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Earth Day पर Mukand Lal National College Yamunanagar में जागरूकता का संदेश—“Our Power, Our Planet” मुख्य वक्ता रहे अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त धीरज कुमार व प्रिंसिपल डॉ अनिल धवन रहें।
Jagadhri Breaking News
Earth Day पर Mukand Lal National College Yamunanagar में जागरूकता का संदेश—“Our Power, Our Planet” मुख्य वक्ता रहे अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त धीरज कुमार व प्रिंसिपल डॉ अनिल धवन रहें।
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- प्रदर्शन के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। आज देश की महिलाएं जागरूक हैं और अपने अधिकारों के लिए मजबूती से खड़ी हैं। यह रोष प्रदर्शन महिलाओं की आवाज बुलंद करने का प्रतीक है। भारतीय जनता पार्टी सदैव महिला सशक्तिकरण के पक्ष में खड़ी रही है और आगे भी महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।2
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- कैलाश भाई कि मदद कपड़े कि फैक्ट्री है!, मिस्टी हेल्पिंग फाउंडेशन के ट्रस्टी के द्वारा1
- 22-04-2026 आज यमुनानगर के Anand Public School, Professor Colony के बाहर अभिभावकों द्वारा जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन निजी स्कूलों द्वारा की जा रही किताबों की लूट के खिलाफ आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन द्वारा अभिभावकों को विशेष पब्लिशर्स (Publishers) की किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है।1
- गंगोह में अमन गार्डन के पास भीषण आग, खेतों में भारी नुकसान सहारनपुर/गंगोह। अमन गार्डन के नजदीक खेतों में अचानक भीषण आग लगने से इलाके मेंअफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते कई बीघा फसल जलकर राख हो गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, वहीं सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।फिलहाल आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। आशंका जताई जा रही है कि तेज गर्मी या किसी चिंगारी की वजह से आग लगी हो सकती है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है!!! #गंगोह_आग #गेहूं_की_फसल_नष्ट #किसानों_का_नुकसान #दमकल_की_लापरवाही #प्रशासन_पर_सवाल #तेज_हवा_का_कहर #गांव_में_हड़कंप #फसल_तबाही #किसान_परेशान #आर्थिक_नुकसान #BreakingNews #UPNews #SaharanpurNews #FireIncident #FarmersLoss #VillageNews #LocalNews #IndiaNews4
- सहारनपुर। जनपद के नकुड़ में भारत की जनगणना 2027 के लिए प्रगणकों, पर्यवेक्षकों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें घर घर जाकर मकान सूचीकरण, मकानों की गणना एवं जनगणना करने के लिए विस्तार से समझाया गया, इसी के साथ डेमो जनगणना भी कराई गई । स्थानीय किशोरी लाल गांधी मैमोरियल इंटर कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय सुपरवाइजर एवं प्रगणकों को प्रशिक्षण देते हुए फील्ड ट्रेनर्स नाथी राम व मुकेश कुमार कुशवाह ने बताया की भारत की जनगणना 2027 पूर्णतया डिजिटल होनी है, जिसमें सभी पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों को अपनी जिम्मेदारी का पूर्ण रूप से निर्वहन किया जाना है। इस अवसर पर जनगणना इंचार्ज अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने कहा की इस बार की जनगणना डिजिटल होने के साथ साथ स्व गणना का भी विकल्प है। उन्होंने कहा की इस कार्य का सभी कर्तव्य निष्ठा के साथ कार्य करें । जनगणना लिपिक आशीष कुमार शर्मा ने बताया की प्रशिक्षण दो चरणों में दिया जाना है। दूसरा चरण 27 अप्रैल से 29अप्रैल तक चलेगा । प्रशिक्षण में सहेन्दर पाल, राजेश जैन, अनूप कुमार, संगीता रानी, विनोद कुमार, संजय कुमार, संदीप, योगिता बाला, रश्मि, जयबीर समेत 30 सुपरवाइजरों एवं प्रगणकों को प्रशिक्षित किया गया। वीडियो:- प्रशिक्षण देते जनगणना इंचार्ज अधिकारी4
