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3 hrs ago
user_दधिवल मानव
दधिवल मानव
Farmer Gandhwani, Dhar•
3 hrs ago

More news from Dhar and nearby areas
  • Post by दधिवल मानव
    1
    Post by दधिवल मानव
    user_दधिवल मानव
    दधिवल मानव
    Farmer Gandhwani, Dhar•
    3 hrs ago
  • *मप्र नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के अलीराजपुर दौरे के बिच नगर कुक्षी के विजय स्थम्भ चौराहे पर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओ ने आत्मीय स्वागत किया।* *वही कुक्षी क्षेत्र मे जमीन विवाद को लेकर प्रदेश सरकार की रीति नीति का विरोध किया।*
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    *मप्र नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के अलीराजपुर दौरे के बिच नगर कुक्षी के विजय स्थम्भ चौराहे पर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओ ने आत्मीय स्वागत किया।*
*वही कुक्षी क्षेत्र मे जमीन विवाद को लेकर प्रदेश सरकार की रीति नीति का विरोध किया।*
    user_MP 11 NEWS
    MP 11 NEWS
    Court reporter कुक्षी, धार, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by Hemant Nagziriya
    2
    Post by Hemant Nagziriya
    user_Hemant Nagziriya
    Hemant Nagziriya
    News Anchor बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • बड़वानी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 2 मार्च को नागलवाड़ी में आयोजित होने जा रही कृषि कैबिनेट बैठक के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। निमाड़ अंचल के सात जिलों—खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ और आलीराजपुर—को साधने की रणनीति के रूप में इस बैठक को देखा जा रहा है। इन सात जिलों की कुल 28 विधानसभा सीटों में से 14 पर कांग्रेस और 14 पर भाजपा का कब्जा है। ऐसे में 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले आदिवासी वोट बैंक को साधने के लिहाज से यह बैठक अहम मानी जा रही है। नागलवाड़ी में अस्थायी मंत्रालय बैठक का आयोजन शिखरधाम स्थित भिलट देव मंदिर की तलहटी में बने आठ एकड़ के गार्डन में किया जा रहा है। यहां एसी डोम और अस्थायी मंत्रालय का स्वरूप तैयार किया गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष अजय यादव के अनुसार, सुबह करीब 11:30 बजे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक प्रारंभ होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री जुलवानिया में आयोजित भगोरिया हाट में भी शामिल होंगे। यह प्रदेश की छठी डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक है। इससे पहले जबलपुर (भेड़ाघाट), सिंग्रामपुर, महेश्वर, इंदौर और पचमढ़ी में बैठकें हो चुकी हैं। इन मुद्दों पर होगी चर्चा सूत्रों के मुताबिक बैठक में निम्न विषयों पर मंथन संभव है— किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार,उन्नत बीज और बेहतर बाजार व्यवस्था,आय दोगुनी करने की कार्ययोजना मसाला फसलों (मिर्च, हल्दी, धनिया) को बढ़ावा,पशुपालकों को आधुनिक प्रशिक्षण (ब्राजील मॉडल),किसानों के खातों को समग्र आईडी से जोड़ना,कृषि संबंधी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराना उद्यानिकी विभाग द्वारा मसाला फसलों के लिए नई योजना की घोषणा भी संभव बताई जा रही है। फूड प्रोसेसिंग यूनिट की मांग नागलवाड़ी क्षेत्र टमाटर उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। स्थानीय किसान संतोष भायल, दिनेश यादव और मुकेश गेहलोत ने क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग यूनिट (कैचप प्लांट) स्थापित करने की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि यहां का टमाटर देश के 10 से अधिक राज्यों में सप्लाई होता है और निर्यात की भी संभावनाएं हैं। प्रशासनिक तैयारियां पूरी कलेक्टर जयति सिंह ने बताया कि कृषि कैबिनेट को लेकर सुरक्षा, पार्किंग, मंच और वीआईपी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कांग्रेस-भाजपा में जुबानी जंग पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन ने आरोप लगाया कि मोहन सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय नागलवाड़ी को 1900 करोड़ रुपए की सौगात दी गई थी। विधानसभा सत्र समय से पहले समाप्त कर सरकार जनता के सवालों से बच रही है। वहीं भाजपा जिला प्रभारी बाबूलाल यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस के नेताओं ने अपने कार्यकाल में जिले के विकास के लिए ठोस कार्य नहीं किए। चुनावी नजर से अहम बैठक राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, निमाड़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। ऐसे में कृषि कैबिनेट के माध्यम से सरकार विकास और किसान हितैषी निर्णयों का संदेश देना चाहती है।