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कैबिनेट बैठक में (सेंधवा) वरला माइक्रो सिंचाई परियोजना मंजूर, 33 गांवों को लाभ मिलेगा, भाजपा-कांग्रेस श्रेय लेने में आमने-सामन सेंधवा विधानसभा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित वरला माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नांगलवाड़ी मे आयोजित कृषि कैबिनेट बैठक मेमंजूरी मिल गई है। इस बड़ी घोषणा के बाद क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है और भाजपा-कांग्रेस दोनो ही दल इस योजना का श्रेय लेने की होड़ में लग गए हैं। #pblive #sendhwa #montusolanki #congressvsbjp #viral #panthbhatia

2 hrs ago
user_Panth bhatia
Panth bhatia
Sendhwa, Barwani•
2 hrs ago

कैबिनेट बैठक में (सेंधवा) वरला माइक्रो सिंचाई परियोजना मंजूर, 33 गांवों को लाभ मिलेगा, भाजपा-कांग्रेस श्रेय लेने में आमने-सामन सेंधवा विधानसभा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित वरला माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नांगलवाड़ी मे आयोजित कृषि कैबिनेट बैठक मेमंजूरी मिल गई है। इस बड़ी घोषणा के बाद क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है और भाजपा-कांग्रेस दोनो ही दल इस योजना का श्रेय लेने की होड़ में लग गए हैं। #pblive #sendhwa #montusolanki #congressvsbjp #viral #panthbhatia

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  • सेंधवा विधानसभा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित वरला माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नांगलवाड़ी मे आयोजित कृषि कैबिनेट बैठक मेमंजूरी मिल गई है। इस बड़ी घोषणा के बाद क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है और भाजपा-कांग्रेस दोनो ही दल इस योजना का श्रेय लेने की होड़ में लग गए हैं। #pblive #sendhwa #montusolanki #congressvsbjp #viral #panthbhatia
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    सेंधवा विधानसभा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित वरला माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नांगलवाड़ी मे आयोजित कृषि कैबिनेट बैठक मेमंजूरी मिल गई है। इस बड़ी घोषणा के बाद क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है और भाजपा-कांग्रेस दोनो ही दल इस योजना का श्रेय लेने की होड़ में लग गए हैं।
#pblive #sendhwa #montusolanki #congressvsbjp #viral #panthbhatia
    user_Panth bhatia
    Panth bhatia
    Sendhwa, Barwani•
    2 hrs ago
  • निवाली में कल शाम पांच बजे सहवाग बाबा द्वारा भारी भरकम 11 गाडो को खिंचा जायेगा ढोल ढमाको के साथ बाबा भक्तों के कंधों पर सवार होकर शोभायात्रा के रूप में पहुचेंगे जय मल्हार -जय मल्हार से गुंजायमान होगा नगर आसपास के स्थानो से हजारों लोग पहुचेंगे (स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी 9993772073) निवाली, (बडवानी) 3 मार्च मंगलवार,जय मल्हार सेवा समिति व खेड़ापति सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गाडे खिचाई कार्यक्रम नगर के हेमेन्द्र सिह राजपूत सहवाग बाबा दुसरी बार‌ बस स्टैंड से पिपलेश्वर महादेव मंदीर तक करने जा रहे हैं इसके लिये बेनर पोस्टर व