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कोरबा दीपका में कोयला चोरी का बड़ा खुलासा: 6 आरोपी गिरफ्तार, 215 टन कोयला जब्त, 3 ट्रेलर-पेलोडर सहित ट्रांसपोर्टर, चालक व खरीदार शामिल, अपराध 168/2026 दर्ज
Dhananajy jangde
कोरबा दीपका में कोयला चोरी का बड़ा खुलासा: 6 आरोपी गिरफ्तार, 215 टन कोयला जब्त, 3 ट्रेलर-पेलोडर सहित ट्रांसपोर्टर, चालक व खरीदार शामिल, अपराध 168/2026 दर्ज
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- अंबिकापुर। सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रजपुरीकला में राशन वितरण में गड़बड़ी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। कई महीनों से राशन नहीं मिलने से नाराज दर्जनों ग्रामीणों ने गुरुवार की देर रात सोसायटी संचालक को बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया तथा संचालक को छुड़ाया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन महीनों से उन्हें नियमित रूप से राशन नहीं मिल रहा है। अप्रैल माह समाप्त होने के बावजूद उस महीने का राशन भी वितरित नहीं किया गया। हालात यह रहे कि लोग लगातार तीन दिनों तक सुबह 4 बजे से राशन दुकान के बाहर लाइन में खड़े रहे, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। ग्रामीण धनीराम प्रजापति ने बताया कि राशन दुकान का कोई तय समय नहीं है और संचालक की लापरवाही के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। हितग्राही विमला और भुनेश्वरी ने भी बताया कि कई दिनों से लाइन में लगने के बावजूद उन्हें चावल तक नहीं मिल पाया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संचालक हरिंद्र प्रसाद राजवाड़े नियमों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से दुकान चला रहे हैं। उनका कहना है कि दुकान महीने में सीमित दिनों के लिए ही खोली जाती है, जबकि नियम अनुसार पूरे माह वितरण होना चाहिए। हालांकि संचालक ने राशन आवंटन में समस्या की बात कही है, जिसे ग्रामीणों ने खारिज कर दिया।1
- बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर से सटे NTPC Limited (सीपत संयंत्र) के खिलाफ अब आर-पार की जंग की तैयारी है। लंबे समय से वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार और शोषण का दंश झेल रहे प्रभावित गांवों के ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे चुका है। 1 मई, मजदूर दिवस के अवसर पर सुखरीपाली स्थित ठाकुर देव द्वार पर एक विशाल जनआंदोलन होने जा रहा है, जिसमें 24 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रबंधन को घेरने की रणनीति तैयार की गई है। वादों की भेंट चढ़ता विश्वास : ग्रामीणों का कहना है कि प्रबंधन ने बार-बार बैठकों और झूठे आश्वासनों के जरिए केवल समय बर्बाद किया है। 9 मार्च को होने वाले आंदोलन को प्रशासन ने यह कहकर रुकवाया था कि 1 मई तक सभी समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। ये क्या जादू है?...🤔 फ्लाई ऐश विभाग में 'करोड़ों का खेल'? - स्थानीय जनप्रतिनिधियों - नरेन्द्र वस्त्रकार और रेवा शंकर साहू - ने फ्लाई ऐश विभाग के AGM पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं। उनकी प्रमुख मांगें और आरोप निम्नलिखित हैं: फर्जी बिलिंग : एक ही वाहन पर कई नेम प्लेट लगाकर फर्जी भुगतान का दावा। अवैध निकासी : 'सेनोस्फीयर' जैसे प्रतिबंधित पदार्थों की चोरी-छिपे निकासी। CBI जांच की मांग : जनप्रतिनिधियों ने AGM के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच की मांग की है ताकि इस 'अरबों के घोटाले' का पर्दाफाश हो सके। श्रम अधिकारों का हनन और रोजगार में धांधली - NTPC प्रबंधन पर स्थानीय युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप है: आरक्षण की अनदेखी : आदिवासियों के लिए आरक्षित 152 पद सालों से लंबित हैं। भर्ती में भ्रष्टाचार : 692 पदों की भर्ती में गड़बड़ी और बाहरी लोगों को प्राथमिकता देने के आरोप। न्यूनतम मजदूरी का उल्लंघन : Minimum Wages Act, 1948 के तहत तय ₹541 की जगह मजदूरों को केवल ₹300–350 थमाए जा रहे हैं। पर्यावरण और किसानी पर प्रहार : राख डाइक (Ash Dyke) से होने वाले रिसाव ने क्षेत्र में तबाही मचा रखी है: बंजर होती जमीन : रिसाव के कारण उपजाऊ खेत दलदल में बदल रहे हैं और नहरें जाम हो चुकी हैं। स्वास्थ्य संकट : उड़ती राख से इंसानों और मवेशियों की जान पर बन आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह Environment Protection Act, 1986 और NGT के नियमों का सीधा उल्लंघन है। जर्जर बुनियादी ढांचा और CSR की विफलता : Companies Act, 2013 के तहत मिलने वाले CSR फंड का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। ओवरलोडिंग की मार : 14 टन क्षमता वाली सड़कों पर 70 टन के भारी वाहन दौड़ रहे हैं। खंडहर होता क्षेत्र : प्रसिद्ध "घूमना पुल" बीते 4 वर्षों से जर्जर है, लेकिन मरम्मत की सुध लेने वाला कोई नहीं। "हक मांगने पर मिलती है धमकी" ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब भी वे अपने जायज अधिकारों की मांग करते हैं, प्रबंधन उन्हें National Security Act (रासुका) के तहत कार्रवाई करने की धमकी देकर डराने की कोशिश करता है। मौन है प्रबंधन - इस पूरे विवाद पर जब संबंधित AGM का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। उनकी यह चुप्पी आरोपों को और अधिक हवा दे रही है। आगे क्या? - कल का सूर्योदय NTPC प्रबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण होने वाला है। मजदूर दिवस पर होने वाला यह जनआंदोलन न केवल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा करेगा, बल्कि प्रशासन की निष्पक्षता की भी परीक्षा लेगा।3
- Post by Dhananajy jangde1