बलरामपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ग्राम चम्पापुर पहुंचीं। उन्होंने निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण किया और चम्पापुर के सरपंच तथा सचिव से विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर ने योजना के हितग्राहियों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके आवास निर्माण की स्थिति को समझा। श्रीमती त्रिपाठी ने हितग्राहियों से विशेष रूप से पूछा कि उन्हें आवास निर्माण में किसी प्रकार की समस्या तो नहीं आ रही है। निर्माण कार्य की प्रगति का अवलोकन करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मानसून आने में अब अधिक समय नहीं बचा है, इसलिए आवास की ढलाई सहित सभी शेष कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि बारिश शुरू होने के बाद निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है, जिससे अधूरा काम रहने पर अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कलेक्टर ने हितग्राहियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें पक्का घर उपलब्ध कराने का अवसर दिया है, जिसका लाभ उठाकर वे अपने सपनों के आशियाने को शीघ्र पूरा करें। उन्होंने बताया कि आवास पूर्ण होने से आगामी बारिश के मौसम में परिवार को सुरक्षित और सुविधाजनक छत मिल सकेगी। इसके साथ ही, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे निर्माणाधीन आवासों की नियमित निगरानी करें और हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन तथा आवश्यक सहयोग प्रदान करें, ताकि सभी आवास निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे हो सकें। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर भी उपस्थित थीं। यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है, क्योंकि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बना रही है।
बलरामपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ग्राम चम्पापुर पहुंचीं। उन्होंने निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण किया और चम्पापुर के सरपंच तथा सचिव से विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर ने योजना के हितग्राहियों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके आवास निर्माण की स्थिति को समझा। श्रीमती त्रिपाठी ने हितग्राहियों से विशेष रूप से पूछा कि उन्हें आवास निर्माण में किसी प्रकार की समस्या तो नहीं आ रही है। निर्माण कार्य की प्रगति का अवलोकन करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर
दिया कि मानसून आने में अब अधिक समय नहीं बचा है, इसलिए आवास की ढलाई सहित सभी शेष कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि बारिश शुरू होने के बाद निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है, जिससे अधूरा काम रहने पर अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कलेक्टर ने हितग्राहियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें पक्का घर उपलब्ध कराने का अवसर दिया है, जिसका लाभ उठाकर वे अपने सपनों के आशियाने को शीघ्र पूरा करें। उन्होंने बताया कि आवास पूर्ण होने से आगामी बारिश के मौसम में
परिवार को सुरक्षित और सुविधाजनक छत मिल सकेगी। इसके साथ ही, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे निर्माणाधीन आवासों की नियमित निगरानी करें और हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन तथा आवश्यक सहयोग प्रदान करें, ताकि सभी आवास निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे हो सकें। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर भी उपस्थित थीं। यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है, क्योंकि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बना रही है।
- बलरामपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ग्राम चम्पापुर पहुंचीं। उन्होंने निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण किया और चम्पापुर के सरपंच तथा सचिव से विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर ने योजना के हितग्राहियों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके आवास निर्माण की स्थिति को समझा। श्रीमती त्रिपाठी ने हितग्राहियों से विशेष रूप से पूछा कि उन्हें आवास निर्माण में किसी प्रकार की समस्या तो नहीं आ रही है। निर्माण कार्य की प्रगति का अवलोकन करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मानसून आने में अब अधिक समय नहीं बचा है, इसलिए आवास की ढलाई सहित सभी शेष कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि बारिश शुरू होने के बाद निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है, जिससे अधूरा काम रहने पर अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कलेक्टर ने हितग्राहियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें पक्का घर उपलब्ध कराने का अवसर दिया है, जिसका लाभ उठाकर वे अपने सपनों के आशियाने को शीघ्र पूरा करें। उन्होंने बताया कि आवास पूर्ण होने से आगामी बारिश के मौसम में परिवार को सुरक्षित और सुविधाजनक छत मिल सकेगी। इसके साथ ही, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे निर्माणाधीन आवासों की नियमित निगरानी करें और हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन तथा आवश्यक सहयोग प्रदान करें, ताकि सभी आवास निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे हो सकें। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर भी उपस्थित थीं। यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है, क्योंकि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बना रही है।3
- गरियाबंद जिले में सुशासन तिहार के अंतिम चरण के बीच, गरियाबंद ब्लॉक सरपंच संघ ने इसका बहिष्कार कर दिया है। सरपंच संघ ने 29 मई को ही कलेक्टर बीएस उइके को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी थीं, जिसके बाद 3 जून को विकासखंड गरियाबंद के ग्राम आमदी (द) में आयोजित सुशासन तिहार में सरपंचों, जिनमें बड़ी संख्या में महिला सरपंच भी शामिल थीं, ने हिस्सा नहीं लिया। सरपंचों ने आयोजन स्थल के पास ही धरना देकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। यह विरोध प्रदर्शन 27 मई को ग्राम खरहरी में आयोजित सुशासन तिहार स्थल के नजदीक हुई एक घटना से जुड़ा है। कार्यक्रम में पहुंचे कुछ ग्रामीण तेज धूप और गर्मी से बचने के लिए एक विशालकाय पीपल के पेड़ की छांव में खड़े थे, तभी वह पेड़ अचानक गिर गया। इस घटना में कुल 7 लोग घायल हो गए, जिनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। ब्लॉक के सरपंच इन घायलों के समुचित उपचार और उचित मुवावजे की मांग कर रहे हैं। सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष कोमल ध्रुव ने कहा है कि स्थानीय प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जिसके चलते वे आगे उग्र आंदोलन भी कर सकते हैं। सरपंचों और जनपद सदस्यों के बहिष्कार के बाद, आमदी (द) में आयोजित सुशासन तिहार का मंच और पंडाल पूरी तरह खाली नजर आया, क्योंकि स्थानीय निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने मंच पर कोई रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद, भाजपा के पार्टी पदाधिकारियों ने मंच की गरिमा को संभाला और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभवंतित करने के साथ-साथ बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया। इस सबके बावजूद, शिविर में 619 आवेदन प्राप्त हुए। एडिशनल कलेक्टर पंकज डाहीरे के अनुसार, अधिकांश आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों को समय सीमा में निराकरण के लिए संबंधित विभागों को सौंपा गया है। सरपंच संघ की मांगों को लेकर उन्होंने बताया कि घायलों का उपचार आयुष्मान योजना के तहत किया जा रहा है और उनकी अन्य मांगों को शासन स्तर पर प्रेषित किया गया है।1
- संत रामपाल जी महाराज ने एक गरीब और असहाय परिवार को सहारा दिया है। इस मदद से जुड़ा पूरा वीडियो 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर उपलब्ध है, जहाँ दर्शक इस घटना को विस्तार से देख सकते हैं।1
- कांकेर में एक वीडियो सामने आया है जो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पीजी कॉलेज के मेन रोड डिवाइडर से दो भालुओं को सड़क पार करते हुए देखा जा सकता है।1
- गरियाबंद पुलिस ने अवैध गांजा परिवहन के खिलाफ अपनी लगातार कार्रवाई जारी रखते हुए ₹9.45 लाख मूल्य के अवैध गांजे के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में थाना अमलीपदर टीम ने 18.900 किलोग्राम अवैध गांजा, घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। दिनांक 03.06.2026 को थाना अमलीपदर प्रभारी को मुखबिर से विशेष सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति ओडिशा से अमलीपदर थाना क्षेत्र में हीरो एचएफ डिलक्स क्रमांक सीजी-04-एलयू-2550 सिल्वर रंग की मोटरसाइकिल पर भारी मात्रा में अवैध गांजा लेकर आ-जा रहे हैं। इस जानकारी पर तत्काल कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम को ग्राम बिरीघाट भेजा गया जहाँ आम रोड पर नाकाबंदी की गई। चेकिंग के दौरान, मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए और वाहन के आधार पर संदिग्ध आरोपियों को रोका गया। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान हीरालाल केवर्त (उम्र 29 वर्ष, पिता लक्ष्मण केवर्त, निवासी ग्राम मोहरा, थाना चांदाहाण्डी, जिला नवरंगपुर, ओडिशा) और टीकम टोलटिया (उम्र 36 वर्ष, पिता राघव, निवासी ग्राम मोहरा, थाना चांदाहाण्डी, जिला नवरंगपुर, ओडिशा) के रूप में बताई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 18.900 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया, जिसकी कीमत ₹9,45,000 है। इसके अतिरिक्त, घटना में प्रयुक्त हीरो एचएफ डिलक्स मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी-04-एलयू-2550, जिसकी कीमत ₹30,00,000 बताई गई है, और ₹14,000 मूल्य के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। जब्त की गई सभी सामग्री का कुल जुमला ₹9,89,000 बताया गया है। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर, आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। दोनों आरोपी हीरालाल केवर्त और टीकम टोलटिया को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।1
