शिक्षक दिवस पर बंद प्राथमिक विद्यालय के बाहर समाजवादी पार्टी ने लगाई चौपाल, सरकार के फैसले का जताया विरोध शिक्षक दिवस पर बंद प्राथमिक विद्यालय के बाहर समाजवादी पार्टी ने लगाई चौपाल, सरकार के फैसले का जताया विरोध बाँदा। शिक्षक दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी के निर्देश पर प्रदेश में बंद किए गए हजारों प्राथमिक विद्यालयों के विरोध में आज बाँदा सदर विधानसभा के ग्राम बजरंगपुरवा में बंद प्राथमिक विद्यालय के बाहर चौपाल लगाकर समाजवादी पार्टी ने अपना विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर ओम नारायण त्रिपाठी ‘विदित’ जी ने कहा कि शिक्षक दिवस के दिन जब हम शिक्षकों के सम्मान और शिक्षा के महत्व की बात करते हैं, उसी दिन प्रदेश के बंद पड़े प्राथमिक विद्यालयों का मुद्दा उठाना बेहद महत्वपूर्ण है। भाजपा सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालयों को बंद करना गांव के गरीब, किसान, मजदूर और वंचित परिवारों के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल भवन नहीं होते, बल्कि गांव के बच्चों के सपनों और भविष्य की नींव होते हैं। सरकार को विद्यालय बंद करने के बजाय उनमें पर्याप्त शिक्षक, बेहतर भवन और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी ने स्पष्ट कहा है कि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर जो प्राथमिक विद्यालय बंद पड़े हैं, उन्हें दोबारा संचालित कराया जाएगा और प्रदेश में बच्चों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अच्छी शिक्षा प्रणाली लागू की जाएगी।शिक्षा किसी भी बच्चे का अधिकार है। गांव के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, यह सरकार की जिम्मेदारी है। समाजवादी पार्टी बच्चों के भविष्य और ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी। चौपाल के दौरान ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं मौके पर लोक सभा प्रभारी उमेश यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष इमरान अली राजू,जिला मीडिया प्रभारी प्रवक्ता प्रमोद गुप्ता राजा,बांदा विधानसभा अध्यक्ष लालमन यादव,प्रदेश सचिव पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ रामलाल प्रजापति,यूथ बिग्रेड के पूर्व अध्यक्ष राजन चंदेल, सरताज खान,रोहित प्रजापति और बड़ी तादाद में ग्रामीण इकट्ठे रहे
शिक्षक दिवस पर बंद प्राथमिक विद्यालय के बाहर समाजवादी पार्टी ने लगाई चौपाल, सरकार के फैसले का जताया विरोध शिक्षक दिवस पर बंद प्राथमिक विद्यालय के बाहर समाजवादी पार्टी ने लगाई चौपाल, सरकार के फैसले का जताया विरोध बाँदा। शिक्षक दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी के निर्देश पर प्रदेश में बंद किए गए हजारों प्राथमिक विद्यालयों के विरोध में आज बाँदा सदर विधानसभा के ग्राम बजरंगपुरवा में बंद प्राथमिक विद्यालय के बाहर चौपाल लगाकर समाजवादी पार्टी ने अपना विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर ओम नारायण त्रिपाठी ‘विदित’ जी ने कहा कि शिक्षक दिवस के दिन जब हम शिक्षकों के सम्मान और शिक्षा के महत्व की बात करते हैं, उसी दिन प्रदेश के बंद पड़े प्राथमिक विद्यालयों का मुद्दा उठाना बेहद महत्वपूर्ण है। भाजपा सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालयों को बंद करना गांव के गरीब, किसान, मजदूर और वंचित परिवारों के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल भवन नहीं होते, बल्कि गांव के बच्चों के सपनों और भविष्य की नींव होते हैं। सरकार को विद्यालय बंद करने के बजाय उनमें पर्याप्त शिक्षक, बेहतर भवन और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी ने स्पष्ट कहा है कि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर जो प्राथमिक विद्यालय बंद पड़े हैं, उन्हें दोबारा संचालित कराया जाएगा और प्रदेश में बच्चों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अच्छी शिक्षा प्रणाली लागू की जाएगी।शिक्षा किसी भी बच्चे का अधिकार है। गांव के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, यह सरकार की जिम्मेदारी है। समाजवादी पार्टी बच्चों के भविष्य और ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी। चौपाल के दौरान ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं मौके पर लोक सभा प्रभारी उमेश यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष इमरान अली राजू,जिला मीडिया प्रभारी प्रवक्ता प्रमोद गुप्ता राजा,बांदा विधानसभा अध्यक्ष लालमन यादव,प्रदेश सचिव पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ रामलाल प्रजापति,यूथ बिग्रेड के पूर्व अध्यक्ष राजन चंदेल, सरताज खान,रोहित प्रजापति और बड़ी तादाद में ग्रामीण इकट्ठे रहे
