Zero Tolerance on Negligence: Assistant Collector’s Surprise Inspection Finds Several Centres Locked — Major Administrative Action” सिंगरौली में सहायक कलेक्टर के पद पर जॉइन करते ही आईएएस सौम्या मिश्रा के सख्त तेवर: औचक निरीक्षण में बंद मिले केंद्र, जिम्मेदारों पर गिरी गाज!” एमपी के सिंगरौली जिले में नई पदस्थापना के साथ ही आईएएस सौम्या मिश्रा (सहायक कलेक्टर ) ने अपने सख्त तेवर दिखाते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। जॉइन करते ही उन्होंने साफ कर दिया कि लापरवाही और अनियमितताओं के लिए अब कोई जगह नहीं है। इसी कड़ी में आंगनवाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया, जहां जो तस्वीर सामने आई, उसने सिस्टम की हकीकत उजागर कर दी। निरीक्षण के दौरान नवजीवन विहार सेक्टर 2 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र, एवं जरहाँ आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 3 केंद्र में निर्धारित समय पर ताले लटकते नजर आए, जिससे यह साफ हो गया कि जिम्मेदार कर्मचारी अपनी ड्यूटी को गंभीरता से नहीं ले रहे। कुछ केंद्रों में कार्यकर्ता अनुपस्थित पाए गए, तो कहीं बच्चों और महिलाओं के लिए जरूरी सुविधाएं पूरी तरह नदारद थीं। पोषण आहार वितरण में भी गड़बड़ियां सामने आईं, जिससे लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित हो रही थीं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि जिन केंद्रों का उद्देश्य बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा की नींव रखना है, वही केंद्र बदहाल स्थिति में नजर आए। रजिस्टरों में अधूरी जानकारी, फर्जी एंट्री और वास्तविकता से मेल न खाने वाले आंकड़े प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरे। यह लापरवाही सीधे तौर पर सरकार की योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती है। सौम्या मिश्रा सहायक कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल ने इन खामियों को बेहद गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के बाद संबंधित सुपरवाइजर प्रियंका द्विवेदी को निलंबित कर दिया गया, वहीं एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पूजा कुशवाहा को पद से पृथक कर दिया गया। इसके साथ ही महिला बाल विकास विभाग के डीपीओ जितेंद्र गुप्ता के वेतन आहरण पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है.इतना ही नही अन्य कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आई, तो और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्र समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग—बच्चों और महिलाओं—के विकास का आधार हैं। ऐसे में यहां किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में निरीक्षण की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ सही तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंच सके। इस सख्त कार्रवाई के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। कई केंद्रों में तत्काल सुधार के प्रयास शुरू हो गए हैं। कर्मचारी समय पर पहुंचने लगे हैं और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि प्रशासन की सख्ती अब असर दिखाने लगी है।
Zero Tolerance on Negligence: Assistant Collector’s Surprise Inspection Finds Several Centres Locked — Major Administrative Action” सिंगरौली में सहायक कलेक्टर के पद पर जॉइन करते ही आईएएस सौम्या मिश्रा के सख्त तेवर: औचक निरीक्षण में बंद मिले केंद्र, जिम्मेदारों पर गिरी गाज!” एमपी के सिंगरौली जिले में नई पदस्थापना के साथ ही आईएएस सौम्या मिश्रा (सहायक कलेक्टर ) ने अपने सख्त तेवर दिखाते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। जॉइन करते ही उन्होंने साफ कर दिया कि लापरवाही और अनियमितताओं के लिए अब कोई जगह नहीं है। इसी कड़ी में आंगनवाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया, जहां जो तस्वीर सामने आई, उसने सिस्टम की हकीकत उजागर कर दी। निरीक्षण के दौरान नवजीवन विहार सेक्टर 2 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र, एवं जरहाँ आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 3 केंद्र में निर्धारित समय पर ताले लटकते नजर आए, जिससे यह साफ हो गया कि जिम्मेदार कर्मचारी अपनी ड्यूटी को गंभीरता से नहीं ले रहे। कुछ केंद्रों में कार्यकर्ता अनुपस्थित पाए गए, तो कहीं बच्चों और महिलाओं के लिए जरूरी सुविधाएं पूरी तरह नदारद थीं। पोषण आहार वितरण में भी गड़बड़ियां सामने आईं, जिससे लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित हो रही थीं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि जिन केंद्रों का उद्देश्य बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा की नींव रखना