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चंद्रपुरा पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई उस युवक पर की गई जिसने टॉवर पर चढ़ने का प्रयास किया था।
Churaman Thakur Press
चंद्रपुरा पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई उस युवक पर की गई जिसने टॉवर पर चढ़ने का प्रयास किया था।
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- चंद्रपुरा पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई उस युवक पर की गई जिसने टॉवर पर चढ़ने का प्रयास किया था।4
- पश्चिम जमशेदपुर के विधायक सरयू राय, वियाडा के पूर्व अध्यक्ष एवं समाजसेवी विजय कुमार झा, और वार्ड पाँच की पार्षद निरुपमा देवी द्वारा दो दिन पूर्व गजलीटांड़ स्थित कतरी नदी पर अवस्थित एक अस्थाई पुल का जायजा लिया गया था। इस निरीक्षण के दौरान, विधायक सरयू राय ने स्पष्ट किया था कि वे इस मामले को जल्द से जल्द विधानसभा में उठाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर इसे न्यायालय तक ले जाने का काम करेंगे। इस खबर को वीडियो न्यूज़ के माध्यम से प्रमुखता से प्रसारित किया गया। इस समाचार के तत्काल प्रभाव से बीसीसीएल सक्रिय हुई और अंततः अवैध रूप से आउटसोर्सिंग द्वारा बनाए गए इस अस्थाई पुल को हटाने पर मजबूर हो गई। बीसीसीएल ने सोमवार शाम से लेकर मंगलवार पूरे दिन इसे हटाने का काम किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि खबर का असर हुआ और कंपनी 'बैक फुट' पर आ गई। इस संबंध में, वियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा और वार्ड पार्षद निरुपमा देवी से बातचीत की गई है।1
- आज मंगलवार को बाघमारा बचाओ नागरिक संघर्ष समिति ने आद्रा रेल मंडल के महुदा सेक्शन स्थित खानुडीह स्टेशन के ईस्ट केबिन के रेल गेट BG27 पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण की मांग को लेकर एक भव्य जुलुस निकाला। यह जुलुस लुती पहाड़ी चौक से शुरू होकर बाघमारा बाजार होते हुए प्रखंड कार्यालय तक पहुँचा, जहाँ यह एक सभा में बदल गया। समिति के अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने सभा की अध्यक्षता की, जिसमें विजय शर्मा, योगेंद्र सिंह, लगन देव यादव, रविंद्र पांडेय, दिनेश ठक्कर और आदर्श गुप्ता सहित कई वक्ताओं ने लोगों को संबोधित किया। वक्ताओं ने बाघमारा रेल फाटक पर हो रही परेशानियों को उजागर करते हुए तत्काल ओवरब्रिज बनाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई। सभा के समापन के बाद, एक प्रतिनिधिमंडल ने धनबाद उपायुक्त के नाम एक ज्ञापन बीडीओ को सौंपा, जिसमें ओवरब्रिज की मांग को दोहराया गया।1
- आजसू पार्टी ने अपने 40वें स्थापना दिवस के अवसर पर बाघमारा में एक विशाल जन आक्रोश रैली का आयोजन किया। चंद्र प्रकाश चौधरी के नेतृत्व में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहाँ जनता के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद की गई।1
- जनता दरबार के दौरान, डीसी ने आम लोगों की जनसमस्याओं को सुना। इस पहल के परिणामस्वरूप, कई मामलों का मौके पर ही त्वरित निष्पादन किया गया।1
- गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड की बड़की बेरगी पंचायत अंतर्गत बासोकांडो टोला जमुनबेड़ा में सोमवार देर रात एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अपराधियों ने बसगोरहा, ससारखो पंचायत निवासी बासुदेव मंडल को लाठी-डंडों से पीटने के बाद पत्थर से कूचकर मार डाला। घटना की सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह एसडीपीओ आबिद खान और डुमरी थाना प्रभारी श्रीकांत कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिया है। एसडीपीओ ने आश्वासन दिया कि हत्याकांड में शामिल अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में घटना के पीछे जमीन विवाद को मुख्य कारण बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस हर संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया है कि बराकर नदी और बासोकांडो नदी से दिन-रात सफेद बालू का अवैध कारोबार होता है, जिसमें रोजाना 200-250 ट्रैक्टर