logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

गरियाबंद जिले में सुशासन तिहार के अंतिम चरण के बीच, गरियाबंद ब्लॉक सरपंच संघ ने इसका बहिष्कार कर दिया है। सरपंच संघ ने 29 मई को ही कलेक्टर बीएस उइके को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी थीं, जिसके बाद 3 जून को विकासखंड गरियाबंद के ग्राम आमदी (द) में आयोजित सुशासन तिहार में सरपंचों, जिनमें बड़ी संख्या में महिला सरपंच भी शामिल थीं, ने हिस्सा नहीं लिया। सरपंचों ने आयोजन स्थल के पास ही धरना देकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। यह विरोध प्रदर्शन 27 मई को ग्राम खरहरी में आयोजित सुशासन तिहार स्थल के नजदीक हुई एक घटना से जुड़ा है। कार्यक्रम में पहुंचे कुछ ग्रामीण तेज धूप और गर्मी से बचने के लिए एक विशालकाय पीपल के पेड़ की छांव में खड़े थे, तभी वह पेड़ अचानक गिर गया। इस घटना में कुल 7 लोग घायल हो गए, जिनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। ब्लॉक के सरपंच इन घायलों के समुचित उपचार और उचित मुवावजे की मांग कर रहे हैं। सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष कोमल ध्रुव ने कहा है कि स्थानीय प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जिसके चलते वे आगे उग्र आंदोलन भी कर सकते हैं। सरपंचों और जनपद सदस्यों के बहिष्कार के बाद, आमदी (द) में आयोजित सुशासन तिहार का मंच और पंडाल पूरी तरह खाली नजर आया, क्योंकि स्थानीय निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने मंच पर कोई रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद, भाजपा के पार्टी पदाधिकारियों ने मंच की गरिमा को संभाला और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभवंतित करने के साथ-साथ बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया। इस सबके बावजूद, शिविर में 619 आवेदन प्राप्त हुए। एडिशनल कलेक्टर पंकज डाहीरे के अनुसार, अधिकांश आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों को समय सीमा में निराकरण के लिए संबंधित विभागों को सौंपा गया है। सरपंच संघ की मांगों को लेकर उन्होंने बताया कि घायलों का उपचार आयुष्मान योजना के तहत किया जा रहा है और उनकी अन्य मांगों को शासन स्तर पर प्रेषित किया गया है।

20 hrs ago
user_Www.Chirghar.com
Www.Chirghar.com
पत्रकार Bindranavagarh(Gariyaband), Chhattisgarh•
20 hrs ago

गरियाबंद जिले में सुशासन तिहार के अंतिम चरण के बीच, गरियाबंद ब्लॉक सरपंच संघ ने इसका बहिष्कार कर दिया है। सरपंच संघ ने 29 मई को ही कलेक्टर बीएस उइके को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी थीं, जिसके बाद 3 जून को विकासखंड गरियाबंद के ग्राम आमदी (द) में आयोजित सुशासन तिहार में सरपंचों, जिनमें बड़ी संख्या में महिला सरपंच भी शामिल थीं, ने हिस्सा नहीं लिया। सरपंचों ने आयोजन स्थल के पास ही धरना देकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। यह विरोध प्रदर्शन 27 मई को ग्राम खरहरी में आयोजित सुशासन तिहार स्थल के नजदीक हुई एक घटना से जुड़ा है। कार्यक्रम में पहुंचे कुछ ग्रामीण तेज धूप और गर्मी से बचने के लिए एक विशालकाय पीपल के पेड़ की छांव में खड़े थे, तभी वह पेड़ अचानक गिर गया। इस घटना में कुल 7 लोग घायल हो गए, जिनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। ब्लॉक के सरपंच इन घायलों के समुचित उपचार और उचित मुवावजे की मांग कर रहे हैं। सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष कोमल ध्रुव ने कहा है कि स्थानीय प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जिसके चलते वे आगे उग्र आंदोलन भी कर सकते हैं। सरपंचों और जनपद सदस्यों के बहिष्कार के बाद, आमदी (द) में आयोजित सुशासन तिहार का मंच और पंडाल पूरी तरह खाली नजर आया, क्योंकि स्थानीय निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने मंच पर कोई रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद, भाजपा के पार्टी पदाधिकारियों ने मंच की गरिमा को संभाला और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभवंतित करने के साथ-साथ बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया। इस सबके बावजूद, शिविर में 619 आवेदन प्राप्त हुए। एडिशनल कलेक्टर पंकज डाहीरे के अनुसार, अधिकांश आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों को समय सीमा में निराकरण के लिए संबंधित विभागों को सौंपा गया है। सरपंच संघ की मांगों को लेकर उन्होंने बताया कि घायलों का उपचार आयुष्मान योजना के तहत किया जा रहा है और उनकी अन्य मांगों को शासन स्तर पर प्रेषित किया गया है।

