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नंदलाल पुरबिया, न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर, ने राजस्थान के राजसमंद जिले के नांदोली से जनहित में एक रिपोर्ट प्रसारित की है।
फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
नंदलाल पुरबिया, न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर, ने राजस्थान के राजसमंद जिले के नांदोली से जनहित में एक रिपोर्ट प्रसारित की है।
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- नंदलाल पुरबिया रिपोर्टर न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा जनहित में प्रसारित1
- उदयपुर जिले के बाघपुरा थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। लगातार मिल रहे दबाव और धमकियों से परेशान होकर एक दंपती ने जहरीला पदार्थ खा लिया। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक युवक लंबे समय से महिला को परेशान कर रहा था। महिला ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि आरोपी शादी से पहले से ही उसका पीछा कर रहा था और शादी के बाद भी उसे फोन कॉल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। आरोप है कि वह अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला पर लगातार दबाव बना रहा था। परिजनों ने बताया कि कुछ माह पूर्व आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला के पति के साथ मारपीट भी की थी। उस समय शिकायत के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपी के हौसले और बढ़ गए थे। लगातार मिल रही धमकियों और बढ़ते मानसिक तनाव के कारण दंपती ने रविवार को यह कदम उठाया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला के बयान, परिजनों के आरोपों और पूर्व शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना पर आक्रोशित ग्रामीणों ने महिलाओं और युवतियों को ब्लैकमेल करने वाले ऐसे आरोपियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की है।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में हाल ही में सामाजिक, धार्मिक, खेल और जनहित से जुड़ी गतिविधियों की धूम रही। इस दौरान रक्तदान जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम से लेकर सैनिकों के सम्मान तक विभिन्न प्रकार के आयोजनों का सफल संचालन किया गया।1
- राज्य सरकार द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से चिकारड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर अपने अपेक्षित परिणाम देने में विफल रहा। शिविर में विभिन्न विभागों की उपस्थिति और समस्याओं के निराकरण के दावों के बावजूद, ग्रामीणों द्वारा उठाए गए कई महत्वपूर्ण मुद्दे अनसुलझे ही रह गए। प्रमुख समस्याओं में वर्षों से लंबित नालियों की सफाई, सड़क निर्माण, गंदगी और चारागाह व सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण शामिल थे। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा नालियों से अतिक्रमण हटाने और सफाई के दावे सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया और ग्राम विकास अधिकारी मनोज मेघवाल के मौके पर निरीक्षण करने पर झूठे पाए गए, जिससे अधिकारियों ने वास्तविक स्थिति से भिन्न जानकारी देने को गंभीरता से लिया। शिविर में लगभग 35 से 40 आवेदन और प्रकरण पंजीकृत हुए, जिनमें से अधिकांश में केवल औपचारिक कार्रवाई ही हुई, जबकि कई मामले लंबित छोड़ दिए गए। पट्टों से संबंधित अधिकांश आवेदन भी लंबित रहे। सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि शिविर में कोई भी ऐसा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था जो मौके पर ठोस निर्णय लेकर समस्याओं का समाधान कर सके; उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और विकास अधिकारी स्तर के अधिकारियों की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार भूपेंद्र वसी और सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया ने व्यवस्थाओं और कार्यवाही की जिम्मेदारी संभाली। सड़क जैसी मूलभूत समस्या से जुड़े मामलों के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का कोई अधिकारी या प्रतिनिधि शिविर में उपस्थित नहीं था, जो ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा, खासकर चिकारड़ा जैसे बड़े क्षेत्र में जहाँ सड़क, बिजली और पेयजल प्रमुख समस्याएँ हैं। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि जब ग्राम पंचायत आबादी क्षेत्र और चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाती, तो यह व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उनका कहना था कि जिन शिविरों में जिला कलक्टर स्वयं उपस्थित होती हैं, वहाँ अधिकांश वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहते हैं और समस्याओं का समाधान मौके पर ही होता है, जबकि अन्य शिविरों में कई विभागों के अधिकारी अपेक्षित गंभीरता और मुस्तैदी नहीं दिखाते, जिससे अनेक समस्याएँ लंबित रह जाती हैं। शिविर स्थल पर भीषण गर्मी के बावजूद पेयजल, कूलर और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने से ग्रामीण बेहाल रहे; प्रचार-प्रसार की कमी के कारण भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों को जानकारी नहीं मिल पाई। इसके अतिरिक्त, बस स्टैंड का सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय वर्षों से बंद पड़े होने का मुद्दा भी उठाया गया, जबकि आयुर्वेद और एलोपैथिक विभाग के कार्मिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं में सक्रियता दिखाते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।3
- नंदलाल पुरबिया, न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर, ने राजस्थान के राजसमंद जिले के नांदोली से जनहित में एक रिपोर्ट प्रसारित की है।1
- चित्तौड़गढ़ में तेज आंधी-तूफान के बाद आखिरकार झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। इस बारिश ने खेतों को नई संजीवनी प्रदान की है, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली है।1
- फालना पुलिस थाना क्षेत्र के मोकमपुरा गांव निवासी दिलीप चौधरी का आज गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। उनकी मौत एक सड़क हादसे में हुई थी। यह हादसा सोमवार देर रात उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र में 100 फीट रोड मीरानगर में हुआ था। पुलिस के अनुसार, हादसे में मोकमपुरा, फालना, पाली निवासी दिलीप (26) पुत्र देवाराम सिरवी की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनके साथी नरेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया है कि दोनों युवक शोभागपुरा से भुवाणा की तरफ जा रहे थे और मीरानगर पहुंचने पर आगे चल रहे एक ट्रक के पीछे उनकी कार जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रक के नीचे घुस गया, जिससे दोनों युवक गाड़ी में ही फंस गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को कार से बाहर निकाला। उन्हें एमबी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां दिलीप को मृत घोषित कर दिया गया। नरेंद्र सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें अमेरिकन हॉस्पिटल रेफर कर दिया।1