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सपा नेता डॉ शुएबुल इस्लाम के नेतृत्व में कार्यकर्ता बलिया मुख्यालय रवाना सिकंदरपुर (बलिया) मान्यवर कांशीराम साहब जी की 92 वी जयंती के अवसर पर जनपद बलिया मुख्यालय पर आयोजित बहुजन दिवस पी डी ए दिवस पर विधान सभा क्षेत्र सिकंदरपुर से 2027 के प्रबल दावेदार समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता डा सैयद शुएबुल इस्लाम के नेतृत्व में भारी संख्या में दलित समाज मुख्यालय के लिए रवाना हुए।उक्त कार्यक्रम में बहुजन जत्था को सिकंदरपुर बस स्टैंड पर से वरिष्ठ समाजसेवी राजेंद्र प्रसाद के द्वारा झंडी दिखा कर रवाना किया गया। इस अवसर पर बहुजन समाज के महानायक मान्यवर कांशीराम जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए श्री इसलाम ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी ने अपना पूरा जीवन वंचित,शोषित और पिछड़े समाज को सम्मान,अधिकार और राजनीतिक भागीदारी दिलाने के संघर्ष में समर्पित कर दिया,उनका संघर्ष और विचार आज भी सामाजिक न्याय और समानता की राह दिखाते हैं। इस दौरान मुख्य रूप से रियाज़ अहमद, मु वारिस, राम अवध चौहान, मुन्ना राम, पूर्व ज़िला पंचायत सदस्य भगवत दास प्रेमी,रंजन राय राजेन्द्र प्रसाद,निरंजन दास संतोष कुमार भारती अशोक यादव, रामकुअर, मिठाईलाल, शिवकुमार, आनन्द कुमार, प्रेमचन्द, रमाशंकर, हरेराम, लल्लन, राकेश, सीमा देवी, देवंती देवी दुर्गा देवी, सीमा देवी, राधिका देवी, मुनरी देवी चंदू देवी, आशा देवी, शान्ति देवी, कुसुम देवी, पुष्पा देवी, मुनिया देवी, सुभवती देवी, श्रवण, प्रिन्स, परशुराम,आदि शामिल रहे।

1 hr ago
user_गंगा 24 ख़बर
गंगा 24 ख़बर
पत्रकार Sikanderpur, Ballia•
1 hr ago

सपा नेता डॉ शुएबुल इस्लाम के नेतृत्व में कार्यकर्ता बलिया मुख्यालय रवाना सिकंदरपुर (बलिया) मान्यवर कांशीराम साहब जी की 92 वी जयंती के अवसर पर जनपद बलिया मुख्यालय पर आयोजित बहुजन दिवस पी डी ए दिवस पर विधान सभा क्षेत्र सिकंदरपुर से 2027 के प्रबल दावेदार समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता डा सैयद शुएबुल इस्लाम के नेतृत्व में भारी संख्या में दलित समाज मुख्यालय के लिए रवाना हुए।उक्त कार्यक्रम में बहुजन जत्था को सिकंदरपुर बस स्टैंड पर से वरिष्ठ समाजसेवी राजेंद्र प्रसाद के द्वारा झंडी दिखा कर रवाना किया गया। इस अवसर पर बहुजन समाज के महानायक मान्यवर कांशीराम जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए श्री इसलाम ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी ने अपना पूरा जीवन वंचित,शोषित और पिछड़े समाज को सम्मान,अधिकार और राजनीतिक भागीदारी दिलाने के संघर्ष में समर्पित कर दिया,उनका संघर्ष और विचार आज भी सामाजिक न्याय और समानता की राह दिखाते हैं। इस दौरान मुख्य रूप से रियाज़ अहमद, मु वारिस, राम अवध चौहान, मुन्ना राम, पूर्व ज़िला पंचायत सदस्य भगवत दास प्रेमी,रंजन राय राजेन्द्र प्रसाद,निरंजन दास संतोष कुमार भारती अशोक यादव, रामकुअर, मिठाईलाल, शिवकुमार, आनन्द कुमार, प्रेमचन्द, रमाशंकर, हरेराम, लल्लन, राकेश, सीमा देवी, देवंती देवी दुर्गा देवी, सीमा देवी, राधिका देवी, मुनरी देवी चंदू देवी, आशा देवी, शान्ति देवी, कुसुम देवी, पुष्पा देवी, मुनिया देवी, सुभवती देवी, श्रवण, प्रिन्स, परशुराम,आदि शामिल रहे।

More news from Ballia and nearby areas
  • सपा नेता डॉ शुएबुल इस्लाम के नेतृत्व में कार्यकर्ता बलिया मुख्यालय रवाना सिकंदरपुर (बलिया) मान्यवर कांशीराम साहब जी की 92 वी जयंती के अवसर पर जनपद बलिया मुख्यालय पर आयोजित बहुजन दिवस पी डी ए दिवस पर विधान सभा क्षेत्र सिकंदरपुर से 2027 के प्रबल दावेदार समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता डा सैयद शुएबुल इस्लाम के नेतृत्व में भारी संख्या में दलित समाज मुख्यालय के लिए रवाना हुए।