More news from Chhattisgarh and nearby areas
  • गरियाबंद जिले में सुशासन तिहार के अंतिम चरण के बीच, गरियाबंद ब्लॉक सरपंच संघ ने इसका बहिष्कार कर दिया है। सरपंच संघ ने 29 मई को ही कलेक्टर बीएस उइके को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी थीं, जिसके बाद 3 जून को विकासखंड गरियाबंद के ग्राम आमदी (द) में आयोजित सुशासन तिहार में सरपंचों, जिनमें बड़ी संख्या में महिला सरपंच भी शामिल थीं, ने हिस्सा नहीं लिया। सरपंचों ने आयोजन स्थल के पास ही धरना देकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। यह विरोध प्रदर्शन 27 मई को ग्राम खरहरी में आयोजित सुशासन तिहार स्थल के नजदीक हुई एक घटना से जुड़ा है। कार्यक्रम में पहुंचे कुछ ग्रामीण तेज धूप और गर्मी से बचने के लिए एक विशालकाय पीपल के पेड़ की छांव में खड़े थे, तभी वह पेड़ अचानक गिर गया। इस घटना में कुल 7 लोग घायल हो गए, जिनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। ब्लॉक के सरपंच इन घायलों के समुचित उपचार और उचित मुवावजे की मांग कर रहे हैं। सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष कोमल ध्रुव ने कहा है कि स्थानीय प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जिसके चलते वे आगे उग्र आंदोलन भी कर सकते हैं। सरपंचों और जनपद सदस्यों के बहिष्कार के बाद, आमदी (द) में आयोजित सुशासन तिहार का मंच और पंडाल पूरी तरह खाली नजर आया, क्योंकि स्थानीय निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने मंच पर कोई रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद, भाजपा के पार्टी पदाधिकारियों ने मंच की गरिमा को संभाला और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभवंतित करने के साथ-साथ बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया। इस सबके बावजूद, शिविर में 619 आवेदन प्राप्त हुए। एडिशनल कलेक्टर पंकज डाहीरे के अनुसार, अधिकांश आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों को समय सीमा में निराकरण के लिए संबंधित विभागों को सौंपा गया है। सरपंच संघ की मांगों को लेकर उन्होंने बताया कि घायलों का उपचार आयुष्मान योजना के तहत किया जा रहा है और उनकी अन्य मांगों को शासन स्तर पर प्रेषित किया गया है।
    1
    गरियाबंद जिले में सुशासन तिहार के अंतिम चरण के बीच, गरियाबंद ब्लॉक सरपंच संघ ने इसका बहिष्कार कर दिया है। सरपंच संघ ने 29 मई को ही कलेक्टर बीएस उइके को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी थीं, जिसके बाद 3 जून को विकासखंड गरियाबंद के ग्राम आमदी (द) में आयोजित सुशासन तिहार में सरपंचों, जिनमें बड़ी संख्या में महिला सरपंच भी शामिल थीं, ने हिस्सा नहीं लिया। सरपंचों ने आयोजन स्थल के पास ही धरना देकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

