जालौन में झल्ली विक्रेताओं की मनमानी से किसानों में रोष, एसडीएम से शिकायत जालौन में झल्ली (सब्जी/मटर भरने की प्लास्टिक बोरी) विक्रेताओं द्वारा यूनियन बनाकर अचानक दाम बढ़ाने से किसानों में भारी नाराज़गी है। विक्रेताओं ने 15 रुपये में मिलने वाली झल्ली को 25 रुपये और 20 रुपये वाली झल्ली को 35 रुपये में बेचने का निर्णय लिया है। किसानों का कहना है कि पहले से ही मंडी में मटर के दाम गिरे हुए हैं, जिससे उन्हें लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। ऐसे समय में झल्ली के दाम बढ़ा दिए जाने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। किसानों के मुताबिक, खेती पहले ही मौसम की मार और बाजार की मंदी से जूझ रही है, ऊपर से पैकिंग सामग्री के बढ़े हुए दाम अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। इस मामले की शिकायत एसडीएम जालौन को की गई है। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करेगा और बढ़े हुए दामों पर रोक लगाएगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन झल्ली विक्रेताओं की इस मनमानी पर क्या कदम उठाता है। फिलहाल, बढ़ती लागत और घटते दामों के बीच किसान खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।
जालौन में झल्ली विक्रेताओं की मनमानी से किसानों में रोष, एसडीएम से शिकायत जालौन में झल्ली (सब्जी/मटर भरने की प्लास्टिक बोरी) विक्रेताओं द्वारा यूनियन बनाकर अचानक दाम बढ़ाने से किसानों में भारी नाराज़गी है। विक्रेताओं ने 15 रुपये में मिलने वाली झल्ली को 25 रुपये और 20 रुपये वाली झल्ली को 35 रुपये में बेचने का निर्णय लिया है। किसानों का कहना है कि पहले से ही मंडी में मटर के दाम गिरे हुए हैं, जिससे उन्हें लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। ऐसे समय में झल्ली के दाम बढ़ा दिए जाने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। किसानों के मुताबिक, खेती पहले ही मौसम की मार और बाजार की मंदी से जूझ रही है, ऊपर से पैकिंग सामग्री के बढ़े हुए दाम अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। इस मामले की शिकायत एसडीएम जालौन को की गई है। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करेगा और बढ़े हुए दामों पर रोक लगाएगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन झल्ली विक्रेताओं की इस मनमानी पर क्या कदम उठाता है। फिलहाल, बढ़ती लागत और घटते दामों के बीच किसान खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।
- खास और सावधान करती खबर है जालौन जिले के समीपवर्ती झांसी जिले से जहां आज जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र की रहने वाली एक महिला चोर पकड़ी गई है इस महिला का नाम रुखसार तथा पति का नाम इरफान बताया गया है ये महिला जालौन जिले से झांसी जाकर चोरी को अंजाम देती थी1
- "वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराज छत्रपति शिवाजी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उन्होंने अपने अदम्य साहस, दूरदर्शिता और जनकल्याणकारी शासन से भारत के इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। उनका जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने और सत्य व धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। आज उनके पावन जन्मोत्सव पर हम संकल्प लें कि उनके आदर्शों—साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रसेवा—को अपने जीवन में अपनाकर समाज और राष्ट्र के उत्थान में योगदान देंगे।" — डॉ. रंजना दुबे जालौन1
- डीएम ने कोंच नगर पालिका व ब्लॉक कार्यालय का किया वार्षिक निरीक्षण, कमियां मिलने पर अधिकारियों को लगाई फटकार, ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई!! जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने गुरुवार को कोंच नगर पालिका परिषद एवं ब्लॉक कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक कार्यों, निर्माण गतिविधियों और जनसुविधाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के समय कई कमियां सामने आने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और सुधार के स्पष्ट निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नगर पालिका में हाउस टैक्स वसूली अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रही है। करीब 500 से 700 मकान अब तक कर निर्धारण से बाहर पाए गए। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव को निर्देश दिया कि तत्काल सर्वे कर सभी छूटे हुए मकानों को कर दायरे में लाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित मोहल्लों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।। डीएम पांडेय ने टेंडर मिलने के बाद भी निर्माण कार्यों में देरी करने वाले ठेकेदारों और जिम्मेदार अभियंताओं पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिशासी अधिकारी के शिथिल पर्यवेक्षण पर भी स्पष्टीकरण तलब किया गया। उन्होंने कहा कि सभी अधूरे कार्यों को समयबद्ध योजना के तहत प्राथमिकता से पूरा कराया जाए।।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन निर्माण कार्यों में निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं हुआ है, उन पर अनुबंध के अनुसार 10 प्रतिशत लेट डैमेज (एलडी) क्लॉज लागू किया जाएगा और बिल भुगतान में कटौती की जाएगी। उन्होंने भविष्य में हर अनुबंध में डिले क्लॉज को अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए, ताकि देरी पर स्वतः कार्रवाई की जा सके। बार-बार लापरवाही करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए डीएम ने कहा कि मानकों में कमी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। आवश्यक होने पर वेतन से कटौती कर सुधार सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने नगर विकास विभाग के आदेशों के अनुरूप 10 लाख रुपये तक की सड़कों का सत्यापन कराने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जलभराव वाले इलाकों में पक्की सड़क व दोनों ओर नालियां बनाकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ब्लॉक परिसर में सुलभ शौचालय, स्वच्छ वातावरण और जनता दर्शन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। डीएम ने खरीदी गई मशीनरी व सामग्री का पूर्ण उपयोग कर नगर को स्वच्छ व व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए।। अधिकारियों की मौजूदगी इस मौके पर उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता, सहायक अभियंता नंदकिशोर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।।।।1