अवैध बालू लोड करके डुमरी और आसपास के प्रखंडों में भेजे जाते हैं। मृतक की पत्नी लीलवाती उर्फ मानकी देवी और उनके पुत्र नरेश मंडल, महेश मंडल, सुनील मंडल का घटना के बाद से रो-रोकर बुरा हाल है। झामुमो नेता बरकत अली और प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महतो ने भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी के साथ-साथ कड़ी सजा की मांग की। मृतक के पुत्र नरेश मंडल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्हें पिछले 15-20 दिनों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। नरेश के अनुसार, उनका अपने गोतिया (रिश्तेदारों) के साथ जमीन विवाद चल रहा था, जिसमें 7-8 परिवारों का एक गुट उन्हें मारने-काटने की धमकी देता था। उन्होंने बताया कि वे अपने 30 साल पुराने घर को तोड़कर नया बना रहे थे, तभी गोतिया के लोगों ने धारा 144 लगवा दी थी और यह विवाद अगले दो दिनों में सुलझने वाला था। नरेश ने आगे बताया कि मंगलवार सुबह करीब 3 बजे उनके पिताजी खेत जोताई के लिए ट्रैक्टर चालक को लाने जमुनबेड़ा जा रहे थे, तभी सुनसान रास्ते में घेरकर उनकी हत्या कर दी गई। उन्हें घटना की जानकारी सुबह 6-7 बजे मिली। नरेश मंडल ने सीधे तौर पर अपने गोतिया के दो भाइयों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि वे पैसे और पहुंच वाले लोग हैं, और इसी कारण लगातार धमकी दे रहे थे।4
- झारखंड के गोमिया में सोमवार सुबह एक युवती गोमिया थाना क्षेत्र के ढेंढे गांव स्थित मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। वह अपने प्रेमी को जेल से रिहा करने की मांग पर अड़ी थी और उसका कहना था कि जब तक उसके प्रेमी को जेल से नहीं छोड़ा जाएगा, वह नीचे नहीं उतरेगी। बताया जाता है कि यह पूरा घटनाक्रम कुछ दिन पहले हुई एक घटना से जुड़ा है। युवती के परिजनों ने उसके अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने युवती को रांची से बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने युवती के प्रेमी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, और इसी के विरोध में युवती ने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलने पर गोमिया और ललपनिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवती को काफी समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई और कूदने की धमकी देने लगी। एहतियात के तौर पर पुलिस ने टॉवर के चारों ओर सुरक्षा जाल (नेट) लगाने की व्यवस्था की। प्रेम, कानून और मोबाइल टॉवर के बीच फंसी इस घटना ने इलाके में घंटों तक लोगों का ध्यान खींचे रखा, जिससे एक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।1
- आजसू पार्टी ने धनबाद में अपना 40वां स्थापना दिवस सह जनाक्रोश मार्च धूमधाम से मनाया, जिसमें भारी भीड़ उमड़ी। नेहरू कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस कार्यक्रम में आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो और सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी का कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया। इससे पहले, आजसू कार्यकर्ताओं ने गोल्फ ग्राउंड से धनबाद पुलिस की कथित एकतरफा कार्रवाई और गिरफ्तारियों के विरोध में एक जनाक्रोश रैली निकाली। यह रैली पुलिस लाइन, सरायढेला और स्टील गेट से होते हुए नेहरू कॉम्प्लेक्स तक पहुंची। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि झारखंड की वर्तमान स्थिति को देखकर 'गुरुजी' की आत्मा भी दुखी होगी, और आरोप लगाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा अब अपने ही संघर्ष और पृष्ठभूमि से न्याय मांगने की स्थिति में आ गया है। महतो ने दावा किया कि राज्य में व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और इसके खिलाफ छोटे-मोटे आंदोलन नहीं, बल्कि बड़े जनांदोलन की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार पर पोस्टिंग में 'पैसे के खेल' और अवैध खनन को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए, जिसके बाद उनके भाषण ने कार्यकर्ताओं और युवाओं में नया जोश भर दिया।1