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Mari batizi khana bana rahi hai pakode ki ladai isliye

9 hrs ago
user_Vijay kumar
Vijay kumar
Artist Tribeniganj, Supaul•
9 hrs ago

Mari batizi khana bana rahi hai pakode ki ladai isliye

More news from बिहार and nearby areas
  • सुपौल जिले के पिपरा बाजार में बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है, जहां सुबह 1 बजे से बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। शाम के 7 बजने तक भी बिजली नहीं आई है, जिसके कारण स्थानीय लोग लगभग 18 घंटे से बिजली के बिना परेशान हैं। निवासियों ने तत्काल बिजली बहाली की मांग की है और इस पूरे मामले पर 'बरस बाद कार्रवाई' किए जाने की अपील की है।
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    सुपौल जिले के पिपरा बाजार में बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है, जहां सुबह 1 बजे से बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। शाम के 7 बजने तक भी बिजली नहीं आई है, जिसके कारण स्थानीय लोग लगभग 18 घंटे से बिजली के बिना परेशान हैं। निवासियों ने तत्काल बिजली बहाली की मांग की है और इस पूरे मामले पर 'बरस बाद कार्रवाई' किए जाने की अपील की है।
    user_Satyam King
    Satyam King
    पिपरा, सुपौल, बिहार•
    38 min ago
  • Mari batizi khana bana rahi hai pakode ki ladai isliye
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    Mari batizi khana bana rahi hai pakode ki ladai isliye
    user_Vijay kumar
    Vijay kumar
    Artist Tribeniganj, Supaul•
    9 hrs ago
  • छातापुर के राघोपुर-सिमराही इलाके में 33,000 वोल्ट का एक जर्जर बिजली पोल टूटकर गिर गया है, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में बिजली बाधित हो गई और इलाका अंधेरे में डूब गया। यह घटना तब हुई जब करीब दो महीने पहले ही बिजली विभाग को आवेदन देकर इस जर्जर पोल को बदलने की मांग की गई थी। इतना ही नहीं, मीडिया और न्यूज़ चैनलों के माध्यम से भी इस गंभीर खतरे को लगातार उठाया गया था, लेकिन बिजली विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और बेखबर बना रहा। इस बड़ी लापरवाही का सीधा नतीजा यह है कि अब पोल गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और जान-माल की क्षति भी हुई है। पोस्ट में कड़े शब्दों में सवाल उठाया गया है कि अगर आज कोई बड़ा हादसा हो जाता या 10-12 लोगों की जान चली जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता, और क्या सिस्टम हमेशा किसी बड़ी मौत या तबाही का इंतजार करता है। इस घटना को सिर्फ एक पोल का गिरना नहीं, बल्कि लापरवाही, सुस्त सिस्टम और जनता की अनदेखी का जीता-जागता उदाहरण बताया गया है। पोस्ट में यह मांग की गई है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए और सभी जर्जर पोलों को बदलने का काम शुरू किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई मासूम इस प्रशासनिक अनदेखी की कीमत अपनी जान देकर न चुकाए। इसके साथ ही, जनता से अब चुप न रहने और आवाज उठाने का आह्वान किया गया है, क्योंकि अगला हादसा किसी के भी घर के सामने हो सकता है।
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    छातापुर के राघोपुर-सिमराही इलाके में 33,000 वोल्ट का एक जर्जर बिजली पोल टूटकर गिर गया है, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में बिजली बाधित हो गई और इलाका अंधेरे में डूब गया। यह घटना तब हुई जब करीब दो महीने पहले ही बिजली विभाग को आवेदन देकर इस जर्जर पोल को बदलने की मांग की गई थी।

इतना ही नहीं, मीडिया और न्यूज़ चैनलों के माध्यम से भी इस गंभीर खतरे को लगातार उठाया गया था, लेकिन बिजली विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और बेखबर बना रहा। इस बड़ी लापरवाही का सीधा नतीजा यह है कि अब पोल गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और जान-माल की क्षति भी हुई है। पोस्ट में कड़े शब्दों में सवाल उठाया गया है कि अगर आज कोई बड़ा हादसा हो जाता या 10-12 लोगों की जान चली जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता, और क्या सिस्टम हमेशा किसी बड़ी मौत या तबाही का इंतजार करता है।