है, वही केंद्र बदहाल स्थिति में नजर आए। रजिस्टरों में अधूरी जानकारी, फर्जी एंट्री और वास्तविकता से मेल न खाने वाले आंकड़े प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरे। यह लापरवाही सीधे तौर पर सरकार की योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती है। सौम्या मिश्रा सहायक कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल ने इन खामियों को बेहद गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के बाद संबंधित सुपरवाइजर प्रियंका द्विवेदी को निलंबित कर दिया गया, वहीं एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पूजा कुशवाहा को पद से पृथक कर दिया गया। इसके साथ ही महिला बाल विकास विभाग के डीपीओ जितेंद्र गुप्ता के वेतन आहरण पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है.इतना ही नही अन्य कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आई, तो और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्र समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग—बच्चों और महिलाओं—के विकास का आधार हैं। ऐसे में यहां किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में निरीक्षण की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ सही तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंच सके। इस सख्त कार्रवाई के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। कई केंद्रों में तत्काल सुधार के प्रयास शुरू हो गए हैं। कर्मचारी समय पर पहुंचने लगे हैं और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि प्रशासन की सख्ती अब असर दिखाने लगी है।
- *बरगी क्रूज हादसा दोषियों पर सख्त कार्यवाही उच्च स्तरीय जांच समिति गठित:- सीएम डॉ मोहन यादव* *जबलपुर :- बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।* उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताते हुए पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। *मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।* उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनकी क्षति अपूरणीय है, लेकिन इस कठिन समय में सरकार उनके साथ खड़ी है। *उच्च स्तरीय जांच के आदेश* घटना की गहन जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है, जिसमें वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति दुर्घटना के कारण, क्रूज़ संचालन नियमों और अन्य पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्रूज़ संचालन हेतु नई एसओपी (SOP) तैयार की जाएगी। *तत्काल कार्यवाही* लापरवाही के आरोप में कई जिम्मेदारों पर सख्त कार्यवाही की गई है *क्रूज पायलट महेश पटेल,हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं समाप्त होटल मैकल रिसॉर्ट एवं बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी निलंबित रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच* कर विभागीय जांच शुरू राहत और सम्मान की घोषणा मुख्यमंत्री ने बचाव कार्य में जुटे श्रमिकों को 51-51 हजार रुपये देने की घोषणा की। साथ ही रेस्क्यू टीम के सभी जवानों को राज्य सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा। *हादसे में 9 की मौत 28 सुरक्षितगुरुवार को हुए इस हादसे में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।* कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है। राहत-बचाव में जुटी एजेंसियां घटना के तुरंत बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), जिला प्रशासन और सेना के गोताखोरों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। *आर्थिक सहायता का ऐलान* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और राज्य सरकार ने 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।1
- सिंगरौली में सहायक कलेक्टर के पद पर जॉइन करते ही आईएएस सौम्या मिश्रा के सख्त तेवर: औचक निरीक्षण में बंद मिले केंद्र, जिम्मेदारों पर गिरी गाज!” एमपी के सिंगरौली जिले में नई पदस्थापना के साथ ही आईएएस सौम्या मिश्रा (सहायक कलेक्टर ) ने अपने सख्त तेवर दिखाते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। जॉइन करते ही उन्होंने साफ कर दिया कि लापरवाही और अनियमितताओं के लिए अब कोई जगह नहीं है। इसी कड़ी में आंगनवाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया, जहां जो तस्वीर सामने आई, उसने सिस्टम की हकीकत उजागर कर दी। निरीक्षण के दौरान नवजीवन विहार सेक्टर 2 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र, एवं जरहाँ आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 3 केंद्र में निर्धारित समय पर ताले लटकते नजर आए, जिससे यह साफ हो गया कि जिम्मेदार कर्मचारी अपनी ड्यूटी को गंभीरता से नहीं ले रहे। कुछ केंद्रों में कार्यकर्ता