यह विरोध प्रदर्शन 27 मई को ग्राम खरहरी में आयोजित सुशासन तिहार स्थल के नजदीक हुई एक घटना से जुड़ा है। कार्यक्रम में पहुंचे कुछ ग्रामीण तेज धूप और गर्मी से बचने के लिए एक विशालकाय पीपल के पेड़ की छांव में खड़े थे, तभी वह पेड़ अचानक गिर गया। इस घटना में कुल 7 लोग घायल हो गए, जिनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

ब्लॉक के सरपंच इन घायलों के समुचित उपचार और उचित मुवावजे की मांग कर रहे हैं। सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष कोमल ध्रुव ने कहा है कि स्थानीय प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जिसके चलते वे आगे उग्र आंदोलन भी कर सकते हैं।

सरपंचों और जनपद सदस्यों के बहिष्कार के बाद, आमदी (द) में आयोजित सुशासन तिहार का मंच और पंडाल पूरी तरह खाली नजर आया, क्योंकि स्थानीय निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने मंच पर कोई रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद, भाजपा के पार्टी पदाधिकारियों ने मंच की गरिमा को संभाला और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभवंतित करने के साथ-साथ बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया। इस सबके बावजूद, शिविर में 619 आवेदन प्राप्त हुए। एडिशनल कलेक्टर पंकज डाहीरे के अनुसार, अधिकांश आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों को समय सीमा में निराकरण के लिए संबंधित विभागों को सौंपा गया है। सरपंच संघ की मांगों को लेकर उन्होंने बताया कि घायलों का उपचार आयुष्मान योजना के तहत किया जा रहा है और उनकी अन्य मांगों को शासन स्तर पर प्रेषित किया गया है।
    user_Www.Chirghar.com
    Www.Chirghar.com
    पत्रकार Bindranavagarh(Gariyaband), Chhattisgarh•
    20 hrs ago
  • बलरामपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ग्राम चम्पापुर पहुंचीं। उन्होंने निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण किया और चम्पापुर के सरपंच तथा सचिव से विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर ने योजना के हितग्राहियों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके आवास निर्माण की स्थिति को समझा। श्रीमती त्रिपाठी ने हितग्राहियों से विशेष रूप से पूछा कि उन्हें आवास निर्माण में किसी प्रकार की समस्या तो नहीं आ रही है। निर्माण कार्य की प्रगति का अवलोकन करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मानसून आने में अब अधिक समय नहीं बचा है, इसलिए आवास की ढलाई सहित सभी शेष कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि बारिश शुरू होने के बाद निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है, जिससे अधूरा काम रहने पर अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कलेक्टर ने हितग्राहियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें पक्का घर उपलब्ध कराने का अवसर दिया है, जिसका लाभ उठाकर वे अपने सपनों के आशियाने को शीघ्र पूरा करें। उन्होंने बताया कि आवास पूर्ण होने से आगामी बारिश के मौसम में परिवार को सुरक्षित और सुविधाजनक छत मिल सकेगी। इसके साथ ही, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे निर्माणाधीन आवासों की नियमित निगरानी करें और हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन तथा आवश्यक सहयोग प्रदान करें, ताकि सभी आवास निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे हो सकें। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर भी उपस्थित थीं। यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है, क्योंकि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बना रही है।
    3
    बलरामपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ग्राम चम्पापुर पहुंचीं। उन्होंने निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण किया और चम्पापुर के सरपंच तथा सचिव से विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर ने योजना के हितग्राहियों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके आवास निर्माण की स्थिति को समझा।

श्रीमती त्रिपाठी ने हितग्राहियों से विशेष रूप से पूछा कि उन्हें आवास निर्माण में किसी प्रकार की समस्या तो नहीं आ रही है। निर्माण कार्य की प्रगति का अवलोकन करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मानसून आने में अब अधिक समय नहीं बचा है, इसलिए आवास की ढलाई सहित सभी शेष कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि बारिश शुरू होने के बाद निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है, जिससे अधूरा काम रहने पर अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