- जिला अस्पताल में ‘पर्चियों का खेल’: सीएमओ-सीएमएस की निगरानी पर भी सवाल बांदा। औचक निरीक्षण में छह पर्चियां बाहर से दवा खरीदने की मिलीं और सीएमओ ने ‘पर्चियों का खेल’ होने की बात स्वीकारते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया। लेकिन असली सवाल यहीं से शुरू होता है—जब खेल अस्पताल के भीतर चल रहा था, तो सीएमओ और सीएमएस की निगरानी आखिर किस काम की थी?क्या सीएमओ-सीएमएस को यह पता नहीं था कि मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं? अगर पता था तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और अगर पता नहीं था तो फिर नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था किसलिए है? क्या अस्पताल में दवा के स्टॉक और डॉक्टरों की पर्चियों का कभी मिलान किया गया?मरीजों से बाहर की दवा और रुपये लिए जाने की शिकायतें पहले भी पहुंचीं तो उनका क्या हुआ?क्या शिकायतों की जांच हुई या उन्हें भी सरकारी फाइलों की तरह धूल खाने के लिए छोड़ दिया गया?सबसे चुभता सवाल यह है कि मंत्री के पांच बजे अचानक पहुंचते ही छह पर्चियां मिल गईं, लेकिन सीएमओ-सीएमएस की नियमित निगाहों के सामने यह खेल क्यों नहीं दिखा? क्या निरीक्षण सिर्फ मंत्री के आने पर ही सक्रिय होता है?और यदि यह केवल कुछ कर्मचारियों की मनमानी थी, तो उनकी जवाबदेही तय करने में अब तक देरी क्यों हुई? यदि व्यवस्था की कमी थी, तो उस व्यवस्था के संरक्षक अधिकारियों की जिम्मेदारी क्यों नहीं तय होनी चाहिए?पर्ची लिखने वाले कर्मचारी पर कार्रवाई आसान है, लेकिन उस कुर्सी की जवाबदेही तय करना जरूरी है जिस पर पूरे अस्पताल की निगरानी का दायित्व है।अब जनता जानना चाहती है—सीएमओ और सीएमएस सिर्फ कार्रवाई का आश्वासन देंगे या अपनी निगरानी की विफलता का भी जवाब देंगे?1
- खेल मैदान में गूंजा जीत का जश्न, तालियों से गूंज उठा इंडोर हाल, *बांदा मिनी ओलंपिक का भव्य समापन, डीएम ने कहा—नशे से दूर रहें युवा, खेलों से जोड़ें जीवन* बांदा। खेलों के रोमांच, खिलाड़ियों के उत्साह और हजारों दर्शकों की गगनभेदी तालियों के बीच बांदा मिनी ओलंपिक प्रथम चरण का भव्य एवं दिव्य समापन हुआ। स्पोर्ट्स स्टेडियम बांदा के इंडोर हाल में देर शाम तक चले समारोह में विजेता खिलाड़ियों को जिलाधिकारी अमित आसेरी ने मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। आयोजन में बड़ी संख्या में खिलाड़ी, अभिभावक और खेलप्रेमी मौजूद रहे। ऐतिहासिक समापन समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अमित आसेरी ने कहा कि युवाओं को नशे जैसे दुर्व्यसनों से दूर रहकर खेल मैदान से जुड़ना चाहिए। खेल केवल शरीर को स्वस्थ नहीं बनाते, बल्कि मन को भी प्रसन्न रखते हैं। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और सहयोगियों को सफल आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर होते रहेंगे। कबड्डी में जेएन योद्धा ने मारी बाजी समापन समारोह का रोमांच कबड्डी के फाइनल मुकाबले में चरम पर पहुंच गया। जेएन योद्धा और जेएन कॉलेज के बीच हुए जोरदार मुकाबले में जेएन योद्धा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जेएन कॉलेज को 40-26 से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। रस्साकसी के महिला और पुरुष वर्ग के मुकाबले भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहे। खिलाड़ियों के दमखम और जोरदार संघर्ष ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और पूरे इंडोर हाल में लगातार तालियां गूंजती रहीं। *पांडा और भालू दादा की एंट्री ने लूटी महफिल* समारोह में उस समय विशेष उत्साह देखने को मिला, जब बांदा मिनी ओलंपिक का शुभंकर पांडा अपने साथी भालू दादा के साथ इंडोर हाल में प्रवेश कर गया। शुभंकरों के मैदान में पहुंचते ही मौजूद दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत किया और पूरा इंडोर हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। *वालीबाल विजेताओं का हुआ सम्मान* जिलाधिकारी अमित आसेरी ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आदर्श राय के नेतृत्व में विजेता वालीबाल सीनियर पुरुष वर्ग की बांदा स्टेडियम टीम के खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। बैडमिंटन पुरुष एकल ओपन वर्ग में अजफर को स्वर्ण तथा अर्श सईद को रजत, महिला ओपन एकल में गौरी को स्वर्ण तथा मांडवी को रजत और अंडर-15 बालिका एकल में अपूर्वा को स्वर्ण तथा गरिमा को रजत पदक प्रदान किया गया। ताइक्वांडो की अंडर-21 कैटेगरी में श्रेयांस को स्वर्ण, कबीर को रजत तथा आरएस अथान को कांस्य पदक दिया गया। श्रेयांस का नाम पुकारे जाते ही नन्हे