Shuru
Apke Nagar Ki App…
अंजड भगरियो पर उमड़ी जनता
Hemant Nagziriya
अंजड भगरियो पर उमड़ी जनता
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by Hemant Nagziriya2
- राजपुर में होलिका दहन का पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि एवं गाँव पटेल द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना कर होलिका दहन किया गया। इस अवसर पर नगर के कई गणमान्य नागरिकों ने भी पूजा में सहभागिता की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचकर पूजा की और सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण रहा तथा लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। होलिका दहन के साथ ही बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया और नगरवासियों ने शांति, सौहार्द एवं भाईचारे की भावना को बनाए रखने का संकल्प लिया।1
- Post by Sunil Soni4
- Post by दधिवल मानव1
- आदिवासी जय जोहार जय आदिवासी भगोरिया के बारे में जानकारी काफी मजबूत है भगोरिया और मजा भी आएगी देखना चाहते हो तो कांटेक्ट कर सकते हैं और कमेंट में बता सकते हैं तो हम आपको बता देंगे तो जल्दी आ जाओ इंडिया गुजरात खेरवाड़ी लोकेशन सर्च करो खेरवाड़ी गुजरात1
- आलीराजपुर में भगोरिया का रंग, केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मांदल और नागरसिंह ढोल बजाकर दिया संस्कृति संरक्षण का संदेश1
- चतुर्भुज श्री राम मंदिर मांडू में होलिका दहन कार्यक्रम धूम धाम से मनाया गया होलिका दहन चतुर्भुज श्री राम मंदिर मांडू के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर डॉक्टर नरसिंह दास जी महाराज द्वारा क्या गया राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/मांडू नगर में आज होलिका दहन कार्यक्रम बड़ी धूमधाम से मनाया गया। मांडू नगर और आसपास के क्षेत्र की महिलाओं ने शाम होते ही कार्यक्रम स्थल पहुंचकर पूजा-अर्चना की और सुख समृद्धि की कामना की। सबसे पहले होली जलाने की परंपरा मांडू के चतुर्भुज राम मंदिर में है वही पूजा अर्चना कर होलिका दहन किया। पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर डॉ नरसिंह दास महाराज ने जलाई होली होलिका में गाय के गोबर से बने उपले की माला बनाई गई है उस माला में छोटे-छोटे सात उपले बनाकर आज होली में पूजन अर्चन के बाद टांगे गए। मांडू नगर मे परंपरा अनुसार 7 बजे पूजन अर्चन के बाद होलिका दहन किया गया। होली के समय यह माला होलिका के साथ जला दी। इसका उद्देश्य यह होता है कि होली के साथ घर में रहने वाली बुरी नज़र भी जल जाती है और घर में सुख समृद्धि आने लगती है। गाय के गोबर के कंडे से व उपलों से बनी इस होलिका का मध्याह्न से ही विधिवत पूजा प्रारम्भ होने लगी। आज होली के अवसर पर घरों में जो भी बने पकवान बने थे उसका भी भोग लगाया गया पूजा के साथ। आज रात तक शुभ मुहूर्त पर होलिका का दहन किया गया। इस होलिका में नई फसल की गेहूं की बालियों और चने के झंगरी को भी भूना होली की आग में सेंका गया और सीक ने के बाद खाया प्रसाद के रूप में इसे खाया गया। होलिका का दहन हमें समाज की व्याप्त बुराइयों पर अच्छाइयों की विजय त्योहारः मांडू में होलिका दहन कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया, महिलाओं ने पूजा अर्चना कर मन्नत मांगी का प्रतीक है। होली पर्व का आज पहला दिन। होलिका दहन के साथ पाप अंहकार को भस्म कर लोगों ने एक दूसरे के लिए सुख समृद्धि की दुआएं मांगी हैं। सोमवार को मांडू नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों मैं महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर होली के फेरे लगा कर सुख शांति की कामना की। लंबे समय से बीमारियों से ग्रस्त लोगों ने आहूति देकर बीमारियों से छुटकारे की कामना की। वही होलिका दहन के बाद चतुर्भुज राम मंदिर के पुजारी महेंद्र जी वह बटुक छोटे छोटे बच्चों ने होलिका की पूजा की वही आचार्य शुभम जी के द्वारा वैदिक मंत्र का जाप क्या गया वही रामायण मंडल के द्वारा फाग गीत गाए वही वहां पर उपस्थित भाजपा अजजा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष मांडू नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि जयराम गावर,मांडू नगर परिषद उपाध्यक्ष कृष्णा यादव ,भाजपा मन की बात धार जिला ग्रामीण प्रभारी रवींद्र परिहार,चतुर्भुज श्री राम मंदिर ट्रस्टी मांगीलाल जायसवाल,ट्रस्टी अशोक निगम,राहुल सेन मांडव,उज्वल निगम के साथ कई भक्त लोग होलिका दहन में मौजूद रहे ओर पुजा अर्चना की गई पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर डॉक्टर नरसिंह दास जी ने क्या कहा वही चतुर्भुज श्री राम मंदिर मांडू के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर दो नरसिंह दास जी महाराज ने बताया कि होली का ने प्रहलाद को अपनी गोद में बैठ कर जलती आग में प्रवेश क्या लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रहलाद सुरक्षित रहे और होलीका जलकर भस्म हो गई यही कारण है कि हर साल बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में होलिका दहन किया जाता है होलिका दहन की परंपरा सदियों से चली आ रही है3
- आलीराजपुर जिले के आख़िरी भगोरिया में संस्कृति और सियासत का संगम नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार झूमे ढोल-मांदल की थाप पर, हजारों की मौजूदगी में कांग्रेस का भव्य गैर आलीराजपुर। आदिवासी अंचल का विश्वप्रसिद्ध भगोरिया पर्व इस वर्ष जिले के आख़िरी और सबसे बहुप्रतीक्षित आयोजन के रूप में ऐतिहासिक बन गया। सांस्कृतिक वैभव और सियासी संदेशों के अद्भुत संगम ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। कांग्रेस द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। नगरपालिका से टाकीज चौराहे तक भव्य गैर निकाला गया, जिसमें हजारों ग्रामीणजन, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। ढोल-मांदल की गूंज, पारंपरिक वेशभूषा और उत्साह से लबरेज नृत्य दलों ने पूरे शहर को उत्सवमय बना दिया। जिले के अंतिम भगोरिया होने के कारण लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। सबसे आकर्षक क्षण तब आया जब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार स्वयं ढोल की थाप पर थिरकते नजर आए। उन्होंने ‘कुर्राटी’ मारते हुए आदिवासी संस्कृति का उल्लासपूर्वक स्वागत किया। जनसमूह ने तालियों और नारों से उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल,एवं जोबट विधायक सेना महेश पटेल, युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष पुष्पराज पटेल सहित अनेक वरिष्ठ नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उमंग सिंघार ने कहा भगोरिया केवल पर्व नहीं, यह आदिवासी समाज की अस्मिता, स्वाभिमान और परंपरा का प्रतीक है। जिले के अंतिम भगोरिया में इतनी बड़ी भागीदारी यह साबित करती है कि हमारी संस्कृति आज भी जीवंत और मजबूत है।” उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों के विकास और अधिकारों की रक्षा को कांग्रेस की प्राथमिकता बताते हुए प्रदेश सरकार पर भी सवाल उठाए। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए उमंग सिंघार ने कहा—आदिवासियों के बीच आकर क्या वे आदिवासियों की ‘औकात’ देखने आए हैं या आदिवासियो से माफी मांगने?”उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने कहा जिले के आख़िरी भगोरिया में उमड़ा यह जनसैलाब बताता है कि आदिवासी समाज अपनी संस्कृति को लेकर कितना सजग और गर्वित है। यह पर्व हमें एकता, भाईचारे और परंपराओं के संरक्षण का संदेश देता है। आने वाली पीढ़ियों तक इस धरोहर को सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।” उन्होंने प्रतिपक्ष नेता उमंग सिंघार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणजनों का आभार व्यक्त करते हुए भगोरिया एवं होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। विधायक सेना महेश पटेल का बयान जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने कहा—हमारे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जी आज हमारे जिले के अंतिम भगोरिया में शामिल हुए, इसके लिए मैं उनका हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त करती हूँ। साथ ही जिले की जनता का भी धन्यवाद, जिन्होंने इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस भगोरिया को ऐतिहासिक बना दिया। आप सभी के उत्साह और सहभागिता ने हमारी संस्कृति की शक्ति को प्रदर्शित किया है।” ⸻ ऐतिहासिक बना जिले का अंतिम भगोरिया जिले के आख़िरी भगोरिया ने यह साबित कर दिया कि जब परंपरा, संस्कृति और जनभावनाएं एक साथ आती हैं तो वह आयोजन इतिहास बन जाता है। ढोल-मांदल की गूंज, रंग-बिरंगे नृत्य और नेताओं की सहभागिता ने इस पर्व को अविस्मरणीय बना दिया। आलीराजपुर का यह अंतिम भगोरिया संस्कृति, एकता और सशक्त सामाजिक संदेश का प्रतीक बनकर उभरा।1