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_प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सत्र में लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता विषय पर अपने उद्घाटन भाषण में यह टिप्पणी की।_ _प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सत्र में लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता विषय पर अपने उद्घाटन भाषण में यह टिप्पणी की।_
शेखर तिवारी
_प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सत्र में लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता विषय पर अपने उद्घाटन भाषण में यह टिप्पणी की।_ _प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सत्र में लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता विषय पर अपने उद्घाटन भाषण में यह टिप्पणी की।_
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- प्रसूता और नवजात की मौत के बाद न्याय की मांग, पिता का आमरण अनशन जारी संजय गांधी अस्पताल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप, तीन सूत्रीय मांगों को लेकर 2 सितंबर से सिरमौर चौराहे पर बैठे रामशिरोमणि रीवा। संजय गांधी अस्पताल, रीवा में 26 अगस्त 2026 को प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के पिता रामशिरोमणि ने उपचार में चिकित्सकों द्वारा घोर लापरवाही किए जाने का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। न्याय की मांग को लेकर रामशिरोमणि 2 सितंबर 2026 से रीवा के सिरमौर चौराहे पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। चिकित्सक के खिलाफ FIR की प्रमुख मांग रामशिरोमणि ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन के सामने न्याय की गुहार लगाई है। उनकी प्रमुख मांग है कि मामले में जिम्मेदार चिकित्सक के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की जा रही है। अनशन के दौरान उनके साथ कुंज बिहारी तिवारी, प्रमोद शर्मा, रहीश शुक्ला, पुष्पेंद्र तिवारी, अनिल सिंह सहित परिवार के अन्य सदस्य और समर्थक मौजूद हैं। सोशल मीडिया से लेकर समाचार पत्रों तक पहुंचा मामला कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत के बाद शुरू हुआ यह आंदोलन अब सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। मामले को लेकर जिलेवासियों के बीच भी संवेदनाएं सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि उपचार में लापरवाही के आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। फिलहाल रामशिरोमणि का आमरण अनशन जारी है और सभी की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे1
- ग्राम बरा पैपखार 396 पोस्ट मनकहरी जिला रीवा मध्य प्रदेश तहसील हजूर ब्लॉक रायपुर कर्चुलियान निवासी आवास योजना और पट्टा जहां द हमार घर बना है वहां के पट्टा बनवा1
- मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें 🗓️ 13 सितम्बर 2026 मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें 🗓️ 13 सितम्बर 2026 …1
- लोकेशन रीवा। कल्पना मिश्रा मौत की मजिस्ट्रेटियल जांच शुरू, अधिवक्ता ने समिति के सामने रखे सबूत, CCTV और ड्यूटी रजिस्टर की जांच की मांग। कल्पना मिश्रा मौत मामले में शनिवार से मजिस्ट्रेटियल जांच की शुरुआत हो गई है। अधिवक्ता जांच समिति के समक्ष उपस्थित हुए और मृतका से जुड़े वीडियो समेत कई प्रमाण प्रस्तुत किए। साथ ही गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं से जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड की गहन जांच का प्रस्ताव रखा गया। शनिवार दोपहर अधिवक्ता मजिस्ट्रेटियल जांच समिति के सामने पहुंचे और मामले से जुड़े अपने पक्ष के साथ उपलब्ध प्रमाण प्रस्तुत किए। अधिवक्ता ने ऑपरेशन थिएटर से वायरल हुए मृतका के वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाने की मांग रखी। इसके साथ ही ओटी के बाहर गलियारे का CCTV फुटेज, डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर और सहायक स्टाफ का रजिस्टर मंगाकर जांच किए जाने की मांग की गई। इतना ही नहीं, अधीक्षक कार्यालय में हुई बातचीत से संबंधित उपलब्ध फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कराने का प्रस्ताव समिति के सामने रखा गया है। इधर कल्पना मिश्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उनके पिता राम शिरोमणि मिश्रा का सिरमौर चौक पर 13 वें दिन भी अनशन जारी है। आंदोलन को राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। अब जांच सिर्फ बयानों तक सीमित रखने की मांग नहीं, CCTV, ड्यूटी रोस्टर और तकनीकी रिकॉर्ड सामने लाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश है। सवाल यही है कि इन रिकॉर्ड्स में आखिर क्या सामने आता है? मजिस्ट्रेटियल जांच शुरू हो चुकी है, अब निगाहें उन दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों पर हैं, जो कल्पना मिश्रा मौत मामले की तस्वीर को और स्पष्ट कर सकते हैं।1
- Post by Rajesh saket Rajesh saket3