इस घटना को सिर्फ एक पोल का गिरना नहीं, बल्कि लापरवाही, सुस्त सिस्टम और जनता की अनदेखी का जीता-जागता उदाहरण बताया गया है। पोस्ट में यह मांग की गई है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए और सभी जर्जर पोलों को बदलने का काम शुरू किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई मासूम इस प्रशासनिक अनदेखी की कीमत अपनी जान देकर न चुकाए। इसके साथ ही, जनता से अब चुप न रहने और आवाज उठाने का आह्वान किया गया है, क्योंकि अगला हादसा किसी के भी घर के सामने हो सकता है।
    user_Sonu kumar Bhagat
    Sonu kumar Bhagat
    Citizen Reporter छातापुर, सुपौल, बिहार•
    12 hrs ago
  • मधेपुरा जिले के मुरलीगंज में मोहर्रम का पर्व अत्यंत शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया। इस दौरान क्षेत्र में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई।
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    मधेपुरा जिले के मुरलीगंज में मोहर्रम का पर्व अत्यंत शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया। इस दौरान क्षेत्र में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई।
    user_Md Asad पत्रकार
    Md Asad पत्रकार
    मुरलीगंज, मधेपुरा, बिहार•
    2 hrs ago
  • ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के सरकारी दावों के उलट, मधेपुरा जिले के कई उपस्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति बेहद खराब है। घैलाढ़ प्रखंड स्थित भान टेकती पंचायत और सदर प्रखंड के मिठाही पंचायत के उपस्वास्थ्य केंद्रों की तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ स्वास्थ्यकर्मी समय पर नहीं पहुँच रहे हैं और महंगे चिकित्सीय उपकरण बिना उपयोग के धूल फांक रहे हैं, जिससे मरीजों को इलाज और जांच की बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत इन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), दो एएनएम और एक पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता की तैनाती का प्रावधान है। हालांकि, जमीनी हकीकत इससे काफी अलग है। भान टेकती उपस्वास्थ्य केंद्र में सुबह साढ़े दस बजे तक कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं मिला, जबकि सीएचओ और एएनएम दोनों केंद्र परिसर के ऊपरी हिस्से में ही रहते हैं। काफी देर बाद एएनएम अमला कुमारी अस्पताल पहुँचीं, लेकिन अन्य स्वास्थ्यकर्मी नदारद रहे। वहीं, मिठाही उपस्वास्थ्य केंद्र में केवल सीएचओ सोनम कुमारी ही मौजूद थीं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति उजागर हुई। स्थानीय निवासी अशोक कुमार ने बताया कि अस्पताल में सिर्फ दवा बांटने का काम होता है और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलती हैं, उन्होंने सरकार से सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि मरीजों को बिना किसी समुचित जांच के दवाइयां दे दी जाती हैं, और जांच उपकरण व प्रसव कक्ष में रखे महंगे चिकित्सीय उपकरण भी बेकार पड़े हुए हैं। ग्रामीण उत्तमलाल यादव ने कहा कि मरीजों की जांच की कोई बेहतर व्यवस्था नहीं है और बिना जांच के ही दवा देने से लोगों को परेशानी होती है। लोगों ने केंद्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था को भी असंतोषजनक बताया, जिससे दवाइयों के रखरखाव से लेकर मरीजों के उपचार तक कई स्तरों पर लापरवाही साफ दिख रही है। मधेपुरा के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने स्वीकार किया कि कुछ स्थानों पर कमियाँ मौजूद हैं, जिन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के बावजूद व्यवस्था सुधारने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। हालांकि, सरकार के ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के दावों के बीच, मधेपुरा के इन उपस्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली गंभीर सवाल खड़े कर रही है कि जब स्वास्थ्यकर्मी समय पर उपलब्ध नहीं होंगे और संसाधनों का उपयोग नहीं होगा, तो ग्रामीणों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कैसे पहुंचेंगी। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है।
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    ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के सरकारी दावों के उलट, मधेपुरा जिले के कई उपस्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति बेहद खराब है। घैलाढ़ प्रखंड स्थित भान टेकती पंचायत और सदर प्रखंड के मिठाही पंचायत के उपस्वास्थ्य केंद्रों की तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ स्वास्थ्यकर्मी समय पर नहीं पहुँच रहे हैं और महंगे चिकित्सीय उपकरण बिना उपयोग के धूल फांक रहे हैं, जिससे मरीजों को इलाज और जांच की बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत इन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), दो एएनएम और एक पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता की तैनाती का प्रावधान है। हालांकि, जमीनी हकीकत इससे काफी अलग है। भान टेकती उपस्वास्थ्य केंद्र में सुबह साढ़े दस बजे तक कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं मिला, जबकि सीएचओ और एएनएम दोनों केंद्र परिसर के ऊपरी हिस्से में ही रहते हैं। काफी देर बाद एएनएम अमला कुमारी अस्पताल पहुँचीं, लेकिन अन्य स्वास्थ्यकर्मी नदारद रहे। वहीं, मिठाही उपस्वास्थ्य केंद्र में केवल सीएचओ सोनम कुमारी ही मौजूद थीं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति उजागर हुई।