अनुपस्थित पाए गए, तो कहीं बच्चों और महिलाओं के लिए जरूरी सुविधाएं पूरी तरह नदारद थीं। पोषण आहार वितरण में भी गड़बड़ियां सामने आईं, जिससे लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित हो रही थीं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि जिन केंद्रों का उद्देश्य बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा की नींव रखना है, वही केंद्र बदहाल स्थिति में नजर आए। रजिस्टरों में अधूरी जानकारी, फर्जी एंट्री और वास्तविकता से मेल न खाने वाले आंकड़े प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरे। यह लापरवाही सीधे तौर पर सरकार की योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती है। सौम्या मिश्रा सहायक कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल ने इन खामियों को बेहद गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के बाद संबंधित सुपरवाइजर प्रियंका द्विवेदी को निलंबित कर दिया गया, वहीं एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पूजा कुशवाहा को पद से पृथक कर दिया गया। इसके साथ ही महिला बाल विकास विभाग के डीपीओ जितेंद्र गुप्ता के वेतन आहरण पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है.इतना ही नही अन्य कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आई, तो और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्र समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग—बच्चों और महिलाओं—के विकास का आधार हैं। ऐसे में यहां किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में निरीक्षण की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ सही तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंच सके। इस सख्त कार्रवाई के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। कई केंद्रों में तत्काल सुधार के प्रयास शुरू हो गए हैं। कर्मचारी समय पर पहुंचने लगे हैं और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि प्रशासन की सख्ती अब असर दिखाने लगी है।1
- सिंगरौली: असहाय ST युवक की कथित पिटाई का वीडियो वायरल, जांच की मांग तेज नई ताकत न्यूज नेटवर्क सिंगरौली। जिले के निगाही CHP मधुकान क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक असहाय अनुसूचित जनजाति (ST) के व्यक्ति के साथ कथित रूप से बर्बर मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग युवक को बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं, जबकि मौके पर मौजूद अन्य लोग मूकदर्शक बने हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, नई ताकत न्यूज नेटवर्क इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता, लेकिन मामले ने क्षेत्र में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों का दावा है कि घटना के दौरान कुछ लोगों ने मारपीट के लिए उकसाया भी, यहां तक कि पैर तोड़ने जैसी बात कही गई। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में मधुकान कंपनी से जुड़े कुछ अधिकारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं, जिनमें डीजीएम विनीत पांडे, एमडी सिंह और जगदीश सिंह का जिक्र किया जा रहा है। आरोप है कि उनके संरक्षण या मौन सहमति में यह घटना हुई। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। गौरतलब है कि आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ लगभग 10-15 दिन पहले नवानगर थाने में एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज होने की भी बात सामने आ रही है। यदि यह तथ्य सही है, तो यह मामला और गंभीर हो जाता है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के साथ इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आती हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं होती हैं। फिलहाल, यह पूरा मामला जांच का विषय बना हुआ है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके। नई ताकत न्यूज नेटवर्क इस मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए है और सत्य सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।1
