Shuru
Apke Nagar Ki App…
प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने संभाला कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार नैनीताल। प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने मंगलवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार संभाल लिया है। राजभवन से नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने विश्वविद्यालय के डीन, निदेशकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय पुस्तकालय का निरीक्षण कर ई-संसाधनों का जायजा लिया। प्रो. बिष्ट ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और उच्च स्तरीय अनुसंधान को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने विशेष रूप से उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्रों की पर्वतीय पारिस्थितिकी, जलवायु परिवर्तन तथा सतत विकास पर शोध को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
Nainital news
प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने संभाला कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार नैनीताल। प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने मंगलवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार संभाल लिया है। राजभवन से नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने विश्वविद्यालय के डीन, निदेशकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय पुस्तकालय का निरीक्षण कर ई-संसाधनों का जायजा लिया। प्रो. बिष्ट ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और उच्च स्तरीय अनुसंधान को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने विशेष रूप से उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्रों की पर्वतीय पारिस्थितिकी, जलवायु परिवर्तन तथा सतत विकास पर शोध को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
More news from उत्तराखंड and nearby areas
- प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने संभाला कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार नैनीताल। प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने मंगलवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार संभाल लिया है। राजभवन से नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने विश्वविद्यालय के डीन, निदेशकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय पुस्तकालय का निरीक्षण कर ई-संसाधनों का जायजा लिया। प्रो. बिष्ट ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और उच्च स्तरीय अनुसंधान को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने विशेष रूप से उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्रों की पर्वतीय पारिस्थितिकी, जलवायु परिवर्तन तथा सतत विकास पर शोध को बढ़ावा देने पर जोर दिया।1
- नंदा देवी महोत्सव के पावन अवसर पर एसपी क्राइम ट्रैफिक नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र ने नैनी झील में किया दीपदान आज सायंकाल सरोवर नगरी नैनीताल में आयोजित नंदा देवी महोत्सव के पावन अवसर पर *एसपी नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र द्वारा नैनी झील में श्रद्धा एवं आस्था के साथ दीपदान* किया गया। इस अवसर पर एसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने दीपदान कर *समस्त प्रदेशवासियों एवं नंदा देवी के भक्तों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य* की कामना की। नंदा देवी महोत्सव उत्तराखंड की *समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक* है।1
- अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी के विरोध में भाजपा ने किया प्रदर्शन अल्मोड़ा। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया टिप्पणी के विरोध में सोमवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने चौघानपाटा में प्रदर्शन किया और राहुल गांधी का पुतला दहन किया। राहुल गांधी ने 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में अजीत डोभाल सहित अन्य लोगों का उल्लेख करते हुए केंद्र की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। प्रदर्शन के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल ने कहा कि अजीत डोभाल ने देश की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर सार्वजनिक चर्चा करते समय राजनीतिक दलों और नेताओं को तथ्यों एवं जिम्मेदारी का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पद पर कार्यरत व्यक्ति के प्रति भाषा की मर्यादा बनाए रखने की बात कही। दर्जा राज्य मंत्री कुंदन लटवाल ने कहा कि अजीत डोभाल उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत व्यक्ति के संबंध में गंभीर आरोप लगाने से पहले प्रमाण और तथ्यों का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से अपनी टिप्पणी