खिलाड़ी के स्वागत में पूरा इंडोर हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। शतरंज में शुभ सोनी को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। टेबल टेनिस जूनियर बालिका एकल वर्ग में वैभवी को स्वर्ण तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बड़ोखर खुर्द की रागनी को रजत पदक से सम्मानित किया गया। शूटिंग में भी खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम शूटिंग प्रतियोगिता में आरव, यशवंत द्विवेदी, श्रेया, नंदिनी, स्मृति और सुमित को स्वर्ण पदक एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। ओपन पुरुष कैटेगरी में डिप्टी लेबर कमिश्नर नासिर खान को भी स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। आयोजन से जुड़े लोगों को भी मिला सम्मान4
- sabhi mere dost Sahi Rahe aur unnati badhaen sabhi ko dhanyvad सभी भाइयों को नमस्ते आगे बढ़ते जाइए चलते जाइए s1
- चित्रकूट मे सीएम योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हेलीकाप्टर से लिया जायजा1
- हमीरपुर :तहसील रोड से नगर पालिका ने हटाया अवैध अतिक्रमण, जाम से मिलेगी राहत हमीरपुर। शहर के तहसील रोड पर सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नगर पालिका प्रशासन ने रविवार को अभियान चलाकर कार्रवाई की। नगर पालिका की टीम ने सड़क पर अस्थायी दुकानें लगाकर तथा सामान फैलाकर किए गए कब्जों को हटवाते हुए मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराया। तहसील रोड पर लंबे समय से सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा था और आए दिन जाम की स्थिति बन रही थी। राहगीरों व वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नगर पालिका की कार्रवाई के बाद सड़क किनारे का रास्ता साफ होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। नगर पालिका प्रशासन ने दुकानदारों को चेतावनी दी है कि दोबारा सड़क अथवा सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण किया गया तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने दुकानदारों से निर्धारित स्थान पर ही दुकानें लगाने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। वहीं, दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर पालिका की ओर से करीब 20 नई दुकानों का निर्माण कराया गया है। इन दुकानों की 10 सितंबर को नीलामी प्रस्तावित है। नगर पालिका का कहना है कि दुकानों के व्यवस्थित होने से सड़क किनारे अतिक्रमण की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।1
- बांदा के बड़े प्रोजेक्ट्स की IIT जांच! | ₹100 करोड़+ कामों पर नजर | Banda News 2026 | बड़ी खबर उत्तर प्रदेश में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत वाले बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की थर्ड-पार्टी क्वालिटी जांच IIT संस्थानों से कराने का फैसला हुआ है। बांदा डिवीजन भी इस व्यवस्था में शामिल है और यहां के बड़े प्रोजेक्ट्स की तकनीकी गुणवत्ता की जांच IIT कानपुर करेगा।1
- हमीरपुर :बाढ़ के पानी में दिखा पांच फुट लंबा मगरमच्छ, ग्रामीणों में मचा हड़कंप ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल, वन विभाग ने शुरू की जांच कुरारा (हमीरपुर)। थाना क्षेत्र के हरेठा गांव में बाढ़ के पानी के बीच करीब पांच फुट लंबा मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। मगरमच्छ का ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में मगरमच्छ पानी से बाहर निकलकर धूप सेंकता हुआ दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इसी दौरान बाढ़ के पानी के बीच मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी और वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लेते हुए मगरमच्छ की मौजूदगी की जांच शुरू कर दी है। विभागीय टीम द्वारा क्षेत्र में निगरानी की जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से बाढ़ के पानी के आसपास सावधानी बरतने और मगरमच्छ दिखाई देने पर उसके नजदीक न जाने की अपील की है।1
- दूसरी शिक्षिका से संबंध के आरोप पर स्कूल में हंगामा!... #मांट के एक सरकारी स्कूल में बुधवार सुबह उस समय हंगामा मच गया, जब एक शिक्षक की पत्नी अपने माता-पिता के साथ स्कूल पहुंची और पति पर दूसरी शिक्षिका से संबंध होने के आरोप लगाए। मामला इतना बढ़ गया कि शिक्षक और उसके ससुर के बीच स्कूल के बाहर कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान शिक्षक ने पत्नी और ससुर के साथ मारपीट भी की। शिक्षा के मंदिर में पढ़ाई की जगह निजी विवाद ने लिया हिंसक रूप—मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है।1