उक्त कार्यक्रम में बहुजन जत्था को सिकंदरपुर बस स्टैंड पर से वरिष्ठ समाजसेवी राजेंद्र प्रसाद के द्वारा झंडी दिखा कर रवाना किया गया। इस अवसर पर बहुजन समाज के महानायक मान्यवर कांशीराम जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए श्री इसलाम ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी ने अपना पूरा जीवन वंचित,शोषित और पिछड़े समाज को सम्मान,अधिकार और राजनीतिक भागीदारी दिलाने के संघर्ष में समर्पित कर दिया,उनका संघर्ष और विचार आज भी सामाजिक न्याय और समानता की राह दिखाते हैं। इस दौरान मुख्य रूप से रियाज़ अहमद, मु वारिस, राम अवध चौहान, मुन्ना राम, पूर्व ज़िला पंचायत सदस्य भगवत दास प्रेमी,रंजन राय राजेन्द्र प्रसाद,निरंजन दास संतोष कुमार भारती अशोक यादव, रामकुअर, मिठाईलाल, शिवकुमार, आनन्द कुमार, प्रेमचन्द, रमाशंकर, हरेराम, लल्लन, राकेश, सीमा देवी, देवंती देवी दुर्गा देवी, सीमा देवी, राधिका देवी, मुनरी देवी चंदू देवी, आशा देवी, शान्ति देवी, कुसुम देवी, पुष्पा देवी, मुनिया देवी, सुभवती देवी, श्रवण, प्रिन्स, परशुराम,आदि शामिल रहे।
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    सपा नेता डॉ शुएबुल इस्लाम के नेतृत्व में कार्यकर्ता बलिया मुख्यालय रवाना 
सिकंदरपुर (बलिया) मान्यवर कांशीराम साहब जी की 92 वी जयंती के अवसर पर जनपद बलिया मुख्यालय पर आयोजित बहुजन दिवस पी डी ए दिवस पर विधान सभा क्षेत्र सिकंदरपुर से 2027 के प्रबल दावेदार समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता डा सैयद शुएबुल इस्लाम के नेतृत्व में भारी संख्या में दलित समाज मुख्यालय के लिए रवाना हुए।उक्त कार्यक्रम में बहुजन जत्था को सिकंदरपुर बस स्टैंड पर से वरिष्ठ समाजसेवी राजेंद्र प्रसाद के द्वारा झंडी दिखा कर रवाना किया गया।
इस अवसर पर बहुजन समाज के महानायक मान्यवर कांशीराम जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए श्री इसलाम ने कहा कि
मान्यवर कांशीराम जी ने अपना पूरा जीवन वंचित,शोषित और पिछड़े समाज को सम्मान,अधिकार और राजनीतिक भागीदारी दिलाने के संघर्ष में समर्पित कर दिया,उनका संघर्ष और विचार आज भी सामाजिक न्याय और समानता की राह दिखाते हैं।
इस दौरान मुख्य रूप से रियाज़ अहमद, मु वारिस, राम अवध चौहान, मुन्ना राम, पूर्व ज़िला पंचायत सदस्य भगवत दास प्रेमी,रंजन राय राजेन्द्र प्रसाद,निरंजन दास संतोष कुमार भारती अशोक यादव, रामकुअर, मिठाईलाल, शिवकुमार, आनन्द कुमार, प्रेमचन्द, रमाशंकर, हरेराम, लल्लन, राकेश, सीमा देवी, देवंती देवी दुर्गा देवी, सीमा देवी, राधिका देवी, मुनरी देवी चंदू देवी, आशा देवी, शान्ति देवी, कुसुम देवी, पुष्पा देवी, मुनिया देवी, सुभवती देवी, श्रवण, प्रिन्स, परशुराम,आदि शामिल रहे।
    user_गंगा 24 ख़बर
    गंगा 24 ख़बर
    पत्रकार Sikanderpur, Ballia•
    1 hr ago
  • बलिया के बेल्थरा रोड रामलीला मैदान में होगा इफ्तार कार्यक्रम, आयोजक ने लोगों से की शामिल होने की अपील। बलिया जनपद के बेल्थरा रोड क्षेत्र में माह-ए-रमजान के पावन अवसर पर 17 मार्च दिन मंगलवार की शाम दावत-ए-इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम रामलीला मैदान, बेल्थरा रोड में आयोजित होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारा को मजबूत करना है। आयोजकों की ओर से बताया गया कि इस अवसर पर रोजेदारों के लिए इफ्तार की व्यवस्था की जाएगी और सभी समुदाय के लोगों को आमंत्रित किया गया है ताकि आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया जा सके। इस कार्यक्रम का आयोजन राजेश कुमार पासवान द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं और आपसी प्रेम व सद्भाव का संदेश दें।
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    बलिया के बेल्थरा रोड रामलीला मैदान में होगा इफ्तार कार्यक्रम, आयोजक ने लोगों से की शामिल होने की अपील।
बलिया जनपद के बेल्थरा रोड क्षेत्र में माह-ए-रमजान के पावन अवसर पर 17 मार्च  दिन मंगलवार की शाम दावत-ए-इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम रामलीला मैदान, बेल्थरा रोड में आयोजित होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारा को मजबूत करना है। आयोजकों की ओर से बताया गया कि इस अवसर पर रोजेदारों के लिए इफ्तार की व्यवस्था की जाएगी और सभी समुदाय के लोगों को आमंत्रित किया गया है ताकि आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया जा सके। इस कार्यक्रम का आयोजन राजेश कुमार पासवान द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं और आपसी प्रेम व सद्भाव का संदेश दें।