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- आगामी मानसून से पहले बलरामपुर जिले में जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी विकासखंड बलरामपुर के ग्राम चम्पापुर पहुंचीं। भरी दोपहरी में उन्होंने पैदल खेतों की मेड़ नापते हुए मनरेगा के तहत बने मिट्टी बांध तक पहुँचकर जल संरक्षण संरचनाओं का मौके पर अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर ने चम्पापुर में निर्मित बांध की उपयोगिता और ग्रामीणों को मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर भी इस दौरान मौजूद रहीं। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि वर्षा की हर बूंद को सहेजना समय की मांग है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जल संरक्षण संरचनाओं को उपयोग के लिए तैयार रखा जाए, ताकि बारिश के अधिकतम पानी का संरक्षण किया जा सके। कलेक्टर ने 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के तहत हो रहे कार्यों, ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर और सोक-पिट निर्माण को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का स्थानीय स्तर पर संचयन भूजल संवर्धन का सबसे प्रभावी माध्यम है, जिससे जल स्तर में सुधार होगा और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल मिल सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक गांव में वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया। यह उल्लेखनीय है कि चम्पापुर में मनरेगा के तहत बनाए गए मिट्टी बांध से क्षेत्र के लगभग 40 परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं। इस मिट्टी बांध में संरक्षित जल के कारण लगभग 180 से 200 एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इसके परिणामस्वरूप, ग्रामीण किसान गेहूं, मक्का, धान, सरसों और चना जैसी फसलों की खेती कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। ये जल संरक्षण संरचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा और कृषि समृद्धि की एक मजबूत आधारशिला बन रही हैं।3
- भानुप्रतापपुर क्षेत्र की शासकीय अंग्रेजी शराब दुकान में तय कीमत से अधिक दाम वसूलने (ओवररेटिंग) और ग्राहकों से बदसलूकी के एक मामले ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है। दोपहर करीब 3 बजे हुए विवाद के संज्ञान में आने पर, जिला आबकारी विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सेल्समैन भगत सिंह कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हालांकि, विभाग की इस एकतरफा कार्रवाई को आम आदमी पार्टी (AAP) ने 'दिखावे की कार्रवाई' बताते हुए असंतोष व्यक्त किया, क्योंकि शेष कर्मचारियों पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। दरअसल, सेल्समैन भगत सिंह कश्यप द्वारा ग्राहकों से तय दर से अधिक पैसे वसूलने और विरोध करने पर दुर्व्यवहार करने की शिकायत सामने आई थी। निलंबन के बाद भी दुकान की व्यवस्था में सुधार नहीं आया और देर शाम को भी अन्य कर्मचारियों द्वारा धड़ल्ले से ओवररेटिंग जारी रही। इस अवैध वसूली की सूचना मिलते ही आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और शराब दुकान के सामने जमकर हंगामा व विरोध-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं के तीखे तेवर देख मदिरा दुकान के कर्मचारियों ने तुरंत नियमित दर पर शराब बेचना शुरू कर दिया। आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेतृत्व ने साफ किया है कि सिर्फ एक सेल्समैन का निलंबन महज खानापूर्ति है, और इस पूरे गोरखधंधे में दुकान के मैनेजर और बाकी स्टाफ की भी पूरी मिलीभगत है। 'आप' नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आबकारी विभाग एक सप्ताह के भीतर भानुप्रतापपुर अंग्रेजी शराब दुकान के पूरे स्टाफ और मैनेजर को तत्काल प्रभाव से हटाकर ओवररेटिंग पर पूर्णतः अंकुश लगाने की ठोस कार्रवाई नहीं करता है, तो पार्टी प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। अब देखना होगा कि इस अल्टीमेटम के बाद जिला आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन इस शराब दुकान के सिंडिकेट पर क्या कड़ी कार्रवाई करता है।1