प्रचार वाहनो से आसपास के शहरों गांवों में प्रचार प्रसार किया जा रहा है महिलाओं के लिये व्यवस्था अलग रहेगी नगर के हेमेन्द्र सिंह राजपूत सहवाग बाबा (11 ) जोड़ी लकड़ी के भारी भरकम पहीयो (चक्कों) को जिन्हें आपस में जोडकर लंबी गाड़ी बनाई गई है जिस पर सैकड़ों लोग सवार भी रहेगे ऐसे लगभग 70 क्विंटल वजनी गाडो को अपनी आध्यात्मिक दैवीय शक्ति से बिना मशीन व बिना बैलो के लगभग सौ मीटर से अधिक दुरी तक दौडा देगें हजारों लोग पहुंचेगे गाडा खिंचाई कार्यक्रम स्थल निवाली मे यह गाडे खिचने का कार्यक्रम सहवाग बाबा द्वारा दुसरी बार किया जा रहा है गत वर्ष भी यह कार्य 14 मार्च को किया गया था तब सेंधवा पलसुद पानसेमल खेतिया शहरों व वहा के ग्रामीण क्षेत्र के पांच हजार से अधिक लोग गाडा खिचने का कार्यक्रम देखने आये थे इस वर्ष भी हजारों लोगों के आने की संभावना है कार्यक्रम को व्यवस्थित संचालित करने के लिये 30 से अधिक सदस्यों की विभिन्न प्रकार की समितियों का गठन किया गया है सभी कार्यकर्ताओं द्वारा अपनी जिम्मेदारी पुरी तरह निभाई जा रहीं हैं थाना प्रभारी आरके लौवंशी ने बताया कार्यक्रम आयोजक जय मल्हार समिति व खेड़ापति सेवा समिति के संयुक्त संयोजन तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है समिति के पंकज बंसल ने बताया कार्यक्रम के संबंध में सुरक्षा व निगरानी हेतु पुलिस थाने पर आवेदन दिया गया है पुलिस व्यवस्था भी रहेगी कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम स्थल तक आने वाली सभी बसो को भारी व सभी छोटे बड़े वाहनो का कार्यक्रम स्थल तक आने जाने 12 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक प्रतिबंधित रहेगा व पुलिस व्दारा ड्रोन से निगरानी की जायेगी इसके लिये सहवाग बाबा राजपूत एक सप्ताह पहले महाराष्ट्र के जेजूरी मंदीर खंडेराव भगवान् की पुजा दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर शक्ति प्राप्त करते हैं वहां से आने के बाद अपने नगर के मंदिरों में भी दर्शन पुजन कर शक्ति व आशीर्वाद प्राप्त कर नियम संयम से दैवीय शक्ति के नियमों का पालन करते हैं उन्हें तीन दिन पहले से हल्दी लगाई जाती है वे दुल्हे एक योगी योध्दा के रूप में एक सप्ताह पहले रहते हैं अपने घर में बने मंदीर में पूजन करते हैं कल होगे यह कार्यक्रम कल भारी भरकम ग्यारह जोड़ी गाडो को लकड़ी के पहीयो चक्कों को कार्यक्रम स्थल पर लाकर महीलाओं व्दारा पुजन किया जायेगा विशाल रांगोळी बनाई जायेगी पश्चात लगभग तीन बजे सहवाग बाबा को उनके घर से कंधो पर उठाकर नगर के मंदिरों में दर्शन कर भगवानो से गाडे खिचने के लिये शक्ति व अनुमति लेकर गायत्री मंदीर के पास लकड़ी के खंबे पर दस बारह फिट ऊॅचे स्थापित मकड़ी यंत्र को तीन बार घुमा कर पुनः भक्तों के कंधों पर बैठकर कार्यक्रम स्थल पलसुद रोड बस स्टैंड ले जायेंगे सहवाग बाबा के घर से कार्यक्रम स्थल तक साथ चल रहे सैकड़ों भक्त जय मल्हार- जय मल्हार के उद्घोष लगाते चलेगे साथ ही समिति के सभी कार्यकर्ताओं द्वारा पीले टी शर्ट पहनकर वालियंटर का काम करते हुवे व्यवस्था संभालेंगे दैवीय शक्ति से सहवाग बाबा गाडो को दौडायेगें जोश और दैवीय शक्ति से भरे भक्तों के कंधों पर विराजमान सहवाग बाबा कार्यक्रम स्थल पर पहुचते ही दौड़ कर अंतिम गाडे पर चढ़ते ही खंडोबा बाबा की शक्ति