    user_धीरज कुमार गुप्ता / पत्रकार
    धीरज कुमार गुप्ता / पत्रकार
    Food Manufacturing Company Belthara Road, Ballia•
    47 min ago
  • सीवान के डीएवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय से इस वक्त एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां शिक्षा के मंदिर में अब राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बनता दिखाई दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल जिस मुद्दे पर उठ रहा है, वह है 'महाकाल कंप्यूटर' का नाम। कॉलेज परिसर में धरना दे रहे कई शिक्षक अपने हाथों में महाकाल कंप्यूटर की तख्तियां लेकर बैठे हैं। आरोप है कि इस कंप्यूटर कोर्स या व्यवस्था की आड़ में छात्रों से वसूली की जा रही है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर महाकाल कंप्यूटर का संचालक कौन है? छात्रों से ली जा रही राशि का कमीशन किसे मिलता है? और क्यों इस मुद्दे को लेकर शिक्षक खुलकर विरोध में उतर आए हैं? इधर, कॉलेज के शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने महाविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण, लेकिन जोरदार धरना शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर लगाए गए बैनरों में प्राचार्य रामानन्द राम पर मनमानी, तानाशाही रवैया और शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनका आरोप है कि वेतन कटौती, अपमानजनक व्यवहार, महिला शिक्षिकाओं को विशेष अवकाश न देना, और SC/ST केस में फंसाने की धमकी जैसी बातें लगातार हो रही हैं। साथ ही, सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन लाभ से वंचित करने और कॉलेज के वित्तीय मामलों में पारदर्शिता न रखने के भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों को महाविद्यालय के प्राचार्य रामानन्द राम ने सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने वर्ष 2025 में कार्यभार संभालने के बाद कॉलेज में अनुशासन लागू किया और पहले कई शिक्षक समय पर नहीं आते थे, इसलिए उनकी उपस्थिति काटकर वेतन रोका गया और रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेजी गई। प्राचार्य का यह भी कहना है कि कॉलेज में पारदर्शिता लाने के लिए ठेकेदारी प्रथा बंद कर टेंडर व्यवस्था लागू की गई, जिससे कुछ लोग नाराज़ हैं और इसी कारण यह आंदोलन किया जा रहा है। फिलहाल, कॉलेज परिसर में धरना जारी है और शिक्षक प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या सच में शिक्षा के मंदिर में शिक्षा से ज़्यादा राजनीति हावी हो गई है? क्या महाकाल कंप्यूटर के नाम पर हो रही वसूली का सच सामने आएगा? और क्या शिक्षक-प्राचार्य का यह टकराव छात्रों की पढ़ाई प्रभावित करेगा? मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।"
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    सीवान के डीएवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय से इस वक्त एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां शिक्षा के मंदिर में अब राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बनता दिखाई दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल जिस मुद्दे पर उठ रहा है, वह है 'महाकाल कंप्यूटर' का नाम। कॉलेज परिसर में धरना दे रहे कई शिक्षक अपने हाथों में महाकाल कंप्यूटर की तख्तियां लेकर बैठे हैं। आरोप है कि इस कंप्यूटर कोर्स या व्यवस्था की आड़ में छात्रों से वसूली की जा रही है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर महाकाल कंप्यूटर का संचालक कौन है? छात्रों से ली जा रही राशि का कमीशन किसे मिलता है? और क्यों इस मुद्दे को लेकर शिक्षक खुलकर विरोध में उतर आए हैं? इधर, कॉलेज के शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने महाविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण, लेकिन जोरदार धरना शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर लगाए गए बैनरों में प्राचार्य रामानन्द राम पर मनमानी, तानाशाही रवैया और शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनका आरोप है कि वेतन कटौती, अपमानजनक व्यवहार, महिला शिक्षिकाओं को विशेष अवकाश न देना, और SC/ST केस में फंसाने की धमकी जैसी बातें लगातार हो रही हैं। साथ ही, सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन लाभ से वंचित करने और कॉलेज के वित्तीय मामलों में पारदर्शिता न रखने के भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों को महाविद्यालय के प्राचार्य रामानन्द राम ने सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने वर्ष 2025 में कार्यभार संभालने के बाद कॉलेज में अनुशासन लागू किया और पहले कई शिक्षक समय पर नहीं आते थे, इसलिए उनकी उपस्थिति काटकर वेतन रोका गया और रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेजी गई। प्राचार्य का यह भी कहना है कि कॉलेज में पारदर्शिता लाने के लिए ठेकेदारी प्रथा बंद कर टेंडर व्यवस्था लागू की गई, जिससे कुछ लोग नाराज़ हैं और इसी कारण यह आंदोलन किया जा रहा है। फिलहाल, कॉलेज परिसर में धरना जारी है और शिक्षक प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या सच में शिक्षा के मंदिर में शिक्षा से ज़्यादा राजनीति हावी हो गई है? क्या महाकाल कंप्यूटर के नाम पर हो रही वसूली का सच सामने आएगा? और क्या शिक्षक-प्राचार्य का यह टकराव छात्रों की पढ़ाई प्रभावित करेगा? मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।"
    user_Aakash Srivastava
    Aakash Srivastava
    पत्रकार सिवान, सीवान, बिहार•
    3 hrs ago
  • Azamgarh Sadar Hospital में 85 साल की एक बुजुर्ग महिला और उसके बेटे के साथ डॉक्टरों द्वारा बदसलूकी और गुंडागर्दी करने का आरोप सामने आया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि इलाज कराने पहुंचे थे, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ ने सही तरीके से बात करने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। बुजुर्ग महिला और उसका बेटा रो-रोकर अपनी पीड़ा बताते नजर आए। उनका कहना है कि उन्हें न तो ठीक से इलाज मिला और न ही सम्मानजनक व्यवहार। घटना के बाद परिजनों और आसपास के लोगों में काफी नाराजगी देखी गई।
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    Azamgarh Sadar Hospital में 85 साल की एक बुजुर्ग महिला और उसके बेटे के साथ डॉक्टरों द्वारा बदसलूकी और गुंडागर्दी करने का आरोप सामने आया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि इलाज कराने पहुंचे थे, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ ने सही तरीके से बात करने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
बुजुर्ग महिला और उसका बेटा रो-रोकर अपनी पीड़ा बताते नजर आए। उनका कहना है कि उन्हें न तो ठीक से इलाज मिला और न ही सम्मानजनक व्यवहार। घटना के बाद परिजनों और आसपास के लोगों में काफी नाराजगी देखी गई।
    user_Ashutosh Tiwari
    Ashutosh Tiwari
    Computer Programmer Ballia, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
  • मऊ रेलवे स्टेशन पर एक लड़के की मोबाइल और पैसे की हुई चोरी...! बलिया से वापस अपने घर देवरिया जा रहा था...! युवक के बयान के मुताबिक जब उसको अचानक से नींद आई तब तक उसके पास पास मोबाइल थी और उसके ये भी बताया कि मैं उस लड़के को अभी खोज रहा हूं इसीलिए पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराया। पूछने पर ये भी बताया कि मैं उसको पहचानता हूं इसीलिए खोज रहा हूं। #दलजीतसिंहन्यूज़रिपोर्टर #daljeetsinghjournalist #maupolice #maumahadev #VistaarNews #HumaraUP #मऊ #maunews #railwaystation #thief
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    मऊ रेलवे स्टेशन पर एक लड़के की मोबाइल और पैसे की हुई चोरी...!
