लोकेशन रीवा। कल्पना मिश्रा मौत की मजिस्ट्रेटियल जांच शुरू, अधिवक्ता ने समिति के सामने रखे सबूत, CCTV और ड्यूटी रजिस्टर की जांच की मांग। कल्पना मिश्रा मौत मामले में शनिवार से मजिस्ट्रेटियल जांच की शुरुआत हो गई है। अधिवक्ता जांच समिति के समक्ष उपस्थित हुए और मृतका से जुड़े वीडियो समेत कई प्रमाण प्रस्तुत किए। साथ ही गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं से जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड की गहन जांच का प्रस्ताव रखा गया। शनिवार दोपहर अधिवक्ता मजिस्ट्रेटियल जांच समिति के सामने पहुंचे और मामले से जुड़े अपने पक्ष के साथ उपलब्ध प्रमाण प्रस्तुत किए। अधिवक्ता ने ऑपरेशन थिएटर से वायरल हुए मृतका के वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाने की मांग रखी। इसके साथ ही ओटी के बाहर गलियारे का CCTV फुटेज, डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर और सहायक स्टाफ का रजिस्टर मंगाकर जांच किए जाने की मांग की गई। इतना ही नहीं, अधीक्षक कार्यालय में हुई बातचीत से संबंधित उपलब्ध फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कराने का प्रस्ताव समिति के सामने रखा गया है। इधर कल्पना मिश्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उनके पिता राम शिरोमणि मिश्रा का सिरमौर चौक पर 13 वें दिन भी अनशन जारी है। आंदोलन को राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। अब जांच सिर्फ बयानों तक सीमित रखने की मांग नहीं, CCTV, ड्यूटी रोस्टर और तकनीकी रिकॉर्ड सामने लाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश है। सवाल यही है कि इन रिकॉर्ड्स में आखिर क्या सामने आता है? मजिस्ट्रेटियल जांच शुरू हो चुकी है, अब निगाहें उन दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों पर हैं, जो कल्पना मिश्रा मौत मामले की तस्वीर को और स्पष्ट कर सकते हैं।
लोकेशन रीवा। कल्पना मिश्रा मौत की मजिस्ट्रेटियल जांच शुरू, अधिवक्ता ने समिति के सामने रखे सबूत, CCTV और ड्यूटी रजिस्टर की जांच की मांग। कल्पना मिश्रा मौत मामले में शनिवार से मजिस्ट्रेटियल जांच की शुरुआत हो गई है। अधिवक्ता जांच समिति के समक्ष उपस्थित हुए और मृतका से जुड़े वीडियो समेत कई प्रमाण प्रस्तुत किए। साथ ही गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं से जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड की गहन जांच का प्रस्ताव रखा गया। शनिवार दोपहर अधिवक्ता मजिस्ट्रेटियल जांच समिति के सामने पहुंचे और मामले से जुड़े अपने पक्ष के साथ उपलब्ध प्रमाण प्रस्तुत किए। अधिवक्ता ने ऑपरेशन थिएटर से वायरल हुए मृतका के वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाने की मांग रखी। इसके साथ ही ओटी के बाहर गलियारे का CCTV फुटेज, डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर और सहायक स्टाफ का रजिस्टर मंगाकर जांच किए जाने की मांग की गई। इतना ही नहीं, अधीक्षक कार्यालय में हुई बातचीत से संबंधित उपलब्ध फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कराने का प्रस्ताव समिति के सामने रखा गया है। इधर कल्पना मिश्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उनके पिता राम शिरोमणि मिश्रा का सिरमौर चौक पर 13 वें दिन भी अनशन जारी है। आंदोलन को राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। अब जांच सिर्फ बयानों तक सीमित रखने की मांग नहीं, CCTV, ड्यूटी रोस्टर और तकनीकी रिकॉर्ड सामने लाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश है। सवाल यही है कि इन रिकॉर्ड्स में आखिर क्या सामने आता है? मजिस्ट्रेटियल जांच शुरू हो चुकी है, अब निगाहें उन दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों पर हैं, जो कल्पना मिश्रा मौत मामले की तस्वीर को और स्पष्ट कर सकते हैं।