को लेकर स्पष्टीकरण देने की मांग की। भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रवि रौतेला ने कहा कि अजीत डोभाल लंबे समय से देश की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बनाने से बचना चाहिए। भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली की आलोचना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन राजनीतिक विमर्श में भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी जरूरी है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर मेयर अजय वर्मा, प्रकाश भट्ट, दर्शन रावत, नवीन बिष्ट, पूनम पालीवाल, मनोज जोशी, संदीप श्रीवास्तव, शैलेंद्र साह सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- नेहरू कॉलोनी पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर मारपीट कर शांति व्यवस्था भंग करने वाले अभियुक्त को गिरफ्तार किया हुड़दंगियों पर दून पुलिस की सख्ती..! नेहरू कॉलोनी पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर मारपीट कर शांति व्यवस्था भंग करने वाले अभियुक्त को गिरफ्तार किया। शराब के नशे में अभियुक्त ने जोमैटो डिलीवरी बॉय से मारपीट की थी।1
- किच्छा में शांतिपूर्वक जारी है नगर निकाय चुनाव का मतदान, जोश और उत्साह के साथ हो रहा है मतदान किच्छा में शांतिपूर्वक जारी है नगर निकाय चुनाव का मतदान किच्छा, 22 सितंबर। किच्छा में नगर निकाय चुनाव के लिए मंगलवार सुबह से मतदान शांतिपूर्वक जारी है। विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाता उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। पंत कॉलोनी और उतरांचल कॉलोनी स्थित बूथ संख्या 67 पर मतदाता कतार में खड़े होकर मतदान करते नजर आए। कार्यालय वरिष्ठ विपणन अधिकारी स्थित बूथ संख्या 22 एवं 23 तथा सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड स्थित बूथ संख्या 14, 15, 16 और 17 पर भी शांतिपूर्ण ढंग से मतदान जारी है। मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से निगरानी की जा रही है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने नवीन फल मंडी स्थित मतदान केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मतदान प्रक्रिया और केंद्र पर उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिले में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो रही है।1
- सफेद एम्बेसेडर का वह गुप्त पड़ाव: दशकों तक बीहड़ के सीने में दफन रहा माँ अवन्तिका और नीम करौली महाराज का यह महा-साक्षात्कार लालकुआं। आज की आधुनिक चकाचौंध, गाड़ियों के अनवरत शोर और व्यस्त बाजारों के पीछे लालकुआं की धरा पर दशकों पुराना एक ऐसा अलौकिक रहस्य छिपा है, जिसकी गूँज आज भी यहाँ की हवाओं में महसूस की जा सकती है। यह वृत्तांत है कैंची धाम के सिद्ध संत बाबा नीम करौली महाराज की गुप्त साधना, माँ अवन्तिका देवी के पुरातन शक्ति स्थल और उनके एक अनन्य साधक स्वर्गीय मदन नारायण पंत के उस अटूट संबंध का, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज होकर भी आज जन-जन के लिए विस्मय और श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। जब सूरज भी डरता था बीहड़ में झांकने से दशकों पूर्व का लालकुआं आज की तरह आबाद और विकसित नहीं था। चारों ओर घने, अभेद्य जंगलों का ऐसा साम्राज्य था जहाँ दोपहर के समय भी सूर्य की किरणें धरती को बमुश्किल छू पाती थीं। खूंखार वन्यजीवों और सन्नाटे से घिरे इसी निर्जन जंगल के बीच स्थित था माँ अवन्तिका देवी का एक अत्यंत प्राचीन, छोटे पत्थरों से निर्मित देवालय। उस दौर में किसी आम इंसान के लिए इस निर्जन अरण्य में अकेले पैर रखने की कल्पना भी रूह कंपा देने वाली थी। किंतु, इसी बीहड़ के सीने में एक महा-रहस्य छिपा था। उस समय जब भी एक सफेद एम्बेसेडर कार जंगलों को चीरती हुई लालकुआं से गुजरती, तो अचानक इस निर्जन शक्ति स्थल के बाहर उसके पहिये थम जाते थे। सन्नाटे में घंटों समाधिस्थ रहते थे महायोगी कार से उतरते थे दिव्य शक्तियों के स्वामी बाबा नीम करौली महाराज। वन के भयावह सन्नाटे की परवाह किए बिना, बाबा सीधे माँ अवन्तिका के सम्मुख पत्थरों के उस छोटे से मंदिर में जा बैठते। वहाँ वे घंटों गहरे ध्यान और महा-समाधि में लीन हो जाते थे। जंगल के उस एकांत में एक सिद्ध संत का माँ जगदम्बा के सम्मुख इस तरह मौन बैठना, वास्तव में आने वाले एक स्वर्णिम आध्यात्मिक युग का गुप्त संकेत था। कोई नहीं जानता था कि माँ अवन्तिका और कैंची धाम के संत के बीच मौन की कौन सी दिव्य भाषा में यह साक्षात्कार चल रहा था। पेट्रोल पंप से शुरू हुई वह जादुई कड़ी इस आध्यात्मिक गाथा का सबसे विस्मयकारी पहलू लालकुआं के एक स्थानीय पेट्रोल पंप से जुड़ा है। मूल रूप से जनपद पिथौरागढ़ के सुदूर पभ्या गाँव के निवासी और लालकुआं में प्रकांड विद्वान के रूप में सम्मानित, उच्च कुलीन ब्राह्मण स्वर्गीय मदन नारायण पंत का आवास उसी पेट्रोल पंप