बलिया से वापस अपने घर देवरिया जा रहा था...!
युवक के बयान के मुताबिक जब उसको अचानक से नींद आई तब तक उसके पास पास मोबाइल थी और उसके ये भी बताया कि मैं उस लड़के को अभी खोज रहा हूं इसीलिए पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराया।
पूछने पर ये भी बताया कि मैं उसको पहचानता हूं इसीलिए खोज रहा हूं।
#दलजीतसिंहन्यूज़रिपोर्टर #daljeetsinghjournalist #maupolice #maumahadev #VistaarNews #HumaraUP #मऊ #maunews #railwaystation #thief
    user_दलजीत सिंह न्यूज़ रिपोर्टर
    दलजीत सिंह न्यूज़ रिपोर्टर
    Local News Reporter मऊ, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Namrata Shukla
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    Post by Namrata Shukla
    user_Namrata Shukla
    Namrata Shukla
    बरहज, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • महाराजगंज, सिवान, बिहार JHVP BHARAT NEWS EDITED BY : परवेज़ भारतीय कॉल : 9931481554 व्हाट्सप्प : +91-6202433405 मोहनजोदड़ो सभ्यता के विकास पर विशेष लेख भूमिका मानव इतिहास की प्राचीन और विकसित सभ्यताओं में सिंधु घाटी सभ्यता का विशेष स्थान है। इसी महान सभ्यता का एक प्रमुख और विकसित नगर था मोहनजोदड़ो, जिसका अर्थ है – “मृतकों का टीला”। यह नगर आज के सिंध प्रांत में सिंधु नदी के किनारे स्थित था। लगभग 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व के बीच यह नगर अपने चरम विकास पर था। 1. खोज और महत्व मोहनजोदड़ो की खोज 1922 ई. में प्रसिद्ध भारतीय पुरातत्वविद् राखालदास बनर्जी ने की थी। इसके बाद जॉन मार्शल के नेतृत्व में विस्तृत खुदाई कराई गई। इस खोज से यह सिद्ध हुआ कि भारतीय उपमहाद्वीप में हजारों वर्ष पहले ही अत्यंत उन्नत शहरी सभ्यता विकसित हो चुकी थी। 2. नगर नियोजन (City Planning) मोहनजोदड़ो की सबसे बड़ी विशेषता उसका सुव्यवस्थित नगर नियोजन था। सड़कों का निर्माण सीधी और एक-दूसरे को समकोण पर काटने वाली ग्रिड प्रणाली में किया गया था। घर पक्की ईंटों से बने होते थे और अधिकतर घरों में आंगन, स्नानघर और कुएँ होते थे। शहर में नालियों की उत्कृष्ट जल निकासी व्यवस्था थी, जो ढकी हुई होती थी। नगर को मुख्य रूप से ऊपरी नगर (दुर्ग क्षेत्र) और निचला नगर में विभाजित किया गया था। यह नगर नियोजन उस समय की अत्यंत उन्नत तकनीकी समझ को दर्शाता है। 3. सामाजिक और आर्थिक जीवन मोहनजोदड़ो के लोग मुख्यतः कृषि, व्यापार और हस्तशिल्प से जुड़े थे। गेहूँ, जौ और कपास की खेती की जाती थी। मिट्टी के बर्तन, मनके, धातु के औजार और आभूषण बनाए जाते थे। व्यापार के लिए तौल-माप की मानकीकृत प्रणाली का प्रयोग होता था। इस सभ्यता का व्यापार दूर-दूर तक, यहाँ तक कि मेसोपोटामिया तक होता था। 4. महान स्नानागार (Great Bath) मोहनजोदड़ो का सबसे प्रसिद्ध निर्माण महान स्नानागार है। यह एक विशाल जलकुंड था, जिसके चारों ओर कमरे बने हुए थे। इसे पक्की ईंटों और जलरोधी पदार्थों से बनाया गया था। माना जाता है कि इसका उपयोग धार्मिक या सामाजिक अनुष्ठानों के लिए किया जाता था। 