- लोकेशन रीवा। कल्पना मिश्रा मौत की मजिस्ट्रेटियल जांच शुरू, अधिवक्ता ने समिति के सामने रखे सबूत, CCTV और ड्यूटी रजिस्टर की जांच की मांग। कल्पना मिश्रा मौत मामले में शनिवार से मजिस्ट्रेटियल जांच की शुरुआत हो गई है। अधिवक्ता जांच समिति के समक्ष उपस्थित हुए और मृतका से जुड़े वीडियो समेत कई प्रमाण प्रस्तुत किए। साथ ही गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं से जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड की गहन जांच का प्रस्ताव रखा गया। शनिवार दोपहर अधिवक्ता मजिस्ट्रेटियल जांच समिति के सामने पहुंचे और मामले से जुड़े अपने पक्ष के साथ उपलब्ध प्रमाण प्रस्तुत किए। अधिवक्ता ने ऑपरेशन थिएटर से वायरल हुए मृतका के वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाने की मांग रखी। इसके साथ ही ओटी के बाहर गलियारे का CCTV फुटेज, डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर और सहायक स्टाफ का रजिस्टर मंगाकर जांच किए जाने की मांग की गई। इतना ही नहीं, अधीक्षक कार्यालय में हुई बातचीत से संबंधित उपलब्ध फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कराने का प्रस्ताव समिति के सामने रखा गया है। इधर कल्पना मिश्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उनके पिता राम शिरोमणि मिश्रा का सिरमौर चौक पर 13 वें दिन भी अनशन जारी है। आंदोलन को राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। अब जांच सिर्फ बयानों तक सीमित रखने की मांग नहीं, CCTV, ड्यूटी रोस्टर और तकनीकी रिकॉर्ड सामने लाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश है। सवाल यही है कि इन रिकॉर्ड्स में आखिर क्या सामने आता है? मजिस्ट्रेटियल जांच शुरू हो चुकी है, अब निगाहें उन दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों पर हैं, जो कल्पना मिश्रा मौत मामले की तस्वीर को और स्पष्ट कर सकते हैं।1
- कल्पना मिश्रा मामला: 26 अगस्त से अब तक क्या-क्या हुआ? जानिए पूरा मामला कल्पना मिश्रा की मौत से शुरू हुआ मामला अब बड़े आंदोलन और राजनीतिक टकराव तक पहुंच चुका है। आखिर कब क्या हुआ और विवाद इतना बढ़ा कैसे? इस वीडियो में पूरी टाइमलाइन आसान भाषा में समझिए। #PrakashPathak #RewaNews #KalpanaMishra #RajendraShukla #MadhyaPradesh1
- सतना जिला के रामपुर बाघेलान के अंतर्गत कोटर तहसील के चितगढ़ गांव के अमहा टोला में रोड में पानी भरा हुआ है। जिससे कई गावों का आवागवन बड़ा मुस्किल है। सड़क में पानी भरे होने के कारण लोग खेत के मेढ़ से जाने को मजबूर हैं लोगो की मजबूरी देखते हुए वहाँ के ग्रामीणों एवं युवा शिवम् सिंह बिपिन ने मेढ़ में पत्थर डाल कर किसी तरह रास्ता बनबाया जिससे लोगो को आने जाने में ज़्यादा दिक्कत न हो। विधायक से लेकर सरपंच तक कोई नहीं दे रहे ध्यान। भाजपा के शासन में आज भी लोग रोड ना होने से आवागमन में परेशानी का अनुभव कर रहे हैं। जन प्रतिनिधियों की चुप्पी सवालों के घेरे में।3
- मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें 🗓️ 13 सितम्बर 2026 मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें 🗓️ 13 सितम्बर 2026 …1
- सागर जहरीली शराब कांड: एक और आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर, हथियार-जिंदा कारतूस बरामद - *सीएम डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी* - *आरोपी शिवांजय राजपूत के सिर पर था 30 हजार रुपये का इनाम* - *पुलिस की टीम को देख आरोपी ने तीन बार किया फायर* भोपाल/सागर। मध्यप्रदेश पुलिस को सागर जहरीली शराब कांड में बड़ी सफलता हाथ लगी है। सागर पुलिस ने 30 हजार रुपये के इनामी आरोपी शिवांजय राजपूत को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस की टीम को देखकर तीन फायर किए। जवाब फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने आरोपी शिवांजय के कब्जे से 315 बोर देशी कट्टा, 3 जिंदा कारतूस, 3 खाली कारतूस बरामद किए। पुलिस ने उसका मोबाइल और मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। गिरफ्तार आरोपी पूर्व से ही शराब तस्कर है। उसके ऊपर 3 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर जहरीली शराब मामले को लेकर स्पष्ट कह चुके हैं कि यह घटना दुखद है। कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार सख्त है। प्रशासन को इस कांड के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इस घटना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कांड के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मामले में हो रही कार्रवाई की पल-पल मॉनिटरिंग की। *पुलिस ने की घेराबंदी* बता दें, 13 सितंबर को तड़के बहरोल थाने की पुलिस को सूचना मिली कि सागर शराब प्रकरण का आरोपी शिवंजय राजपूत मड़ैया के पास जंगल में है। संभावना है कि वह मुख्य मार्ग बंडा-बहरोल से निकलकर अपने घर छापरी थाना बंदा जाए। यह सूचना मिलते ही एसपी ने थाना बान्द्री प्रभारी सतेन्द्र सिंह को तत्काल मौके पर पहुंचने, आसपास के थाना प्रभारियों को आवश्यक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस की टीमों ने वहां चारों तरफ घेराबंदी कर दी। *आरोपी ने की फायरिंग* पुलिस टीम को देखकर आरोपी शिवांजय राजपूत ने फायरिंग शुरू कर दी। उसने पुलिस की टीम पर तीन फायर किया। उसकी फायरिंग के जवाब में पुलिस ने भी दो राउंड गोली चलाई। Tv इनमें से एक गोली आरोपी के पैर में लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी राजपूत को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। उसके पास से 315 बोर का देशी कट्टा, 3 जिंदा कारतूस, 3 खाली कारतूस, एक मोबाइल और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे1
