करमा पर्व पर पहान पुजार ने कराया पूजा, डीसी-एसपी ने अखड़ा में बजाया मांदर गुमला में करमा पर्व के मौके पर कृष्णा छात्रावास परिसर में पारंपरिक करमा पूजा का आयोजन किया गया। इस दौरान पाहन-पुजार द्वारा विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ करम देवता की पूजा-अर्चना कराई गई। पूजा में छात्रावास के विद्यार्थियों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में गुमला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो और पुलिस अधीक्षक हरीश बिन जमा मुख्य रूप से मौजूद रहे। करमा पर्व की पारंपरिक संस्कृति और उत्साह के बीच दोनों अधिकारियों ने अखड़ा में पहुंचकर मांदर बजाया और लोगों का उत्साह बढ़ाया। मांदर की थाप पर अखड़ा में पारंपरिक नृत्य और गीतों का दौर भी चला। इस दौरान पूरा परिसर करमा पर्व के उल्लास में डूबा नजर आया।करमा पर्व प्रकृति, भाई-बहन के प्रेम और सामाजिक एकता का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी संस्कृति और परंपरा की जीवंत झलक देखने को मिली।
करमा पर्व पर पहान पुजार ने कराया पूजा, डीसी-एसपी ने अखड़ा में बजाया मांदर गुमला में करमा पर्व के मौके पर कृष्णा छात्रावास परिसर में पारंपरिक करमा पूजा का आयोजन किया गया। इस दौरान पाहन-पुजार द्वारा विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ करम देवता की पूजा-अर्चना कराई गई। पूजा में छात्रावास के विद्यार्थियों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में गुमला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो और पुलिस अधीक्षक हरीश बिन जमा मुख्य रूप से मौजूद रहे। करमा पर्व की पारंपरिक संस्कृति और उत्साह के बीच दोनों अधिकारियों ने अखड़ा में पहुंचकर मांदर बजाया और लोगों का उत्साह बढ़ाया। मांदर की थाप पर अखड़ा में पारंपरिक नृत्य और गीतों का दौर भी चला। इस दौरान पूरा परिसर करमा पर्व के उल्लास में डूबा नजर आया।करमा पर्व प्रकृति, भाई-बहन के प्रेम और सामाजिक एकता का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी संस्कृति और परंपरा की जीवंत झलक देखने को मिली।
- जगबन्धु ठाकुरबसिया, गुमला, झारखंडसामाजिक सत्भावना कायम रहे शुभकामनाएँ ❤जय श्री सज्जन शामाजिक संतुलन बनाए रखने वालों की जय ❤जय श्रीगणेश...?12 hrs ago
- ⚠️ DSP रोड पर जलजमाव का कहर, छोटे बच्चों को पानी के बीच से गुजरने की मजबूरी! गुमला के डीएसपी रोड में जलजमाव की समस्या एक बार फिर सामने आई है। महज 20 से 25 मिनट की बारिश में पूरा डीएसपी रोड पानी से भर गया, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों को उठानी पड़ी। स्कूल आने-जाने के दौरान बच्चों को जमा पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। कई बच्चे पानी से बचकर निकलने की कोशिश करते नजर आए। वहीं आसपास के स्थानीय लोगों और बुजुर्गों को भी काफी परेशानी हुई। कुछ घरों में बारिश का पानी घुसने की बात भी सामने आई है। खास बात यह है कि डीएसपी रोड की इस समस्या को लेकर लगातार खबरें दिखाई जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद आज भी मौके पर समाधान की कोई खास तस्वीर नजर नहीं आई। अब सवाल है कि आखिर छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को इस परेशानी से कब राहत मिलेगी और डीएसपी रोड की जलनिकासी व्यवस्था कब सुधरेगी?1