से स्वत: ही चलने लगते हैं बाबा के गाडो पर सवार होते ही सैकड़ों भक्त भी गाडो पर सवार हो जाते है बताते हैं एक जोड़ी पहीयो चक्कों का वजन लगभग दो क्विंटल इस तरह 11 जोड़ी पहीयो चक्कों का वजन लगभग 20 क्विंटल और गाडो पर सवार सौ से अधिक लोगों का वजन पचास क्विंटल इस तरह से सत्तर क्विंटल वजन को लगभग सौ मीटर तक दौडा ने का कार्य सहवाग बाबा द्वारा किया जायेगा कौन है महाराष्ट्र के प्रसिद्ध जेजूरी मंदीर वाले जय मल्हार खंडोबा के बारे में जानिये जेजुरी में खंडोबा मंदिर बहुत प्रसिद्ध है, जिसे मल्हारगौतमेश्वर मंदिर या मार्तंड भैरव मंदिर भी कहते हैं। यह मंदिर भगवान शिव के एक अवतार, खंडोबा को समर्पित है, जो राक्षसों का नाश करने वाले योद्धा देव माने जाते हैं। मंदिर की वास्तुकला हेमाडपंथी शैली में है और यह 718 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जिसे पहुंचने के लिए लगभग 200 पायऱियां चढ़नी पड़ती हैं यह मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि इतिहास और संस्कृति का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां हर साल भंडारा उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें हजारों भक्त भाग लेते हैं
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    निवाली में कल शाम पांच बजे सहवाग बाबा द्वारा  भारी भरकम 11 गाडो को खिंचा जायेगा
ढोल ढमाको के साथ बाबा भक्तों के कंधों पर सवार होकर शोभायात्रा के रूप में पहुचेंगे
जय मल्हार -जय मल्हार से गुंजायमान होगा नगर
आसपास के स्थानो से हजारों लोग
पहुचेंगे
(स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी 9993772073) 
निवाली, (बडवानी) 3 मार्च मंगलवार,जय मल्हार सेवा समिति व खेड़ापति सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गाडे खिचाई कार्यक्रम नगर के हेमेन्द्र सिह राजपूत सहवाग बाबा दुसरी बार‌ बस स्टैंड से पिपलेश्वर महादेव मंदीर तक करने जा रहे हैं इसके लिये बेनर पोस्टर व प्रचार वाहनो से आसपास के शहरों गांवों में प्रचार प्रसार किया जा रहा है महिलाओं के लिये व्यवस्था अलग रहेगी
नगर के हेमेन्द्र सिंह राजपूत सहवाग बाबा (11 ) जोड़ी लकड़ी के भारी भरकम पहीयो (चक्कों) को जिन्हें आपस में जोडकर लंबी गाड़ी बनाई गई है जिस पर सैकड़ों लोग सवार भी रहेगे ऐसे लगभग  70 क्विंटल वजनी गाडो  को अपनी आध्यात्मिक दैवीय शक्ति से बिना मशीन व बिना बैलो के लगभग सौ मीटर से अधिक दुरी तक दौडा देगें
हजारों लोग पहुंचेगे गाडा खिंचाई कार्यक्रम स्थल
निवाली मे यह गाडे खिचने का कार्यक्रम सहवाग बाबा द्वारा दुसरी बार किया जा रहा है गत वर्ष  भी यह कार्य 14 मार्च को किया गया था तब सेंधवा पलसुद पानसेमल खेतिया शहरों व वहा के ग्रामीण क्षेत्र के पांच हजार से अधिक लोग गाडा खिचने का कार्यक्रम देखने आये थे इस वर्ष भी हजारों लोगों के आने की संभावना है 
कार्यक्रम को व्यवस्थित संचालित करने के लिये 30 से अधिक सदस्यों की विभिन्न प्रकार की समितियों का गठन किया गया है सभी कार्यकर्ताओं द्वारा अपनी जिम्मेदारी पुरी तरह निभाई जा रहीं हैं