5. धर्म और संस्कृति मोहनजोदड़ो के लोगों के धार्मिक विश्वासों के बारे में जानकारी मुख्यतः मूर्तियों और मुहरों से मिलती है। मातृ देवी (Mother Goddess) की पूजा के प्रमाण मिलते हैं। पशु आकृतियों वाली मुहरें भी मिली हैं। कुछ विद्वान मानते हैं कि एक मुहर पर दिखाई देने वाली आकृति बाद में भगवान शिव के पशुपति रूप से मिलती-जुलती है। 6. लिपि और कला मोहनजोदड़ो की लिपि आज भी अपूर्ण रूप से पढ़ी नहीं जा सकी है। इस सभ्यता की कला अत्यंत उत्कृष्ट थी। प्रसिद्ध कांस्य की “नर्तकी” की मूर्ति दाढ़ी वाले पुजारी की मूर्ति सुंदर मुहरें और मिट्टी के खिलौने ये सभी उस समय की उच्च कला और शिल्पकला को दर्शाते हैं। 7. पतन के कारण लगभग 1900 ईसा पूर्व के आसपास मोहनजोदड़ो सभ्यता का पतन शुरू हो गया। इसके संभावित कारणों में शामिल हैं: प्राकृतिक आपदाएँ और बाढ़ जलवायु परिवर्तन व्यापार का पतन नदी के मार्ग में परिवर्तन हालाँकि इसके पतन का सटीक कारण आज भी इतिहासकारों के लिए शोध का विषय है। निष्कर्ष मोहनजोदड़ो सभ्यता मानव इतिहास की सबसे उन्नत प्राचीन शहरी सभ्यताओं में से एक थी। इसका सुव्यवस्थित नगर नियोजन, विकसित व्यापार प्रणाली, उत्कृष्ट कला और वैज्ञानिक सोच यह दर्शाती है कि हजारों वर्ष पहले भी मानव समाज अत्यंत संगठित और विकसित था। आज मोहनजोदड़ो के अवशेष हमें यह सिखाते हैं कि सभ्यता का विकास केवल तकनीक से नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवस्था, संस्कृति और ज्ञान से भी होता है।
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    महाराजगंज, सिवान, बिहार 
JHVP BHARAT NEWS 
EDITED BY : परवेज़ भारतीय 
कॉल : 9931481554
व्हाट्सप्प : +91-6202433405
मोहनजोदड़ो सभ्यता के विकास पर विशेष लेख
भूमिका
मानव इतिहास की प्राचीन और विकसित सभ्यताओं में सिंधु घाटी सभ्यता का विशेष स्थान है। इसी महान सभ्यता का एक प्रमुख और विकसित नगर था मोहनजोदड़ो, जिसका अर्थ है – “मृतकों का टीला”। यह नगर आज के सिंध प्रांत में सिंधु नदी के किनारे स्थित था। लगभग 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व के बीच यह नगर अपने चरम विकास पर था।
1. खोज और महत्व
मोहनजोदड़ो की खोज 1922 ई. में प्रसिद्ध भारतीय पुरातत्वविद् राखालदास बनर्जी ने की थी। इसके बाद जॉन मार्शल के नेतृत्व में विस्तृत खुदाई कराई गई। इस खोज से यह सिद्ध हुआ कि भारतीय उपमहाद्वीप में हजारों वर्ष पहले ही अत्यंत उन्नत शहरी सभ्यता विकसित हो चुकी थी।
2. नगर नियोजन (City Planning)
मोहनजोदड़ो की सबसे बड़ी विशेषता उसका सुव्यवस्थित नगर नियोजन था।
सड़कों का निर्माण सीधी और एक-दूसरे को समकोण पर काटने वाली ग्रिड प्रणाली में किया गया था।
घर पक्की ईंटों से बने होते थे और अधिकतर घरों में आंगन, स्नानघर और कुएँ होते थे।
शहर में नालियों की उत्कृष्ट जल निकासी व्यवस्था थी, जो ढकी हुई होती थी।
नगर को मुख्य रूप से ऊपरी नगर (दुर्ग क्षेत्र) और निचला नगर में विभाजित किया गया था।
यह नगर नियोजन उस समय की अत्यंत उन्नत तकनीकी समझ को दर्शाता है।
3. सामाजिक और आर्थिक जीवन
मोहनजोदड़ो के लोग मुख्यतः कृषि, व्यापार और हस्तशिल्प से जुड़े थे।
गेहूँ, जौ और कपास की खेती की जाती थी।