नागलवाड़ी की यह बैठक प्रशासनिक के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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    बड़वानी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 2 मार्च को नागलवाड़ी में आयोजित होने जा रही कृषि कैबिनेट बैठक के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। निमाड़ अंचल के सात जिलों—खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ और आलीराजपुर—को साधने की रणनीति के रूप में इस बैठक को देखा जा रहा है।
इन सात जिलों की कुल 28 विधानसभा सीटों में से 14 पर कांग्रेस और 14 पर भाजपा का कब्जा है। ऐसे में 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले आदिवासी वोट बैंक को साधने के लिहाज से यह बैठक अहम मानी जा रही है।
नागलवाड़ी में अस्थायी मंत्रालय
बैठक का आयोजन शिखरधाम स्थित भिलट देव मंदिर की तलहटी में बने आठ एकड़ के गार्डन में किया जा रहा है। यहां एसी डोम और अस्थायी मंत्रालय का स्वरूप तैयार किया गया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष अजय यादव के अनुसार, सुबह करीब 11:30 बजे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक प्रारंभ होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री जुलवानिया में आयोजित भगोरिया हाट में भी शामिल होंगे।
यह प्रदेश की छठी डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक है। इससे पहले जबलपुर (भेड़ाघाट), सिंग्रामपुर, महेश्वर, इंदौर और पचमढ़ी में बैठकें हो चुकी हैं।
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक बैठक में निम्न विषयों पर मंथन संभव है—
किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार,उन्नत बीज और बेहतर बाजार व्यवस्था,आय दोगुनी करने की कार्ययोजना
मसाला फसलों (मिर्च, हल्दी, धनिया) को बढ़ावा,पशुपालकों को आधुनिक प्रशिक्षण (ब्राजील मॉडल),किसानों के खातों को समग्र आईडी से जोड़ना,कृषि संबंधी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराना
उद्यानिकी विभाग द्वारा मसाला फसलों के लिए नई योजना की घोषणा भी संभव बताई जा रही है।
फूड प्रोसेसिंग यूनिट की मांग
नागलवाड़ी क्षेत्र टमाटर उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। स्थानीय किसान संतोष भायल, दिनेश यादव और मुकेश गेहलोत ने क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग यूनिट (कैचप प्लांट) स्थापित करने की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि यहां का टमाटर देश के 10 से अधिक राज्यों में सप्लाई होता है और निर्यात की भी संभावनाएं हैं।
प्रशासनिक तैयारियां पूरी
कलेक्टर जयति सिंह ने बताया कि कृषि कैबिनेट को लेकर सुरक्षा, पार्किंग, मंच और वीआईपी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
कांग्रेस-भाजपा में जुबानी जंग
पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन ने आरोप लगाया कि मोहन सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय नागलवाड़ी को 1900 करोड़ रुपए की सौगात दी गई थी। विधानसभा सत्र समय से पहले समाप्त कर सरकार जनता के सवालों से बच रही है।
वहीं भाजपा जिला प्रभारी बाबूलाल यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस के नेताओं ने अपने कार्यकाल में जिले के विकास के लिए ठोस कार्य नहीं किए।
चुनावी नजर से अहम बैठक
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, निमाड़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। ऐसे में कृषि कैबिनेट के माध्यम से सरकार विकास और किसान हितैषी निर्णयों का संदेश देना चाहती है।नागलवाड़ी की यह बैठक प्रशासनिक के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
    user_पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • कैलाश विजयवर्गीय जी, कल तक आप आदिवासियों को औकात दिखाने की बात कर रहे थे और आज अलीराजपुर में भगोरिया के पावन उत्सव में शामिल होने का ढोंग कर रहे हैं ? मैं पूछना चाहता हूँ क्या आप यहाँ फिर से आदिवासियों को उनकी औकात दिखाने आए हैं ? - उमंग सिंगार नेता प्रतिपक्ष मध्य प्रदेश विधानसभा
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    कैलाश विजयवर्गीय जी, कल तक आप आदिवासियों को औकात दिखाने की बात कर रहे थे और आज अलीराजपुर में भगोरिया के पावन उत्सव में शामिल होने का ढोंग कर रहे हैं ?