- मीडिया के जमीर से जनता का सवाल: "हम किसके रक्षक और काहे के पत्रकार, जब अपनों की चोट पर ही हम लाचार?" कुरुक्षेत्र की चौपालों से गूंजा कड़वा सच— "जो पत्रकार अपनों के साथ नहीं खड़ा, वो जनता की लड़ाई क्या लड़ेगा?" कुरुक्षेत्र (India News 9 Live): आज कुरुक्षेत्र की जागरूक जनता ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया को वह आईना दिखाया है जिसमें चेहरा देखना शायद हर पत्रकार के लिए मुश्किल होगा। जनता ने किसी राजनेता से नहीं, बल्कि सीधा पत्रकारों की बिरादरी से पूछा है कि आप किसका प्रचार कर रहे हैं और किसकी ढाल बन रहे हैं? आईने के सामने खड़े मीडिया से जनता के सीधे सवाल: लाचार पत्रकार या सरकारी प्रचारक? जनता पूछ रही है कि जब सच दिखाने वाले एक पत्रकार के परिवार को निशाना बनाया जाता है, उसे डराया-धमकाया जाता है, तो बाकी पत्रकार चुप क्यों रहते हैं? क्या हम वाकई जनता की आवाज़ हैं या सिर्फ सत्ता के गुणगान का जरिया बन कर रह गए हैं? अपनों की बेरुखी और जनता का अविश्वास: ग्रामीणों का कहना है कि जब पत्रकार ही पत्रकार के अधिकार के लिए साथ खड़ा नहीं होता, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे? " काहे की भ्रष्टाचार विरोधी सरकार और काहे के फिर पत्रकार, जब हम ही हैं लाचार"—यह जुमला आज हर उस शख्स की ज़ुबान पर है जो मीडिया को उम्मीद की नज़रों से देखता था। भ्रष्टाचार पर मौन क्यों? फैमिली आईडी की गड़बड़ी से डेढ़ साल तक तड़पते गरीब और कटे हुए राशन कार्डों पर मीडिया का एक बड़ा हिस्सा खामोश क्यों है? क्या अधिकारियों के गैर-जिम्मेदार रवैये को उजागर करना अब पत्रकारों के एजेंडे में नहीं रहा? रक्षक या भक्षक की मंशा? जो लोग चौथे स्तंभ को टारगेट कर रहे हैं, वे हमारे बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल रहे हैं। जनता पूछ रही है कि क्या मीडिया इन 'क्रिमिनल माइंडसेट' वाले लोगों के खिलाफ खड़ा होने का साहस दिखाएगा? निष्कर्ष: जनता की खरी-खरी अब वक्त आ गया है कि मीडिया अपनी भूमिका को फिर से पहचाने। जनता का साफ संदेश है—वोट मांगने वाले चेहरे पुराने हो सकते हैं, लेकिन अगर उन्हें आइना दिखाने वाला पत्रकार ही डर गया या बिक गया, तो लोकतंत्र का भविष्य क्या होगा? मीडिया के आत्ममंथन की एक रिपोर्ट— विशाल शर्मा (Freelancer Journalist Researcher) जनता की आवाज1
- जय सिटी कॉलोनी में आज उस समय हड़कंप मच गया जब डीटीपी विभाग की टीम ने अचानक पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी। बिना किसी पूर्व सूचना के हुई इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भारी रोष देखने को मिला। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि उन्हें न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही अपनी बात रखने का मौका मिला। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या बिना प्रक्रिया पूरी किए इस तरह की कार्रवाई जायज है? जगाधरी की जय सिटी कॉलोनी में डीटीपी विभाग की टीम ने कथित अवैध निर्माण को लेकर तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की। टीम के पहुंचते ही कॉलोनी के लोग इकट्टा हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से यहां मकान बनाए हैं और सरकार व नगर निगम के नाम पर सभी जरूरी शुल्क भी जमा करवाए हैं। बावजूद इसके, बिना किसी नोटिस के इस तरह की कार्रवाई करना सरासर अन्याय है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि अधिकारियों ने उनके घरों के सामने गड्ढे खोद दिए और तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।2