20 माह पहले निकाल ली सीसी रोड की राशि, सीसी रोड आज तक बनी नहीं तामिया जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत साजकूही में सरपंच सचिव ने किया बड़ा घोटाला ,सीसी रोड बनाए बिना ही निकाल ली राशि,एक तरफ शासन भले ही लाखों रुपए स्वीकृत कर जमीनी लेवल पर काम करने के लिए प्लॉन तैयार करता हो लेकिन जिम्मेदारों की मिलीभगत से कागजों में ही होने वाले काम धरातल पर दिखाई नहीं देते। जनपद पंचायत के तहत आने वाली कई ग्राम पंचायतों में अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कागजों में काम होते नजर आ रहे हैं।ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत साजकूही का सामने आया है जहां हर्राढाना गांव में व्यवहार के घर से बलराम के घर तक 5 लाख 95 हजार रुपए की लागत से सह नाली सहित सीसी रोड बनाया जाना था। सीसी रोड निर्माण किए बिना ही ग्राम पंचायत साजकुही के सरपंच,सचिव ने दूसरी पंचायत के सहायक सचिव की फर्जी फर्म के नाम से बिल लगाकर सीमेंट, गिट्टी, रेती के नाम पर 20 महीने पहले 3 लाख 60 हजार 700 रुपए निकाल भी लिए, लेकिन आज तक धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। जिम्मेदार अधिकारियों, सीईओ सरपंच, सचिव की मिलीभगत से ऐसी कई अन्य पंचायतों में भी धांधली जोरों पर है। इस पर अंकुश लगाने वाला कोई नहीं है। बड़ा सवाल यह भी है कि अकसर जीओटैक और मौके का निरीक्षण करने का दावा करने वाला जनपद यह सुनिश्चित क्यों नहीं कर पा रहा कि आखिर बिना रोड बनाए राशि कैसे खातों में पहुंच गई? आमतौर पर अधिकारी जबरन दावा करते हैं कि डिजिटल इंडिया का जमाना है, सब कुछ ऑनलाइन ही दिख जाएगा, लेकिन यहां सब उल्टा हो रहगा है।ग्राम पंचायत साजकूही के सचिव से फोन पर बात करने पर बताया कि राशि निकाल ली गई है,जब हमको लगेगा तब रोड बनाएंगे इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
20 माह पहले निकाल ली सीसी रोड की राशि, सीसी रोड आज तक बनी नहीं तामिया जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत साजकूही में सरपंच सचिव ने किया बड़ा घोटाला ,सीसी रोड बनाए बिना ही निकाल ली राशि,एक तरफ शासन भले ही लाखों रुपए स्वीकृत कर जमीनी लेवल पर काम करने के लिए प्लॉन तैयार करता हो लेकिन जिम्मेदारों की मिलीभगत से कागजों में ही होने वाले काम धरातल पर दिखाई नहीं देते। जनपद पंचायत के तहत आने वाली कई ग्राम पंचायतों में अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कागजों में काम होते नजर आ रहे हैं।ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत साजकूही का सामने आया है जहां हर्राढाना गांव में व्यवहार के घर से बलराम के घर तक 5 लाख 95 हजार रुपए की लागत से सह नाली सहित सीसी रोड बनाया जाना था। सीसी रोड निर्माण किए बिना ही ग्राम पंचायत साजकुही के सरपंच,सचिव ने दूसरी पंचायत के सहायक सचिव की फर्जी फर्म के नाम से बिल लगाकर सीमेंट, गिट्टी, रेती के नाम पर 20 महीने पहले 3 लाख 60 हजार 700 रुपए निकाल भी लिए, लेकिन आज तक धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। जिम्मेदार अधिकारियों, सीईओ सरपंच, सचिव की मिलीभगत से ऐसी कई अन्य पंचायतों में भी धांधली जोरों पर है। इस पर अंकुश लगाने वाला कोई नहीं है। बड़ा सवाल यह भी है कि अकसर जीओटैक और मौके का निरीक्षण करने का दावा करने वाला जनपद यह सुनिश्चित क्यों नहीं कर पा रहा कि आखिर बिना रोड बनाए राशि कैसे खातों में पहुंच गई? आमतौर पर अधिकारी जबरन दावा करते हैं कि डिजिटल इंडिया का जमाना है, सब कुछ ऑनलाइन ही दिख जाएगा, लेकिन यहां सब उल्टा हो रहगा है।ग्राम पंचायत साजकूही के सचिव से फोन पर बात करने पर बताया कि राशि निकाल ली गई है,जब हमको लगेगा तब रोड बनाएंगे इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