- *सागर जहरीली शराब कांड: एक और आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर, हथियार-जिंदा कारतूस बरामद* *सागर जहरीली शराब कांड: एक और आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर, हथियार-जिंदा कारतूस बरामद* - *सीएम डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी* - *आरोपी शिवांजय राजपूत के सिर पर था 30 हजार रुपये का इनाम* - *पुलिस की टीम को देख आरोपी ने तीन बार किया फायर* भोपाल/सागर। मध्यप्रदेश पुलिस को सागर जहरीली शराब कांड में बड़ी सफलता हाथ लगी है। सागर पुलिस ने 30 हजार रुपये के इनामी आरोपी शिवांजय राजपूत को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस की टीम को देखकर तीन फायर किए। जवाब फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने आरोपी शिवांजय के कब्जे से 315 बोर देशी कट्टा, 3 जिंदा कारतूस, 3 खाली कारतूस बरामद किए। पुलिस ने उसका मोबाइल और मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। गिरफ्तार आरोपी पूर्व से ही शराब तस्कर है। उसके ऊपर 3 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर जहरीली शराब मामले को लेकर स्पष्ट कह चुके हैं कि यह घटना दुखद है। कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार सख्त है। प्रशासन को इस कांड के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इस घटना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कांड के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मामले में हो रही कार्रवाई की पल-पल मॉनिटरिंग की। *पुलिस ने की घेराबंदी* बता दें, 13 सितंबर को तड़के बहरोल थाने की पुलिस को सूचना मिली कि सागर शराब प्रकरण का आरोपी शिवंजय राजपूत मड़ैया के पास जंगल में है। संभावना है कि वह मुख्य मार्ग बंडा-बहरोल से निकलकर अपने घर छापरी थाना बंदा जाए। यह सूचना मिलते ही एसपी ने थाना बान्द्री प्रभारी सतेन्द्र सिंह को तत्काल मौके पर पहुंचने, आसपास के थाना प्रभारियों को आवश्यक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस की टीमों ने वहां चारों तरफ घेराबंदी कर दी। *आरोपी ने की फायरिंग* पुलिस टीम को देखकर आरोपी शिवांजय राजपूत ने फायरिंग शुरू कर दी। उसने पुलिस की टीम पर तीन फायर किया। उसकी फायरिंग के जवाब में पुलिस ने भी दो राउंड गोली चलाई। इनमें से एक गोली आरोपी के पैर में लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी राजपूत को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। उसके पास से 315 बोर का देशी कट्टा, 3 जिंदा कारतूस, 3 खाली कारतूस, एक मोबाइल और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।1
- 80 साल के दीदी बता रही है कि अभी हम पैसा निकल बहन योजना तो फिंगरप्रिंट लॉक फिंगरप्रिंट नहीं लगे तो हमें पैसे नहीं निकला1
- रीवा ब्रेकिंग। मरीज को 45 मिनट नहीं मिला डॉक्टर, रास्ते में मौत। रीवा जिले के मनगवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। शुक्रवार रात हार्ट अटैक के बाद 45 वर्षीय गोविंद पटेल, निवासी तेंदुआ, थाना गढ़ को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि करीब 45 मिनट तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुए। परिजनों के मुताबिक अस्पताल में नर्स और गार्ड मौजूद थे, जबकि डॉक्टर के बारे में बताया गया कि डॉक्टर घर पर हैं। काफी इंतजार के बाद परिजन मरीज को रीवा लेकर रवाना हुए। रास्ते में निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने स्थिति बेहद गंभीर बताई। इलाज के दौरान गोविंद पटेल की मौत हो गई। मामले में बीएमओ का कहना है कि नाइट ड्यूटी में डॉक्टर रात में अस्पताल में नहीं रहते, नोटिस जारी किया जाएगा। अब सवाल है कि अगर नाइट ड्यूटी में डॉक्टर अस्पताल में ही नहीं रहेंगे, तो आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल चिकित्सा कौन देगा?1