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बड़ी बात पुलिस गोली न मारे तो किया गोली खाए
Rahul katheriya
बड़ी बात पुलिस गोली न मारे तो किया गोली खाए
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- पत्रकार पर पुलिस की दबंगई! कैमरा छीना, गालियाँ दीं, जेल भेजने की धमकी – कानून के रखवाले ही बने कानून तोड़ने वाले शानू खान संवाददाता फर्रुखाबाद फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सवाल एक बार फिर खड़े हो गए हैं। जनपद फर्रुखाबाद में एक दैनिक समाचार पत्र के क्राइम रिपोर्टर के साथ पुलिस कर्मियों द्वारा की गई बदसलूकी ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार 03 फरवरी 2026 को करीब 11 बजे मोहल्ला नलिया दरवाजे के पास थाना कोतवाली फर्रुखाबाद क्षेत्र में रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकार ने पुलिस के दो सिपाहियों द्वारा दो लोगों की खुलेआम पिटाई का वीडियो बनाना शुरू किया। वीडियो बनते देख पुलिसकर्मी आग-बबूला हो गए और पत्रकार से अभद्र भाषा में सवाल-जवाब करने लगे। जब पत्रकार की पत्नी ने इसका विरोध किया तो पुलिस कर्मियों ने मां-बहन की गालियाँ दीं। इसके बाद दबंग सिपाहियों ने जबरन मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट किया, मोबाइल जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों व थप्पड़ों से मारपीट की। इतना ही नहीं, पत्रकार और उसकी पत्नी को झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर मौके से भगा दिया गया। पीड़ित पत्रकार जब न्याय की आस में थाना कोतवाली फर्रुखाबाद पहुंचा, तो वहां भी उसे और उसकी पत्नी को थाने से भगा दिया गया, जिससे यह साफ हो गया कि पूरे मामले में पुलिस कर्मियों को खुला संरक्षण प्राप्त है। यह घटना केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। सवाल यह है कि जब सच दिखाने वाला कैमरा ही पुलिस को चुभने लगे, तो आम जनता की आवाज कौन उठाएगा? अब देखना यह है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी और शासन इस मामले में दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई कर पत्रकारों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दफन कर दिया जाएगा। पत्रकार संगठनों और जनमानस में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ तत्काल निलंबन व एफआईआर की मांग उठ रही है।1
- फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट फर्रुखाबाद के जहानगंज थाना क्षेत्र में एक युवक ने खेत में लगे पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली1
- खबर जिला फर्रुखाबाद की :- जहा पर मामला हैँ जिला फर्रुखाबाद के थाना कादरी गेट क्षेत्र का जहा पर कुछ लोगो ने बंधा के रहने बाले महंत उमेशानंद भारती जी के घर पर की तोड़ फोड़ देखिये पूरी खबर #farrukhabad1
- अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत फर्जी यूनिट दर्शाकर सरकारी ऋण प्राप्त किए जाने की शिकायत करना एक युवक को भारी पड़ गया। शिकायतकर्ता युवक व उसके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित ने थाना अमृतपुर में नामजद आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की है। थाना अमृतपुर क्षेत्र के नयागांव हुसेनपुर हडाई निवासी राहुल पुत्र कृपाराम ने थाने में दी गई तहरीर में बताया कि उन्होंने गॉव के ही कुछ व्यक्तियों विरुद्ध मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में फर्जी यूनिट दर्शाकर सरकारी ऋण प्राप्त करने की शिकायत कराई थी, जिस पर वर्तमान में विभागीय कार्यवाही प्रचलित है। राहुल का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद से ही दबंगो के एवं उसके परिजनों द्वारा उसे और उसके पिता को फोन कॉल व डिजिटल माध्यम से लगातार धमकियाँ दी जा रही हैं। साथ ही उसके पिता को फोन कर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। पीड़ित के अनुसार 15 जनवरी 2026 को उसके व उसके पिता के मोबाइल नंबर पर कॉल कर कहा गया कि “अब शिकायत वापस