- 20 माह पहले निकाल ली सीसी रोड की राशि, सीसी रोड आज तक बनी नहीं तामिया जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत साजकूही में सरपंच सचिव ने किया बड़ा घोटाला ,सीसी रोड बनाए बिना ही निकाल ली राशि,एक तरफ शासन भले ही लाखों रुपए स्वीकृत कर जमीनी लेवल पर काम करने के लिए प्लॉन तैयार करता हो लेकिन जिम्मेदारों की मिलीभगत से कागजों में ही होने वाले काम धरातल पर दिखाई नहीं देते। जनपद पंचायत के तहत आने वाली कई ग्राम पंचायतों में अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कागजों में काम होते नजर आ रहे हैं।ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत साजकूही का सामने आया है जहां हर्राढाना गांव में व्यवहार के घर से बलराम के घर तक 5 लाख 95 हजार रुपए की लागत से सह नाली सहित सीसी रोड बनाया जाना था। सीसी रोड निर्माण किए बिना ही ग्राम पंचायत साजकुही के सरपंच,सचिव ने दूसरी पंचायत के सहायक सचिव की फर्जी फर्म के नाम से बिल लगाकर सीमेंट, गिट्टी, रेती के नाम पर 20 महीने पहले 3 लाख 60 हजार 700 रुपए निकाल भी लिए, लेकिन आज तक धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। जिम्मेदार अधिकारियों, सीईओ सरपंच, सचिव की मिलीभगत से ऐसी कई अन्य पंचायतों में भी धांधली जोरों पर है। इस पर अंकुश लगाने वाला कोई नहीं है। बड़ा सवाल यह भी है कि अकसर जीओटैक और मौके का निरीक्षण करने का दावा करने वाला जनपद यह सुनिश्चित क्यों नहीं कर पा रहा कि आखिर बिना रोड बनाए राशि कैसे खातों में पहुंच गई? आमतौर पर अधिकारी जबरन दावा करते हैं कि डिजिटल इंडिया का जमाना है, सब कुछ ऑनलाइन ही दिख जाएगा, लेकिन यहां सब उल्टा हो रहगा है।ग्राम पंचायत साजकूही के सचिव से फोन पर बात करने पर बताया कि राशि निकाल ली गई है,जब हमको लगेगा तब रोड बनाएंगे इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।1
- माया अशोक शर्मा (55 वर्ष) मृत अवस्था में मिलीं। वहीं उनकी पुत्री रानू पति राकेश (लगभग 25 वर्ष) घायल अवस्था में मिली। घायल महिला को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए इंदौर रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। ग्राम पंचायत बड़ौदा के अंतर्गत आने वाले पुनर्वास क्षेत्र में हत्या की सुचना मिलने के बाद हड़कंप मच गया। कन्नौद। अनुभाग के सतवास तहसील के ग्राम पंचायत बड़ौदा के अंतर्गत आने वाले पुनर्वास क्षेत्र में हत्या की सुचना मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं सतवास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू की। प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मौके पर माया अशोक शर्मा (55 वर्ष) मृत अवस्था में मिलीं। वहीं उनकी पुत्री रानू पति राकेश (लगभग 25 वर्ष) घायल अवस्था में मिली। घायल महिला को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए इंदौर रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी सौम्या जैन, एसडीओपी आदित्य तिवारी और सतवास थाना टीआई आशीष पाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घटना के कारण और हत्या की परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच जारी है। पुलिस की जांच और आगे सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही वारदात से जुड़ी पूरी जानकारी स्पष्ट हो सकेगी। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस की टीम। अस्पताल में भर्ती घायल रानू (फाइल फोटो) मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बढ़ाई जांच की रफ्तार मूतक माया अशोक शर्मा (55 वर्ष) घायल रानू पति राकेश (लगभग 25 वर्ष) एडिशनल एसपी सौम्या जैन मौके पर। घटना एक नजर में स्थान : ग्राम पंचायत बड़ौदा, पुनर्वास (सतवास तहसील) मृतका: माया अशोक शर्मा (55 वर्ष) घायल : रानू पति राकेश (लगभग 25 वर्ष) स्थिति : प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर मौके पर : एडिशनल एसपी सौम्या जैन, एसडीओपी आदित्य तिवारी, टीआई आशीष पाल4
- *"सेवा संकल्प अभियान"* प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लोकसेवक के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक *"सेवा संकल्प अभियान"* आज ग्राम खामखेड़ा जत्रा (खाचरोद मंडल), ग्राम डाबरी (मैना मंडल), कोठरी (कोठरी मंडल) एवं आष्टा (नगर मंडल आष्टा) में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लोकसेवक के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान के संबंध में मंडल कार्यसमिति बैठक में क्षत्रिय विधायक गोपाल सिंह इंजिनियर ने सहभागिता कर संबोधित किया l1