कलेक्टर ने हितग्राहियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें पक्का घर उपलब्ध कराने का अवसर दिया है, जिसका लाभ उठाकर वे अपने सपनों के आशियाने को शीघ्र पूरा करें। उन्होंने बताया कि आवास पूर्ण होने से आगामी बारिश के मौसम में परिवार को सुरक्षित और सुविधाजनक छत मिल सकेगी। इसके साथ ही, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे निर्माणाधीन आवासों की नियमित निगरानी करें और हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन तथा आवश्यक सहयोग प्रदान करें, ताकि सभी आवास निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे हो सकें। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर भी उपस्थित थीं।

यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है, क्योंकि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बना रही है।
    user_ANIL XALXO
    ANIL XALXO
    Farmer राजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • गरियाबंद पुलिस ने अवैध गांजा परिवहन के खिलाफ अपनी लगातार कार्रवाई जारी रखते हुए ₹9.45 लाख मूल्य के अवैध गांजे के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में थाना अमलीपदर टीम ने 18.900 किलोग्राम अवैध गांजा, घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। दिनांक 03.06.2026 को थाना अमलीपदर प्रभारी को मुखबिर से विशेष सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति ओडिशा से अमलीपदर थाना क्षेत्र में हीरो एचएफ डिलक्स क्रमांक सीजी-04-एलयू-2550 सिल्वर रंग की मोटरसाइकिल पर भारी मात्रा में अवैध गांजा लेकर आ-जा रहे हैं। इस जानकारी पर तत्काल कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम को ग्राम बिरीघाट भेजा गया जहाँ आम रोड पर नाकाबंदी की गई। चेकिंग के दौरान, मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए और वाहन के आधार पर संदिग्ध आरोपियों को रोका गया। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान हीरालाल केवर्त (उम्र 29 वर्ष, पिता लक्ष्मण केवर्त, निवासी ग्राम मोहरा, थाना चांदाहाण्डी, जिला नवरंगपुर, ओडिशा) और टीकम टोलटिया (उम्र 36 वर्ष, पिता राघव, निवासी ग्राम मोहरा, थाना चांदाहाण्डी, जिला नवरंगपुर, ओडिशा) के रूप में बताई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 18.900 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया, जिसकी कीमत ₹9,45,000 है। इसके अतिरिक्त, घटना में प्रयुक्त हीरो एचएफ डिलक्स मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी-04-एलयू-2550, जिसकी कीमत ₹30,00,000 बताई गई है, और ₹14,000 मूल्य के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। जब्त की गई सभी सामग्री का कुल जुमला ₹9,89,000 बताया गया है। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर, आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। दोनों आरोपी हीरालाल केवर्त और टीकम टोलटिया को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
    1
    गरियाबंद पुलिस ने अवैध गांजा परिवहन के खिलाफ अपनी लगातार कार्रवाई जारी रखते हुए ₹9.45 लाख मूल्य के अवैध गांजे के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में थाना अमलीपदर टीम ने 18.900 किलोग्राम अवैध गांजा, घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

