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देश की संसद सांसदों की है, भाजपा की नहीं। युवाओं के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ आज संसद में आवाज उठाई गई।
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देश की संसद सांसदों की है, भाजपा की नहीं। युवाओं के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ आज संसद में आवाज उठाई गई।
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- जौनपुर के मड़ियाहूं तहसील अंतर्गत रामपुर ब्लॉक के परमालपुर गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी चकमार्ग से अवैध कब्जा हटा दिया है। हाईकोर्ट के आदेश पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया, जिसमें पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा किए गए अवैध कब्जे पर प्रशासन का बुलडोजर गरजा। इस कार्रवाई के तहत करीब 75 मीटर लंबा सरकारी चकमार्ग पूरी तरह से कब्जामुक्त कराया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद प्रशासन ने दो टूक चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- जौनपुर जिले की मछलीशहर तहसील स्थित मुगरा बादशाहपुर के आमाव गाँव में ग्राम प्रधान द्वारा नाली का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन उस पर ढक्कन नहीं लगाया गया है। बिना ढक्कन की इस नाली के कारण आए दिन कोई न कोई व्यक्ति इसमें गिर जाता है। गाँव के छोटे-छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी अक्सर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। इसके अलावा नाली की नियमित सफ़ाई न होने से उसमें बदबू और गंदगी बनी रहती है, जिससे क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में कई बार शिकायत करने के बाद भी ग्राम प्रधान द्वारा समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया है। लोगों ने नाली पर ढक्कन लगवाने और नियमित सफ़ाई की व्यवस्था कराने की माँग की है, ताकि भविष्य में हादसों को रोका जा सके।2
- प्रतापगढ़ के मांधाता विकासखंड स्थित टिकरी गांव में महज हल्की सी बारिश ने जिला प्रशासन के दावों की हवा निकाल दी है। गांव का प्राथमिक विद्यालय पूरी तरह जलमग्न हो गया है और स्कूल का प्रांगण व बरामदा गंदे पानी से लबालब भर चुका है। इस दुर्दशा की असल वजह प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि गांव के ही रसूखदार और दबंग लोगों की दबंगई है। उन्होंने जल निकासी वाली सरकारी जमीन पर मिट्टी डालकर नाले को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है, जिससे बारिश का सारा पानी बाहर निकलने के बजाय सीधे स्कूल परिसर में जमा हो रहा है। स्कूल के टापू बन जाने से मासूम बच्चे गंदे और बदबूदार पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे जहरीले कीड़े-मकोड़ों, सांपों और बीमारियों का खतरा लगातार मंडरा रहा है। इस स्थिति में शिक्षक भी पढ़ाने में लाचार नजर आ रहे हैं। सब कुछ जानते हुए भी प्रशासन मौन साधे बैठा है और तहसीलदार, बीडीओ तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासनिक उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों और अभिभावकों ने मांग की है कि तत्काल अवैध कब्जे को हटाकर जल निकासी का मार्ग बहाल किया जाए, कब्जा करने वाले दबंगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और स्कूल परिसर से तुरंत पानी निकाला जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो यह मामला बड़े जनाक्रोश का रूप ले सकता है।1
- प्रतापगढ़ के पट्टी पुलिस क्षेत्राधिकारी को सरसीखाम (थाना कंधई) निवासी राजीव कुमार ने प्रार्थना पत्र देकर विपक्षी लोगों पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। राजीव कुमार के अनुसार, बीते 3 जुलाई की सुबह करीब 6:30 बजे स्थगन आदेश होने के बावजूद विपक्षी उनका खेत जोत रहे थे। जब इस पर रोक लगाने की कोशिश की गई, तो करीब आधा दर्जन लोग लाठी-डंडे लेकर और गाली-गलौज करते हुए उनके घर पर चढ़ आए। विरोध करने पर हमलावरों ने राकेश कुमार, राजीव कुमार, सूर सती और रंजना देवी को दौड़ा-दौड़ाकर लाठी-डंडों से पीटा, जिससे राजीव कुमार का हाथ टूट गया। इस वारदात के बाद पीड़ित पक्ष ने कन्धई थाने में घटना की तहरीर दी थी और पीड़ित का मेडिकल परीक्षण भी हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। पुलिस द्वारा रिपोर्ट न दर्ज किए जाने से परेशान होकर पीड़ितों ने पट्टी पुलिस क्षेत्राधिकारी से शिकायत की है, जिन्होंने मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।1
- सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की छात्रा पूनम ने नीट में शानदार सफलता हासिल कर दिहाड़ी मजदूर की बेटी से डॉक्टर बनने की दिशा में एक बड़ी उड़ान भरी है। गरीबी को पीछे छोड़ते हुए पूनम की इस कामयाबी ने मेहनत, शिक्षा और सपनों की एक नई मिसाल कायम की है। माननीय मुख्यमंत्री जी की शिक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को साकार करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पूनम की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाया जाएगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और योग्य शिक्षकों की उपलब्धता के जरिए झारखंड का शिक्षा मॉडल आज देश भर के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है।1