मैं पूछना चाहता हूँ क्या आप यहाँ फिर से आदिवासियों को उनकी औकात दिखाने आए हैं ? - उमंग सिंगार नेता प्रतिपक्ष मध्य प्रदेश विधानसभा
    user_Journalist Akki
    Journalist Akki
    Local News Reporter धार, धार, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *📹सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करना पड़ा भारी। 42 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज📹* *👍LIKE 🧶SHARE & SUBSCRIBE 🎯*
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    *📹सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करना पड़ा भारी। 42 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज📹*
*👍LIKE 🧶SHARE & SUBSCRIBE 🎯*
    user_पत्रकार निलेश शर्मा गुरु
    पत्रकार निलेश शर्मा गुरु
    पत्रकार धार, धार, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • दरअसल रविवार को नेशनल हाईवे पर एक टैंकर पलट गया था जिसमें अज्ञात केमिकल भरा हुआ था जिसे डीजल समझकर ग्रामीण भरने लगे
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    दरअसल रविवार को नेशनल हाईवे पर एक टैंकर पलट गया था जिसमें अज्ञात केमिकल भरा हुआ था जिसे डीजल समझकर ग्रामीण भरने लगे
    user_Vinay Panchal Pitol
    Vinay Panchal Pitol
    रिपोर्टर Jhabua, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • बड़वानी। जिले में आदिवासी समाज का पारंपरिक और बहुप्रतीक्षित भगोरिया हाट पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। 24 फरवरी को पलसूद से शुरू हुए इस सांस्कृतिक पर्व ने अब पूरे जिले को उत्सव के रंग में रंग दिया है। शनिवार को बड़वानी शहर के दशहरा मैदान में आयोजित भगोरिया हाट में हजारों की संख्या में समाजजन उमड़े। सुबह से ही मैदान और आसपास के क्षेत्रों में चहल-पहल का माहौल रहा। दशहरा मैदान में चारों ओर रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियां नजर आए। ढोल-मांदल की गूंज पर समूहों में लोकनृत्य प्रस्तुत किए गए। युवाओं ने पारंपरिक साफा-फेंटा बांधा तो युवतियों ने चांदी के आभूषण और पारंपरिक श्रृंगार से अपनी संस्कृति की झलक पेश की। बुजुर्गों ने लोकगीत गाकर वातावरण को और भी जीवंत बना दिया। पूरा मैदान आदिवासी परंपराओं, संगीत और उल्लास से सराबोर दिखा। परंपरा का पर्व भगोरिया हाट होली पर्व से पूर्व मनाया जाने वाला आदिवासी समाज का प्रमुख उत्सव है। यह केवल खरीद-फरोख्त का बाजार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, पारिवारिक संबंधों और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण अवसर है। भगोरिया को प्रेम और सामाजिक स्वीकृति का प्रतीक भी माना जाता है। होलिका दहन तक जिले के अलग-अलग स्थानों पर हाट आयोजित होते हैं और इसके साथ ही पर्व का समापन होता है। बाजार में रही विशेष रौनक दशहरा मैदान में सजी दुकानों पर कृषि उत्पाद, वन उपज, महुआ, तेंदूपत्ता, स्थानीय हस्तशिल्प, घरेलू सामग्री, श्रृंगार वस्तुएं और पारंपरिक व्यंजन आकर्षण का केंद्र रहे। महिलाओं ने होली पूजन सामग्री की खरीदी की, वहीं बच्चों ने खिलौनों