से लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को अधिक संतुलित व प्रभावी बनाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 में लागू परिसीमन अधिनियम में वर्ष 2025 के बाद पुनः परिसीमन प्रक्रिया शुरू करने का प्रावधान किया गया था। ऐसे में इस दिशा में आगे बढ़ना संविधान की भावना और कानूनी व्यवस्था के अनुकूल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता के बाद से आबादी और मतदाताओं के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन की व्यवस्था की गई है ताकि हर क्षेत्र को उसकी जनसंख्या के अनुपात में उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। केंद्रीय मंत्री ने परिसीमन के महत्व को महिला आरक्षण कानून से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए परिसीमन बेहद आवश्यक है, इसलिए इस प्रक्रिया को अब टाला नहीं जा सकता। इसी सिलसिले में विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण विधेयक के समय ही विपक्ष का वास्तविक चेहरा, चाल और चरित्र देश के सामने उजागर हो गया था क्योंकि वे महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के प्रति गंभीर नहीं थे। आने वाले दिनों में संसद सत्र शुरू होने के साथ ही परिसीमन से जुड़े विषय पर समिति की बैठक होगी, जिसमें विभिन्न दलों के सदस्य शामिल होकर आगे की रूपरेखा तय करेंगे। शेखावत ने विश्वास व्यक्त किया कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ही आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे और यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान विपक्ष का दोहरा रवैया एक बार फिर देश के सामने पूरी तरह बेनकाब हो जाएगा।
- केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के प्रस्तावित परिसीमन को लेकर विपक्ष पर तीखा निशाना साधा है। जोधपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने इसे एक संवैधानिक और समयबद्ध प्रक्रिया बताया, जिसे अब आगे बढ़ाना आवश्यक हो गया है। शेखावत ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और मतदाताओं की संख्या को देखते हुए परिसीमन का सही समय आ चुका है और इसके माध्यम से लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को अधिक संतुलित व प्रभावी बनाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 में लागू परिसीमन अधिनियम में वर्ष 2025 के बाद पुनः परिसीमन प्रक्रिया शुरू करने का प्रावधान किया गया था। ऐसे में इस दिशा में आगे बढ़ना संविधान की भावना और कानूनी व्यवस्था के अनुकूल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता के बाद से आबादी और मतदाताओं के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन की व्यवस्था की गई है ताकि हर क्षेत्र को उसकी जनसंख्या के अनुपात में उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। केंद्रीय मंत्री ने परिसीमन के महत्व को महिला आरक्षण कानून से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए परिसीमन बेहद आवश्यक है, इसलिए इस प्रक्रिया को अब टाला नहीं जा सकता। इसी सिलसिले में विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण विधेयक के समय ही विपक्ष का वास्तविक चेहरा, चाल और चरित्र देश के सामने उजागर हो गया था क्योंकि वे महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के प्रति गंभीर नहीं थे। आने वाले दिनों में संसद सत्र शुरू होने के साथ ही परिसीमन से जुड़े विषय पर समिति की बैठक होगी, जिसमें विभिन्न दलों के सदस्य शामिल होकर आगे की रूपरेखा तय करेंगे। शेखावत ने विश्वास व्यक्त किया कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ही आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे और यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान विपक्ष का दोहरा रवैया एक बार फिर देश के सामने पूरी तरह बेनकाब हो जाएगा।1
- दौसा जिले के कुण्डल क्षेत्र में करीब दो-तीन महीने पहले हुई 64 लाख रुपये की चोरी के मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित (आईपीएस) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस संवेदनशील प्रकरण पर लगातार पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रही है। मामले के खुलासे के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जो तकनीकी और पारंपरिक दोनों ही तरीकों से गहनता से जांच में जुटी हुई है। एसपी पीयूष दीक्षित ने पूरा विश्वास जताया है कि पुलिस को जल्द ही इस मामले में सफलता मिलेगी, आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के गोविंद सिंह डोटासरा ने आखिरकार यह स्वीकार कर लिया है कि हनुमान बेनीवाल जी जनता के लिए आंदोलन भी करते हैं और उनके लिए लड़ते भी हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी माना है कि वे मुकदमे भी झेल रहे हैं।1
- जयपुर में पुलिस द्वारा एक वाहन को रोककर उसके दस्तावेज मांगने का मामला सामने आया है। वाहन मालिक ने डिजिलॉकर में उपलब्ध अपने ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी और इंश्योरेंस जैसे दस्तावेज दिखाए, लेकिन आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने इन्हें अमान्य बताते हुए ओरिजिनल दस्तावेज दिखाने की मांग की। इस घटना के बाद अब यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि जब आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी और इंश्योरेंस जैसे दस्तावेज डिजिलॉकर में डिजिटल रूप में उपलब्ध हैं, तो ड्राइवर आखिर ओरिजिनल दस्तावेज कहां से लाएं। इस मामले में मांग की गई है कि यदि नियमों की कोई अलग व्याख्या की जा रही है, तो संबंधित विभाग को इस पर स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए ताकि आम नागरिकों और ड्राइवरों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।1
- दौसा के कालाखो स्थित हरितवाल फिलिंग स्टेशन पर पेट्रोल भरवाकर बिना भुगतान किए फरार होने और सेल्समैन को कार से घसीटकर घायल करने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। सदर थाना पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की स्विफ्ट कार को भी जब्त कर लिया है। यह वारदात 5 जुलाई की रात की है, जब बदमाशों ने पेट्रोल पंप पर 4 हजार रुपये का पेट्रोल भरवाया और बिना पैसे दिए भागने लगे। सेल्समैन रामस्वरूप मीणा ने जब कार को रोकने का प्रयास किया, तो आरोपी उन्हें करीब 50 से 60 फीट तक घसीटते हुए ले गए, जिससे वह घायल हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित (आईपीएस), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल (आरपीएस) और वृत्ताधिकारी धर्मेन्द्र कुमार शर्मा (आरपीएस) के सुपरविजन में थानाधिकारी युधिष्ठिर के नेतृत्व में सदर थाना, कोतवाली थाना, डीएसटी और साइबर सेल की संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सलेमपुरा निवासी छुट्टनलाल (22) और बोरदा निवासी पवन महावर (23) शामिल हैं। वहीं, अशोक मीणा और हिस्ट्रीशीटर दिलराज मीणा फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी इससे पहले भी दौसा शहर, लालसोट और सैंथल क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर या नंबर प्लेट हटाकर इसी तरह पेट्रोल चोरी की वारदातें कर चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।1
- जयपुर के चौमूं में प्रशासन का एक मानवीय रूप सामने आया है, जहाँ SDM आशिष शर्मा ने एक दिव्यांग नागरिक की समस्या का तुरंत समाधान किया है। जनता की सेवा में उनकी यह तत्परता बेहद सराहनीय है। दिव्यांग की समस्या का इस प्रकार त्वरित समाधान करने के लिए SDM आशिष शर्मा की हर तरफ काफी प्रशंसा की जा रही है।1
- पुरी रथ यात्रा के दौरान बलभद्र देवजी की पहंडी का पावन दृश्य देखने को मिला है। इस भक्तिमय अवसर पर 'जय जगन्नाथ' के उद्घोष के साथ श्रद्धा व्यक्त की गई है।1
- ओडिशा के पुरी में लगातार हो रही बारिश से बेपरवाह होकर लाखों भक्त सालाना जगन्नाथ रथ यात्रा में हिस्सा लेने के लिए इकट्ठा हुए। बारिश में भीगी रथ यात्रा होने के बावजूद पुरी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जो मौसम की परवाह किए बिना इस पावन आयोजन में शामिल होने पहुंचे हैं।1