- अस्पताल में मोबाइल पर रोक नहीं,अनधिकृत वीडियो पर सख्ती; सोशल मीडिया के दावों पर प्रबंधन का पलटवार "संयुक्त संचालक-अधीक्षक ने वीडियो संदेश जारी कर किया स्थिति स्पष्ट,बोले—मरीजों की निजता से खिलवाड़ की इजाजत नहीं,, "अस्पताल प्रबंधन का दावा भ्रामक और अधूरी जानकारी के आधार पर सोशल मीडिया पर न फैलाएं खबरें,पहले अधिकृत स्रोत से करें पुष्टि, रीवा। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में अनधिकृत वीडियोग्राफी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बीच अस्पताल प्रबंधन ने अब सीधे वीडियो संदेश जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक ने कहा कि अस्पताल परिसर में मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन बिना अनुमति वीडियो या फोटो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना प्रतिबंधित है। अस्पताल प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही उन खबरों को भ्रामक और अधूरी जानकारी पर आधारित बताया, जिनमें अस्पताल परिसर में मोबाइल या वीडियोग्राफी को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियम का उद्देश्य किसी की आवाज दबाना नहीं,बल्कि अस्पताल की संवेदनशील व्यवस्था में मरीजों,परिजनों, चिकित्सकों और कर्मचारियों की निजता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना है। *मोबाइल ले जाने की मनाही नहीं,कैमरे के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक* वीडियो संदेश में अस्पताल अधिकारियों ने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन अस्पताल में ले जाना प्रतिबंधित नहीं है। कार्रवाई या रोक का विषय केवल अनधिकृत फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी है। प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की बीमारी, उपचार, ऑपरेशन, मेडिकल रिकॉर्ड और व्यक्तिगत परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी अत्यंत संवेदनशील होती है। ऐसे में बिना अनुमति कैमरे से रिकॉर्डिंग कर उसे सार्वजनिक करना मरीज की निजता को प्रभावित कर सकता है। *अधूरी जानकारी से बन रही सोशल मीडिया की ‘खबर’!* अस्पताल प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने वाली सूचनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। अधिकारियों का कहना है कि कई बार किसी घटना का एक पक्ष या अधूरी जानकारी वीडियो के साथ प्रसारित कर दी जाती है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है और वास्तविक तथ्यों से अलग संदेश लोगों तक पहुंचता है। प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हर वीडियो या खबर को अंतिम सत्य न मानें। अस्पताल से संबंधित किसी भी संवेदनशील जानकारी की पुष्टि अधिकृत स्रोतों से करने के बाद ही उसे आगे प्रसारित किया जाए। *मरीजों की निजता के साथ समझौता नहीं, अस्पताल प्रशासन ने साफ किया कि चिकित्सालय एक सार्वजनिक और संवेदनशील स्थान है, जहां गंभीर अवस्था में मरीज उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में किसी मरीज या उसके परिजन की अनुमति के बिना उसकी तस्वीर या वीडियो बनाकर सार्वजनिक करना निजता के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है। अधिकारियों ने अस्पताल परिसर में व्यवस्था बनाए रखने, निर्धारित नियमों का पालन करने और मरीजों के हित में सहयोग करने की अपील की है। अस्पताल प्रबंधन के वीडियो संदेश के बाद अब सोशल मीडिया पर मोबाइल प्रतिबंध और अनधिकृत वीडियोग्राफी को लेकर चल रहे दावों पर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।1
- संजय गांधी चिकित्सालय में मोबाइल बैन की खबरों पर अधीक्षक ने दी सफाई कहा कोई प्रतिबंध नहीं संजय गांधी चिकित्सालय में मोबाइल बैन की खबरों पर अधीक्षक ने दी सफाई कहा कोई प्रतिबंध नहीं *♦️रीवा : समाचार अपडेट* रीवा के संजय गांधी चिकित्सालय के अधीक्षक डॉक्टर प्रियंक शर्मा ने अस्पताल परिसर में मोबाइल बैन को लेकर चल रही खबरों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बयान जारी किया है।अधीक्षक डॉक्टर शर्मा ने कहा कि अस्पताल परिसर में मोबाइल बैन का कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है इस तरह की खबरें पूरी तरह से भ्रामक हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल के आईसीयू और अन्य संवेदनशील वार्डों के भीतर मरीजों के परिजनों द्वारा बिना अनुमति के वीडियो और फोटो खींचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है और यह फैसला मरीजों की गोपनीयता और निजता की सुरक्षा के साथ ही रेजीडेंट डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कार्यस्थल पर सुरक्षा एवं सहजता बनाए रखने के लिए लिया गया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है जिसके तहत एक मरीज के साथ अधिकतम दो परिजनों को ही पास के जरिए प्रवेश दिया जाएगा और परिजनों को दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे के बीच मरीजों से मिलने की छूट रहेगी ताकि इलाज में बाधा उत्पन्न न हो और मरीजों को बेहतर वातावरण मिल सके।1
- सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर कुमार संत ने जारी किया वीडियो।पूर्व में सोशल मीडिया में अवैध हथियार के साथ डाली गई फोटो में सतना में सतना पुलिस द्वारा की ताबड़तोड़ कार्यवाही के मुद्दे को इस पोस्ट ने फिर गर्म कर दिया है।वीडियों में दिख रहे शख्स ने कई शस्त्रों के साथ वीडियो पोस्ट की है। तो क्या इस व्यक्ति को इतने शस्त्र लाइसेंस शासन ने दे रखे है।या अन्य व्यक्ति के लाइसेंस धारी हथियार है।या सभी अवैध है।किसी भी हालत में सोशल मीडिया में हथियारों की नुमाइश नियमानुसार सही नहीं है।वीडियो में संत कुमार ने पुलिस अधीक्षक सतना, पुलिस महानिरीक्षक से इसकी जांच के लिए अपील भी की है। सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर कुमार संत ने जारी किया वीडियो।पूर्व में सोशल मीडिया में अवैध हथियार के साथ डाली गई फोटो में सतना में सतना पुलिस द्वारा की ताबड़तोड़ कार्यवाही के मुद्दे को इस पोस्ट ने फिर गर्म कर दिया है।वीडियों में दिख रहे शख्स ने कई शस्त्रों के साथ वीडियो पोस्ट की है। तो क्या इस व्यक्ति को इतने शस्त्र लाइसेंस शासन ने दे रखे है।या अन्य व्यक्ति के लाइसेंस धारी हथियार है।या सभी अवैध है।किसी भी हालत में सोशल मीडिया में हथियारों की नुमाइश नियमानुसार सही नहीं है।वीडियो में संत कुमार ने पुलिस अधीक्षक सतना, पुलिस महानिरीक्षक से इसकी जांच के लिए अपील भी की है।1
- अतरैला पुलिस ने बलात्कार के आरोपी को किया गिरफ्तार, थाना प्रभारी विजय सिंह परिहार के नेतृत्व में1