मिट्टी के बर्तन, मनके, धातु के औजार और आभूषण बनाए जाते थे।
व्यापार के लिए तौल-माप की मानकीकृत प्रणाली का प्रयोग होता था।
इस सभ्यता का व्यापार दूर-दूर तक, यहाँ तक कि मेसोपोटामिया तक होता था।
4. महान स्नानागार (Great Bath)
मोहनजोदड़ो का सबसे प्रसिद्ध निर्माण महान स्नानागार है।
यह एक विशाल जलकुंड था, जिसके चारों ओर कमरे बने हुए थे।
इसे पक्की ईंटों और जलरोधी पदार्थों से बनाया गया था।
माना जाता है कि इसका उपयोग धार्मिक या सामाजिक अनुष्ठानों के लिए किया जाता था।
5. धर्म और संस्कृति
मोहनजोदड़ो के लोगों के धार्मिक विश्वासों के बारे में जानकारी मुख्यतः मूर्तियों और मुहरों से मिलती है।
मातृ देवी (Mother Goddess) की पूजा के प्रमाण मिलते हैं।
पशु आकृतियों वाली मुहरें भी मिली हैं।
कुछ विद्वान मानते हैं कि एक मुहर पर दिखाई देने वाली आकृति बाद में भगवान शिव के पशुपति रूप से मिलती-जुलती है।
6. लिपि और कला
मोहनजोदड़ो की लिपि आज भी अपूर्ण रूप से पढ़ी नहीं जा सकी है।
इस सभ्यता की कला अत्यंत उत्कृष्ट थी।
प्रसिद्ध कांस्य की “नर्तकी” की मूर्ति
दाढ़ी वाले पुजारी की मूर्ति
सुंदर मुहरें और मिट्टी के खिलौने
ये सभी उस समय की उच्च कला और शिल्पकला को दर्शाते हैं।
7. पतन के कारण
लगभग 1900 ईसा पूर्व के आसपास मोहनजोदड़ो सभ्यता का पतन शुरू हो गया। इसके संभावित कारणों में शामिल हैं:
प्राकृतिक आपदाएँ और बाढ़
जलवायु परिवर्तन
व्यापार का पतन
नदी के मार्ग में परिवर्तन
हालाँकि इसके पतन का सटीक कारण आज भी इतिहासकारों के लिए शोध का विषय है।
निष्कर्ष
मोहनजोदड़ो सभ्यता मानव इतिहास की सबसे उन्नत प्राचीन शहरी सभ्यताओं में से एक थी। इसका सुव्यवस्थित नगर नियोजन, विकसित व्यापार प्रणाली, उत्कृष्ट कला और वैज्ञानिक सोच यह दर्शाती है कि हजारों वर्ष पहले भी मानव समाज अत्यंत संगठित और विकसित था।
आज मोहनजोदड़ो के अवशेष हमें यह सिखाते हैं कि सभ्यता का विकास केवल तकनीक से नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवस्था, संस्कृति और ज्ञान से भी होता है।
    user_JHVP BHARAT NEWS
    JHVP BHARAT NEWS
    Local News Reporter महाराजगंज, सीवान, बिहार•
    20 hrs ago
  • थाना गड़वार व एस ओ जी जनपद बलिया पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा रु 25,000/- का इनामिया चोर 01 नफर वांछित अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ में किया गया गिरफ्तार, अभियुक्त के कब्जे से 01 अदद अवैध तमंचा .315 बोर, 01 अदद जिन्दा कारतूस, 01 अदद खोखा कारतूस .315 बोर किया गया बरामद । पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के क्रम में एस ओ जी व थाना गड़वार जनपद बलिया की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा रु 25000/- का इनामिया चोर को पुलिस मुठभेड़ में किया गया गिरफ्तार। उल्लेखनीय है कि दिनांक 14.03.2026 को समय लगभग 22.15 बजे थाना गड़वार पुलिस रात्रि गश्त में मामूर थे कि मुखबीर खास की सूचना पर जोगापुर शमशान घाट नहर किनारे के पास से पुरस्कार घोषित 01 नफर वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में प्रयासरत थी कि अभियुक्त