और मिठाइयों का आनंद लिया। त्योहार से एक सप्ताह पहले ही नए कपड़ों और आभूषणों की खरीदारी शुरू हो गई थी। जनप्रतिनिधि भी हुए शामिल भगोरिया हाट के आयोजन में जनप्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की और समाजजनों को शुभकामनाएं दीं। विष्णु बंडे (बड़वानी विधायक प्रतिनिधि) ने कहा कि भगोरिया हाट हमारी आदिवासी संस्कृति की पहचान है और इसे सहेजना सभी की जिम्मेदारी है। वहीं दूधी राम (ग्रामीण) ने बताया कि यह पर्व समाज को एकजुट रखने और परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम है।
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    बड़वानी। जिले में आदिवासी समाज का पारंपरिक और बहुप्रतीक्षित भगोरिया हाट पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। 24 फरवरी को पलसूद से शुरू हुए इस सांस्कृतिक पर्व ने अब पूरे जिले को उत्सव के रंग में रंग दिया है। शनिवार को बड़वानी शहर के दशहरा मैदान में आयोजित भगोरिया हाट में हजारों की संख्या में समाजजन उमड़े। सुबह से ही मैदान और आसपास के क्षेत्रों में 
चहल-पहल का माहौल रहा।
दशहरा मैदान में चारों ओर रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियां नजर आए। ढोल-मांदल की गूंज पर समूहों में लोकनृत्य प्रस्तुत किए गए। युवाओं ने पारंपरिक साफा-फेंटा बांधा तो युवतियों ने चांदी के आभूषण और पारंपरिक श्रृंगार से अपनी संस्कृति की झलक पेश की। बुजुर्गों ने लोकगीत गाकर वातावरण को और भी जीवंत बना दिया। पूरा मैदान आदिवासी परंपराओं, संगीत और उल्लास से सराबोर दिखा।
परंपरा का पर्व
भगोरिया हाट होली पर्व से पूर्व मनाया जाने वाला आदिवासी समाज का प्रमुख उत्सव है। यह केवल खरीद-फरोख्त का बाजार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, पारिवारिक संबंधों और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण अवसर है। भगोरिया को प्रेम और सामाजिक स्वीकृति का प्रतीक भी माना जाता है।
होलिका दहन तक जिले के अलग-अलग स्थानों पर हाट आयोजित होते हैं और इसके साथ ही पर्व का समापन होता है।
बाजार में रही विशेष रौनक
दशहरा मैदान में सजी दुकानों पर कृषि उत्पाद, वन उपज, महुआ, तेंदूपत्ता, स्थानीय हस्तशिल्प, घरेलू सामग्री, श्रृंगार वस्तुएं और पारंपरिक व्यंजन आकर्षण का केंद्र रहे। महिलाओं ने होली पूजन सामग्री की खरीदी की, वहीं बच्चों ने खिलौनों और मिठाइयों का आनंद लिया। त्योहार से एक सप्ताह पहले ही नए कपड़ों और आभूषणों की खरीदारी शुरू हो गई थी।
जनप्रतिनिधि भी हुए शामिल
भगोरिया हाट के आयोजन में जनप्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की और समाजजनों को शुभकामनाएं दीं।
विष्णु बंडे (बड़वानी विधायक प्रतिनिधि) ने कहा कि भगोरिया हाट हमारी आदिवासी संस्कृति की पहचान है और इसे सहेजना सभी की जिम्मेदारी है।
वहीं दूधी राम (ग्रामीण) ने बताया कि यह पर्व समाज को एकजुट रखने और परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम है।
    user_पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    1 day ago
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