स्थानीय निवासी अशोक कुमार ने बताया कि अस्पताल में सिर्फ दवा बांटने का काम होता है और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलती हैं, उन्होंने सरकार से सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि मरीजों को बिना किसी समुचित जांच के दवाइयां दे दी जाती हैं, और जांच उपकरण व प्रसव कक्ष में रखे महंगे चिकित्सीय उपकरण भी बेकार पड़े हुए हैं। ग्रामीण उत्तमलाल यादव ने कहा कि मरीजों की जांच की कोई बेहतर व्यवस्था नहीं है और बिना जांच के ही दवा देने से लोगों को परेशानी होती है। लोगों ने केंद्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था को भी असंतोषजनक बताया, जिससे दवाइयों के रखरखाव से लेकर मरीजों के उपचार तक कई स्तरों पर लापरवाही साफ दिख रही है।

मधेपुरा के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने स्वीकार किया कि कुछ स्थानों पर कमियाँ मौजूद हैं, जिन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के बावजूद व्यवस्था सुधारने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। हालांकि, सरकार के ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के दावों के बीच, मधेपुरा के इन उपस्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली गंभीर सवाल खड़े कर रही है कि जब स्वास्थ्यकर्मी समय पर उपलब्ध नहीं होंगे और संसाधनों का उपयोग नहीं होगा, तो ग्रामीणों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कैसे पहुंचेंगी। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    11 hrs ago
  • सुपौल जिले में एक सड़क पर मिट्टी डाल दिए जाने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण बारिश का सारा पानी भी सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे समस्या और बढ़ जाती है। जब मिट्टी डालने वाले व्यक्ति से इस बारे में बात की जाती है, तो वह यह कहकर जवाब देता है कि यह सड़क उसकी निजी जमीन पर बनी है और वह अपनी मर्जी के अनुसार ही काम करेगा। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह व्यक्ति चौबीसों घंटे शराब के नशे में रहता है। प्रभावित लोगों ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए तत्काल मदद की गुहार लगाई है।
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    सुपौल जिले में एक सड़क पर मिट्टी डाल दिए जाने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण बारिश का सारा पानी भी सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे समस्या और बढ़ जाती है। जब मिट्टी डालने वाले व्यक्ति से इस बारे में बात की जाती है, तो वह यह कहकर जवाब देता है कि यह सड़क उसकी निजी जमीन पर बनी है और वह अपनी मर्जी के अनुसार ही काम करेगा। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह व्यक्ति चौबीसों घंटे शराब के नशे में रहता है। प्रभावित लोगों ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए तत्काल मदद की गुहार लगाई है।
    user_Anjeet kumar
    Anjeet kumar
    सुपौल, सुपौल, बिहार•
    12 hrs ago
  • सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के चंदौर पूर्वी पंचायत अंतर्गत मुख्य सड़क मार्ग स्थित बीडीओ चौक पर वेपर लाइट न होने के कारण रात के समय वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आवागमन में हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मुख्य सड़क मार्ग से दो टोलों के लिए सड़कें निकलती हैं, जहां देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहता है। अंधेरे के कारण मुख्य सड़क मार्ग से इन अंदरूनी सड़कों पर प्रवेश करते समय लोगों को रास्ता ठीक से दिखाई नहीं देता, जिससे कई बार वे दुर्घटनाओं का शिकार होने से बाल-बाल बचे हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्य सड़क मार्ग से पूर्व दिशा की ओर दर्जनों किसानों के खेत हैं। किसान अपनी खेतीबाड़ी के काम से इस रास्ते से आते-जाते रहते हैं और कभी-कभी उन्हें देर रात तक भी खेतों में काम करना पड़ता है। इन परिस्थितियों को देखते हुए, लोगों ने इस सड़क मार्ग के किनारे वेपर लाइट लगाने की पुरजोर मांग की है, ताकि सभी को आवागमन में काफी सुविधा मिल सके और दुर्घटनाओं का जोखिम कम हो।
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    सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के चंदौर पूर्वी पंचायत अंतर्गत मुख्य सड़क मार्ग स्थित बीडीओ चौक पर वेपर लाइट न होने के कारण रात के समय वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आवागमन में हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मुख्य सड़क मार्ग से दो टोलों के लिए सड़कें निकलती हैं, जहां देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहता है। अंधेरे के कारण मुख्य सड़क मार्ग से इन अंदरूनी सड़कों पर प्रवेश करते समय लोगों को रास्ता ठीक से दिखाई नहीं देता, जिससे कई बार वे दुर्घटनाओं का शिकार होने से बाल-बाल बचे हैं।

