रायबरेली में पीडब्ल्यूडी की डामरीकरण सड़क बनी मुसीबत, जर्जर हालत से ग्रामीणों में आक्रोश उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा बनाई गई डामरीकरण सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रायबरेली-सुल्तानपुर मार्ग से जुड़कर छेदी का पुरवा ग्राम होते हुए सरायं मुगला तक बनाई गई यह सड़क अब पूरी तरह जर्जर और खस्ता हाल में पहुंच गई है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण में भारी लापरवाही बरती गई है। सड़क की डामर परत किनारों पर खिसक गई है, जबकि बीच में बोल्डर और गिट्टियां ऊपर आ गई हैं। इससे सड़क पर चलना खतरनाक हो गया है, खासकर मोड़ों पर वाहन फिसलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। कई लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। स्थानीय निवासी सुरेश कुमार, निजामुद्दीन और कमलेश कुमार सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण मानकों के विपरीत किया गया है। उन्होंने बताया कि इस समस्या की शिकायत पहले भी संबंधित विभाग से की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने आज, शुक्रवार 20 मार्च 2026 को सुबह करीब 9 बजे सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया, तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर बड़े स्तर पर शिकायत दर्ज कराएंगे। ग्रामीणों की मांग है कि सड़क की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।
रायबरेली में पीडब्ल्यूडी की डामरीकरण सड़क बनी मुसीबत, जर्जर हालत से ग्रामीणों में आक्रोश उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा बनाई गई डामरीकरण सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रायबरेली-सुल्तानपुर मार्ग से जुड़कर छेदी का पुरवा ग्राम होते हुए सरायं मुगला तक बनाई गई यह सड़क अब पूरी तरह जर्जर और खस्ता हाल में पहुंच गई है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण में भारी लापरवाही बरती गई है। सड़क की डामर परत किनारों पर खिसक गई है, जबकि बीच में बोल्डर और गिट्टियां ऊपर आ गई हैं। इससे सड़क पर चलना खतरनाक हो गया है, खासकर मोड़ों पर वाहन फिसलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। कई लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। स्थानीय निवासी सुरेश कुमार, निजामुद्दीन और कमलेश कुमार सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण मानकों के विपरीत किया गया है। उन्होंने बताया कि इस समस्या की शिकायत पहले भी संबंधित विभाग से की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने आज, शुक्रवार 20 मार्च 2026 को सुबह करीब 9 बजे सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया, तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर बड़े स्तर पर शिकायत दर्ज कराएंगे। ग्रामीणों की मांग है कि सड़क की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।
- रायबरेली में पीडब्ल्यूडी की डामरीकरण सड़क बनी मुसीबत, जर्जर हालत से ग्रामीणों में आक्रोश उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा बनाई गई डामरीकरण सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रायबरेली-सुल्तानपुर मार्ग से जुड़कर छेदी का पुरवा ग्राम होते हुए सरायं मुगला तक बनाई गई यह सड़क अब पूरी तरह जर्जर और खस्ता हाल में पहुंच गई है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण में भारी लापरवाही बरती गई है। सड़क की डामर परत किनारों पर खिसक गई है, जबकि बीच में बोल्डर और गिट्टियां ऊपर आ गई हैं। इससे सड़क पर चलना खतरनाक हो गया है, खासकर मोड़ों पर वाहन फिसलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। कई लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। स्थानीय निवासी सुरेश कुमार, निजामुद्दीन और कमलेश कुमार सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण मानकों के विपरीत किया गया है। उन्होंने बताया कि इस समस्या की शिकायत पहले भी संबंधित विभाग से की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने आज, शुक्रवार 20 मार्च 2026 को सुबह करीब 9 बजे सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया, तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर बड़े स्तर पर शिकायत दर्ज कराएंगे। ग्रामीणों की मांग है कि सड़क की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।1