- Post by Sugirv Kushwha1
- भारत में आरक्षण, भूमि स्वामित्व और सामाजिक समानता जैसे विषय लंबे समय से सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा रहे हैं। ये मुद्दे केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं। आरक्षण का मूल उद्देश्य भारत में आरक्षण व्यवस्था भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर प्रदान करने के लिए बनाई गई। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को शिक्षा, सरकारी सेवाओं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित भागीदारी देना है। आरक्षण किसी वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि समान अवसर सुनिश्चित करने का एक संवैधानिक साधन है। भूमि और संपत्ति का प्रश्न स्वतंत्रता के बाद भूमि सुधार के लिए कई कदम उठाए गए। जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में जमींदारी उन्मूलन जैसे कानून लागू किए गए, जिनका उद्देश्य भूमि के असमान वितरण को कम करना था। इसके बावजूद, आज भी भूमि स्वामित्व में असमानता एक वास्तविक सामाजिक-आर्थिक चुनौती है। यह समस्या केवल जातिगत आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति, क्षेत्रीय नीतियों और ऐतिहासिक परिस्थितियों से भी जुड़ी है। इतिहास और युद्ध की वास्तविकता भारतीय इतिहास बहुस्तरीय और जटिल है। यह कहना कि किसी एक जाति या वर्ग ने कभी युद्ध नहीं लड़ा, ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप नहीं है। उदाहरण के लिए, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे शासकों ने स्वयं युद्ध का नेतृत्व किया और संघर्षों में सक्रिय भूमिका निभाई। इतिहास को समग्र दृष्टि से समझना आवश्यक है, न कि आंशिक कथनों के आधार पर। आगे का रास्ता सामाजिक समानता का प्रश्न केवल आरक्षण या भूमि स्वामित्व तक सीमित नहीं है। इसके लिए व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक है: शिक्षा तक समान पहुँच आर्थिक अवसरों का विस्तार कानून का निष्पक्ष और प्रभावी पालन सामाजिक संवाद और आपसी सम्मान समाज में स्थायी बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संवाद और संवैधानिक मूल्यों के पालन से आता है — टकराव से नहीं। भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और समानता की दिशा में आगे बढ़ना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय पत्रकार संगठन, दिल्ली शिवपाल सिंह एडिटर इन चीफ, उत्तर प्रदेश1
- औरैया। जनपद कानपुर देहात के थाना सिकंदरा क्षेत्र के निवासी बांके बिहारी पुत्र बृजेश और संजीव पुत्र रामाधार शुक्रवार को किसी कार्य से बाइक द्वारा औरैया आ रहे थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही वे सदर कोतवाली औरैया क्षेत्र के ग्राम भाऊपुर के समीप सर्विस रोड पर पहुंचे, तभी सड़क किनारे पड़ी गिट्टी के कारण उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई। संतुलन बिगड़ने से दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल औरैया, जिसे स्थानीय रूप से 50 सैया अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को भर्ती कर लिया। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत पर नजर रखी जा रही है और आवश्यक उपचार जारी है। हादसे से परिजनों में चिंता का माहौल है।1
- जालौन में झल्ली विक्रेताओं की मनमानी से किसानों में रोष, एसडीएम से शिकायत जालौन में झल्ली (सब्जी/मटर भरने की प्लास्टिक बोरी) विक्रेताओं द्वारा यूनियन बनाकर अचानक दाम बढ़ाने से किसानों में भारी नाराज़गी है। विक्रेताओं ने 15 रुपये में मिलने वाली झल्ली को 25 रुपये और 20 रुपये वाली झल्ली को 35 रुपये में बेचने का निर्णय लिया है। किसानों का कहना है कि पहले से ही मंडी में मटर के दाम गिरे हुए हैं, जिससे उन्हें लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। ऐसे समय में झल्ली के दाम बढ़ा दिए जाने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। किसानों के मुताबिक, खेती पहले ही मौसम की मार और बाजार की मंदी से जूझ रही है, ऊपर से पैकिंग सामग्री के बढ़े हुए दाम अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। इस मामले की शिकायत एसडीएम जालौन को की गई है। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करेगा और बढ़े हुए दामों पर रोक लगाएगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन झल्ली विक्रेताओं की इस मनमानी पर क्या कदम उठाता है। फिलहाल, बढ़ती लागत और घटते दामों के बीच किसान खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।1
- खास खबर है जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र के जालौन नगर क्षेत्र से जुड़ी हुई जहां आज़ सुबह सुबह परिवहन विभाग द्वारा चैकिंग अभियान चलाया गया जिसमें विना ज़रुरी प्रपत्रों के यात्री परिवहन कर रहे वाहनों को रोका गया और उन पर जुर्माना भी लगाया गया है1
- छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष अभय प्रताप राजावत ने अपने विचार व्यक्त करते हुए महाराज को नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज वीरता, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे। उन्होंने स्वराज की स्थापना कर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है। अभय प्रताप राजावत ने कहा कि आज के समय में हमें शिवाजी महाराज के आदर्शों—साहस, धर्मनिष्ठा, संगठन शक्ति और राष्ट्र प्रेम—को अपने जीवन में अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी से अपील की कि शिवाजी महाराज के बताए मार्ग पर चलकर समाज और राष्ट्र की सेवा में अपना योगदान दें।1