थाना प्रभारी आरके लौवंशी ने बताया  कार्यक्रम आयोजक जय मल्हार समिति व खेड़ापति सेवा समिति के संयुक्त संयोजन तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है समिति के पंकज बंसल ने बताया कार्यक्रम के संबंध में सुरक्षा व निगरानी हेतु पुलिस थाने पर आवेदन दिया गया है पुलिस व्यवस्था  भी रहेगी कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम स्थल तक आने वाली सभी बसो को भारी व  सभी छोटे बड़े वाहनो का कार्यक्रम स्थल तक आने जाने 12 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक प्रतिबंधित रहेगा व पुलिस व्दारा ड्रोन से निगरानी की जायेगी
इसके लिये सहवाग बाबा राजपूत एक सप्ताह पहले महाराष्ट्र के जेजूरी मंदीर खंडेराव भगवान् की पुजा दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर शक्ति प्राप्त करते हैं वहां से आने के बाद अपने नगर के मंदिरों में भी दर्शन पुजन कर शक्ति व आशीर्वाद प्राप्त कर नियम संयम से दैवीय शक्ति के नियमों का पालन करते हैं उन्हें तीन दिन पहले से हल्दी लगाई जाती है वे दुल्हे एक योगी योध्दा के रूप में एक सप्ताह पहले रहते हैं  अपने घर में बने मंदीर में पूजन करते हैं 
कल होगे यह कार्यक्रम
कल भारी भरकम ग्यारह जोड़ी गाडो को लकड़ी के पहीयो चक्कों को कार्यक्रम स्थल पर लाकर महीलाओं व्दारा पुजन किया जायेगा विशाल रांगोळी बनाई जायेगी पश्चात लगभग तीन बजे  सहवाग बाबा को उनके घर से कंधो पर उठाकर नगर के मंदिरों में दर्शन कर भगवानो से गाडे खिचने के लिये शक्ति व अनुमति लेकर गायत्री मंदीर के पास लकड़ी के खंबे पर दस बारह फिट ऊॅचे स्थापित मकड़ी यंत्र को तीन बार घुमा कर पुनः भक्तों के कंधों पर बैठकर कार्यक्रम स्थल पलसुद रोड बस स्टैंड ले जायेंगे सहवाग बाबा के घर से कार्यक्रम स्थल तक साथ चल रहे सैकड़ों भक्त जय मल्हार- जय मल्हार के उद्घोष लगाते चलेगे साथ ही समिति के सभी कार्यकर्ताओं द्वारा पीले टी शर्ट पहनकर वालियंटर का काम करते हुवे व्यवस्था संभालेंगे
दैवीय शक्ति से सहवाग बाबा गाडो को दौडायेगें 
जोश और दैवीय शक्ति से भरे भक्तों के कंधों पर विराजमान सहवाग बाबा कार्यक्रम स्थल पर पहुचते ही दौड़ कर अंतिम गाडे पर चढ़ते ही खंडोबा बाबा की शक्ति से स्वत: ही चलने लगते हैं बाबा के गाडो पर सवार होते ही सैकड़ों भक्त भी गाडो पर सवार हो जाते है बताते हैं एक जोड़ी पहीयो चक्कों का वजन लगभग दो क्विंटल इस तरह 11 जोड़ी पहीयो चक्कों का वजन लगभग 20 क्विंटल और गाडो पर सवार सौ से अधिक लोगों का वजन पचास क्विंटल इस तरह से सत्तर क्विंटल वजन को लगभग सौ मीटर तक दौडा ने का कार्य सहवाग बाबा द्वारा किया जायेगा
कौन है  महाराष्ट्र के प्रसिद्ध जेजूरी मंदीर वाले जय मल्हार खंडोबा के बारे में जानिये
जेजुरी में खंडोबा मंदिर बहुत प्रसिद्ध है, जिसे मल्हारगौतमेश्वर मंदिर या मार्तंड भैरव मंदिर भी कहते हैं। यह मंदिर भगवान शिव के एक अवतार, खंडोबा को समर्पित है, जो राक्षसों का नाश करने वाले योद्धा देव माने जाते हैं। मंदिर की वास्तुकला हेमाडपंथी शैली में है और यह 718 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जिसे पहुंचने के लिए लगभग 200 पायऱियां चढ़नी पड़ती हैं यह मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि इतिहास और संस्कृति का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां हर साल भंडारा उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें हजारों भक्त भाग लेते हैं
    user_Sunil Soni
    Sunil Soni
    Niwali, Barwani•
