चित्रकूट के खोह स्थित किरहा तालाब के प्रस्तावित जीर्णोद्धार एवं गहरीकरण कार्य को जल्द शुरू करने के लिए जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने तालाब की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और संबंधित विभागीय अधिकारियों से प्रस्तावित कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। लघु सिंचाई विभाग द्वारा इस तालाब के जीर्णोद्धार और गहरीकरण के लिए एक विस्तृत एस्टीमेट तैयार कर जिलाधिकारी को प्रस्तुत कर दिया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने काम को पूरी तरह निर्धारित मानकों के अनुरूप और उच्च गुणवत्ता के साथ कराने के निर्देश दिए, ताकि तालाब की जलधारण क्षमता बढ़ाई जा सके और स्थानीय किसानों व नागरिकों को इसका दीर्घकालिक लाभ मिल सके। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण, भूजल संवर्धन और प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तालाब के चारों तरफ बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराने और पौधों के संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस औचक निरीक्षण के अवसर पर लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता श्री सी.डी. मिश्रा, तहसीलदार श्री चंद्रकांत तिवारी और संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
चित्रकूट के खोह स्थित किरहा तालाब के प्रस्तावित जीर्णोद्धार एवं गहरीकरण कार्य को जल्द शुरू करने के लिए जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने तालाब की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और संबंधित विभागीय अधिकारियों से प्रस्तावित कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। लघु सिंचाई विभाग द्वारा इस तालाब के जीर्णोद्धार और गहरीकरण के लिए एक विस्तृत एस्टीमेट तैयार कर जिलाधिकारी को प्रस्तुत कर दिया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने काम को पूरी तरह निर्धारित मानकों के अनुरूप और उच्च गुणवत्ता के साथ कराने के निर्देश दिए, ताकि तालाब की जलधारण क्षमता बढ़ाई जा सके और स्थानीय किसानों व नागरिकों को इसका दीर्घकालिक लाभ मिल सके। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण, भूजल संवर्धन और प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तालाब के चारों तरफ बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराने और पौधों के संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस औचक निरीक्षण के अवसर पर लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता श्री सी.डी. मिश्रा, तहसीलदार श्री चंद्रकांत तिवारी और संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
- वोटबैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस पर अदालतों का अपमान करने और तुष्टिकरण के लिए कातिलों को भी मासूम साबित करने में जुटने का सीधा आरोप लगा है। दिल्ली दंगों के दोषी ताहिर हुसैन के पक्ष में कांग्रेस नेताओं द्वारा की जा रही बयानबाजी को न सिर्फ न्यायपालिका का अपमान बताया गया है, बल्कि बिना सबूत के अदालतों पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी राजनीति करार दिया गया है। इस मामले में आम आदमी पार्टी पर भी हमला बोला गया है, जिसने ताहिर हुसैन को टिकट देकर अपना रुख दिखा दिया है। 'पाप-गठबंधन' करने वालों को साफ चेतावनी दी गई है कि देश की जनता वोटबैंक की राजनीति करने वालों के बजाय पूरी तरह से न्याय, कानून और संविधान के साथ खड़ी है।1
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में जिला मुख्यालय स्थित विकासखंड चित्रकूटधाम कर्वी की ग्राम पंचायत मरजादपुर में निर्माणाधीन एबीसी (पशु जन्म नियंत्रण) सेंटर का जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया। इस परियोजना का निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था सीएनडीएस, उत्तर प्रदेश जल निगम, बांदा द्वारा ₹279.03 लाख की स्वीकृत लागत से कराया जा रहा है। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य आवारा और बीमार श्वानों के उपचार, देखभाल तथा पशु जन्म नियंत्रण (नसबंदी) की सुविधा उपलब्ध कराना है। उपचार एवं नसबंदी के बाद स्वस्थ होने पर श्वानों को दोबारा उनके प्राकृतिक परिवेश में छोड़ दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को जानकारी दी गई कि केंद्र में कुल 115 श्वानों के रहने की व्यवस्था की जा रही है। इसमें 15×1 एकल केनल तथा 10 सामुदायिक केनल बनाए जा रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 10×10 श्वानों को रखने की है। इसके अलावा केंद्र में ऑपरेशन थिएटर, सर्जन कक्ष, सैलून/ग्रूमिंग कक्ष, पंजीकरण कक्ष, मेडिकल स्टोर, शौचालय, दस्तावेज कक्ष (डॉक्यूमेंटेशन रूम) और पेंट्री सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि केंद्र की बाउंड्री वॉल के बाहरी हिस्से में पानी की निकासी के लिए उचित नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश का पानी परिसर के भीतर न आ सके। उन्होंने कार्यदायी संस्था को आवश्यकतानुसार मैनपावर बढ़ाकर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के मानकों का पूरी तरह पालन होना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी स्तर पर शिकायत की गुंजाइश न रहे।3