इसके अतिरिक्त, मुख्य सड़क मार्ग से पूर्व दिशा की ओर दर्जनों किसानों के खेत हैं। किसान अपनी खेतीबाड़ी के काम से इस रास्ते से आते-जाते रहते हैं और कभी-कभी उन्हें देर रात तक भी खेतों में काम करना पड़ता है। इन परिस्थितियों को देखते हुए, लोगों ने इस सड़क मार्ग के किनारे वेपर लाइट लगाने की पुरजोर मांग की है, ताकि सभी को आवागमन में काफी सुविधा मिल सके और दुर्घटनाओं का जोखिम कम हो।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    2 hrs ago
  • बैजनाथपुर सौर बाजार मुख्य सड़क मार्ग के वार्ड नंबर 22 में के एन फ्यूल सेंटर का उद्घाटन किया गया है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। लोगों ने बताया कि इस केंद्र के खुलने से बैजनाथपुर के ज्यादातर वाहन चालकों और अन्य लोगों को अब पेट्रोल-डीजल के लिए दूसरे स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनके समय की बर्बादी रुकेगी और ईंधन पर खर्च होने वाला पैसा बैजनाथपुर में ही रहेगा। यह इसे एक बड़ी सौभाग्य की बात बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बैजनाथपुर चौक बिहार के सभी जिलों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण स्थान है, ऐसे में इस फ्यूल सेंटर से कई वाहन चालकों को पेट्रोल और डीजल लेने में बड़ी सहूलियत मिलेगी। के एन फ्यूल सेंटर के प्रोपराइटर, शिक्षाविद और डी एल कॉलेज बैजनाथपुर के संस्थापक कौशल किशोर यादव ने मीडिया से बात करते हुए आश्वासन दिया कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में, यह केंद्र ग्राहकों के लिए अन्य पेट्रोल पंपों से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने पीने के शुद्ध पानी, साफ-सुथरे शौचालय भवन, तथा पेट्रोल-डीजल की शुद्धता और माप को लेकर किसी भी प्रकार की परेशानी न होने का दावा किया। इस उद्घाटन समारोह में कई राजनीतिक दलों के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। उनके अलावा, सैकड़ों की संख्या में गणमान्य लोग और जन प्रतिनिधि भी इस अवसर पर शामिल हुए, जिससे इस आयोजन की महत्ता उजागर हुई।
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    बैजनाथपुर सौर बाजार मुख्य सड़क मार्ग के वार्ड नंबर 22 में के एन फ्यूल सेंटर का उद्घाटन किया गया है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। लोगों ने बताया कि इस केंद्र के खुलने से बैजनाथपुर के ज्यादातर वाहन चालकों और अन्य लोगों को अब पेट्रोल-डीजल के लिए दूसरे स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनके समय की बर्बादी रुकेगी और ईंधन पर खर्च होने वाला पैसा बैजनाथपुर में ही रहेगा। यह इसे एक बड़ी सौभाग्य की बात बताया जा रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बैजनाथपुर चौक बिहार के सभी जिलों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण स्थान है, ऐसे में इस फ्यूल सेंटर से कई वाहन चालकों को पेट्रोल और डीजल लेने में बड़ी सहूलियत मिलेगी। के एन फ्यूल सेंटर के प्रोपराइटर, शिक्षाविद और डी एल कॉलेज बैजनाथपुर के संस्थापक कौशल किशोर यादव ने मीडिया से बात करते हुए आश्वासन दिया कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में, यह केंद्र ग्राहकों के लिए अन्य पेट्रोल पंपों से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने पीने के शुद्ध पानी, साफ-सुथरे शौचालय भवन, तथा पेट्रोल-डीजल की शुद्धता और माप को लेकर किसी भी प्रकार की परेशानी न होने का दावा किया।

इस उद्घाटन समारोह में कई राजनीतिक दलों के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। उनके अलावा, सैकड़ों की संख्या में गणमान्य लोग और जन प्रतिनिधि भी इस अवसर पर शामिल हुए, जिससे इस आयोजन की महत्ता उजागर हुई।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    9 hrs ago
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