- Post by MANJEET PAL Dainik Bhaskar1
- जगतपुर क्षेत्र के विश्वनाथगंज चौराहा पर एक व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया और सड़क जाम कर दी। परिजनों के अनुसार, मृतक ने बैंक से लोन लेने के लिए आवेदन किया था, लेकिन लोन स्वीकृत नहीं हो रहा था। आरोप है कि संबंधित लोन अधिकारी ने उनसे तीन चेक साइन करवा लिए और भरोसा दिलाया कि लोन पास हो जाएगा। परिवार का कहना है कि लोन तो नहीं मिला, लेकिन उन साइन किए गए चेक के जरिए खाते से पैसा निकाल लिया गया, जबकि लोन की राशि उनके खाते में नहीं पहुंची। बताया जा रहा है कि करीब एक साल बाद वसूली करने वाले लोग उनके घर पहुंचने लगे और लगातार परेशान करने लगे। परिजनों का आरोप है कि इसी मानसिक दबाव और तनाव के कारण मृतक डिप्रेशन में चले गए और उन्हें हार्ट अटैक आ गया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने विश्वनाथगंज चौराहा पर जाम लगा दिया। यह जाम विश्वनाथगंज से मधवापुर तक फैल गया, जिससे सैकड़ों वाहन सड़क पर फंस गए और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिजन मांग कर रहे हैं कि उनके साथ हुए कथित धोखाधड़ी की जांच की जाए और उनका पैसा वापस दिलाया जाए। फिलहाल मौके पर भारी संख्या में लोग मौजूद हैं और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद ही जाम खुलने की संभावना है।1
- रायबरेली जनपद के गदागंज थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली वारदात— युवक ने व्यक्ति को गुमराह कर गुप्त स्थान पर ले जाकर बेल्ट से की बेरहमी से पिटाई, वीडियो वायरल #raebarelinews #रायबरेली #raebareliwaale #raebareliwaale1
- रायबरेली में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जिले के सभी देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।शहर के लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराने मनसा देवी मंदिर में तड़के भोर से ही भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।नवरात्रि के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने बताया कि सभी प्रमुख मंदिरों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खासतौर पर मंदिर परिसरों के बाहर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। स्थान -रायबरेली रिपोर्ट -बलवंत कुमार1
- Post by ललित अपराध लाइव न्यूज़ चैनल उत्तर प्रदेश1
- ऊँचाहार, रायबरेली। एनटीपीसी (NTPC) ऊँचाहार परियोजना में कार्यरत आउटसोर्सिंग श्रमिकों ने पिछले कई महीनों से वेतन न मिलने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में श्रमिकों ने एकत्र होकर अपनी मांगों के संबंध में एनटीपीसी के 'उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन विभाग)' को एक सामूहिक प्रार्थना पत्र सौंपा। चार माह से नहीं मिला मेहनताना श्रमिकों द्वारा सौंपे गए पत्र के अनुसार, वे 'ऐश हैंडलिंग विभाग' (Ash Handling Department) में इंटरप्राइजेज (ठेकेदार: रमेश चंद्र गुप्ता) के माध्यम से कार्यरत हैं। श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें 26 नवंबर 2025 से अब तक का वेतन नहीं दिया गया है। करीब चार महीने बीत जाने के बाद भी वेतन न मिलने से श्रमिकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार के भरण-पोषण का संकट श्रमिकों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि वेतन के अभाव में उन्हें दैनिक जरूरतों, बच्चों की फीस और दवाओं के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित कर्मचारियों ने बताया कि ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। श्रमिकों की मांग पत्र में तेज सिंह, उमेश, देवेन्द्र मिश्रा, आनंद तिवारी समेत दर्जनों श्रमिकों के हस्ताक्षर हैं। इन्होंने प्रबंधन से विनम्र निवेदन किया है कि मामले का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द बकाया वेतन का भुगतान कराया जाए। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे आगे की रणनीति बनाने को विवश होंगे।1
- रायबरेलीः सड़क पर शव रखकर ग्रामीणों ने बोला हल्ला व्यापारी की मौत से नाराज दिखे परिजन व ग्रामीण लोन का पैसा न जमा करने पर धमकाने का आरोप धमकी की वजह से सुरेश की हुई मौत परिजन बैंक से 5 लाख का मृतक का हुआ था लोन बैंक कर्मचारियों पर धमकी देने का आरोप दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े परिजन जगतपुर थाना क्षेत्र के विश्वनाथगंज गांव की घटना1