    29 min ago
  • राजपुर में होलिका दहन का पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि एवं गाँव पटेल द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना कर होलिका दहन किया गया। इस अवसर पर नगर के कई गणमान्य नागरिकों ने भी पूजा में सहभागिता की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचकर पूजा की और सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण रहा तथा लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। होलिका दहन के साथ ही बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया और नगरवासियों ने शांति, सौहार्द एवं भाईचारे की भावना को बनाए रखने का संकल्प लिया।
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    राजपुर में होलिका दहन का पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि एवं गाँव पटेल द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना कर होलिका दहन किया गया। इस अवसर पर नगर के कई गणमान्य नागरिकों ने भी पूजा में सहभागिता की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचकर पूजा की और सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण रहा तथा लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।
होलिका दहन के साथ ही बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया और नगरवासियों ने शांति, सौहार्द एवं भाईचारे की भावना को बनाए रखने का संकल्प लिया।
    user_Allrounder Rahul Gupta
    Allrounder Rahul Gupta
    पत्रकार राजपुर, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • बड़वानी। संत खांडेराव महाराज और फखरुद्दीन बाबा की स्मृति में निभाई जा रही 831 वर्ष पुरानी गाड़ा खिंचाई की ऐतिहासिक परंपरा इस वर्ष 4 मार्च 2026 (धुलेंडी) को गोधूलि बेला में बड़वानी जिला मुख्यालय, ठीकरी, अंजड़ और शहर के नवलपुरा क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित की जाएगी। विक्रम संवत 1252 से निरंतर चली आ रही यह परंपरा आज भी क्षेत्र की आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बनी हुई है। ठीकरी में होगा आयोजन ठीकरी में आयोजन की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान के साथ होगी। एक दिन पूर्व रात्रि में बाबा खांडेराव महाराज मंदिर से गाड़ों को गाड़ा मैदान लाया जाएगा। धुलेंडी के दिन दोपहर दर्शन के पश्चात मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। गोधूलि बेला में बड़वा एडू यादव के बाहर आने पर सारथी उन्हें कंधे पर बैठाकर गाड़ा मैदान तक ले जाएंगे। मलिहार चौक में पारंपरिक मकड़ी यंत्र घुमाने की रस्म निभाई जाएगी। इसके बाद जैसे ही बड़वा चंदन की जोड़ी को कंधे पर धारण कर गाड़ों को स्पर्श करेंगे, रेल की तरह एक-दूसरे से बंधे भारी-भरकम गाड़े स्वतः चल पड़ेंगे। अंतिम गाड़े के तोरण पार करते ही गाड़ा खिंचाई की रस्म पूर्ण मानी जाएगी। नगर परिषद और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। अंजड़ में बस स्टैंड से भोंगली नदी पुलिया तक सात गाड़े खींचे जाएंगे अंजड़ में भी यह आयोजन शाम 6 बजे से बस स्टैंड क्षेत्र में प्रारंभ होगा। बड़वा संतोष धनगर यादव मोहल्ले से ढोल-नगाड़ों के साथ निकलकर हनुमान मंदिर में पूजन-अर्चन करेंगे और आशीर्वाद लेकर आयोजन स्थल पहुंचेंगे। बस स्टैंड से भोंगली नदी पुलिया तक सात गाड़े खींचे जाएंगे। मकड़ी यंत्र घुमाने के बाद बड़वा का कंधा लगते ही गाड़े जयघोष के बीच चल पड़ेंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। बड़वानी में होगा अलग माहौल बड़वानी शहर के नवलपुरा क्षेत्र में इस वर्ष 20वें वर्ष गाड़ा खिंचाई का आयोजन होगा। लगभग 14 से 15 गाड़ों को एक साथ बांधकर हल्दी-कुंकू से सजाया जाएगा। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में गाड़ों पर सौभाग्य तिलक कर पूजन करेंगी। बड़वा राकेश यादव “खांडेराव-खांडेराव” के जयघोष के साथ गाड़ों को स्पर्श करेंगे और कई टन वजनी गाड़े आगे बढ़ते नजर आएंगे। पूरे मार्ग पर रंगोली और गुलाल से सजावट की जाएगी तथा श्रद्धालु मार्ग के दोनों ओर और मकानों की छतों से इस अद्भुत दृश्य के साक्षी बनेंगे। एकता की मिसाल भी मानी जाती है यह परंपरा हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल भी मानी जाती है। स्थानीय मान्यता के अनुसार संत खांडेराव महाराज और उनके मित्र पीर मोईनुद्दीन चिश्ती वर्षों पूर्व भ्रमण करते हुए ठीकरी पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों को चमत्कार दिखाकर आपसी भाईचारे और गांव की उन्नति के लिए गाड़ा खिंचाई की परंपरा प्रारंभ करने का संदेश दिया। तभी से यादव परिवार के बड़वा इस आयोजन का निर्वहन करते आ रहे हैं। गोधूलि बेला में बड़वा के कंधा लगते ही गाड़ों का चल पड़ना अलग है गोधूलि बेला में बड़वा के कंधा लगते ही गाड़ों का चल पड़ना श्रद्धालुओं के लिए आस्था और चमत्कार का प्रतीक माना जाता है। सदियों से चली आ रही यह परंपरा सामाजिक समरसता, धार्मिक सद्भाव और सांस्कृतिक धरोहर की अनूठी मिसाल है। 4 मार्च 2026 को एक बार फिर बड़वानी जिले में हजारों लोगों की मौजूदगी में यह ऐतिहासिक दृश्य साकार होगा और गाड़ा खिंचाई की परंपरा पूरे श्रद्धाभाव के साथ निभाई जाएगी।
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    बड़वानी। संत खांडेराव महाराज और फखरुद्दीन बाबा की स्मृति में निभाई जा रही 831 वर्ष पुरानी गाड़ा खिंचाई की ऐतिहासिक परंपरा इस वर्ष 4 मार्च 2026 (धुलेंडी) को गोधूलि बेला में बड़वानी जिला मुख्यालय, ठीकरी, अंजड़ और शहर के नवलपुरा क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित की जाएगी। विक्रम संवत 1252 से निरंतर चली आ रही यह परंपरा आज भी क्षेत्र की आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बनी हुई है।
ठीकरी में होगा आयोजन
ठीकरी में आयोजन की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान के साथ होगी। एक दिन पूर्व रात्रि में बाबा खांडेराव महाराज मंदिर से गाड़ों को गाड़ा मैदान लाया जाएगा। धुलेंडी के दिन दोपहर दर्शन के पश्चात मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। गोधूलि बेला में बड़वा एडू यादव के बाहर आने पर सारथी उन्हें कंधे पर बैठाकर गाड़ा मैदान तक ले जाएंगे। मलिहार चौक में पारंपरिक मकड़ी यंत्र घुमाने की रस्म निभाई जाएगी। इसके बाद जैसे ही बड़वा चंदन की जोड़ी को कंधे पर धारण कर गाड़ों को स्पर्श करेंगे, रेल की तरह एक-दूसरे से बंधे भारी-भरकम गाड़े स्वतः चल पड़ेंगे। अंतिम गाड़े के तोरण पार करते ही गाड़ा खिंचाई की रस्म पूर्ण मानी जाएगी। नगर परिषद और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