- करमा पर्व पर पहान पुजार ने कराया पूजा, डीसी-एसपी ने अखड़ा में बजाया मांदर गुमला में करमा पर्व के मौके पर कृष्णा छात्रावास परिसर में पारंपरिक करमा पूजा का आयोजन किया गया। इस दौरान पाहन-पुजार द्वारा विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ करम देवता की पूजा-अर्चना कराई गई। पूजा में छात्रावास के विद्यार्थियों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में गुमला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो और पुलिस अधीक्षक हरीश बिन जमा मुख्य रूप से मौजूद रहे। करमा पर्व की पारंपरिक संस्कृति और उत्साह के बीच दोनों अधिकारियों ने अखड़ा में पहुंचकर मांदर बजाया और लोगों का उत्साह बढ़ाया। मांदर की थाप पर अखड़ा में पारंपरिक नृत्य और गीतों का दौर भी चला। इस दौरान पूरा परिसर करमा पर्व के उल्लास में डूबा नजर आया।करमा पर्व प्रकृति, भाई-बहन के प्रेम और सामाजिक एकता का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी संस्कृति और परंपरा की जीवंत झलक देखने को मिली।1
- चोरी में संलिप्त दो युवकों को अंजुमन ने पुलिस को सौंपा सिसई अंजुमन इस्लामिया बघनी ने चोरी के आरोपी गांव के दो युवकों, सद्दाम अंसारी और एहतेशाम अंसारी, को पुलिस के हवाले किया है। आरोप है कि दोनों ने गांव निवासी कबीरउद्दीन अंसारी के घर से एक वेल्डिंग मशीन और 12 हजार रुपये की चोरी की थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद अंजुमन इस्लामिया बघनी के सदस्यों ने बैठक कर दोनों युवकों से पूछताछ की। अंजुमन के अनुसार, पूछताछ के दौरान सद्दाम अंसारी ने चोरी की बात स्वीकार की और साथ में एहतेशाम अंसारी का भी चोरी में शामिल होने की बात कही। इसके बाद अंजुमन के पदाधिकारियों ने दोनों को सिसई पुलिस को सौंप दिया ताकि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा सके। अंजुमन इस्लामिया बघनी के सदर आजाद अंसारी ने कहा कि गांव में किसी भी तरह की गलत गतिविधि को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में कानून को हाथ में लेने के बजाय संबंधित व्यक्ति को पुलिस के हवाले कर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कराना ही उचित है। उन्होंने कहा कि गांव के जो भी व्यक्ति चोरी या गलत कामों में शामिल पाए जाएंगे उनको भी कानून के हवाले किया जाएगा l सेक्रेटरी तंमजीद अंसारी ने कहा कि गांव में अमन-चैन और आपसी विश्वास बनाए रखना अंजुमन की प्राथमिकता है। चोरी या किसी भी गलत गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में अंजुमन पुलिस और प्रशासन का सहयोग करेगी और कानून के तहत ही कार्रवाई सुनिश्चित कराने का प्रयास करेगी। मौके पर अंजुमन के सभी मेंबर और काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे1
- सिसई : प्रकृति पर्व करमा महोत्सव में झूमा सिसई, पारंपरिक संस्कृति में रंगे गांव अखरों में करम डाली स्थापित कर विधिवत् पूजा - अर्चना, मांदर की थाप पर रातभर थिरके महिला -पुरुष व युवक -युवतियां सिसई (गुमला)। प्रकृति, आस्था और भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक प्रकृति पर्व करमा महोत्सव सिसई प्रखंड के विभिन्न गांवों में हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। गांवों के अखरों और घर-आंगनों में करम डाली स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान पूरा क्षेत्र पारंपरिक लोकगीत, नृत्य और मांदर की थाप से गूंज उठा। करमा पर्व को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के अखरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। शाम को पाहान-पुजारों की अगुवाई में विधि-विधान के साथ करम डाली स्थापित की गई। इसके बाद व्रतियों ने करम राजा की पूजा-अर्चना कर अपने भाइयों की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद अखरों में पारंपरिक लोकनृत्य का दौर शुरू हुआ। मांदर की थाप और लोकगीतों की धुन पर महिला-पुरुषों के साथ युवक-युवतियां भी देर रात तक नाचते-गाते रहे। ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा और लोक संस्कृति के रंग में रंगकर करमा महोत्सव का आनंद उठाया। कई स्थानों पर अखरा देर रात तक सांस्कृतिक उल्लास का केंद्र बना रहा। मान्यता के अनुसार करमा पर्व भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और पारिवारिक सुख-समृद्धि से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। भाद्रपद एकादशी के अवसर पर बहनें व्रत रखकर करम वृक्ष की डाली को विधिवत लाकर अखरा या घर के आंगन में स्थापित करती हैं। पूजा के दौरान करम राजा से भाइयों की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है। पूजा के बाद करमा से जुड़ी पारंपरिक कथा सुनी जाती है और फिर रातभर लोकगीत एवं नृत्य के माध्यम से पर्व का उल्लास मनाया जाता है। करमा महोत्सव ने एक बार फिर सिसई की समृद्ध आदिवासी एवं लोक संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकजुटता की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की।4
- Post by Anil Gope1
- अखाड़े में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद जलाशयों में करम डाल का विसर्जन, बहनों ने पिरोया जावा खोसा चैनपुर(गुमला): प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार देर शाम करमा का पर्व पारंपरिक श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बहनों ने पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर अपने भाइयों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की।पर्व को लेकर मंगलवार अहले सुबह से ही क्षेत्र के युवा-युवतियों में भारी उत्साह देखा गया। सुबह से ही पूजा स्थल की साफ-सफाई कर उसे आकर्षक ढंग से सजाया गया। इसके पश्चात बैगा व पुरोहित के द्वारा पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ करम की डाल गाड़ी गई।सुबह से उपवास पर रही युवतियों ने मंगलवार शाम को पूजा स्थल पर एकत्र होकर बैगा व पुरोहित के सानिध्य में करम देव की पूजा-अर्चना की और करमा-धर्मा की पौराणिक कथा सुनी।रात भर पारंपरिक गीतों और नृत्यों के बाद बुधवार अहले सुबह श्रद्धालुओं ने निकटतम जलाशयों में जाकर करम डाल का विसर्जन किया। विसर्जन के उपरांत युवतियों ने एक-दूसरे के बालों में 'जावा खोसा' पिरोकर शुभकामनाएं बांटी और पर्व का समापन किया।1
- करमा त्यौहार भाई बहन के अटूट प्यार को दर्शाता है सरना एवं सनातन समुदाय में धूमधाम से मनाया पर्व लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड क्षेत्र में करमा त्यौहार मंगलवार देर रात और बुधवार दिन भर करमा गीत से क्षेत्र गुजमान रहा यह पर्व भाई बहन के अटूट प्यार को दर्शाती है और प्राकृति की रक्षा के लिए मनाया जाता है। इस अवसर पर शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में पर्व मनाया गया और करम डाली का विधिवत पूजन कर बुधवार को विधि विधान के साथ विसर्जन किया गया।1
- ऐतिहासिक अंदाज में मना कर्मा पर्व, संस्कृति के रंग में रंगा गुमला🌿 ऐतिहासिक अंदाज में मना कर्मा पर्व, उरांव छात्रावास में दिखी संस्कृति की भव्य झलक गुमला में कर्मा पर्व इस बार बेहद भव्य और ऐतिहासिक अंदाज में मनाया गया। उरांव छात्रावास में आयोजित कार्यक्रम में पारंपरिक संस्कृति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भूतपूर्व DIG रविन्द्र भगत शामिल हुए, जबकि वरिष्ठ अतिथि के रूप में लक्ष्य फिजिकल एकेडमी के डायरेक्टर नेल्सन भगत मौजूद रहे। इसके अलावा कई गणमान्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। कर्मा पर्व के दौरान पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर पर्व की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम में आदिवासी परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता की शानदार झलक देखने को मिली।1