- चित्रकूट जनपद के भरतकूप थाना क्षेत्र के गोंड़ा गांव में प्रसव के बाद एक 24 वर्षीया महिला की अचानक मौत हो गई। मृतका आरती देवी, अवधेश वर्मा की पत्नी थीं। परिजनों के अनुसार, शनिवार की शाम करीब 5:00 बजे आरती को लेबर पेन होने पर शिवरामपुर के भांगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। वहां आरती की डिलीवरी कराई गई, लेकिन प्रसव के लगभग चार से पांच घंटे बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर आरती को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां 1 घंटे तक उनका इलाज चला। हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें फिर से रेफर कर दिया। परिजन जैसे ही उन्हें दूसरे अस्पताल लेकर जाने लगे, वैसे ही आरती ने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक मौत से पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर रविवार की दोपहर 12:00 बजे जिला मुख्यालय में उसका पोस्टमार्टम कराया है।2
- चित्रकूट जनपद के भरतकूप थाना क्षेत्र के गोंड़ा गांव में प्रसव के बाद एक 24 वर्षीया महिला की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतका की पहचान आरती देवी (पत्नी अवधेश वर्मा) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, आरती को लेबर पेन होने पर बीते शनिवार की शाम करीब 5:00 बजे शिवरामपुर के भांगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी डिलीवरी कराई गई। प्रसव के लगभग चार से पांच घंटे बाद अचानक आरती की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में 1 घंटे तक चले इलाज के बाद जब डॉक्टरों ने उसे फिर से रेफर किया, तो परिजन उसे दूसरे अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही आरती की मौत हो गई। इस दुखद घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर रविवार दोपहर 12:00 बजे जिला मुख्यालय में उसका पोस्टमार्टम कराया है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा में थाना अमहिया पुलिस द्वारा "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत मानस भवन के पास एक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने वहां मौजूद सभी लोगों को शपथ दिलाई।1
- सतना में हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से तो राहत दी है, लेकिन इसके साथ ही शहर के 'ओवर स्मार्ट सिटी' होने के दावों की भी पोल खोल दी है। मौसम विभाग ने पहले ही बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई थी। बारिश शुरू होते ही शहर के कई इलाकों में नालियां ओवरफ्लो हो गईं और सड़कों पर जगह-जगह पानी भर गया, जिससे आम नागरिकों, दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आक्रोश है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए स्मार्ट सिटी के दावे पहली ही तेज बारिश में धराशायी हो गए हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया और यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस बदहाली पर एन.डी. न्यूज़ चैनल सतना ने सीधा सवाल उठाया है कि जब पहली ही बारिश में शहर की सड़कें तालाब बन जाएं, तो आखिर 'स्मार्ट सिटी' का सपना कब पूरा होगा?2
- भारत में रेलवे के एक नए युग की शुरुआत करते हुए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू हो गया है। हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच करीब 90 किलोमीटर (89 किमी) के रूट पर चलने वाली यह ट्रेन 120 की रफ्तार से दौड़ेगी और इसमें पानी ईंधन बनेगा। 3,200 हॉर्सपावर की क्षमता वाली इस ट्रेन को दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बताया जा रहा है। वर्तमान में भारत के अलावा दुनिया के केवल 3-4 देशों के पास ही ऐसी हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की क्षमता मौजूद है। दशकों तक अंधेरे में रहने वाले लोग अब इस तेज विकास की रोशनी से आंखें चौंधिया जाने की शिकायत कर रहे हैं और कुछ लोग तो पुराने अंधेरे के दिनों को ही बेहतर बताने लगे हैं। लेकिन यह नया भारत है जहां दशकों का काम कुछ ही वर्षों में पूरा हो रहा है। साल 1925 में बॉम्बे वीटी और कुर्ला के बीच देश की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने के बाद अगले 89 वर्षों (1925 से 2014) में ब्रॉड-गेज रेलवे नेटवर्क का केवल 30% विद्युतीकरण हो सका था। वहीं, साल 2014 के बाद रेलवे के विद्युतीकरण में अभूतपूर्व तेजी आई है और आज देश का लगभग 99% ब्रॉड-गेज नेटवर्क पूरी तरह विद्युतीकृत हो चुका है। इससे डीजल पर निर्भरता और प्रदूषण कम हुआ है, जिससे देश अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बना है। इस तकनीकी प्रगति के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छता को लेकर देशवासियों को एक बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि स्वच्छता के लिए हर बार प्रधानमंत्री का आना जरूरी नहीं है। यदि लोग खुद तय कर लें कि वे गंदगी नहीं करेंगे, तो सभी शहर और राज्य स्वच्छ रह सकते हैं। उन्होंने स्वच्छता को अपनी आदत, संस्कार और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने की अपील की है। जहां हाइड्रोजन ट्रेन भारत की तकनीकी प्रगति का प्रतीक है, वहीं स्वच्छता अभियान नागरिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का संदेश देता है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक आंदोलन को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है, जहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखा तनाव देखने को मिला है। इस ताज़ा घटनाक्रम के बाद मौके पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बन गई है। जंतर-मंतर पर हुए इस हंगामे के बीच अब यह सवाल तेज हो गए हैं कि आखिर यह प्रदर्शन क्यों किया जा रहा है, प्रदर्शनकारियों की असल मांगें क्या हैं और वहां मौके पर क्या-क्या घटित हुआ है।1