- प्रतिबंध के बावजूद छिदगांव रोड पर दौड़ रहे बड़े बड़े भारी वाहन,दुर्घटना का अंदेशा बढ़ा प्रतिबंध के बावजूद छिदगांव रोड पर दौड़ रहे बड़े बड़े भारी वाहन,दुर्घटना का अंदेशा बढ़ा हरदा/टिमरनी- छिदगांव रोड पर बड़े वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध के बावजूद भारी वाहन निर्बाध गति से निकल रहे। आज शाम बड़े वाहनों के आने-जाने से सड़क पर जाम की स्थिति बन गई, जिससे रहवासियों और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।रेलवे ओव्हर ब्रिज निर्माण के चलते मार्ग निर्माण अधर में लटका हुआ है। बताया जा रहा है कि बड़े वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पर यातायात बाधित हुआ और देखते ही देखते जाम लगने की नोबत बन गई। मीडियाकर्मियों ने एसडीएम शैलेन्द्र बड़ोनिया को सूचना दी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभालते हुए वाहनों को निकलवाया।महिलाओं ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि घर से लगकर वाहन निकल रहे,हम लोग घर से बाहर निकलने में खतरा महसूस कर रहे। रहवासियों का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद बड़े वाहनों का प्रवेश जारी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रतिबंध के आदेश का पालन कौन करवाएगा और भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी रोक कब लगेगी? रहवासियों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि छिदगांव रोड पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि बार-बार लगने वाले जाम और दुर्घटना की आशंका से लोगों को राहत मिल सके।4
- देवास में आबकारी विभाग नेअवैध शराब माफिया पर बड़ा क्रैकडाउन ।। !1
- पुनासा/मुंदी लाल बहादुर शास्त्री बस स्टैंड पर पूर्व की तरह लगे हाथ ठेले। बुधवार को समस्या लेकर भाजपा नेता दीपक पटेल के समक्ष पहुंचें थे दुकानदार।1
- 📢 नानपा–कुल्हड़ा सड़क संघर्ष आंदोलन आज गड्ढे में भरा पानी में बैठकर किया शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ। 10 सितंबर 2026 को गड्ढों में बैठकर ग्रामीण जन करेंगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन। 11 सितंबर 2026 को धरना स्थल से नर्मदापुरम तक पैदल मार्च किया जाएगा। 📍 धरना स्थल: नानपा ढाना, तहसील डोलरिया, जिला नर्मदापुरम, मध्यप्रदेश अब बहाने नहीं, पक्की सड़क चाहिए। ग्रामीणों का संघर्ष — सड़क के अधिकार के लिए। #नानपा_कुल्हड़ा_सड़क_संघर्ष_आंदोलन2
- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आगामी 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन कन्नौद न्यायालय में किया जाएगा। इस अवसर पर अभिभाषक कक्ष में अधिवक्ताओ के साथ द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री अमित निगम के द्वारा एक बैठक आयोजित की जिसमें प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड कन्नौद श्रीमती उषा उईके, अभिभाषक संघ के सचिव विजय बोहरे भी विशेष रूप से उपस्थिति थे। राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर कन्नौद न्यायालय में तैयारियां तेज अभिभाषक कक्ष में न्यायाधीशों ने ली बैठक सुलह-समझौते से मामलों के त्वरित निस्तारण का मिलेगा अवसर कन्नौद। राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर कन्नौद न्यायालय में तैयारियां तेज अभिभाषक कक्ष में न्यायाधीशों ने ली बैठक सुलह-समझौते से मामलों के त्वरित निस्तारण का मिलेगा अवसर कन्नौद। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आगामी 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन कन्नौद न्यायालय में किया जाएगा। इस अवसर पर अभिभाषक कक्ष में अधिवक्ताओ के साथ द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री अमित निगम के द्वारा एक बैठक आयोजित की जिसमें प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड कन्नौद श्रीमती उषा उईके, अभिभाषक संघ के सचिव विजय बोहरे भी विशेष रूप से उपस्थिति थे। अभिभाषक संघ के सह सचिव एडवोकेट शैलेंद्र पांचाल ने बताया कि न्यायाधीश श्री अमित निगम ने अपने उद्बोबधन में कहा कि कन्नौद न्यायालय में भी लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक लंबित प्रकरणों का आपसी सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकरण कराने में सभी अधिवक्ता विशेष सहयोग दें एवं पक्षकारों को समझाएं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर को निर्धारित है। लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों को शीघ्र, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना तथा आपसी सहमति से विवादों का समाधान करना है। लोक अदालत में ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाती है जिनका निपटारा पक्षकारों की सहमति एवं राजीनामे के आधार पर संभव है। लोक अदालत के माध्यम से चेक बाउंस, बैंक ऋण एवं वसूली, मोटर दुर्घटना दावा, शमनीय आपराधिक प्रकरण, पारिवारिक एवं वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर), बिजली-पानी सहित जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवाद तथा यातायात चालान जैसे मामलों का नियमानुसार निस्तारण किया जा सकता है। लोक अदालत में प्रकरण के निस्तारण से पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलने के साथ-साथ समय एवं धन की भी बचत होती है। संबंधित पक्षकार अपने प्रकरण को लोक अदालत में रखे जाने के लिए न्यायालय अथवा संबंधित विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष आवेदन कर सकते हैं। न्यायालय एवं विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आमजन से अपील की गई है कि वे आपसी सहमति से विवादों के शीघ्र समाधान के इस अवसर का लाभ उठाएं। उक्त जानकारी एडवोकेट शैलेंद्र पांचाल द्वारा दी गई। इस अवसर पर अभिभाषक कक्ष में अधिवक्ताओ के साथ द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री अमित निगम के द्वारा एक बैठक आयोजित की जिसमें प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड कन्नौद श्रीमती उषा उईके, अभिभाषक संघ के सचिव विजय बोहरे भी विशेष रूप से उपस्थिति थे। अभिभाषक संघ के सह सचिव एडवोकेट शैलेंद्र पांचाल ने बताया कि न्यायाधीश श्री अमित निगम ने अपने उद्बोबधन में कहा कि कन्नौद न्यायालय में भी लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक लंबित प्रकरणों का आपसी सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकरण कराने में सभी अधिवक्ता विशेष सहयोग दें एवं पक्षकारों को समझाएं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर को निर्धारित है। लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों को शीघ्र, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना तथा आपसी सहमति से विवादों का समाधान करना है। लोक अदालत में ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाती है जिनका निपटारा पक्षकारों की सहमति एवं राजीनामे के आधार पर संभव है। लोक अदालत के माध्यम से चेक बाउंस, बैंक ऋण एवं वसूली, मोटर दुर्घटना दावा, शमनीय आपराधिक प्रकरण, पारिवारिक एवं वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर), बिजली-पानी सहित जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवाद तथा यातायात चालान जैसे मामलों का नियमानुसार निस्तारण किया जा सकता है। लोक अदालत में प्रकरण के निस्तारण से पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलने के साथ-साथ समय एवं धन की भी बचत होती है। संबंधित पक्षकार अपने प्रकरण को लोक अदालत में रखे जाने के लिए न्यायालय अथवा संबंधित विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष आवेदन कर सकते हैं। न्यायालय एवं विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आमजन से अपील की गई है कि वे आपसी सहमति से विवादों के शीघ्र समाधान के इस अवसर का लाभ उठाएं। उक्त जानकारी एडवोकेट शैलेंद्र पांचाल द्वारा दी गई।4