- सिंगरौली | 'जनगणना 2027' के महाअभियान के तहत शुक्रवार को नगरीय क्षेत्र के जोन क्रमांक 3 में प्रथम चरण (मकान गणना) का गरिमामयी शुभारंभ हुआ। सिंगरौली विधायक श्री रामनिवास शाह, महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रगणकों ने घर-घर जाकर डेटा संकलन का कार्य शुरू किया। सटीक आंकड़े ही विकास का आधार: विधायक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री रामनिवास शाह ने कहा कि जनगणना राष्ट्र निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि "सटीक आंकड़े ही सरकारी योजनाओं की सफलता का आधार होते हैं। जनभागीदारी से ही हमारा जिला और प्रदेश सशक्त होगा।" विधायक ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घर पहुंचने वाले प्रगणकों को बिना किसी झिझक के सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। डिजिटल माध्यम से जुटाई जा रही जानकारी। नगर निगम आयुक्त एवं प्रमुख नगर जनगणना अधिकारी श्रीमती सविता प्रधान के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। प्रथम चरण में मकानों की नंबरिंग के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारी संकलित की जा रही है। प्रगणकों ने जनप्रतिनिधियों को मौके पर ही डिजिटल माध्यम से आंकड़ों के संकलन की प्रक्रिया का डेमो भी दिया। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद। शुभारंभ के अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष सुन्दर लाल शाह, पूर्व महापौर श्रीमती रेनू शाह, नगर जनगणना अधिकारी श्रीमती ज्योति सिंह, एच.एम. श्रीवास्तव, वरिष्ठ समाजसेवी नरेश शाह और वार्ड पार्षद संतोष शाह सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। भास्कर अपडेट: जोन 3 से शुरुआत: नगरीय क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में तैनात किए गए हैं प्रशिक्षित प्रगणक। क्या होगा फायदा: भविष्य की शासकीय योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में ये आंकड़े मील का पत्थर साबित होंगे। अपील: भ्रामक जानकारी न दें, जनगणना दल का सहयोग करें।2
- Post by बमबम दुबे2
- Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel1
- खड़िया परियोजना में दर्दनाक हादसा — एक ही दिन में दो बड़ी घटनाएं! शक्तिनगर क्षेत्र की एनसीएल खड़िया कोयला खदान में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। एक तेज रफ्तार हॉलपैक ने कैम्पर को कुचल दिया, जिसमें चालक दीपक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दूसरी घटना में महंगी ड्रैग लाइन मशीन में आग लगने से भारी नुकसान हुआ। चौंकाने वाली बात: बताया जा रहा है कि मृत चालक के पास वैध ट्रेनिंग सर्टिफिकेट (VTC) तक नहीं था, फिर भी उसे वाहन चलाने दिया गया! हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश, अधिकारियों पर लापरवाही के गंभीर आरोप। एनसीएल मुख्यालय ने दोनों मामलों में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। सवाल उठता है — क्या मजदूरों की जान इतनी सस्ती हो गई है? क्या सुरक्षा नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं? अपनी राय जरूर दें… कमेंट में बताइए, जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होनी चाहिए? #BreakingNews #NCL #Shaktinagar #Accident #CoalMine #JusticeForDeepak #SafetyFirst #ViralNews4
- *बरगी क्रूज हादसा दोषियों पर सख्त कार्यवाही उच्च स्तरीय जांच समिति गठित:- सीएम डॉ मोहन यादव* *जबलपुर :- बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।* उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताते हुए पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। *मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।* उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनकी क्षति अपूरणीय है, लेकिन इस कठिन समय में सरकार उनके साथ खड़ी है। *उच्च स्तरीय जांच के आदेश* घटना की गहन जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है, जिसमें वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति दुर्घटना के कारण, क्रूज़ संचालन नियमों और अन्य पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्रूज़ संचालन हेतु नई एसओपी (SOP) तैयार की जाएगी। *तत्काल कार्यवाही* लापरवाही के आरोप में कई जिम्मेदारों पर सख्त कार्यवाही की गई है *क्रूज पायलट महेश पटेल,हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं समाप्त होटल मैकल रिसॉर्ट एवं बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी निलंबित रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच* कर विभागीय जांच शुरू राहत और सम्मान की घोषणा मुख्यमंत्री ने बचाव कार्य में जुटे श्रमिकों को 51-51 हजार रुपये देने की घोषणा की। साथ ही रेस्क्यू टीम के सभी जवानों को राज्य सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा। *हादसे में 9 की मौत 28 सुरक्षितगुरुवार को हुए इस हादसे में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।* कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है। राहत-बचाव में जुटी एजेंसियां घटना के तुरंत बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), जिला प्रशासन और सेना के गोताखोरों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। *आर्थिक सहायता का ऐलान* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और राज्य सरकार ने 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।1