मत लेना, अगर बच सके तो बच के दिखाना”। पीड़ित ने बताया कि उक्त धमकी भरी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग उसके पास सुरक्षित है। राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में दबंग द्वारा रास्ता रोककर उसे खुलेआम धमकाया और कहा कि यदि उसने शिकायत पर कार्यवाही बंद नहीं कराई तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा और कोई कुछ नहीं कर पाएगा। लगातार मिल रही धमकियों से राहुल और उसका पूरा परिवार भयभीत है तथा किसी गंभीर अप्रिय घटना की आशंका जताई गई है। पीड़ित ने स्पष्ट कहा है कि यदि समय रहते कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो किसी भी घटना की जिम्मेदारी आरोपियों की होगी। पीड़ित ने थाना अमृतपुर पुलिस से दबंगो के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस इस गंभीर मामले में कब तक ठोस कदम उठाती है।2
- अमृतपुर थाने में पीड़ित महिला की नहीं सुनी फरियाद, डीजीपी तक पहुंची शिकायत; थाना अध्यक्ष की कार्यशैली पर फिर उठे सवाल फर्रुखाबाद (अमृतपुर) अमृतपुर थाना क्षेत्र में पीड़ित महिला की शिकायत न लेने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि थाना अध्यक्ष ने महिला का शिकायती प्रार्थना पत्र लेने से साफ इनकार कर दिया, जिससे आहत होकर पीड़ित महिला को उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण के सरकारी नंबर 9454400101 पर शिकायत करनी पड़ी। वहां से महिला को आश्वासन मिला और 9454405118 नंबर पर संपर्क कर कंप्लेंट दर्ज कराने को कहा गया। पीड़ित महिला मीनाक्षी मिश्रा ने आरोप लगाया कि जब वह अमृतपुर थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराने गई तो उसे वहां से भगा दिया गया और उसकी तहरीर तक नहीं ली गई। महिला का कहना है कि यह मामला पक्की दीवार तोड़ने, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी से जुड़ा है, जिसकी सूचना उसने डायल 112 पर भी दी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अमृतपुर थाना अध्यक्ष की कार्यशैली लगातार सवालों के घेरे में है। इससे पहले भी बलात्कार पीड़िता द्वारा एडीजी जोन कानपुर से शिकायत की गई थी, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। थाना अध्यक्ष के खिलाफ एडीजी कानपुर, डीजीपी लखनऊ और दैनिक समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित होने के बावजूद फतेहगढ़ पुलिस कप्तान की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया, जिससे पीड़ित महिलाओं को न्याय नहीं मिल पा रहा है। महिला सशक्तिकरण के दावों के बीच अमृतपुर थाने पर लगे इन आरोपों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। पीड़ित महिलाओं को न्याय के लिए जनता दरबार और उच्च अधिकारियों की शरण लेनी पड़ रही है। अब देखना होगा कि डीजीपी कार्यालय तक पहुंची इस शिकायत के बाद अमृतपुर थाने के मामले में कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।2
- Post by Shishupal Rajput1
- भारतीय किसान यूनियन महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष मालती कश्यप ने खंड विकास कार्यालय जलालाबाद पर कल सुबह 10:00 बजे धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की है। मालती कश्यप ने बताया कि बीते दिनों वह अपनी शिकायत को लेकर खंड विकास कार्यालय पहुंची थीं। इसी दौरान ग्राम विकास अधिकारी रेनू यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि उनके द्वारा अन्य व्यक्तियों से मालती कश्यप का गला दबवाने और मारपीट कराने का प्रयास किया गया। मालती कश्यप का कहना है कि इस घटना से वह और उनका संगठन बेहद आहत है और यदि संबंधित अधिकारी पर तत्काल कार्यवाही नहीं की गई, तो मजबूरन उन्हें धरना प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस मामले को लेकर खंड विकास कार्यालय परिसर में कल भारी संख्या में महिलाओं और किसान संगठनों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।1
- बैठे बैठे अचानक इस आदमी के साथ किया घटना घटी1