दिनांक 03.06.2026 को थाना अमलीपदर प्रभारी को मुखबिर से विशेष सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति ओडिशा से अमलीपदर थाना क्षेत्र में हीरो एचएफ डिलक्स क्रमांक सीजी-04-एलयू-2550 सिल्वर रंग की मोटरसाइकिल पर भारी मात्रा में अवैध गांजा लेकर आ-जा रहे हैं। इस जानकारी पर तत्काल कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम को ग्राम बिरीघाट भेजा गया जहाँ आम रोड पर नाकाबंदी की गई। चेकिंग के दौरान, मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए और वाहन के आधार पर संदिग्ध आरोपियों को रोका गया। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान हीरालाल केवर्त (उम्र 29 वर्ष, पिता लक्ष्मण केवर्त, निवासी ग्राम मोहरा, थाना चांदाहाण्डी, जिला नवरंगपुर, ओडिशा) और टीकम टोलटिया (उम्र 36 वर्ष, पिता राघव, निवासी ग्राम मोहरा, थाना चांदाहाण्डी, जिला नवरंगपुर, ओडिशा) के रूप में बताई।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 18.900 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया, जिसकी कीमत ₹9,45,000 है। इसके अतिरिक्त, घटना में प्रयुक्त हीरो एचएफ डिलक्स मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी-04-एलयू-2550, जिसकी कीमत ₹30,00,000 बताई गई है, और ₹14,000 मूल्य के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। जब्त की गई सभी सामग्री का कुल जुमला ₹9,89,000 बताया गया है। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर, आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। दोनों आरोपी हीरालाल केवर्त और टीकम टोलटिया को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
    user_नागेन्द्र निषाद
    नागेन्द्र निषाद
    राजिम, गरियाबंद, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • संत रामपाल जी महाराज ने एक गरीब और असहाय परिवार को सहारा दिया है। इस मदद से जुड़ा पूरा वीडियो 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर उपलब्ध है, जहाँ दर्शक इस घटना को विस्तार से देख सकते हैं।
    1
    संत रामपाल जी महाराज ने एक गरीब और असहाय परिवार को सहारा दिया है। इस मदद से जुड़ा पूरा वीडियो 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर उपलब्ध है, जहाँ दर्शक इस घटना को विस्तार से देख सकते हैं।
    user_सतभक्ति संदेश
    सतभक्ति संदेश
    Fraternal organization केसकाल, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    36 min ago
  • कांकेर में एक वीडियो सामने आया है जो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पीजी कॉलेज के मेन रोड डिवाइडर से दो भालुओं को सड़क पार करते हुए देखा जा सकता है।
    1
    कांकेर में एक वीडियो सामने आया है जो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पीजी कॉलेज के मेन रोड डिवाइडर से दो भालुओं को सड़क पार करते हुए देखा जा सकता है।
    user_Ashish parihar Parihar
    Ashish parihar Parihar
    पत्रकार कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • राज टॉकीज, रायपुर के लिए अपनी टिकटें अभी बुक करें।
    1
    राज टॉकीज, रायपुर के लिए अपनी टिकटें अभी बुक करें।
    user_Raj Talkies Raipur
    Raj Talkies Raipur
    Cinema औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • गोबरा नवापारा नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष भूपेंद्र सोनी ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को 'ढकोसला' करार दिया है। नवापारा राजिम में दिए गए अपने बयान में, सोनी ने आरोप लगाया कि जहाँ एक ओर कांग्रेस 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम का विरोध कर रही है, वहीं दूसरी ओर उसी पार्टी के कई वार्डों के पार्षदों ने नगर की समस्याओं के निराकरण और विकास कार्यों के लिए कुल 20 आवेदन सौंपे हैं। उपाध्यक्ष सोनी के अनुसार, यह स्पष्ट संकेत है कि 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम में जनता की वास्तविक समस्याओं और मांगों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर जनता को भ्रमित करने और केवल राजनीतिक ढकोसले में लगे रहने का आरोप लगाया, जबकि 'सुशासन तिहार' सीधे नागरिकों की समस्याओं और आवश्यकताओं को प्राथमिकता देता है। सोनी ने जोर देकर कहा कि पार्षदों द्वारा आवेदन जमा करना यह साबित करता है कि कार्यक्रम जनता के हित में है और वास्तविक समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे कांग्रेस के भ्रमजनक आंदोलनों में न फँसें और 'सुशासन तिहार' के माध्यम से अपने वार्ड की समस्याओं के समाधान का लाभ उठाएँ, क्योंकि कांग्रेस का आंदोलन केवल दिखावा है, जबकि 'सुशासन तिहार' ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है।
    1
    गोबरा नवापारा नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष भूपेंद्र सोनी ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को 'ढकोसला' करार दिया है। नवापारा राजिम में दिए गए अपने बयान में, सोनी ने आरोप लगाया कि जहाँ एक ओर कांग्रेस 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम का विरोध कर रही है, वहीं दूसरी ओर उसी पार्टी के कई वार्डों के पार्षदों ने नगर की समस्याओं के निराकरण और विकास कार्यों के लिए कुल 20 आवेदन सौंपे हैं।