के ठीक पास था जहाँ बाबा की एम्बेसेडर कार में ईंधन भरा जाता था। यह कोई साधारण संयोग नहीं, बल्कि दो उच्च आत्माओं का पूर्व-निर्धारित मिलन था। जैसे ही बाबा की गाड़ी रुकती, पंत जी अपने सारे सांसारिक और व्यावसायिक कार्यों को बिसराकर बाबा की सेवा में समर्पित हो जाते थे। गाड़ी के पास घंटों तक बाबा और पंत जी के बीच धर्म, अध्यात्म और गूढ़ रहस्यों पर गंभीर चर्चा होती। मदन नारायण पंत जी के इस निश्छल समर्पण और सेवा भावना के कारण स्वयं महाराज जी उन पर पुत्रवत स्नेह और असीम कृपा बरसाते थे। वह चमत्कारी रात: जब माँ अवन्तिका ने दिया स्वप्नादेश मदन नारायण पंत जी केवल बाबा के प्रिय सहयोगी ही नहीं, बल्कि माँ भगवती के अनन्य उपासक भी थे। इसी निष्काम साधना के दौर में एक रात उनके जीवन में वह रहस्यमयी मोड़ आया, जिसने पूरे क्षेत्र की नियति बदल दी। घोर सन्नाटे के बीच माँ भगवती अवन्तिका ने साक्षात स्वप्न में दर्शन दिए। उस अविकसित और बीहड़ दौर में माँ ने आदेश दिया कि उसी निर्जन स्थान पर उनके पावन शक्तिपीठ का भव्य पुनरुत्थान किया जाए। स्वप्न से जागते ही पंत जी विस्मय और रोमांच से भर उठे। उन्होंने इसे कोई सामान्य कल्पना नहीं, बल्कि साक्षात ईश्वरीय अधिदेश मानकर अपने जीवन का एकमात्र उद्देश्य बना लिया। इस पुनीत कार्य में उन्हें अपने निष्ठावान सहयोगी स्वर्गीय योगेश गोयल और स्थानीय श्रद्धालुओं का साथ मिला। पंत जी के नेतृत्व में पत्थरों के उस प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार शुरू हुआ। इस नव-निर्माण के दौरान स्वयं बाबा नीम करौली महाराज कई बार मंदिर प्रांगण में पधारे। वे वहाँ मदन नारायण पंत और भक्तों के संग बैठकर माँ अवन्तिका की महिमा का गुणगान करते और अपने दिव्य आशीर्वाद से इस धरा को अभिसिंचित करते। वही पत्थरों का छोटा सा ढांचा आज लाखों की आस्था का भव्य, जाग्रत तीर्थ बन चुका है। प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी: "वह दृश्य आज भी आँखों में तैरता है" स्वर्गीय मदन नारायण पंत जी के ७८ वर्षीय सुपुत्र सुमित्रानंदन पंत आज भी उन अलौकिक पलों को याद करते हुए भाव-विभोर हो उठते हैं। वे बताते हैं: > "बचपन में हमने पूज्य पिताजी की उस अगाध निष्ठा को बहुत करीब से देखा है। जब भी महाराज जी लालकुआं पधारते, हमारे पैतृक आवास पर उनका आगमन एक पावन उत्सव बन जाता था। बाबा घर आते, आध्यात्मिक चर्चा करते और फिर माँ अवन्तिका के मंदिर जाकर ध्यानमग्न हो जाते। पिताजी सब कुछ छोड़कर केवल बाबा की सेवा में रम जाते और कई बार तो बाबा के साथ ही सीधे कैंची धाम चले जाते थे। कैंची धाम का वह दिव्य वातावरण, मंदिर की गतिविधियाँ और महाराज जी का सान्निध्य आज भी मेरे अंतःकरण में उतना ही सजीव है, मानो यह सब कल ही घटा हो।" > लालकुआं की आत्मा में रची-बसी सनातन धरोहर इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर की पुष्टि करते हुए लालकुआं के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष कैलाश चंद्र पंत साझा करते हैं कि बाबा नीम करौली महाराज की दिव्य छवि और उनकी असीम करुणा आज भी लालकुआं की आत्मा में गहराई से स्पंदित हो रही है। उनके अनुसार, बाबा नीम करौली महाराज और उनके परम भक्त स्वर्गीय मदन नारायण पंत की यह गाथा केवल एक स्मृति नहीं, बल्कि लालकुआं की सांस्कृतिक चेतना की रीढ़ है। घने बीहड़ के सीने में रुकने वाली वह सफेद एम्बेसेडर, माँ अवन्तिका का वह रहस्यमयी स्वप्नादेश और पंत परिवार का अटूट समर्पण—यह महा-साक्षात्कार आज भी नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति, निश्छल सेवा और गुरु-भक्ति के शाश्वत प्रकाश से आलोकित कर रहा है। @ रमाकान्त पन्त2
- बाजपुर चीनी मिल कर्मचारियों ने वेतन-भत्तों को लेकर किया प्रदर्शन बाजपुर चीनी मिल कर्मचारियों ने वेतन-भत्तों को लेकर किया प्रदर्शन बाजपुर। वेतन और भत्तों के भुगतान की मांग को लेकर मंगलवार को बाजपुर चीनी मिल के कर्मचारियों ने मिल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए जल्द भुगतान की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की।1
- आशा कार्यकर्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी, कर्मचारी दर्जे और पेंशन की मांग उत्तराखंड के नैनीताल में आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है। यूनियन ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।आशा कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगों में न्यूनतम वेतन निर्धारित करना, निश्चित मानदेय देना, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन की व्यवस्था और राज्य कर्मचारी का दर्जा शामिल है। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में रीढ़ की हड्डी की तरह काम कर रही हैं, लेकिन सरकार उनकी आर्थिक सुरक्षा की अनदेखी कर रही है। यदि सरकार ने इन मांगों को जल्द पूरा नहीं किया, तो कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगी।1