अंजड़ में बस स्टैंड से भोंगली नदी पुलिया तक सात गाड़े खींचे जाएंगे
अंजड़ में भी यह आयोजन शाम 6 बजे से बस स्टैंड क्षेत्र में प्रारंभ होगा। बड़वा संतोष धनगर यादव मोहल्ले से ढोल-नगाड़ों के साथ निकलकर हनुमान मंदिर में पूजन-अर्चन करेंगे और आशीर्वाद लेकर आयोजन स्थल पहुंचेंगे। बस स्टैंड से भोंगली नदी पुलिया तक सात गाड़े खींचे जाएंगे। मकड़ी यंत्र घुमाने के बाद बड़वा का कंधा लगते ही गाड़े जयघोष के बीच चल पड़ेंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है।
बड़वानी में होगा अलग माहौल
बड़वानी शहर के नवलपुरा क्षेत्र में इस वर्ष 20वें वर्ष गाड़ा खिंचाई का आयोजन होगा। लगभग 14 से 15 गाड़ों को एक साथ बांधकर हल्दी-कुंकू से सजाया जाएगा। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में गाड़ों पर सौभाग्य तिलक कर पूजन करेंगी। बड़वा राकेश यादव “खांडेराव-खांडेराव” के जयघोष के साथ गाड़ों को स्पर्श करेंगे और कई टन वजनी गाड़े आगे बढ़ते नजर आएंगे। पूरे मार्ग पर रंगोली और गुलाल से सजावट की जाएगी तथा श्रद्धालु मार्ग के दोनों ओर और मकानों की छतों से इस अद्भुत दृश्य के साक्षी बनेंगे।
एकता की मिसाल भी मानी जाती है
यह परंपरा हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल भी मानी जाती है। स्थानीय मान्यता के अनुसार संत खांडेराव महाराज और उनके मित्र पीर मोईनुद्दीन चिश्ती वर्षों पूर्व भ्रमण करते हुए ठीकरी पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों को चमत्कार दिखाकर आपसी भाईचारे और गांव की उन्नति के लिए गाड़ा खिंचाई की परंपरा प्रारंभ करने का संदेश दिया। तभी से यादव परिवार के बड़वा इस आयोजन का निर्वहन करते आ रहे हैं।
गोधूलि बेला में बड़वा के कंधा लगते ही गाड़ों का चल पड़ना अलग है
गोधूलि बेला में बड़वा के कंधा लगते ही गाड़ों का चल पड़ना श्रद्धालुओं के लिए आस्था और चमत्कार का प्रतीक माना जाता है। सदियों से चली आ रही यह परंपरा सामाजिक समरसता, धार्मिक सद्भाव और सांस्कृतिक धरोहर की अनूठी मिसाल है। 4 मार्च 2026 को एक बार फिर बड़वानी जिले में हजारों लोगों की मौजूदगी में यह ऐतिहासिक दृश्य साकार होगा और गाड़ा खिंचाई की परंपरा पूरे श्रद्धाभाव के साथ निभाई जाएगी।
    user_पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by Hemant Nagziriya
    2
    Post by Hemant Nagziriya
    user_Hemant Nagziriya
    Hemant Nagziriya
    News Anchor बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • द देखे पूरी रिपोर्ट सुनील सन्नी रिपोर्टर धार 9752452089
    1
    द
देखे पूरी रिपोर्ट सुनील सन्नी रिपोर्टर धार 9752452089
    user_SNY R LIVE MP
    SNY R LIVE MP
    Local News Reporter धरमपुरी, धार, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • संजू सेमसन के बदौलत जीति टीम इंडिया, भेदभाव के बाद भी नही टूटा संजू।
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    संजू सेमसन के बदौलत जीति टीम इंडिया, भेदभाव के बाद भी नही टूटा संजू।
    user_प्रभु रंसोरे
    प्रभु रंसोरे