उपाध्यक्ष सोनी के अनुसार, यह स्पष्ट संकेत है कि 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम में जनता की वास्तविक समस्याओं और मांगों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर जनता को भ्रमित करने और केवल राजनीतिक ढकोसले में लगे रहने का आरोप लगाया, जबकि 'सुशासन तिहार' सीधे नागरिकों की समस्याओं और आवश्यकताओं को प्राथमिकता देता है। सोनी ने जोर देकर कहा कि पार्षदों द्वारा आवेदन जमा करना यह साबित करता है कि कार्यक्रम जनता के हित में है और वास्तविक समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे कांग्रेस के भ्रमजनक आंदोलनों में न फँसें और 'सुशासन तिहार' के माध्यम से अपने वार्ड की समस्याओं के समाधान का लाभ उठाएँ, क्योंकि कांग्रेस का आंदोलन केवल दिखावा है, जबकि 'सुशासन तिहार' ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है।
    user_तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    Artist औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • आगामी मानसून से पहले बलरामपुर जिले में जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी विकासखंड बलरामपुर के ग्राम चम्पापुर पहुंचीं। भरी दोपहरी में उन्होंने पैदल खेतों की मेड़ नापते हुए मनरेगा के तहत बने मिट्टी बांध तक पहुँचकर जल संरक्षण संरचनाओं का मौके पर अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर ने चम्पापुर में निर्मित बांध की उपयोगिता और ग्रामीणों को मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर भी इस दौरान मौजूद रहीं। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि वर्षा की हर बूंद को सहेजना समय की मांग है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जल संरक्षण संरचनाओं को उपयोग के लिए तैयार रखा जाए, ताकि बारिश के अधिकतम पानी का संरक्षण किया जा सके। कलेक्टर ने 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के तहत हो रहे कार्यों, ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर और सोक-पिट निर्माण को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का स्थानीय स्तर पर संचयन भूजल संवर्धन का सबसे प्रभावी माध्यम है, जिससे जल स्तर में सुधार होगा और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल मिल सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक गांव में वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया। यह उल्लेखनीय है कि चम्पापुर में मनरेगा के तहत बनाए गए मिट्टी बांध से क्षेत्र के लगभग 40 परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं। इस मिट्टी बांध में संरक्षित जल के कारण लगभग 180 से 200 एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इसके परिणामस्वरूप, ग्रामीण किसान गेहूं, मक्का, धान, सरसों और चना जैसी फसलों की खेती कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। ये जल संरक्षण संरचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा और कृषि समृद्धि की एक मजबूत आधारशिला बन रही हैं।
    3
    आगामी मानसून से पहले बलरामपुर जिले में जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी विकासखंड बलरामपुर के ग्राम चम्पापुर पहुंचीं। भरी दोपहरी में उन्होंने पैदल खेतों की मेड़ नापते हुए मनरेगा के तहत बने मिट्टी बांध तक पहुँचकर जल संरक्षण संरचनाओं का मौके पर अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर ने चम्पापुर में निर्मित बांध की उपयोगिता और ग्रामीणों को मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर भी इस दौरान मौजूद रहीं।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि वर्षा की हर बूंद को सहेजना समय की मांग है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जल संरक्षण संरचनाओं को उपयोग के लिए तैयार रखा जाए, ताकि बारिश के अधिकतम पानी का संरक्षण किया जा सके। कलेक्टर ने 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के तहत हो रहे कार्यों, ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर और सोक-पिट निर्माण को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का स्थानीय स्तर पर संचयन भूजल संवर्धन का सबसे प्रभावी माध्यम है, जिससे जल स्तर में सुधार होगा और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल मिल सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक गांव में वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया।

यह उल्लेखनीय है कि चम्पापुर में मनरेगा के तहत बनाए गए मिट्टी बांध से क्षेत्र के लगभग 40 परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं। इस मिट्टी बांध में संरक्षित जल के कारण लगभग 180 से 200 एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इसके परिणामस्वरूप, ग्रामीण किसान गेहूं, मक्का, धान, सरसों और चना जैसी फसलों की खेती कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। ये जल संरक्षण संरचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा और कृषि समृद्धि की एक मजबूत आधारशिला बन रही हैं।
    user_ANIL XALXO
    ANIL XALXO
    Farmer राजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.