द्वारा अपने को पुलिस से घिरता देख पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया गया, पुलिस पार्टी द्वारा आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्यवाही में *01 नफर अभियुक्त/बदमाश टेंगर नट पुत्र हरेन्द्र नट निवासी खरहाटार थाना गड़वार जनपद बलिया उम्र करीब 35 वर्ष* के बाएं पैर में गोली लगी है । पूछताछ के क्रम में ज्ञात हुआ कि घायल बदमाश द्वारा थाना गड़वार, थाना सुखपुरा तथा थाना नगरा में चोरी की घटनाएं कारित की गयी थी । घायल बदमाश टेंगर नट पुत्र हरेन्द्र नट निवासी खरहाटार थाना गड़वार जनपद बलिया को ईलाज हेतु तत्काल पुलिस टीम द्वारा सीएचसी रतसड़ अस्पताल भेजा गया, जहां पर उसका ईलाज चल रहा है। पकड़े गये बदमाश/अभियुक्त के कब्जे से 01 अदद अवैध तमंचा .315 बोर, 01 अदद जिन्दा कारतूस, 01 अदद खोखा कारतूस .315 बोर बरामद हुआ है । अग्रिम विधिक कार्यवाही अमल में लायी जा रही है ।
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    थाना गड़वार व एस ओ जी जनपद बलिया पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा रु 25,000/-  का इनामिया चोर  01 नफर वांछित अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ में किया गया गिरफ्तार, अभियुक्त के कब्जे से 01 अदद अवैध तमंचा .315 बोर, 01 अदद जिन्दा कारतूस, 01 अदद खोखा कारतूस .315 बोर किया गया बरामद ।
पुलिस अधीक्षक बलिया  ओमवीर सिंह के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के क्रम में एस ओ जी व थाना गड़वार जनपद बलिया की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा रु 25000/- का इनामिया चोर को पुलिस मुठभेड़ में किया गया गिरफ्तार।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 14.03.2026 को समय लगभग 22.15 बजे थाना गड़वार पुलिस रात्रि गश्त में मामूर थे कि मुखबीर खास की सूचना पर जोगापुर शमशान घाट नहर किनारे के पास से पुरस्कार घोषित 01 नफर वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में प्रयासरत थी कि अभियुक्त द्वारा अपने को पुलिस से घिरता देख पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया गया, पुलिस पार्टी द्वारा आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्यवाही में *01 नफर अभियुक्त/बदमाश  टेंगर नट पुत्र हरेन्द्र नट निवासी खरहाटार थाना गड़वार जनपद बलिया उम्र करीब 35 वर्ष* के बाएं पैर में गोली लगी है । पूछताछ के क्रम में ज्ञात हुआ कि घायल बदमाश द्वारा थाना गड़वार, थाना सुखपुरा तथा थाना नगरा में चोरी की घटनाएं कारित की गयी थी । घायल बदमाश टेंगर नट पुत्र हरेन्द्र नट निवासी खरहाटार थाना गड़वार जनपद बलिया को ईलाज हेतु तत्काल पुलिस टीम द्वारा सीएचसी रतसड़ अस्पताल भेजा गया, जहां पर उसका ईलाज चल रहा है। पकड़े गये बदमाश/अभियुक्त के कब्जे से 01 अदद अवैध तमंचा .315 बोर, 01 अदद जिन्दा कारतूस, 01 अदद खोखा कारतूस .315 बोर बरामद हुआ है । अग्रिम विधिक कार्यवाही अमल में लायी जा रही है ।
    user_गंगा 24 ख़बर
    गंगा 24 ख़बर
    पत्रकार Sikanderpur, Ballia•
    6 hrs ago
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