    महेश्वर, खरगोन, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बड़वानी जिले में मंगलवार को चंद्रग्रहण के प्रभाव के कारण प्रमुख मंदिरों के कपाट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में मंदिरों में पूजा-अर्चना और दर्शन नहीं किए जाते हैं, जिसका पालन करते हुए शहर और ग्रामीण अंचलों के कई प्रसिद्ध मंदिर बंद रखे गए हैं। शहर के वैष्णो देवी मंदिर, श्री सांवरिया सेठ मंदिर, मां कालिका माता मंदिर और संकट मोचन हनुमान मंदिर सहित कई छोटे-बड़े मंदिरों के पट बंद हैं। मंदिर प्रबंधन समितियों ने श्रद्धालुओं को इसकी सूचना पहले ही दे दी थी। मंदिरों के कपाट शाम करीब 7:30 बजे ग्रहण समाप्त होने के बाद खोले जाएंगे। इसके बाद शुद्धिकरण और गंगाजल छिड़काव की विधि-विधान प्रक्रिया के उपरांत नियमित आरती और दर्शन की व्यवस्था बहाल होगी। ग्रहण काल के दौरान श्रद्धालुओं ने अपने घरों में ही जप-तप और पूजा-अर्चना की। कई परिवारों ने ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान की तैयारियां भी की हैं। धार्मिक आस्था के कारण दिनभर मंदिरों के बाहर सन्नाटा पसरा रहा, हालांकि ग्रहण समाप्त होने के बाद शाम को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। मां कालिका माता मंदिर के पुजारी अशोक पंडित ने बताया कि चंद्रग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले प्रभावी हो जाता है। आज लगने वाला चंद्रग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शुरू हो रहा है, जिसके कारण इसका सूतक काल सुबह लगभग 6:20 बजे से ही प्रभावी हो चुका था। इस अवधि में मंदिरों के पट बंद रखे जाते हैं।
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    बड़वानी जिले में मंगलवार को चंद्रग्रहण के प्रभाव के कारण प्रमुख मंदिरों के कपाट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में मंदिरों में पूजा-अर्चना और दर्शन नहीं किए जाते हैं, जिसका पालन करते हुए शहर और ग्रामीण अंचलों के कई प्रसिद्ध मंदिर बंद रखे गए हैं। शहर के वैष्णो देवी मंदिर, श्री सांवरिया सेठ मंदिर, मां कालिका माता मंदिर और संकट मोचन हनुमान मंदिर सहित कई छोटे-बड़े मंदिरों के पट बंद हैं। मंदिर प्रबंधन समितियों ने श्रद्धालुओं को इसकी सूचना पहले ही दे दी थी। मंदिरों के कपाट शाम करीब 7:30 बजे ग्रहण समाप्त होने के बाद खोले जाएंगे। इसके बाद शुद्धिकरण और गंगाजल छिड़काव की विधि-विधान प्रक्रिया के उपरांत नियमित आरती और दर्शन की व्यवस्था बहाल होगी।
ग्रहण काल के दौरान श्रद्धालुओं ने अपने घरों में ही जप-तप और पूजा-अर्चना की। कई परिवारों ने ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान की तैयारियां भी की हैं। धार्मिक आस्था के कारण दिनभर मंदिरों के बाहर सन्नाटा पसरा रहा, हालांकि ग्रहण समाप्त होने के बाद शाम को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है।
मां कालिका माता मंदिर के पुजारी अशोक पंडित ने बताया कि चंद्रग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले प्रभावी हो जाता है। आज लगने वाला चंद्रग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शुरू हो रहा है, जिसके कारण इसका सूतक काल सुबह लगभग 6:20 बजे से ही प्रभावी हो चुका था। इस अवधि में मंदिरों के पट बंद रखे जाते हैं।
    user_पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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